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Sustainability Community Welfare

World Voice Day 2022 –“लिफ़्ट योर वॉइस”

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World Voice Day 2022 –“लिफ़्ट योर वॉइस”

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Post Highlights

आवाज इंसान को ईश्वर की दी हुई एक नेमत है इसलिए हमारा और आपका फर्ज बनता है कि हम इसका ख्याल रखें। क्योंकि अब आवाज से जुड़ी दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। शारीरिक व मानसिक अस्वस्थता, धूम्रपान, नशीले पदार्थों, ड्रग्स का सेवन, तनाव और चिल्लाने के कारण लोग अपनी आवाज को अत्यधिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। यहाँ तक कि कई बार लोगों की आवाज चले जाने का खतरा भी रहता है इसलिए लोगों को आवाज को प्रभावित करने वाले कारणों के बारे में जागरूक करने के लिए 16 अप्रैल का यह दिन विशेष रूप से वर्ल्ड वॉइस डे World Voice Day के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व आवाज दिवस 2022, Lift your voice "लिफ़्ट योर वॉइस" थीम पर मनाया जा रहा है।

आवाज ईश्वर का दिया हुआ एक बहुत ही सुंदर तोहफा है। सोचिये अगर इंसान के पास आवाज नहीं होती तो फिर क्या होता। कैसे हम संवाद कर पाते और कैसे एक दूसरे से जुड़ पाते, कैसे आगे बढ़ पाते और कैसे विकास में भागीदार बनते। सब कुछ कितना मुश्किल हो जाता इसलिए आवाज के महत्व को बताने की जरुरत नहीं है। वैसे आवाज के महत्व को हर कोई जानता और मानता है लेकिन फिर भी लोग आवाज को प्रभावित करने वाले कारकों की तरफ ज्यादा ध्यान नही देते हैं। आवाज का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी ही नही जरूरत भी है। हम सब लोग अपनी आवाज को जाने अनजाने बहुत क्षति पहुँचा रहे हैं और कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि आवाज चले जाने का खतरा भी रहता है। विभिन्न चिकित्सकों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ सालों में ऐसे लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है जिनकी आवाज पर किसी स्वास्थ्य समस्या, गलत आदतों के चलते या फिर गलत जीवनशैली के चलते गंभीर असर पड़े हैं। कई बार शारीरिक व मानसिक अस्वस्थता, धूम्रपान, नशीले पदार्थों के सेवन physical and mental illness,smoking,drug abuse या अन्य कई कारणों से व्यक्ति की आवाज को क्षति पहुँच सकती है। आवाज को लेकर और आवाज को प्रभावित करने वाले स्वास्थ्य जनित कारणों को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल 16 April अप्रैल को विश्व आवाज दिवस मनाया जाता है। इस साल विश्व आवाज दिवस 2022 Lift your voice “ लिफ़्ट योर वॉइस” थीम पर मनाया जा रहा है। चलिए विस्तार से जानते हैं विश्व आवाज दिवस के बारे में। 

