टॉप सस्टेनेबल फैशन ब्रांड्स जो बदल रहे हैं फैशन इंडस्ट्री का भविष्य
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वैश्विक फैशन उद्योग लंबे समय से रचनात्मकता, कला और सांस्कृतिक प्रभाव के लिए जाना जाता है। लेकिन यह दुनिया के सबसे अधिक संसाधनों का उपयोग करने वाले उद्योगों में से एक भी है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया के शोध के अनुसार, वर्ष 2018 में फैशन उद्योग से लगभग 2.1 अरब टन ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन हुआ, जो वैश्विक उत्सर्जन का करीब 4% था।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2000 से 2015 के बीच कपड़ों का उत्पादन दोगुना हो गया, जबकि कपड़ों के उपयोग की औसत अवधि में 36% की कमी आई। इसका मतलब है कि लोग पहले की तुलना में ज्यादा कपड़े खरीद रहे हैं, लेकिन कम समय तक पहन रहे हैं।
इस तेजी से बढ़ते “फास्ट फैशन” ट्रेंड ने पर्यावरण पर भारी दबाव डाला है। इससे कार्बन उत्सर्जन, पानी की खपत, कपड़ा कचरा और जैव विविधता को नुकसान जैसी समस्याएं बढ़ी हैं।
UNEP की कार्यकारी निदेशक इंगर एंडरसन कहती हैं, “असतत फैशन जलवायु परिवर्तन, प्रकृति और जैव विविधता के नुकसान तथा प्रदूषण और कचरे जैसी तीन बड़ी वैश्विक समस्याओं को और गंभीर बना रहा है। हमें ऐसी सर्कुलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना होगा जो टिकाऊ उत्पादन, पुनः उपयोग और मरम्मत को महत्व दे।”
इन चुनौतियों को देखते हुए कई प्रमुख वैश्विक फैशन ब्रांड अब अपनी रणनीति में स्थिरता को शामिल कर रहे हैं। वे विज्ञान आधारित जलवायु लक्ष्य तय कर रहे हैं, सर्कुलर डिजाइन अपना रहे हैं, सप्लाई चेन में पारदर्शिता बढ़ा रहे हैं और कम पर्यावरणीय प्रभाव वाले नए मटेरियल विकसित कर रहे हैं।
आइए जानते हैं ऐसे दस प्रभावशाली सस्टेनेबल फैशन ब्रांड्स Ten Influential Sustainable Fashion Brands के बारे में, जो वर्ष 2026 में एक जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल फैशन उद्योग की दिशा तय कर रहे हैं।
इको-फ्रेंडली फैशन में अग्रणी 10 प्रमुख ब्रांड (10 Major Brands Leading the Way in Eco-Friendly Fashion)
10. लुई वुइटन (Louis Vuitton)
चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर: क्रिस्टेल कैपडुपुई Christelle Capdupuy
स्थापना: 1854
मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस
लुई वुइटन, जो एलवीएमएच समूह LVMH group का प्रमुख ब्रांड है, अपनी सस्टेनेबिलिटी रणनीति को LIFE 360 योजना के तहत लागू करता है। यह योजना केवल एक लक्ष्य नहीं है, बल्कि वैश्विक तापमान को 1.5°C तक सीमित रखने के वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप बनाई गई है।
क्रिस्टेल कैपडुपुई के नेतृत्व में कंपनी ने 2026 तक महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए हैं। वर्तमान में लुई वुइटन द्वारा उपयोग किए जाने वाले 100% प्रमुख कच्चे माल अंतरराष्ट्रीय मानकों से प्रमाणित हैं, जो पर्यावरण और जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
ब्रांड “क्रिएटिव सर्कुलैरिटी” की अवधारणा पर काम करता है। इसका मतलब है कि लक्ज़री उत्पादों को लंबे समय तक इस्तेमाल करने योग्य बनाया जाए, न कि केवल एक सीजन के लिए। कंपनी ने अपनी रिपेयर सेवाओं का विस्तार किया है ताकि लेदर उत्पादों को फेंकने की बजाय ठीक किया जा सके।
