डार्क वेब Dark Web क्या है और यह कैसे काम करता है?

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डार्क वेब Dark Web क्या है और यह कैसे काम करता है?
09 Sep 2022
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आज इंटरनेट हम सबके लिए कितना जरुरी हो गया है ये बताने की जरुरत नहीं है। देखा जाये तो इंटरनेट के आने के बाद पूरा विश्व एक मोबाइल में सिमट गया है। इंटरनेट ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है। हम सबने देखा कि जब कोविड-19 (Covid-19) प्रतिबंधों की वजह से लोग अपने-अपने घरों में कैद हो गए तब भी वर्चुअल सेमिनार हो रहे थे। इंटरनेट की वजह से ही वर्क फ्रॉम होम का कल्चर शुरू हुआ। इसने सूचना तंत्र को गति दी है। इसके आने के बाद कई स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। कुल मिलाकर इंटरनेट के कारण हर सेक्टर में बहुत अधिक विकास हुआ है। जहाँ एक तरफ इंटरनेट के आने के बाद विश्व को आगे बढ़ने का एक नया मौका मिला है और पूरा विश्व विकास की राह पर है। वहीं दूसरी तरफ इसका एक बेहद खतरनाक और डरावना पहलू भी सामने निकलकर आया है, जिसका नाम है डार्क वेब। यानि इंटरनेट की दुनिया को हम जितना सहज समझते हैं ये उतनी ही घातक भी है। डार्क वेब उसी खतरनाक दुनिया का हिस्सा है। यह इंटरनेट की काली दुनिया है और इसे अंधेरी दुनिया या डार्क वेब इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां तक पहुंचना सबके लिए संभव नहीं है। डार्क वेब का इस्तेमाल आमतौर पर हैकर करते हैं। यहां चुराए गए डाटा की खरीदफरोख्त होती है। कई अपराधों को अंजाम दिया जाता है। 'डार्क वेब' इंटरनेट की आभासी दुनिया का अछूता हिस्सा है जिसे इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति एक्सेस नहीं कर सकता है और इसके जरिए कई अवैध गतिविधियां होती हैं,आज हम इस आर्टिकल में विस्तार से आपको Dark Web के बारे में बताएँगे कि डार्क वेब क्या है और यह कैसे काम करता है। 

आज के समय में Internet हर चीज के लिए हमारी सबसे बड़ी जरुरत बन चुकी है। फिर चाहे वो online कुछ खरीदना हो,कोई जानकारी प्राप्त करनी हो या किसी से बातचीत करना हो, सभी information के लिए हम internet के ऊपर निर्भर हैं। इंटरनेट ने बिजनेस, एजुकेशन, कम्युनिकेशन Business, Education, Communication आदि विभिन्न क्षेत्रों में क्रांति ला दी है। इसी वजह से आज के दौर को डिजिटल युग digital age की संज्ञा दी जा रही है। इंटरनेट का एक स्वरूप तो हम देखते हैं जिसमें गूगल, याहू, फेसबुक, ट्विटर Google, Yahoo, Facebook, Twitter और अन्य कई वेबसाइटें होती है जिसे हर कोई खोल सकता है और देख सकता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इंटरनेट में एक दुनिया और भी बसी है जो बहुत ही खतरनाक है और जिसे हम Dark Web के नाम से जानते हैं। Dark Web नाम से शुरू की गयी ये तकनीक दुनिया में नयी संभावनाएं लेकर आयी थी लेकिन अब यह सेवा अपराधियों के लिए सुरक्षित आश्रय बन गई है और कई लोग इसे साइबर जगत cyber world का अंडरवर्ल्ड भी कहते हैं। वैसे तो कोई भी तकनीक जब आती है तो एक नया विकास होता है क्योंकि तकनीक कभी ग़लत नहीं होती है। बस ये हम पर निर्भर करता है कि हम लोग इसका उपयोग कैसे करते हैं। क्योंकि यदि हम इसका सही उपयोग करें तो ये हम सबके लिए लाभदायक साबित होगी अन्यथा इसका परिणाम सबके लिए घातक सिद्ध होगा। डार्क वेब इंटेरनेट का एक ऐसा हिस्सा बन गया है जिसका इस्तेमाल आजकल Drugs Trafficking और Hacking हैकिंग जैसे अवैध कार्यों के लिए किया जाने लगा है। तो चलिए डार्क वेब Dark Web क्या है और यह कैसे काम करता है विस्तार से जानते हैं। 

