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"हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इनफ्लुएंस पीपल" क्यों पढ़ें?

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"हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इनफ्लुएंस पीपल" क्यों पढ़ें?
16 Jun 2022
6 min read

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सेल्फ इंप्रूवमेंट Self improvement पर जोर देने वाले डेल कार्नेगी Dale Carnegie आपको इस पुस्तक 'हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल' “How to Win Friends and Influence People” की मदद से समझाते हैं कि कैसे आप बातचीत की मदद से लोगों से अपने रिश्तों को बेहतर बना सकते हैं। यह पुस्तक इस बात पर विचार करती है कि कैसे आप एक अच्छे लीडर Good Leader बन सकते हैं, कैसे लोग आपको पसंद कर सकते हैं और दूसरों को आप कैसे अपने सोचने के तरीके से जीत सकते हैं। ऐसा नहीं है कि इस पुस्तक में यह सीखाया गया है कि कैसे लोगों से अपना काम निकालें, वास्तव में यह किताब लोगों को समझाने और यह सुनिश्चित करने के बारे में है कि आप दूसरों को भी ध्यान में रख रहे हैं। डेल कार्नेगी ने बेहद ही सरलता से इस किताब में हर तकनीक को समझाया है ताकि हर तकनीक आसानी से लागू हो सके और उसे व्यापक रूप से समझा जा सके। 

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2011 में, 'हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल' How to Win Friends and Influence People टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली पुस्तकों की सूची Time Magazine’s list of the 100 most influential books में 19 वें नंबर पर थी। यह किताब अक्टूबर 1936 में प्रकाशित हुई थी और प्रकाशित होने के पूरे 75 साल बाद इसे 100 सबसे प्रभावशाली पुस्तकों की सूची में शामिल किया गया। अब तक दुनिया भर में इस पुस्तक की 30 मिलियन से अधिक कॉपीज 30 million copies worldwide बिक चुकी हैं, जिसकी वजह से यह अब तक की सबसे अधिक बिकने वाली पुस्तकों में से एक best-selling books of all time बन गई है।

सेल्फ इंप्रूवमेंट Self improvement पर जोर देने वाले डेल कार्नेगी Dale Carnegie आपको इस पुस्तक की मदद से समझाते हैं कि कैसे आप बातचीत की मदद से लोगों से अपने रिश्तों को बेहतर बना सकते हैं। यह पुस्तक इस बात पर विचार करती है कि कैसे आप एक अच्छे लीडर good leader बन सकते हैं, कैसे लोग आपको पसंद कर सकते हैं how to make people like you और दूसरों को आप कैसे अपने सोचने के तरीके से जीत सकते हैं। ऐसा नहीं है कि इस पुस्तक में यह सीखाया गया है कि कैसे लोगों से अपना काम निकालें, वास्तव में यह किताब लोगों को समझाने और यह सुनिश्चित करने के बारे में है कि आप दूसरों को भी ध्यान में रख रहे हैं। डेल कार्नेगी ने बेहद ही सरलता से इस किताब में हर तकनीक को समझाया है ताकि हर तकनीक आसानी से लागू हो सके और उसे व्यापक रूप से समझा जा सके। 

यह पुस्तक लगभग एक सदी पहले लिखी गई थी लेकिन फिर भी हर व्यक्ति इस पुस्तक को पढ़कर बहुत कुछ सीख everyone can learn from reading this book सकता है। भले ही आप कितने भी सफल और योग्य क्यों ना हो लेकिन इस पुस्तक को पढ़कर आप ज़रूर एक सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे और आपके मन में ये ख्याल ज़रूर आएगा कि मैंने इस किताब को पहले क्यों नहीं पढ़ा। सच कहें तो इस पुस्तक को खरीदना एक निवेश  है। 