वर्ल्ड वॉइस डे मनाने का उद्देश्य 

विश्व आवाज दिवस World Voice Day (WVD) एक विश्वव्यापी वार्षिक कार्यक्रम है जो प्रत्येक वर्ष 16 अप्रैल को मनाया जाता है और यह आवाज उत्सव की घटना को समर्पित है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य सबके दैनिक जीवन में आवाज के महत्व को दर्शाना show the importance of voice है। अक्सर, हमारी आवाज़ जैसी जानी-पहचानी चीज़ आसानी से नज़रअंदाज़ हो जाती है। विश्व आवाज दिवस हमें इस महत्वपूर्ण टूल की रक्षा करने की याद दिलाता है। हमारी आवाज मानवीय अनुभव का माध्यम है। हममें से प्रत्येक अद्वितीय तरीके से संचार करता है और हमारी आवाज उस अभिव्यक्ति को सुनने की अनुमति देती है। दुनिया में हर किसी को आपस में जोड़ने, किसी को आवाज देने और भविष्य के लिए समाज को बदलने में आवाज का अत्यधिक महत्व और एक बहुत बड़ी जरूरत है। लोगों को उनकी आवाज से अवगत कराने के लिए हर साल विश्व आवाज दिवस मनाया जाता है। आवाज का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी के साथ-साथ हमारी अहम जरुरत भी है। आवाज से जुड़ी अब कई दिक्क़तों का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। धूम्रपान, ड्रग्स और तनाव के कारण शारीरिक व मानसिक अस्वस्थता बढ़ती जा रही है। जिसके कारण आवाज को नुकसान पहुंच रहा है और यहाँ तक कि कई केस में आवाज चले जाने का खतरा भी साफ़ तौर से दिखायी दे रहा है। आवाज स्वास्थ्य पेशेवर voice health professional भी इस बात को लेकर परेशान हैं। अब समय आ गया है कि लोग आवाज को प्रभावित करने वाले कारणों के प्रति जागरूक हों और उन कारणों को जानने की कोशिश करें जिनसे व्यक्ति की आवाज को क्षति पहुँच रही है। COVID19 के सीक्वेल ने कई आवाज के मामलों को बढ़ा दिया। एल्सेवियर पब्लिशिंग Elsevier Publishing ने द वॉयस फाउंडेशन The Voice Foundation के एक अनुरोध का जवाब देते हुए, "वॉयस इन द टाइम्स ऑफ द COVID- 19 महामारी" “Voice in the Times of the COVID- 19 Pandemic” नाम से लेखों का एक विशेष संग्रह बनाया है और इन मूल्यवान पांडुलिपियों को सितंबर 2022 तक इच्छुक पार्टियों के लिए खुले तौर पर उपलब्ध कराया है।

वर्ल्ड वॉइस डे, यह दिन विशेष रूप से Otolaryngologist ओटोलरींगोलॉजिस्ट-सिर और गर्दन के सर्जन और अन्य आवाज स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा पूरी दुनिया में मनाया जाता है। विश्व आवाज दिवस के द्वारा लोगों को यह भी बताना जरुरी है कि वे कैसे आवाज से संबंधित मदद के साथ-साथ प्रशिक्षण भी ले सकते हैं और आवाज पर किए जाने वाले अनुसंधान का समर्थन भी कर सकते हैं।

इस वर्ष की थीम और वर्ल्ड वॉइस डे का इतिहास

हर वर्ष वर्ल्ड वॉइस डे एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम Lift your voice "अपनी आवाज उठाएं" लोगों को मुखर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करने के लिए है। आवाज स्वस्थ और प्रभावी संचार का एक महत्वपूर्ण पहलू है। WVD (विश्व आवाज दिवस) कलात्मक आवाज को प्रशिक्षित करने, आवाज के अनुप्रयोग और कार्य पर शोध करने की आवश्यकता के बारे में दुनिया भर में जागरूकता लाता है। इस 16 अप्रैल को हम वर्ल्ड वॉइस डे और थीम "अपनी आवाज उठाएं" “Lift your voice” लिफ़्ट योर वॉइस विषय के साथ संचार में आवाज के योगदान का जश्न मनायेंगे। विश्व आवाज दिवस हर साल मुखर स्वास्थ्य, आवाज की चुनौतियों और आवाज के मूल्यांकन और उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने का एक बहुत बड़ा मौका होता है। इस दिन आवाज के महत्व और आवाज की देखभाल के विकास के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए और जन-जन तक आवाज के विशाल मूल्य को पहुंचाने के लिए सभी चिकित्सकों, भाषण-भाषा रोगविज्ञानी, गायन और अभिनय शिक्षकों, नर्सों, आवाज रोगियों और आवाज की देखभाल करने वाले चिकित्सकों और अन्य लोगों को मिलकर काम करना चाहिए। 