इसके अलावा, कंपनी 2030 तक अपने कार्बन उत्सर्जन में 55% की कमी लाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। पैकेजिंग में नए प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने की दिशा में भी तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।
लुई वुइटन यह साबित कर रहा है कि पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं।
9. लुलुलेमन (Lululemon)
एसवीपी सस्टेनेबिलिटी: नोएल किंडर Noel Kinder
स्थापना: 1998
मुख्यालय: वैंकूवर, कनाडा
लुलुलेमन ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करते हुए सेकेंड-हैंड मार्केट को अपनाया है। उसका “लाइक न्यू” कार्यक्रम ग्राहकों को अपने हल्के इस्तेमाल किए गए कपड़े स्टोर क्रेडिट के बदले वापस करने की सुविधा देता है।
2023 के मध्य तक इस कार्यक्रम के जरिए 17 लाख से अधिक उत्पाद दोबारा उपयोग में लाए जा चुके थे। 2026 तक यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण आय स्रोत बन चुका है।
इस कार्यक्रम से होने वाले 100% मुनाफे या कम से कम कुल आय का 2% कंपनी अपनी सस्टेनेबिलिटी योजनाओं में निवेश करती है। इसमें पौधों से बने नायलॉन और रिसाइकल्ड इलास्टेन जैसे नए पर्यावरण-अनुकूल मटेरियल का विकास शामिल है।
लुलुलेमन ने कार्बन ऑफसेटिंग की बजाय “इन-सेटिंग” रणनीति अपनाई है। इसका मतलब है कि कंपनी अपने उत्पादन और परिवहन प्रक्रियाओं में सीधे उत्सर्जन कम करने पर ध्यान देती है।
2026 की योजना के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य है कि उसके 99% उत्पादों में कम से कम 25% पर्यावरण-अनुकूल या रिसाइकल्ड सामग्री का उपयोग हो।
यह दिखाता है कि खेल परिधान उद्योग में सस्टेनेबिलिटी अब सिर्फ सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त भी बन चुकी है।
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8. नाइकी (Nike)
ईवीपी और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर: वेंकटेश अलागिरिसामी Venkatesh Alagirisamy
स्थापना: 1964
मुख्यालय: ओरेगन, अमेरिका
नाइकी का “मूव टू ज़ीरो” Nike's "Move to Zero" अभियान बड़े स्तर पर चलाया गया एक महत्वाकांक्षी पर्यावरणीय प्रयास है। इसका लक्ष्य है शून्य कार्बन और शून्य कचरा।
2026 तक नाइकी ने अपनी सप्लाई चेन के लगभग 100% कचरे को लैंडफिल में जाने से रोक दिया है। इनमें से 80% कचरे को रिसाइकल कर “नाइकी ग्राइंड” सामग्री में बदला जाता है। इनसे नए जूते, कपड़े और खेल के मैदान तैयार किए जाते हैं।
नाइकी ग्राहकों को पुराने उत्पाद वापस करने और उन्हें दोबारा उपयोग में लाने की सुविधा भी देता है। इसके अलावा, बिना बिके स्टॉक को अपसाइकिल कर विशेष “मूव टू ज़ीरो” कलेक्शन तैयार किए जाते हैं।
कंपनी हर साल 1 अरब से अधिक प्लास्टिक बोतलों को इकट्ठा कर उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले धागों में बदलती है। इससे साबित होता है कि एक वैश्विक ब्रांड भी पर्यावरण-अनुकूल मॉडल अपना सकता है।
7. क्लोए (Chloé)
सस्टेनेबिलिटी और रिस्पॉन्सिबल सोर्सिंग डायरेक्टर: क्रिस्टोफ बोक्के Christophe Bocquet
स्थापना: 1952
मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस
2021 में क्लोए पहला बड़ा लक्ज़री फैशन हाउस बना जिसे B Corp प्रमाणन मिला। 2026 तक कंपनी ने अपना B Impact स्कोर 85.2 से बढ़ाकर 97.3 कर लिया है।