डार्क वेब क्या है What Is Dark Web

जैसे कि इसके नाम डार्क वेब से ही जाहिर है कि यह इंटरनेट की काली दुनिया है और इसे अंधेरी दुनिया the dark world या डार्क वेब इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां तक पहुंचना सबके लिए संभव नहीं है। क्योंकि इंटरनेट के इस हिस्से तक पहुंचने के लिए कई रास्ते अपनाने पड़ते हैं। जब आप Google पर कुछ सर्च करते हैं तो आपको कई सारे वेबसाइट दिखाई देते हैं क्योंकि गूगल ने उन वेबसाइटों को index किया होता है। ऐसी वेबसाइट जो index हो जाती हैं और जिन्हें आप देख पाते हो, Surface Web के अंतर्गत आती हैं। वहीं Dark Web में वैसी वेबसाइट शामिल होती हैं जो इंडेक्स नही होती है और यही वजह है कि आप उन्हें देख नही पाते। सबसे अहम बात यह है कि गूगल क्रोम, इंटरनेट एक्सप्लोरर और फायरफोक्स Google Chrome, Internet Explorer and Firefox जैसे ब्राउजर डार्क वेब पर मौजूद वेबसाइट नहीं खोलते हैं। इन वेबसाइट को खोलने के लिए टोर TOR या कुछ अन्य ब्राउजर की मदद लेनी होती है। इसके अलावा भी इन वेबसाइट तक पहुंचने के लिए कई तरह की जानकारियों की जरूरत पड़ती है। Dark Web यह एक ऐसी जगह है जो अवैध चीज़ों के लिए इस्तेमाल किया जाता है और जो आमतौर पर हमसे छुपा हुआ होता है। डार्क वेब एक ऐसी जगह है, जहां ड्रग्स, हथियार, अंडरवर्ल्ड, हैकिंग और गैरकानूनी काम होते हैं। इसके अलावा वित्तीय जानकारी, शरीर के अंग और यहां तक लोगों को भी बेचने का काम डार्क वेब के जरिये किया जाता है। इसके जरिए कई अवैध गतिविधियां illegal activities होती हैं, आम लोगों को ठगा जाता है और कई काले धंधे चलाए जाते हैं। यानि डार्क वेब पर ऐसी गतिविधियां होती हैं, जिनके बारे में आप सोच नहीं सकते हैं। यहां पर मानव तस्करी, ड्रग्स स्मगलिंग, सरकारों के डिफेंस सीक्रेट्स को हैक करना Human Trafficking, Drug Smuggling, Hacking Governments' Defense Secrets, Child Trafficking, हथियारों की खरीदारी और ऐसी कई खतरनाक चीजों को अंजाम दिया जाता है, जिनके बारे में कल्पना भी नहीं की जा सकती है। सरकारी-कॉर्पोरेट घोटालों का पर्दाफाश करने के लिए खोजी पत्रकार डार्क वेब का इस्तेमाल करते हैं। डार्क वेब का इस्तेमाल करना गैरकानूनी नहीं है इसे कोई भी एक्सेस कर सकता है लेकिन डार्क वेब का इस्तेमाल गैरकानूनी कामों के लिए नहीं होना चाहिए। वैसे डार्क वेब की खोज अमेरिका के खुफिया जासूसों US intelligence spies के लिए किया गया था, ताकि वो सुरक्षित ढंग से आपस में Communicate कर सके। डार्क वेब को, सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था लेकिन इसी का फायदा उठा कर गलत लोगो द्वारा इसका इस्तेमाल अवैध चीज़ों के लिए किया जाने लगा। आज भी कई खुफिया एजेंसियों और पत्रकारों द्वारा इसका इस्तेमाल गोपनीय डंग से एक दूसरे से बात करने में किया जाता है। Dark Web ऐसे वेबसाइटों का एक समूह है जिन्हें Search Engines जैसे - Google,Yahoo, Bing आदि द्वारा Index नही किया जाता। इंटरनेट का जितना हिस्सा हम प्रयोग करते हैं वह केवल 4 प्रतिशत है। इसे सरफेस वेब के नाम से जाना जाता है। वहीं इंटरनेट का बाकी बचा हुआ 96 प्रतिशत हिस्सा डार्क वेब है। डार्क वेब को आप सामान्य ढंग से एक्सेस नहीं कर सकते हैं। डार्क वेब पर कितनी वेबसाइट हैं और कौन लोग इन वेबसाइटों पर क्या करते हैं? उनका पता लगाना काफी मुश्किल है। डार्क वेब पर मौजूद वेबसाइटों के डोमेन नेम काफी सिक्योर और इनक्रिप्टेड होते हैं। इनके एक्सटेंशन के पीछे .com या .in नहीं बल्कि .Onion लगता है।