चलिए अब वर्ल्ड वॉइस डे (विश्व आवाज दिवस) के इतिहास के बारे में जानते हैं। दरअसल हर साल 16 अप्रैल को आवाज के लिए एक विशेष दिन समर्पित करने का विचार पहली बार वर्ष 1999 में ब्राजील में सोसाइटी ऑफ लैरींगोलॉजी एंड वॉयस Brazilian Society of Laryngology and Voice द्वारा शुरू किया गया था। 2002 में, प्रोफ़ेसर मारियो आंद्रे Professor Mario Andre, पुर्तगाली भाषाविद्, जो उस समय यूरोपियन लैरींगोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष थे, उन्होंने बताया कि दुनिया भर के लोगों को विश्व आवाज दिवस या विश्व स्वर दिवस मनाना चाहिए। फिर इस विचार को धीरे धीरे और विकसित किया गया और यह विचार विभिन्न देशों में अपनाया गया। 2012 में, पुर्तगाल से डॉ फ़िलिपा ला पाउंड, ऑस्ट्रिया से प्रो. टेकुमसेह फिच और स्वीडन से प्रो. जोहान सुंदरबर्ग Dr. Philippa La Pound from Portugal, Prof. from Austria. Tecumseh Fitch and Prof. Johann Sundberg, ये सभी आवाज शोधकर्ता थे, उन्होंने विश्व आवाज दिवस समारोह के लिए एक वैश्विक समूह बनाने के लिए कई देशों के आवाज विशेषज्ञों को आमंत्रित किया था। वर्तमान में, समूह में 66 सदस्य हैं और ये सभी सदस्य अपने-अपने देशों में विश्व आवाज दिवस के आयोजनों को शुरू करने के साथ-साथ मदद भी करते हैं। साथ ही साथ लोगों को आवाज के प्रति जागरूक करने का कार्य भी करते हैं। वर्ल्ड वॉइस डे विशेष रूप से दुनिया भर में ओटोलरींगोलॉजिस्ट otolaryngologist - ( सिर और गले के सर्जन), थेरेपिस्ट therapist तथा आवाज के स्वास्थ्य को बरकरार रखने के लिए कार्य कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों तथा सामाजिक संस्थाओं द्वारा मनाया जाता है।

आवाज की देखभाल कैसे करें और आवाज को नुकसान पहुँचाने वाले कारण 

विश्व आवाज दिवस World Voice Day (WVD)के द्वारा लोगों को इस बारे में अवगत कराना है कि वे अपनी आवाज की देखभाल कैसे कर सकते हैं। विश्व आवाज दिवस, मुखर स्वास्थ्य और आवाज विकारों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए एक वैश्विक और वार्षिक कार्यक्रम है। विश्व आवाज दिवस पर, सभी युवा और बूढ़े को अपने मुखर स्वास्थ्य का आकलन करने और अच्छी आवाज की आदतों को सुधारने या बनाए रखने के लिए कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आज के समय में आवाज संबंधित बहुत सारी परेशानियों का लोगों को सामना करना पड़ रहा है इसलिए दैनिक जीवन में आवाज के विशाल मूल्य से लोगों को रूबरू करवाना अत्यंत जरुरी है। साथ ही हम कैसे अपनी आवाज की सही तरीके से रक्षा करें या देखभाल करें सबके लिए ये भी जानना आवश्यक है। अपनी आवाज की रक्षा करना और बेहतर भाषण आदतें सीखना आपके संपूर्ण ईएनटी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। ओटोलरींगोलॉजी-हेड एंड नेक सर्जरी Otolaryngology-Head and Neck Surgery (एएओ-एचएनएस) द्वारा प्रस्तावित यह आदर्श वाक्य, हमें एक अच्छी गुणवत्ता वाली आवाज के साथ मुखर उपस्थिति और संचार में सुधार करती है। विश्व आवाज दिवस पर ईएनटी डिपार्टमेंट की ओर से 16 अप्रैल को जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। कई जगह इस दिन आवाज से संबंधित बीमारियों की मुफ्त जांच भी की जाती है। 

ऐसे कैंप में लोग अपना या अपने परिवार में से किसी की भी आवाज का चेकअप करा सकते हैं। इसके अलावा कई जगह जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं। हर साल 16 अप्रैल को, ओटोलरींगोलॉजिस्ट-सिर और गर्दन के सर्जन और दुनिया भर के अन्य आवाज स्वास्थ्य पेशेवर विश्व आवाज दिवस को मान्यता देने के लिए एक साथ जुड़ते हैं। 