यह स्कोर कर्मचारियों के अधिकार, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरणीय प्रबंधन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्लोए ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल आईडी का उपयोग शुरू किया है। उसके उत्पादों में QR कोड और माइक्रोचिप लगाए जाते हैं, जिनसे ग्राहक यह जान सकते हैं कि उत्पाद कैसे बना, किन सामग्रियों से बना और उसकी देखभाल कैसे की जाए।
2026 के रीसेल बाजार में ये डिजिटल आईडी बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं। इससे उत्पाद की असलियत और स्रोत की जानकारी तुरंत मिल जाती है।
फैशन इंडस्ट्री में इस तरह की पारदर्शिता बहुत कम देखने को मिलती है। क्लोए ने ईमानदारी और जिम्मेदारी का एक नया मानक स्थापित किया है।
6. एच एंड एम (H&M)
मुख्य सस्टेनेबिलिटी अधिकारी: लेयला एर्तुर Leyla Ertur
स्थापना: 1947
मुख्यालय: स्टॉकहोम, स्वीडन
एच एंड एम की खास बात यह है कि यह आम लोगों के लिए किफायती दामों पर टिकाऊ फैशन उपलब्ध कराने की कोशिश करता है। मुख्य सस्टेनेबिलिटी अधिकारी लेयला एर्तुर ने “सर्कुलैरिटी ही कुंजी है” को ब्रांड का मुख्य सिद्धांत बनाया है।
कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक उसके 100% मटेरियल या तो रिसाइकल्ड हों या टिकाऊ स्रोतों से प्राप्त किए गए हों। वर्ष 2024 में एच एंड एम ने बताया कि उसके कुल मटेरियल का 29.5% हिस्सा रिसाइकल्ड था। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और 2026 के अंत तक 50% के अंतरिम लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
एच एंड एम जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भी प्रयास कर रहा है। कंपनी ने 2019 को आधार वर्ष मानते हुए 2030 तक अपने स्कोप 1, 2 और 3 उत्सर्जन में 56% की कमी लाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी अपनी सप्लाई चेन में कार्बन उत्सर्जन कम करने पर निवेश कर रही है और अपनी प्रमुख फैक्ट्रियों को 100% नवीकरणीय ऊर्जा की ओर ले जा रही है।
हालांकि एच एंड एम को अक्सर “फास्ट फैशन” कहा जाता है, लेकिन इसकी बड़ी उत्पादन क्षमता के कारण यदि यह रिसाइकल्ड पॉलिएस्टर या ऑर्गेनिक कॉटन का थोड़ा भी अधिक उपयोग करता है, तो उसका वैश्विक स्तर पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
5. एडिडास (Adidas)
एसवीपी सस्टेनेबिलिटी और ईएसजी: सिग्रिड ब्यूहरले Sigrid Buehrle
स्थापना: 1949
मुख्यालय: हर्ज़ोगेनौराख, जर्मनी
एडिडास लंबे समय से रिसाइकल्ड सिंथेटिक मटेरियल के उपयोग में अग्रणी रहा है। वर्ष 2023 से उसके उत्पादों में उपयोग होने वाला 99% पॉलिएस्टर रिसाइकल्ड है। इसमें समुद्र में जाने वाले प्लास्टिक कचरे को रिसाइकल करने के लिए “Parley for the Oceans” के साथ साझेदारी की गई है।
2026 में कंपनी ने अपना ध्यान “टेक्सटाइल-टू-टेक्सटाइल” रिसाइक्लिंग पर केंद्रित किया है। इसका उद्देश्य प्लास्टिक बोतलों से बने पॉलिएस्टर पर निर्भरता कम करना और कपड़ों से कपड़े बनाने की सच्ची सर्कुलर प्रक्रिया को बढ़ावा देना है।
सिर्फ सिंथेटिक मटेरियल ही नहीं, बल्कि 2018 से एडिडास 100% प्रमाणित कॉटन का उपयोग कर रहा है। यह लेदर वर्किंग ग्रुप और फेयर लेबर एसोसिएशन जैसे संगठनों का संस्थापक सदस्य भी है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उसकी सस्टेनेबिलिटी न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि श्रमिकों के लिए भी जिम्मेदार हो।