Dark Web कैसे काम करता है How does Dark Web work?

अन्य वेबसाइट के मुकाबले डार्क वेब के काम करने का तरीका बिल्कुल अलग होता है। क्योंकि इन डार्क वेब वेबसाइट को कोई भी आसानी से एक्सेस नहीं कर सकता है। गूगल क्रोम, मोज़िला फायरफॉक्स आदि नॉर्मल वेबसाइट की मदद से हम इन वेबसाइट तक नहीं पहुंच सकते हैं। सामान्यतः हम कुछ भी सर्च करने के लिए Chrome, Firefox, Mozilla जैसे ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं लेकिन Dark Web में मौजूद वेबसाइटों को Access करने के लिए दूसरे तरह के ब्राउज़र की जरूरत होती है जो कि सिर्फ डार्क वेब के लिए ही बनाये गए होते हैं। इन वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए हमें एक स्पेशल वेब ब्राउज़र की आवश्यकता पड़ती है जिसे Tor टोर कहा जाता है। Tor Browser, एक बहुत ही प्रसिद्ध ब्राउज़र है जिसका इस्तेमाल डार्क वेबसाइटों को एक्सेस करने के लिए To access dark websites किया जाता है। इस वेब ब्राउज़र की मदद इसे खोलना बहुत ही आसान होता है लेकिन कुछ चीज़ों का इसमें ध्यान रखना चाहिए। जैसे इसके लिए आपको एक secured VPN service की जरुरत होगी इसलिए अपने डेटा को secure रखने के लिए एक secured VPN service का इस्तेमाल करे। इसके लिए आप Nord VPN, Strong VPN, HideMyIP, Cactus VPN, Kepard VPN और HideIPVPN का इस्तेमाल कर सकते हैं। Tor Web Browser को हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट से ही डाउनलोड करें। Tor web browser को install कर लें, फिर सभी apps और programs को बंद कर दें जिससे आप आसानी से dark web में crawl कर सकें। डार्क वेब पर वेबसाइटों का उपयोग अक्सर अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है। कोई वेबसाइट पर गलत चीज़े बेच रहा है, तो कोई इसी वेबसाइटों के जरिये अपराध को अंजाम दे रहा है। TOR पर हमेशा आईपी अड्रैस बदलता रहता है, यही वजह है कि डार्क वेब पर काम करने वालों को पकड़ना लगभग नामुमकिन हो जाता है। यहां वेबसाइट होस्ट से लेकर विजिटर तक का नाम भी पता नहीं लगाया जा सकता। यही कारण है कि सरकारें भी डार्क वेब पर काम करने वाले अपराधियों तक जल्दी नहीं पहुंच पाती है और न इन पर रोक लगा पाती हैं। Tor का मतलब The Onion Routing Project होता है। इसे 2004 में जनता के लिए उपलब्ध कराया गया था। Tor Browser पहला ऐसा ब्राउज़र है जिसने डार्क वेब को एक्सेसिबल बनाया। बहुत से लोग जो डार्क वेब का उपयोग करते हैं, Tor Browser के मदद से ही करते हैं। और इसकी मुख्य वजह है Tor की सिक्यूरिटी।

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Dark Web का इस्तेमाल करना गैरकानूनी है Is It Illegal To Use The Dark Web?