आवाज की सही देखभाल करने के टिप्स

  • अपना खानपान सही रखें 

  • नशीले पदार्थों का सेवन न करें

  • तनाव से दूर रहें 

  • पूरी नींद लें और आराम जरूर करें 

  • जब आप अपनी आवाज खो देते हैं, तो धीरे से बात करने का प्रयास करें 

  • हाइड्रेटेड रहने की कोशिश करें

  • आवाज में बदलाव होने पर चिकित्सक से सलाह जरूर लें 

  • खांसी या कफ होने पर डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि खांसने से वोकल सिलवटों को नुकसान हो सकता है 

  • कैफीन और शराब का सेवन न करें

  • सांस की कोई भी तकलीफ या साइनस होने पर चिकित्सीय सलाह लें

  • धूम्रपान ना करें

  • जोर से न चिल्लाएं 

  • वातावरण में अचानक ज्यादा परिवर्तन होने पर बचे। ठंडे वातावरण से गरम वातावरण में तुरंत न जाएं 

  • गलत जीवनशैली या गलत आदतों से दूर रहें 

  • अनियमित दिनचर्या और खान-पान की गलत आदतों से दूर रहें 

आवाज को नुकसान पहुँचाने वाले कारण-

  • तेज आवाज में चिल्लाना। तेज चिल्लाने या बोलने से वोकल कॉर्ड में रक्तस्त्राव होने की संभावना रहती है। वोकल कॉर्ड पर ज्यादा दबाव पड़ने से आवाज पर असर पड़ता है। यहाँ तक कि कई बार आवाज जाने का भी खतरा रहता है।

  • गले में एडिमा यानी सूजन होना 

  • एरिटोनायड डिस्लोकेशन होने पर जिससे वोकल कॉर्ड और स्वर तंत्रिका के आसपास की कोशिकाओं पर असर पड़ता है

  • टीबी, गले में संक्रमण, फंगल इंफेक्शन तथा वॉकल कॉर्ड में ट्यूमर होने पर, छाती में संक्रमण होने पर भी आवाज को नुकसान पहुँचता है

  • तनाव या किसी बड़े सदमे के कारण मानसिक रूप से अस्वस्थ होने पर 

  • गले में चोट लगने और दुर्घटना का शिकार होने पर

  • धूम्रपान करना या नशीले पदार्थों का सेवन करना

  •  ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने पर वोकल कॉर्ड पैरालिसिस vocal cord paralysis का भी खतरा रहता है जो कि आजकल बहुत देखने को मिल रहा है 

  •  गले में कैंसर या वॉकल कॉर्ड के आसपास गांठ होना 

Think with Niche पर आपके लिए और रोचक विषयों पर लेख उपलब्ध हैं एक अन्य लेख को पढ़ने के लिए कृपया नीचे  दिए लिंक पर क्लिक करे-

International Day of Happiness-आओ बाटें खुशियां

आवाज ईश्वर का दिया हुआ एक बहुत ही सुंदर तोहफा है। सोचिये अगर इंसान के पास आवाज नहीं होती तो फिर क्या होता। कैसे हम संवाद कर पाते और कैसे एक दूसरे से जुड़ पाते, कैसे आगे बढ़ पाते और कैसे विकास में भागीदार बनते। सब कुछ कितना मुश्किल हो जाता इसलिए आवाज के महत्व को बताने की जरुरत नहीं है। वैसे आवाज के महत्व को हर कोई जानता और मानता है लेकिन फिर भी लोग आवाज को प्रभावित करने वाले कारकों की तरफ ज्यादा ध्यान नही देते हैं। आवाज का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी ही नही जरूरत भी है। हम सब लोग अपनी आवाज को जाने अनजाने बहुत क्षति पहुँचा रहे हैं और कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि आवाज चले जाने का खतरा भी रहता है। विभिन्न चिकित्सकों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ सालों में ऐसे लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है जिनकी आवाज पर किसी स्वास्थ्य समस्या, गलत आदतों के चलते या फिर गलत जीवनशैली के चलते गंभीर असर पड़े हैं। कई बार शारीरिक व मानसिक अस्वस्थता, धूम्रपान, नशीले पदार्थों के सेवन physical and mental illness,smoking,drug abuse या अन्य कई कारणों से व्यक्ति की आवाज को क्षति पहुँच सकती है। आवाज को लेकर और आवाज को प्रभावित करने वाले स्वास्थ्य जनित कारणों को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल 16 April अप्रैल को विश्व आवाज दिवस मनाया जाता है। इस साल विश्व आवाज दिवस 2022 Lift your voice “ लिफ़्ट योर वॉइस” थीम पर मनाया जा रहा है। चलिए विस्तार से जानते हैं विश्व आवाज दिवस के बारे में। 

