जेप्टो के फाउंडर कैवल्या देश के सबसे अमीर टीनएजर बने

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जेप्टो के फाउंडर कैवल्या देश के सबसे अमीर टीनएजर बने
24 Feb 2023
7 min read

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ये सच है कि यदि कोई भी व्यक्ति मेहनत और लगन से काम करता है तो कामयाबी उसके कदम अवश्य चूमती है। ठीक ऐसे ही जेप्टो (Zepto) के फाउंडर कैवल्या वोहरा (Kaivalya Vohra) देश के सबसे कम उम्र के अमीर बन गए हैं। क्विक ग्रॉसरी डिलीवरी ऐप जेप्टो (Zepto) के फाउंडर देश के ऐसे सबसे युवा व्यक्ति हैं, जिनकी संपत्ति 1,000 करोड़ रुपये को पार कर गई है। सबसे हैरानी वाली बात ये है कि वह अभी सिर्फ 19 साल के हैं।

भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों की IIFL वेल्थ हुरुन इंडिया रिच लिस्ट में पहली बार उनका भी नाम शुमार हो गया है। जेप्टो सिर्फ 10 मिनट में डिलीवरी के वादे के साथ आया था। इतनी कम उम्र में कैवल्य वोहरा ने अपने ग्रोसरी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Zepto से जो सफलता हासिल की है ऐसी सफलता पाने का हर कोई सपना देखता है। आज यह कंपनी करीब 900 मिलियन डॉलर की है। आपको बता दें कि कैवल्य वोहरा के साथ ही फिजिक्सवाला के को-फाउंडर अलख पांडे ने भी इस लिस्ट में जगह बनाई है।

साथ ही अन्य कई और स्टार्ट अप फाउंडर्स भी पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए हैं। उनकी टीम के साथी आदित पालीचा (Aadit Palicha) के पास सिर्फ 20 साल साल की उम्र में 1,200 करोड़ रुपये की निजी संपत्ति है। हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट ने कहा कि वोहरा का अमीरों की लिस्ट में आना भारत में स्टार्टअप्स के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। 

कहते हैं यदि आप मेहनत और लगन से कोई भी काम करते हैं तो एक न एक दिन मेहनत जरूर रंग लाती है और जब मेहनत रंग लाती है तो कामयाबी आपके कदम चूमने लगती है। कामयाबी भी ऐसी कि हर व्यक्ति की जुबां पर बस आपका नाम होता है और आप अपनी दृढ़इच्छाशक्ति की बदौलत इतिहास रच लेते हैं। ऐसे ही एक मिसाल बन कर उभरे हैं जेप्टो के फाउंडर कैवल्या वोहरा Zepto Founder Kaivalya Vohra जो देश के सबसे अमीर टीनएजर बन गए हैं।

यानि वो देश के सबसे कम उम्र के अमीर country's youngest rich बन चुके हैं। देखा जाये तो देश के युवा स्टार्टअप्स की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं और बहुत ही तेजी से सफल हो रहे हैं। ये देश के युवाओं के लिए एक बहुत ही अच्छी और प्रेरणादायक खबर है। तो चलिए इस आर्टिकल में इस प्रेरणादायक खबर पर नजर डालते हैं और जानते हैं कि कैसे जेप्टो के फाउंडर 19 साल की उम्र में सबसे युवा अरबपति बने। 

कैवल्य वोहरा जन्म और प्रारंभिक जीवन Kaivalya Vohra birth and early life 

कैवल्य वोहरा का जन्म 15 मार्च 2003 को बैंगलोर, कर्नाटक में हुआ था।  साल 2022 में उनकी उम्र 19 साल थी । कैवल्य वोहरा बचपन से ही बहुत बुद्धिमान थे। कैवल्य वोहरा ने अपना प्रारंभिक जीवन बैंगलोर में बिताया। इसके बाद स्कूली शिक्षा के लिए उन्हें बंगलौर छोड़ना पड़ा।

कैवल्य वोहरा की शिक्षा Education of Kaivalya Vohra

कैवल्य वोहरा ने दुबई से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। कैवल्य वोहरा की रुचि कंप्यूटर साइंस और मैथ्स में थी। वह पढ़ाई में बहुत होशियार थे , साथ ही उन्हें खेल-कूद भी बहुत पसंद था। वह स्कूल टाइम में अंडर-19 बास्केटबॉल के कप्तान भी रह चुके हैं। इसके बाद कैवल्य वोहरा कॉलेज की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए। कैवल्य वोहरा ने अमेरिका की “स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी” “Stanford University” में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। लेकिन उन्होंने 2022 में स्टार्टअप शुरू करने के लिए कॉलेज छोड़ दिया।

