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माचिस के व्यवसाय से अच्छी आमदनी 

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माचिस के व्यवसाय से अच्छी आमदनी 
15 Sep 2021
6 min read
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माचिस एक ऐसी वस्तु है जो रोजमर्रा की ज़िंदगी में अलग-अलग कारणों से इस्तेमाल की जाती है। कभी खाना बनाने के लिए गैस जलाने में तो कभी किसी और चीज़ को जलाने के लिए इसे इस्तेमाल में लाते हैं। यदि हम किसी ऐसे वस्तु के निर्माण का व्यवसाय शुरू करते हैं जो प्रतिदिन प्रत्येक घर में इस्तेमाल होती है तो थोड़ी सी मेहनत से हमें उस व्यवसाय में केवल फायदा ही होगा। व्यक्ति की इच्छा और लगन, उसे कभी भी किसी भी स्थिति में असफल नहीं होने देती चाहे वो कोई भी कार्य करे।    

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पत्थरों के सहारे आग जलाने और रोशनी पैदा करने वाली मानवीय प्रजाति आज इस चकाचौंध वाली दुनिया में पहुँच गयी है कि यदि आज उसके हाथ में दो पत्थर पकड़ाकर आग जलाने के लिए कहा जाये, तो शायद यह काम उसके लिए असंभव होगा। ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं है कि उसे पता नहीं, इससे कैसे आग जलायी जाती है। ऐसा इसलिए भी हैं क्यूंकि हम जानते हैं हमें इसकी कोई आवश्यकता नहीं है, इसलिए इस पर मेहनत करने की ज़रूरत नहीं है। अपने जीवन को सरल बनाने के लिए ही हमने ऐसी कई चीजों की उत्पत्ति की जो जीवन की सरलता की ओर ले जाती है। अब यदि आग की ही बात करें तो आग हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसके बिना हमारी मुख्य ज़रूरतों की ही आपूर्ति नहीं हो सकती है। आग के बिना भोजन नहीं पका सकते, जिसके बिना हमारा जीवन ही नहीं चलेगा। एक दौर में हमें रोशनी के लिए भी आग की ही ज़रूरत होती थी। हालाँकि वक़्त के बदलते दौर में रोशनी की ज़रूरत आग पर निर्भर नहीं और कुछ हद तक खाने को भी किसी और माध्यम से पका लेते हैं। पर आज भी कुछ भी जलाने के लिए या खाना बनाने के लिए हमें अधिकतम आग की ही ज़रूरत होती है। आग जितना जीवन देती है उतनी ही हानिकारक भी होती है। यदि आग नियंत्रण में ना हो तो वह सब कुछ ख़त्म करने की ताकत रखती है। तो हम इस आग को कैसे नियंत्रण में रखें ताकि केवल ज़रूरत पड़ने पर ही इसका इस्तेमाल किया जा सके। 

आग जीवन की ज़रूरत 

आग की ज़रूरत को पूरा करने के लिए हमने कुछ ऐसी चीजों को बनाया, जो आग को नियंत्रित अवस्था में जलने दे माचिस वही उत्पत्ति है। माचिस के माध्यम से जब हमें ज़रूर पड़ती है तभी आग जलाते हैं। आग की ज़रूरत हर घर में होती है किन्तु नियंत्रित अवस्था में, इससे हम यह समझ सकते हैं कि माचिस दुनिया में कितना ज़रूरी है। यदि कोई दियासलाई बनाने का व्यवसाय शुरू करता है तो हम कह सकते हैं कि इसमें कभी नुकसान नहीं होगा। इसके साथ ही इसमें इस्तेमाल होने वाले सामान भी आपको आसानी से उपलब्ध हो जायेंगे बस ज़रूरत है, तो थोड़ी सी सावधानी और समर्पण की।