वर्ल्ड वॉइस डे मनाने का उद्देश्य 

विश्व आवाज दिवस World Voice Day (WVD) एक विश्वव्यापी वार्षिक कार्यक्रम है जो प्रत्येक वर्ष 16 अप्रैल को मनाया जाता है और यह आवाज उत्सव की घटना को समर्पित है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य सबके दैनिक जीवन में आवाज के महत्व को दर्शाना show the importance of voice है। अक्सर, हमारी आवाज़ जैसी जानी-पहचानी चीज़ आसानी से नज़रअंदाज़ हो जाती है। विश्व आवाज दिवस हमें इस महत्वपूर्ण टूल की रक्षा करने की याद दिलाता है। हमारी आवाज मानवीय अनुभव का माध्यम है। हममें से प्रत्येक अद्वितीय तरीके से संचार करता है और हमारी आवाज उस अभिव्यक्ति को सुनने की अनुमति देती है। दुनिया में हर किसी को आपस में जोड़ने, किसी को आवाज देने और भविष्य के लिए समाज को बदलने में आवाज का अत्यधिक महत्व और एक बहुत बड़ी जरूरत है। लोगों को उनकी आवाज से अवगत कराने के लिए हर साल विश्व आवाज दिवस मनाया जाता है। आवाज का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी के साथ-साथ हमारी अहम जरुरत भी है। आवाज से जुड़ी अब कई दिक्क़तों का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। धूम्रपान, ड्रग्स और तनाव के कारण शारीरिक व मानसिक अस्वस्थता बढ़ती जा रही है। जिसके कारण आवाज को नुकसान पहुंच रहा है और यहाँ तक कि कई केस में आवाज चले जाने का खतरा भी साफ़ तौर से दिखायी दे रहा है। आवाज स्वास्थ्य पेशेवर voice health professional भी इस बात को लेकर परेशान हैं। अब समय आ गया है कि लोग आवाज को प्रभावित करने वाले कारणों के प्रति जागरूक हों और उन कारणों को जानने की कोशिश करें जिनसे व्यक्ति की आवाज को क्षति पहुँच रही है। COVID19 के सीक्वेल ने कई आवाज के मामलों को बढ़ा दिया। एल्सेवियर पब्लिशिंग Elsevier Publishing ने द वॉयस फाउंडेशन The Voice Foundation के एक अनुरोध का जवाब देते हुए, "वॉयस इन द टाइम्स ऑफ द COVID- 19 महामारी" “Voice in the Times of the COVID- 19 Pandemic” नाम से लेखों का एक विशेष संग्रह बनाया है और इन मूल्यवान पांडुलिपियों को सितंबर 2022 तक इच्छुक पार्टियों के लिए खुले तौर पर उपलब्ध कराया है।

वर्ल्ड वॉइस डे, यह दिन विशेष रूप से Otolaryngologist ओटोलरींगोलॉजिस्ट-सिर और गर्दन के सर्जन और अन्य आवाज स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा पूरी दुनिया में मनाया जाता है। विश्व आवाज दिवस के द्वारा लोगों को यह भी बताना जरुरी है कि वे कैसे आवाज से संबंधित मदद के साथ-साथ प्रशिक्षण भी ले सकते हैं और आवाज पर किए जाने वाले अनुसंधान का समर्थन भी कर सकते हैं।