मात्र 19 साल की उम्र में बने अमीर युवा

हाल ही में जब IIFL Wealth Hurun India Rich List 2022 वेल्थ हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2022 जारी हुई तो इस लिस्ट में गौतम अडानी (Gautam Adani) के साथ साथ Zepto के फाउंडर कैवल्य वोहरा (1036 रैंक) और Aadit palicha आदित पलीचा (950 रैंक) ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। क्विक ग्रॉसरी डिलीवरी ऐप जेप्टो Quick grocery delivery app Zepto के फाउंडर कैवल्य वोहरा Kaivalya Vohra भारत के सबसे कम उम्र के सबसे अमीर युवा अरबपति (Youngest Billionaire) बन गए हैं।

यानि कैवल्या वोहरा देश के सबसे अमीर टीनएजर बन गए हैं और कैवल्य वोहरा की उम्र अभी सिर्फ 19 साल है। उनकी दौलत 1000 करोड़ रुपये के पार हो गई है और उन्हें यह सफलता कठिन परिश्रम की बदौलत मिली है। पिछले 1 साल में इसके वैल्यूएशन में 50 फीसदी से अधिक का उछाल आया है। दरअसल Zepto Founder कैवल्या वोहरा ने साल 2021 में आदित पलीचा के साथ मिलकर जेप्टो की स्थापना की थी।

वहीं आदित पलीचा (Aadit Palicha) की उम्र भी सिर्फ 20 साल है और उनकी दौलत करीब 1200 करोड़ रुपये है। ये बात सच होती प्रतीत हो रही है कि देश के युवा स्टार्टअप्स की दुनिया में बहुत ही तेजी से सफलता प्राप्त कर हैं। कैवल्या वोहरा के अलावा फिजिक्सवाला (Physics Wallah) के को-फाउंडर अलख पांडे (Alakh Pandey) सहित कई और स्टार्ट अप फाउंडर्स भी पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए हैं। यह देश के युवाओं के लिए एक अच्छी खबर के साथ साथ प्रेरित करने वाली खबर भी है। 

62 फीसदी बढ़ी लिस्ट 

IIFL वेल्थ हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2022 के अनुसार 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक की व्यक्तिगत संपत्ति रखने वाले भारतीयों की संख्या 2022 में पहली बार 1,100 से अधिक है। यदि 2021 की बात की जाये तो उस वर्ष के मुकाबले इस साल यह संख्या 96 अधिक है। पिछले 5 सालों में यह संख्या 62 फीसदी बढ़ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 साल पहले, ‘रिच लिस्ट’ में देश के सबसे युवा अमीर की उम्र 37 साल थी।

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों की IIFL वेल्थ हुरुन 2022 सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं नायका (Nykaa) की फाल्गुनी नायर Falguni Nair और वेदांत फैशन (Vedant Fashions) के रवि मोदी Ravi Modi भी इस लिस्ट में पहली बार शामिल हुए।

फाल्गुनी नायर ने लिस्ट में सबसे अमीर सेल्फ-मेड महिला के तौर पर बायोकॉन की किरण मुजूमदार-शॉ Biocon Kiran Mazumdar-Shaw को पीछे छोड़ दिया है। इस लिस्ट में यूनिकॉर्न फिजिक्सवाला के को-फाउंडर अलख पांडे (30 साल) और प्रतीक माहेश्वरी (Prateek Maheshwari) ने पहली बार जगह बना ली है। 

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बिजनेस के लिए बीच में छोड़ दी थी पढ़ाई 

कैवल्य वोहरा देश के सबसे कम उम्र के अमीर व्यक्तियों में शुमार हो चुके हैं। कैवल्य और उनके दोस्त आदित पालीचा स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी Stanford University से ड्रापआउट हैं और ये दोनों बचपन के दोस्त हैं। इन दोनों ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस Computer Science की पढ़ाई की है लेकिन दोनों का मन बिजनेस करने का था इसलिए दोनों ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी और बिजनेस में ध्यान देना शुरू किया।

दोनों ने खुद का स्टार्टअप शुरू करने के बारे में सोचा। बस फिर दोनों ने अपने ग्रोसरी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म Grocery Online Platform जेप्टो की नींव रखी और आज उनकी कंपनी की कीमत तक़रीबन 900 मिलियन डॉलर की है। कैवल्य और उनके दोस्त ने जेप्टो एप की शुरुआत की। जेप्टो नाम समय की एक अत्यंत छोटी इकाई 'जेप्टोसेकंड' Zeptosecond से आया है। अपने नाम की तरह ही जेप्टो मिनटों में किराने की डिलीवरी का वादा करता है।