कंपनी के सीईओ ब्योर्न गुल्डेन ने कहा है कि इस वर्ष के अंत तक एडिडास के 10 में से 9 उत्पाद “सस्टेनेबल” श्रेणी में आएंगे। “प्राइमग्रीन” और “प्राइमब्लू” जैसी तकनीकें यह दिखाती हैं कि बेहतर प्रदर्शन वाले जूते और कपड़े भी पर्यावरण के अनुकूल हो सकते हैं।
4. लेवीज़ (Levi’s)
मुख्य सस्टेनेबिलिटी अधिकारी: जेफ्री होग Jeffrey Hogue
स्थापना: 1853
मुख्यालय: कैलिफोर्निया, अमेरिका
लेवी स्ट्रॉस एंड कंपनी ने 2024 में अपना पहला क्लाइमेट ट्रांजिशन प्लान जारी किया। इसमें 2050 तक नेट-जीरो बनने का स्पष्ट रोडमैप दिया गया है। इस योजना का एक मुख्य लक्ष्य 2030 तक सप्लाई चेन उत्सर्जन में 42% की कमी लाना है।
लेवीज़ का सबसे महत्वपूर्ण योगदान जल संरक्षण के क्षेत्र में है। डेनिम उत्पादन में बहुत अधिक पानी की जरूरत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनी ने Water<Less® तकनीक विकसित की है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया में अरबों लीटर पानी की बचत हुई है।
2026 में मुख्य सस्टेनेबिलिटी अधिकारी जेफ्री होग इन जल-बचत तकनीकों को खासकर उन क्षेत्रों में लागू कर रहे हैं जहां पानी की कमी अधिक है, जैसे भारत और पाकिस्तान।
कंपनी यह भी सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि 100% कॉटन टिकाऊ स्रोतों से प्राप्त हो। इसके लिए वह मुख्य रूप से बेटर कॉटन इनिशिएटिव के साथ जुड़ी हुई है।
लेवीज़ अपने प्रतिस्पर्धियों के साथ मिलकर जल संरक्षण तकनीकों को साझा कर रहा है। इससे यह संदेश जाता है कि जलवायु संकट से लड़ाई में सहयोग जरूरी है, न कि केवल प्रतिस्पर्धा।
3. प्यूमा (Puma)
सस्टेनेबिलिटी की सीनियर डायरेक्टर: वेरोनिक रोशे Veronique Rochet
स्थापना: 1948
मुख्यालय: हर्ज़ोगेनौराख, जर्मनी
प्यूमा की “विजन 2030” योजना खेल उद्योग में कार्बन उत्सर्जन कम करने की सबसे मजबूत योजनाओं में से एक है। कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक अपने स्कोप 1 और स्कोप 2 उत्सर्जन में 90% तक की कमी लाई जाए।
इस लक्ष्य को पाने के लिए प्यूमा ने अपनी वैश्विक वाहन फ्लीट को कम या शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों में बदल दिया है। इसके सभी स्वामित्व वाले कार्यालय और साइट्स 100% नवीकरणीय बिजली पर काम कर रहे हैं। इन प्रयासों के लिए प्यूमा को CDP (Carbon Disclosure Project) से जल सुरक्षा और वन संरक्षण के क्षेत्र में उच्च रेटिंग मिली है।
सर्कुलर अर्थव्यवस्था भी प्यूमा की रणनीति का अहम हिस्सा है। कंपनी का RE:FIBRE कार्यक्रम पुराने फुटबॉल जर्सी और कपड़ों के कचरे को रिसाइकल कर नए उच्च गुणवत्ता वाले पॉलिएस्टर में बदलता है। 2026 में दुनिया की प्रमुख फुटबॉल लीगों में खेले जाने वाले लाखों प्यूमा जर्सी इन्हीं रिसाइकल्ड कपड़ों से बनाए जा रहे हैं।
प्यूमा ने अब “सापेक्ष” लक्ष्य की बजाय “पूर्ण” उत्सर्जन कटौती के लक्ष्य अपनाए हैं। इससे कंपनी ने खेल उद्योग में जिम्मेदारी का नया मानक स्थापित किया है।
2. गुच्ची (Gucci)
केरिंग की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर: मैरी-क्लेयर डेव्यू Marie-Claire Daveu
स्थापना: 1921
मुख्यालय: फ्लोरेंस, इटली