इस वर्ष की थीम और वर्ल्ड वॉइस डे का इतिहास

हर वर्ष वर्ल्ड वॉइस डे एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम Lift your voice "अपनी आवाज उठाएं" लोगों को मुखर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करने के लिए है। आवाज स्वस्थ और प्रभावी संचार का एक महत्वपूर्ण पहलू है। WVD (विश्व आवाज दिवस) कलात्मक आवाज को प्रशिक्षित करने, आवाज के अनुप्रयोग और कार्य पर शोध करने की आवश्यकता के बारे में दुनिया भर में जागरूकता लाता है। इस 16 अप्रैल को हम वर्ल्ड वॉइस डे और थीम "अपनी आवाज उठाएं" “Lift your voice” लिफ़्ट योर वॉइस विषय के साथ संचार में आवाज के योगदान का जश्न मनायेंगे। विश्व आवाज दिवस हर साल मुखर स्वास्थ्य, आवाज की चुनौतियों और आवाज के मूल्यांकन और उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने का एक बहुत बड़ा मौका होता है। इस दिन आवाज के महत्व और आवाज की देखभाल के विकास के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए और जन-जन तक आवाज के विशाल मूल्य को पहुंचाने के लिए सभी चिकित्सकों, भाषण-भाषा रोगविज्ञानी, गायन और अभिनय शिक्षकों, नर्सों, आवाज रोगियों और आवाज की देखभाल करने वाले चिकित्सकों और अन्य लोगों को मिलकर काम करना चाहिए। 

चलिए अब वर्ल्ड वॉइस डे (विश्व आवाज दिवस) के इतिहास के बारे में जानते हैं। दरअसल हर साल 16 अप्रैल को आवाज के लिए एक विशेष दिन समर्पित करने का विचार पहली बार वर्ष 1999 में ब्राजील में सोसाइटी ऑफ लैरींगोलॉजी एंड वॉयस Brazilian Society of Laryngology and Voice द्वारा शुरू किया गया था। 2002 में, प्रोफ़ेसर मारियो आंद्रे Professor Mario Andre, पुर्तगाली भाषाविद्, जो उस समय यूरोपियन लैरींगोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष थे, उन्होंने बताया कि दुनिया भर के लोगों को विश्व आवाज दिवस या विश्व स्वर दिवस मनाना चाहिए। फिर इस विचार को धीरे धीरे और विकसित किया गया और यह विचार विभिन्न देशों में अपनाया गया। 2012 में, पुर्तगाल से डॉ फ़िलिपा ला पाउंड, ऑस्ट्रिया से प्रो. टेकुमसेह फिच और स्वीडन से प्रो. जोहान सुंदरबर्ग Dr. Philippa La Pound from Portugal, Prof. from Austria. Tecumseh Fitch and Prof. Johann Sundberg, ये सभी आवाज शोधकर्ता थे, उन्होंने विश्व आवाज दिवस समारोह के लिए एक वैश्विक समूह बनाने के लिए कई देशों के आवाज विशेषज्ञों को आमंत्रित किया था। वर्तमान में, समूह में 66 सदस्य हैं और ये सभी सदस्य अपने-अपने देशों में विश्व आवाज दिवस के आयोजनों को शुरू करने के साथ-साथ मदद भी करते हैं। साथ ही साथ लोगों को आवाज के प्रति जागरूक करने का कार्य भी करते हैं। वर्ल्ड वॉइस डे विशेष रूप से दुनिया भर में ओटोलरींगोलॉजिस्ट otolaryngologist - ( सिर और गले के सर्जन), थेरेपिस्ट therapist तथा आवाज के स्वास्थ्य को बरकरार रखने के लिए कार्य कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों तथा सामाजिक संस्थाओं द्वारा मनाया जाता है।