यह 10 मिनट में किराना का सामान अपने कस्टमर को डिलीवर करता है। यानि ये तेजी से किराना सामग्री डिलीवर करवाते हैं। आज इनकी कामयाबी से आप समझ सकते हैं कि ये आज किस मुकाम पर हैं और इतनी जल्दी यहाँ तक पहुँचने में कितनी मेहनत की होगी।

कैसे आया Zepto का आइडिया 

दरअसल कॉलेज के दिनों दोस्तों को सामान ऑर्डर करने के बाद सामान के लिए लगभग एक दो दिन का इतंजार करना पड़ता था। इससे उन्हें बहुत दिक्कत महसूस होती थी। यहाँ तक कि जो सामान उन्हें चाहिए होता था वो किराना स्टोर पर भी नहीं मिल पाता था। बस इसी परेशानी का इन्होंने हल निकालने की सोची और कर दी Zepto की शुरुआत।

जेप्टो सिर्फ 10 मिनट में डिलीवरी के वादे के साथ आया था। इतनी कम उम्र में कैवल्य वोहरा ने अपने ग्रोसरी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Zepto से जो सफलता हासिल की है ऐसी सफलता पाने का हर कोई सपना देखता है। आज यह कंपनी करीब 900 मिलियन डॉलर की है। मुंबई में स्थित Zepto 1000 से ज्यादा कर्मचारियों के साथ देश के 10 प्रमुख शहरों में 3000 से ज्यादा सामानों की डिलीवरी करता है। उनके एप पर खाना बनाने की जरूरी चीजें, सब्जियां, डेयरी, ताजे फल, स्वास्थ्य और स्वच्छता के उत्पाद Food essentials, vegetables, dairy, fresh fruits, health and hygiene products आदि हैं।

कंपनी भारत में क्विक सेगमेंट पर काम करती है। अब इनका लक्ष्य मुंबई Mumbai के अलावा दिल्ली, बेंगलरु में बेहतर सेवाएं देना है, जिससे लोगों को दिक्क्त न हो। इसके साथ ही हैदराबाद, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में भी जल्दी अपनी इस सेवा की शुरुआत करना चाहते हैं।

मतलब हम कह सकते हैं कि क्विवक-कॉमर्स कंपनी जेप्टो (Zepto) के को-फाउंडर कैवल्या वोहरा (Kaivalya Vohra) ने सबसे कम उम्र के अमीर टीनएजर का ख़िताब जीत कर यह साबित कर दिया कि यदि आप काम के प्रति यदि पूरी तरह समर्पित हैं तो सफलता उम्र नहीं देखती है। 

लगभग दोगुनी हुई कंपनी की वैल्यूएशन

मई में, जेप्टो ने YC Continuity Fund के नेतृत्व में एक फंडिंग राउंड से 200 मिलियन डॉलर जुटाए थे। इस निवेश के बाद स्टार्ट-अप की वैल्यूएशन करीब दोगुनी होकर 900 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई। पिछले साल दिसंबर में इसकी वैल्यूएशन 570 मिलियन डॉलर थी। वैसे पलीचा की स्टार्टअप यात्रा 17 साल की उम्र में शुरू हुई थी, जब उन्होंने दुबई में एक छात्र कारपूल एप्लिकेशन, GoPool की स्थापना की थी।

जेप्टो से पहले उन्होंने मई 2020 में एक अन्य ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म की स्थापना की थी। पालीचा और वोहरा का पहला स्टार्टअप किरानाकार्ट KiranaKart है। इस ऐप के जरिए राशन का सामान जल्द से जल्द डिलीवर किया जाता था। सबसे पहले किरानाकार्ट ने स्थानीय किराना स्टोरों के साथ हाथ मिलाया और 45 मिनट के अंदर किराने का सामान घर-घर तक पहुंचाया। दोनों दुबई में पले-बढ़े हैं। भारत में उन्होंने कोरोना वायरस संकट के बीच तेजी से बढ़ते ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी सेक्टर में काम करने का फैसला लिया था।

ज़ेप्टो नेट वर्थ Zepto Net Worth

कंपनी ने फंडिंग राउंड के जरिए 1300 करोड़ रुपए जुटाए। इसके बाद zepto ऐप की वैल्यूएशन करीब ₹3000 करोड़ हो गई है। इससे पहले दिसंबर में Zepto की वैल्यूएशन करीब 7300 करोड़ रुपए पर पहुंच गई थी। कैवल्य वोहरा के पास खुद की 1000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। अब कैवल्य वोहरा भारत के सबसे अमीर युवा बन गए हैं।