वैसे Dark Web का इस्तेमाल करना गैरकानूनी तो नही है, दरअसल यह भी इंटरनेट का ही एक हिस्सा है जिसे आप किसी Browser के द्वारा इस्तेमाल करते हैं। वो अलग बात है कि लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं और Dark Web के द्वारा की जा रही कई गतिविधियां गैरकानूनी हैं। बैंकिंग और सुरक्षा से लेकर कई अहम जानकारियों से लैस इंटरनेट के लिए डार्क वेब एक बड़ा ख़तरा बनकर उभरा है। Dark Web हमें सार्वजनिक तौर पर दिखने वाले इंटरनेट से लगभग 96% बड़ा हो सकता है। टॉर के ज़रिए डार्क वेब तक लोग पहुंचते हैं। इसे रक्षा सेवाओं defense services के लिए प्रयोग किया जाता था, लेकिन अब इसे साइबर अपराधी तमाम ग़ैर कानूनी गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इन गैरकानूनी गतिविधियों से आपको बचना चाहिए। डार्क वेब को एक्सेस करना भी आपके लिए बहुत खरतनाक हो सकता है। Dark Web पर चल रही illegal गतिविधियों का आपको ध्यान रखना चाहिए। Dark Web के अन्दर बहुत' सारी गैरकानूनी गतिविधियाँ होती है इनका इस्तेमाल आपके लिए बेहद खतरनाक और घातक हो सकता है। आपके लिए जरूरी है कि आप Dark Web में चल रही गलत गतिविधियों के बारे में जानें और इससे दूर रहने का प्रयास करें।

 इस dark web में सभी चीज़ें शामिल है जैसे सरकारी या ग़ैरसरकारी जासूसी, online drugs selling, pornography, hacking, मानव तस्करी और अन्य सभी प्रकार के illegal चीजें जो हमारे नियमों के खिलाफ हैं और ये सब कुछ इंटरनेट की इस काली दुनिया में खुले आम होता है। dark websites और dark web को visit करना भी illegal होता है। डार्क वेब के जरिए कोई दूसरे के नेटफ्लिक्स अकाउंट, क्रेडिट कार्ड नंबर Netflix account, credit card number को भी हैक कर सकता है। लोगों की प्राइवेसी में भी सेंध लगाई जा सकती है और डार्क वेब पर ऐसे कई सॉफ्टवेयर मौजूद हैं जिसके जरिए दूसरों के कंप्युटर को हैक किया जा सकता है। 

क्या सिर्फ बुरे कामों के लिए इस्तेमाल होता है डार्क वेब ?

इसकी शुरुआत 90 के दशक में अमेरिका America ने की थी। अमेरिकी सेना ने पूरे विश्व भर में मौजूद अपने एजेंट्स के साथ खुफिया जानकारी को शेयर करने के लिए डार्क वेब को बनाया। डार्क वेब का अच्छा इस्तेमाल भी किया जा सकता है। जैसे यहां कुछ लापता चीजें भी खोजी जा सकती हैं और आप उन किताबों के ऑनलाइन वर्जन हासिल कर सकते हैं जो लंबे समय से प्रिंट नहीं हुए हैं। डार्कवेब पर पॉलिटिकल रिपोर्टिंग के कई अनछुए किस्से भी देखने को मिल सकते हैं। वहीं डार्क वेब पर मेन स्ट्रीम मीडिया की कई ऐसी रिपोर्ट्स भी पढ़ने को मिल सकती हैं जिन्हें हटा दिया गया है। बस इसके इस्तेमाल में आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत होती है। स्टेटिस्टिक्स की 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इसके सबसे ज्यादा सबसे ज्यादा यूज़र पाए गए हैं। पूरी दुनिया में इस्तेमाल कर रहे सभी लोगों में 26 प्रतिशत लोग भारत के हैं। अब डार्क वेब को एक सुरक्षित जगह के रूप में नहीं देखा जाता है। कई रिपोर्ट्स कहती हैं कि डार्क वेब पर करीब 50,000 से ज्यादा आतंकवादी ग्रुप हैं और न जाने कितने ऐसे खतरनाक काम हैं जो इस स्पेस से किये जाते हैं।