आवाज की देखभाल कैसे करें और आवाज को नुकसान पहुँचाने वाले कारण 

विश्व आवाज दिवस World Voice Day (WVD)के द्वारा लोगों को इस बारे में अवगत कराना है कि वे अपनी आवाज की देखभाल कैसे कर सकते हैं। विश्व आवाज दिवस, मुखर स्वास्थ्य और आवाज विकारों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए एक वैश्विक और वार्षिक कार्यक्रम है। विश्व आवाज दिवस पर, सभी युवा और बूढ़े को अपने मुखर स्वास्थ्य का आकलन करने और अच्छी आवाज की आदतों को सुधारने या बनाए रखने के लिए कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आज के समय में आवाज संबंधित बहुत सारी परेशानियों का लोगों को सामना करना पड़ रहा है इसलिए दैनिक जीवन में आवाज के विशाल मूल्य से लोगों को रूबरू करवाना अत्यंत जरुरी है। साथ ही हम कैसे अपनी आवाज की सही तरीके से रक्षा करें या देखभाल करें सबके लिए ये भी जानना आवश्यक है। अपनी आवाज की रक्षा करना और बेहतर भाषण आदतें सीखना आपके संपूर्ण ईएनटी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। ओटोलरींगोलॉजी-हेड एंड नेक सर्जरी Otolaryngology-Head and Neck Surgery (एएओ-एचएनएस) द्वारा प्रस्तावित यह आदर्श वाक्य, हमें एक अच्छी गुणवत्ता वाली आवाज के साथ मुखर उपस्थिति और संचार में सुधार करती है। विश्व आवाज दिवस पर ईएनटी डिपार्टमेंट की ओर से 16 अप्रैल को जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। कई जगह इस दिन आवाज से संबंधित बीमारियों की मुफ्त जांच भी की जाती है। 

ऐसे कैंप में लोग अपना या अपने परिवार में से किसी की भी आवाज का चेकअप करा सकते हैं। इसके अलावा कई जगह जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं। हर साल 16 अप्रैल को, ओटोलरींगोलॉजिस्ट-सिर और गर्दन के सर्जन और दुनिया भर के अन्य आवाज स्वास्थ्य पेशेवर विश्व आवाज दिवस को मान्यता देने के लिए एक साथ जुड़ते हैं। 

आवाज की सही देखभाल करने के टिप्स

  • अपना खानपान सही रखें 

  • नशीले पदार्थों का सेवन न करें

  • तनाव से दूर रहें 

  • पूरी नींद लें और आराम जरूर करें 

  • जब आप अपनी आवाज खो देते हैं, तो धीरे से बात करने का प्रयास करें 

  • हाइड्रेटेड रहने की कोशिश करें

  • आवाज में बदलाव होने पर चिकित्सक से सलाह जरूर लें 

  • खांसी या कफ होने पर डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि खांसने से वोकल सिलवटों को नुकसान हो सकता है 

  • कैफीन और शराब का सेवन न करें

  • सांस की कोई भी तकलीफ या साइनस होने पर चिकित्सीय सलाह लें

  • धूम्रपान ना करें

  • जोर से न चिल्लाएं 

  • वातावरण में अचानक ज्यादा परिवर्तन होने पर बचे। ठंडे वातावरण से गरम वातावरण में तुरंत न जाएं 

  • गलत जीवनशैली या गलत आदतों से दूर रहें 

  • अनियमित दिनचर्या और खान-पान की गलत आदतों से दूर रहें 

आवाज को नुकसान पहुँचाने वाले कारण-

  • तेज आवाज में चिल्लाना। तेज चिल्लाने या बोलने से वोकल कॉर्ड में रक्तस्त्राव होने की संभावना रहती है। वोकल कॉर्ड पर ज्यादा दबाव पड़ने से आवाज पर असर पड़ता है। यहाँ तक कि कई बार आवाज जाने का भी खतरा रहता है।

  • गले में एडिमा यानी सूजन होना 

  • एरिटोनायड डिस्लोकेशन होने पर जिससे वोकल कॉर्ड और स्वर तंत्रिका के आसपास की कोशिकाओं पर असर पड़ता है

  • टीबी, गले में संक्रमण, फंगल इंफेक्शन तथा वॉकल कॉर्ड में ट्यूमर होने पर, छाती में संक्रमण होने पर भी आवाज को नुकसान पहुँचता है

  • तनाव या किसी बड़े सदमे के कारण मानसिक रूप से अस्वस्थ होने पर 

  • गले में चोट लगने और दुर्घटना का शिकार होने पर

  • धूम्रपान करना या नशीले पदार्थों का सेवन करना

  •  ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने पर वोकल कॉर्ड पैरालिसिस vocal cord paralysis का भी खतरा रहता है जो कि आजकल बहुत देखने को मिल रहा है 

  •  गले में कैंसर या वॉकल कॉर्ड के आसपास गांठ होना 

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