कई ऐसे लोग होते हैं, जो सामाजिक परिस्थितियों social situations में थोड़े चिंतित से हो जाते हैं, ज्यादा बात करना पसंद नहीं करते हैं लेकिन जब आवश्यकता पड़ती है तो वे एक्स्ट्रोवर्ट extrovert बन जाते हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सामाजिक परिस्थितियों में बेहद कॉन्फिडेंट confident रहते हैं, किसी से बात कर लेते हैं, लोगों को उनकी कंपनी बेहद पसंद आती है और वे सामाजिक परिस्थितियों में बिलकुल भी उबाऊ नहीं महसूस करते हैं। ऐसे लोगों को देख कर हर इंट्रोवर्ट introvert का मन करता है कि काश मैं भी इस तरह से बात कर पाता, ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस करता और सामाजिक परिस्थितियों में उबाऊ होने के बजाय उसे एंजॉय कर पाता। वैसे तो यह किताब हर व्यक्ति को पढ़नी चाहिए लेकिन हर इंट्रोवर्ट को यह पुस्तक ज़रूर पढ़नी चाहिए। आइए इस पुस्तक के बारे में और इस पुस्तक के लेखक डेल कार्नेगी Dale Carnegie के बारे में और अच्छे से जानते हैं- 

डेल कार्नेगी का जन्म 1888 में मैरीविले, मिसौरी Missouri के एक गरीब परिवार में हुआ था। उनकी पब्लिक स्पीकिंग public speaking में काफी रुचि थी और पब्लिक स्पीकिंग को वह एंजॉय करते थे इसीलिए उन्होंने अपने स्कूल की डिबेट टीम को ज्वाइन किया था। कॉलेज पूरा करने के बाद वह एक सेल्समैन salesman बन गए और कुछ समय के बाद वह एक प्रोफेशनल पब्लिक स्पीकर professional public speaker बन गए। उनकी किताब 'हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल' 1936 में पब्लिश हुई थी और उस वक्त इस किताब की 1200 कॉपीज प्रिंट की गई थी। उसके बाद इन्हें 5000 और कॉपीज प्रिंट करने का ऑर्डर आता है और तब से लेकर आज तक इस बुक की मिलियन कॉपीज प्रिंट हो चुकी है, करोड़ों लोग इस पुस्तक को पढ़ चुके हैं और अपने जीवन में कई अच्छे बदलाव महसूस कर चुके हैं। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद लोगों को सेल्फ इंप्रूवमेंट का सही मतलब समझ में आया। 

यह किताब आपको क्या सीखाती है? What does this book teach you?

कई लोगों को लोगों से हर वक्त घिरा रहना पसंद नहीं होता है। वे कोई लीडर या उद्यमी नहीं बनना चाहते हैं बल्कि वह अपना ज्यादा से ज्यादा समय अकेले ही व्यतीत करना चाहते हैं। उनकी लोगों से दोस्ती करने में और उन्हें प्रभावित करने में ज़रा सी भी रुचि नहीं होती है लेकिन फिर भी हम आपको कहेंगे कि ऐसे लोगों को भी यह पुस्तक पढ़नी चाहिए। भले की आप कोई भी हों, कुछ भी करते हों, आपकी जो भी पर्सनेलिटी टाइप personality type हो, आप हमेशा इस पुस्तक से कुछ सीख सकते हैं। इस पुस्तक को पढ़कर आप एक अच्छे लिसनर बन सकते हैं, आप दूसरों को और अच्छे से समझ सकते हैं और खुद को और अधिक पसंद करने योग्य making yourself more likeable बना सकते हैं। आइए जानते हैं कि आप ऐसा क्या कर सकते हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग आपको पसंद करें:-

यहाँ से आप खरीद सकते है हिंदी में उपलब्ध है


  • दूसरे लोगों में रुचि लेना शुरू करें
  • चेहरे पर एक स्माइल के साथ लोगों से बात करें
  • किसी भी व्यक्ति के लिए उसका नाम इस दुनिया का सबसे अच्छा शब्द होता है इसीलिए लोगों के नाम को याद रखें और बात करते वक्त उनके नाम का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
  • एक अच्छे श्रोता बनें good listener और लोगों को प्रोत्साहित करें कि वे आपसे अपने बारे में बात करें।
  • सामने वाले व्यक्ति को महत्वपूर्ण महसूस कराएं।

इन टिप्स को पढ़कर आपको ऐसा लग सकता है कि बाकी सेल्फ हेल्प बुक्स self help books में भी लगभग यही टिप्स और लेसन दिए जाते हैं तो हम डेल कार्नेगी की बुक क्यों पढ़ें। दरअसल, डेल कार्नेगी ने इन टिप्स को डिटेल्स में समझाया है और हर टिप्स के पीछे सही कारण बताए हैं। जैसे उन्होंने कहा है कि दूसरे लोगों में रुचि लेना शुरू करें। इससे उनका मतलब यह नहीं है कि आपको बस झूठ-मूठ का ही लोगों में रुचि लेना है Don’t fake interest in someone. आपको वास्तव में ये जानना है कि उस व्यक्ति की कौन सी आदत सबसे अच्छी है और आप उनसे उस चीज का जिक्र करें। 