मैरी-क्लेयर डेव्यू के नेतृत्व में गुच्ची ने सस्टेनेबिलिटी को व्यापक रूप से अपनाया है। 2022 से कंपनी ने अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 32% की कमी की है। 2024 तक उसने अपने 99% कच्चे माल की ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित कर ली है।
गुच्ची उन शुरुआती लक्ज़री ब्रांड्स में से एक है जिसने प्रकृति के लिए विज्ञान-आधारित लक्ष्य अपनाए हैं। इसमें जल संरक्षण और जैव विविधता बहाली जैसे विशेष लक्ष्य शामिल हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां उसका लेदर और सिल्क तैयार किया जाता है।
गुच्ची मानता है कि सस्टेनेबिलिटी केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता भी इसका हिस्सा है। वर्तमान में कंपनी में 63.5% पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं। “Gucci Changemakers” पहल के माध्यम से कंपनी ने गैर-सरकारी संगठनों और पिछड़े समुदायों को आर्थिक सहायता और स्वयंसेवा के घंटे प्रदान किए हैं।
गुच्ची ने “न्यू लक्ज़री” की अवधारणा को परिभाषित किया है, जिसमें पर्यावरण और समाज दोनों के कल्याण को महत्व दिया जाता है।
1. स्टेला मैककार्टनी (Stella McCartney)
चीफ सस्टेनेबिलिटी और ऑपरेटिंग ऑफिसर: पास्क्वाले कोप्पोलेला Pasquale Coppolella
स्थापना: 2001
मुख्यालय: लंदन, यूनाइटेड किंगडम
स्टेला मैककार्टनी को सस्टेनेबल फैशन आंदोलन की अग्रणी माना जाता है। 2001 में ब्रांड की शुरुआत से ही उन्होंने कभी भी लेदर, फर या पशु-त्वचा का उपयोग नहीं किया। वे “फ्यूचर मटेरियल” में निवेश करती रही हैं।
पेरिस फैशन वीक में प्रस्तुत उनके SS2026 कलेक्शन में हवा को शुद्ध करने वाला डेनिम पेश किया गया। यह खास फैब्रिक CO₂, VOCs और NOx जैसी हानिकारक गैसों को कम करने में मदद करता है।
2026 के कलेक्शन में FEVVERS नामक दुनिया का पहला पौधों से बना पंखों का विकल्प भी शामिल था। स्टेला मैककार्टनी ने मशरूम लेदर और पौधों से बने फर जैसे नए मटेरियल को बढ़ावा दिया है।
2016 से कंपनी केवल रिसाइकल्ड कश्मीरी का उपयोग कर रही है और 2012 से उसके सभी हैंडबैग रिसाइकल्ड प्लास्टिक बोतलों से बने लाइनिंग से तैयार किए जाते हैं।
स्टेला मैककार्टनी का मानना है कि पशु-आधारित मटेरियल का उपयोग न करना कोई सीमा नहीं, बल्कि रचनात्मकता को बढ़ावा देने का माध्यम है। उनके अनुसार 2026 में पशु-आधारित सामग्री चुनना “रचनात्मकता के ऊपर क्रूरता को चुनना” है।
निष्कर्ष (Conclusion)
फैशन उद्योग आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। इसका पर्यावरण पर प्रभाव अभी भी बड़ा है, लेकिन कई प्रमुख ब्रांड यह दिखा रहे हैं कि नवाचार, पारदर्शिता और सर्कुलर सोच से बदलाव संभव है।
स्टेला मैककार्टनी की नई सामग्री तकनीक, गुच्ची की ट्रेसबिलिटी पहल और नाइकी की सर्कुलर मैन्युफैक्चरिंग जैसे उदाहरण बताते हैं कि सस्टेनेबिलिटी अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता बन चुकी है।
जैसे-जैसे नियम सख्त हो रहे हैं और उपभोक्ता जिम्मेदारी की मांग कर रहे हैं, ये दस ब्रांड उत्सर्जन में कमी, नई सामग्री के विकास और नैतिक प्रबंधन के क्षेत्र में नए मानक तय कर रहे हैं।
आने वाला दशक तय करेगा कि ये प्रयास पूरी इंडस्ट्री में सामान्य बनते हैं या नहीं। फिलहाल, ये कंपनियां फैशन जगत के पर्यावरण-अनुकूल बदलाव का नेतृत्व कर रही हैं और यह साबित कर रही हैं कि स्टाइल और सस्टेनेबिलिटी साथ-साथ चल सकते हैं।
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