पोटैशियम क्लोरेट का इस्तेमाल सावधानी से करें 

माचिस एक डिब्बे जिसके दो छोर पर ज्वलनशील पदार्थ लगा होता है और कुछ तीलियों का समूह होता है जिसमें, प्रत्येक तीली में थोड़ा सा ज्वलनशील पदार्थ लगा होता है, जो दियासलाई को जलने में मदद करता है, जिसे माचिस के डिब्बे पर लगे उसी ज्वलनशील पदार्थ के ऊपर रगड़ने से आग पैदा होती है। इसमें इस्तेमाल होने वाला ज्वलनशील पदार्थ पोटैशियम क्लोरेट होता है। ज्वलनशील होने के कारण इस पदार्थ को बड़ी सावधानी से इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके साथ ही हमें दूसरी चीज, लकड़ी की आवश्यकता होती है जिस पर यह पदार्थ लपेटा गया होता है। इसके आलावा हम माचिस की डिब्बी बनाते हैं जिसके लिए हमें कार्डबोर्ड की ज़रूरत होती है, जो कागज से बनता है।      

कंपनी का लाइसेंस करवाना ज़रूरी 

दियासलाई का व्यवसाय ऐसा है, जिसमें आप एक ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि आप पहले ही अपने व्यवसाय के लिए अपना लाइसेंस बनवा लें। इसके साथ ही अपने व्यवसाय का बीमा भी प्रत्येक कंपनी को करवाना चाहिए। कंपनी स्थापित करने से पहले आप यह निर्धारित कर लें कि आपका लक्षित ग्राहक कौन है? उसके आधार पर अपनी लागत मूल्य को निर्धारित करें और उस पर काम करें। इसके बाद यह निश्चित करें कि आपको अपने माल को कहाँ-कहाँ भेजना है, इसकी भी रूपरेखा पहले से तैयार कर लें। इन सब पर पहले से ही काम करने से हमें व्यवसाय को स्थापित करने में कोई परेशानी नहीं आएगी और हम अपना काम आसानी से आगे बढ़ा पाएंगे।     

दियासलाई में गुणवत्ता ज़रूरी  

दियासलाई में इस्तेमाल की जाने वाली लकड़ी को हम बाजार से थोक में उचित मूल्य पर खरीद सकते हैं और उससे हम छोटी-छोटी तीलियाँ बना सकते हैं। इसमें इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील पदार्थ पोटैशियम कार्बोनेट को हम बाजार से खरीद सकते हैं। यह बाजार में उचित दाम पर मिल जाता है, इसके साथ ही इसे आप अपनी कंपनी में भी रासायनिक क्रिया के माध्यम से बना सकते हैं और इसके लिए आपको किसी व्यवस्थित लैब की आवश्यकता नहीं है। यह आसानी से बन जाता है। इसके साथ ही माचिस का बॉक्स बनाने में कागज़ का इस्तेमाल होता है। तीली के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लकड़ी ऐसी होनी चाहिए जो अपने ऊपर लगने वाले पदार्थ को पूरी तरह से सोख ले और इसके साथ ही इतनी मजबूत हो कि रगड़ने पर वह टूटे ना। माचिस की डिब्बी गत्ते से बनाए जाते हैं और उसके दोनों तरफ ज्वलनशील पदार्थ को लगाया जाता है। इसमें इस्तेमाल किये जाने वाले पदार्थ की गुणवत्ता भी अलग-अलग होती है। इसीलिए कभी ऐसा होता है कि तीलियाँ जलती हैं कभी नहीं जलती हैं। माचिस का व्यवसाय करने का एक फायदा यह है कि आप इसे कम लागत में शुरू कर सकते हैं और बाजार में इसकी मांग अधिक होने से आपको इस काम में नुकसान भी नहीं होगा। 

दुनिया की हर तीसरी दियासलाई भारत की 

भारत प्रतिदिन 4 करोड़ दियासलाई बनाता है और यह दुनिया में सबसे सस्ती दियासलाई होती है। दुनिया भर में प्रत्येक तीसरी माचिस भारत की इस्तेमाल की जाती है। पूरी दुनिया में भारत से ही माचिस का निर्यात किया जाता है। इसमें से 80% दियासलाई हाथ से बनी होती हैं। इस परिपेक्ष में भारत में दियासलाई की मांग अधिक है, जिसका फायदा कोई व्यवसायी उठा सकता है।