डेल कार्नेगी ने अपनी इस किताब में कई टिप्स दी हैं और उन्होंने कई उदाहरण भी शामिल किए हैं। उन्होंने उन लोगों का भी जिक्र किया है जिन्होंने इन टिप्स को अपनाया है और उसके बाद उन्होंने जो बदलाव महसूस किए है। आइए जानते हैं कि आपको यह किताब क्यों पढ़नी चाहिए-

1. यह किताब आप कम समय में पढ़ सकते हैं 

इस किताब को पढ़ने में आपको 4 से 5 घंटे का समय लगेगा, जो की बेहद कम है क्योंकि आप इस किताब से बहुत कुछ सीखेंगे, इसीलिए सोने से पहले रोज़ 20 मिनट के लिए इस किताब को पढ़ें।

2. इस किताब में सरल भाषा का प्रयोग किया है

इस किताब में बेहद ही सरल भाषा का प्रयोग किया है और हर व्यक्ति इसे आसानी से समझ सकता है। अगर आप स्ट्रेसेड हैं, तो भी आप किताब को पढ़ सकते हैं क्योंकि इस किताब को पढ़ने के बाद आप अच्छा महसूस करेंगे। डेल कार्नेगी ने एक दोस्त की तरह इस किताब में सारी टिप्स बताई है। उन्होंने चीज़ों को उलझाया नहीं है और सीधे-सीधे सरल भाषा में हर टिप्स को समझाया है। 

3. आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ इन टिप्स का परीक्षण कर सकते हैं

सबसे कमाल की बात तो यह है कि आप इन टिप्स का परीक्षण अपने दोस्तों और फैमिली मेंबर्स पर कर सकते हैं। उसके बाद आप इन टिप्स का परीक्षण किसी सोशल सिचुएशन पर भी कर सकते हैं। 

4. इन टिप्स को अपनाने के लिए आपको खुद में कोई बड़े बदलाव नहीं लाने हैं 

डेल कार्नेगी द्वारा बताई गई इन टिप्स को अपनाने के लिए आपको खुद में कोई बड़े बदलाव लाने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि यह टिप्स इतनी आसान है कि आपको बस ये याद रखना है कि अगली बार जब मैं किसी से बात करूं तो इन टिप्स को एक बार ट्राई करूंगा। धीरे-धीरे ये आपकी आदत बन जाएगी। 

5. यह किताब सोशल एंजाइटी social anxiety में भी मदद करती है

कई ऐसे लोग हैं जो सोशल एंजाइटी से जूझते हैं और ऐसे लोगों ने कहा है कि इस किताब ने उनकी काफी मदद की है क्योंकि टिप्स को याद करना बेहद आसान है और ऐसे में जब आप इन टिप्स का इस्तेमाल करते हैं तो सामने वाला भी आपसे बात करने में रुचि दिखाता है। 

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निष्कर्ष

हम सभी बेहतर बनना चाहते हैं क्योंकि हमें पता है कि सेल्फ इंप्रूवमेंट की मदद से जिंदगी आसान हो जाती है। ऐसे में हमें कोई चाहिए जो हमें बता सके कि हमें कहाँ बदलाव की ज़रूरत है और किन चीजों को सुधारना है। डेल कार्नेगी द्वारा लिखी गई यह किताब सेल्फ इंप्रूवमेंट में आपकी मदद करती है। आप समझ पाते हैं कि आपको कहां खुद को सुधारना है और कौन सी ऐसी चीज़ें हैं जो आप हमेशा से गलत करते आए हैं। आपके मन में ये सवाल ज़रूर आया होगा कि 1936 में पब्लिश हुई यह किताब क्या आज भी हमारी उतनी ही मदद कर पाएगी तो इसका जवाब हां है। इस किताब को पढ़ने वाले कई लोगों ने बताया है कि यह एक बहुत अच्छी किताब है और ये हमेशा ही रिलेवेंट relevant रहेगी। 

Talk to someone about themselves and they'll listen for hours. - Dale Carnegie