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Business Success Stories

Uday Kotak: कोटक महिंद्रा बैंक के बेमिसाल व्यवसायी

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Uday Kotak: कोटक महिंद्रा बैंक के बेमिसाल व्यवसायी

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Post Highlights

उदय कोटक एक भारतीय बैंकर, कार्यकारी महाप्रबंधक और कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक हैं। 22 मार्च 2003 को कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड को भारतीय रिजर्व बैंक से बैंकिंग लाइसेंस मिला था। भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में यह पहली कंपनी थी, जिसे बैंकिंग के लिए हरी झंडी मिली थी। उदय कोटक की कुल नेट वर्थ 16 अरब डॉलर है। उनका नाम अरबपतियों की सूची में गिना जाता है। वह भारत के सबसे बड़े और सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं और उनकी कुल संपत्ति और अधिक बढ़ रही है। पूरे भारत में उनके बैंक की 1250 से अधिक शाखाएँ हैं। उदय कोटक एक अभूतपूर्व व्यवसायी और एक शानदार उद्यमी हैं।

बैंकिंग क्षेत्र (Banking Sector) में कामयाबी के झंडे गाड़ने वाले उदय कोटक आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वह आज अपनी मेहनत के दम पर वह दुनिया के सबसे अमीर बैंकर हैं। उदय कोटक के सामने भी कई संकट आए, लेकिन उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उदय कोटक का नाम अरबपतियों की सूची list of billionaires में गिना जाता है और वह बड़े मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। चलिए जानते हैं उदय कोटक के जीवन, उनकी नेट वर्थ, उनका शानदार नेतृत्व और कैसे बना कोटक महिंद्रा बैंक Kotak Mahindra Bank भारत का दूसरा सबसे बड़ा निजी बैंक जो आज काफी सफल बैंक में से एक माना जाता है।

उदय कोटक का जीवन परिचय और शिक्षा (Uday Kotak Biography and Education)

उदय कोटक Uday Kotak का जन्म 15 मार्च 1959 को एक गुजरती परिवार में हुआ था, उनका परिवार मुंबई महाराष्ट्र में रहता है। उदय के पिताजी का नाम सुरेश कोटक Suresh Kotak है, उदय कोटक का पारिवारिक बिजनस कॉटन ट्रेडिंग का था। उदय कोटक का परिवार काफी बड़ा है इसके सदस्यों को संख्या लगभग 60 है। उदय पढाई में बचपन से ही अच्छे रहे हैं, गणित उनका पसंदीदा विषय maths his favorite subject रहा है साथ ही उन्हें क्रिकेट खेलना भी पसंद है। मतलब वह खेल और पढ़ाई दोनों में बढ़िया रहे हैं। वह सितार के भी शौकीन हैं। हिंदी मीडियम के विद्या मंदिर स्कूल से पढ़ाई कर उदय आज दुनिया के अरबपतियों में शामिल हैं। उदय कोटक ने सीडेनहम कॉलेज Sydenham College से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बाद में 1982 में जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज Jamnalal Bajaj Institute of Management Studies (मुंबई विश्वविद्यालय) से पोस्ट ग्रेजुएशन post graduation किया। उदय कोटक का विवाह पल्लवी कोटक Pallavi Kotak से वर्ष 1985 में हुआ था। उदय कोटक की सफलता का श्रेय उनकी पत्नी पल्लवी कोटक को भी दिया जाता है। क्योंकि उन्होंने उदय को खुद का काम करने की सलाह दी। इनके दो बच्चे है एक बेटा और एक बेटी। उन्होंने 26 साल की उम्र में फाइनेंस की शुरुआत की। कोटक ने कॉटन ट्रेडिंग बिजनेस cotton trading business में कुछ समय जरूर बिताया जो कि उनका पारिवारिक बिज़नेस था लेकिन उनकी मंजिल तो कहीं और ही थी उन्हें अपना एक अलग मुकाम बनाना था। उदय कोटक ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों से नौकरी के बहुत सारे प्रस्ताव मिलने के बाद भी अपना खुद का उद्यम शुरू किया। उन्हें अपने ऊपर पूरा भरोसा था और वह इस मामले में काफी दृढ़ थे कि उन्होंने अपनी खुद की वित्त कंपनी Finance company बनाई है। इसे बाद में उन्होंने कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड Kotak Mahindra Finance Limited का नाम दिया। 

क्रिकेटर बनने का था सपना पर बना दिया कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड

कहते हैं न कि कई बार हम सोचते कुछ और हैं और हो कुछ और जाता है। ऐसे ही उदय कोटक ने भी एक पेशेवर क्रिकेट खिलाड़ी बनने का सपना देखा था लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था। उदय कोटक के साथ अगर एक क्रिकेट हादसा न हुआ होता तो आज वह शायद  दुनिया के सबसे अमीर बैंकर न होते। दरअसल जब उदय 20 साल के थे तो तब एक गेंद उनके सर से टकरा गई थी। परिवार उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने कहा कि चोट ज्यादा है, इसलिए तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। इस वजह से उन्हें आपातकालीन सर्जरी से गुजरना पड़ा था और एक पेशेवर क्रिकेट खिलाड़ी बनने का अपना सपना छोड़ना पड़ा था। पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उदय कोटक ने 'कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड' से बिल डिस्काउंट सर्विस की शुरुआत की, फिर महिंद्रा ग्रुप का साथ मिलने के बाद यह कंपनी 'कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड' हो गई। आज मार्केट कैप के लिहाज से कोटक महिंद्रा बैंक देश के टॉप बैंकों में है।

कैसे की कोटक महिंद्रा बैंक की स्थापना 

उदय कोटक एक भारतीय बैंकर, कार्यकारी महाप्रबंधक और कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक Indian Banker, Executive General Manager and Managing Director of Kotak Mahindra Bank हैं। कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड एक भारतीय निजी क्षेत्र का बैंक Indian private sector bank है जिसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र Headquarters Mumbai, Maharashtra में है। उदय कोटक ने फिर अपने दोस्तों से उधार लेकर कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड कंपनी (kotak capital management finance Itd) शुरू की जो आज कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड (kotak mahindra finance limited) के नाम से जानी जाती है। दरअसल गुजरात के रहने वाले उदय कोटक ने 1985 में दोस्तों से 30 लाख रुपए उधार लेकर इन्वेस्टमेंट कंपनी की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने महिंद्रा ग्रुप Mahindra Group के साथ एक एग्रीमेंट किया। बस इसके बाद कंपनी ने अपना आगे विस्तार किया और बैंकिंग, बीमा, म्यूचुअल फंड और लोन देने Worked in banking, insurance, mutual funds and lending का काम किया। यानि यह व्यक्तिगत वित्त, निवेश बैंकिंग, जीवन बीमा और धन प्रबंधन के क्षेत्रों में कॉर्पोरेट और खुदरा ग्राहकों के लिए बैंकिंग उत्पाद और वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है। 2003 में RBI ने इसे बैंक का लाइसेंस bank license दे दिया और इसी के बाद कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत हुई। 

कैसे दिया नाम कोटक महिंद्रा

जब 1980 में कई विदेशी बैंक इंडिया आए तब उदय कोटक आनंद महिंद्रा Anand Mahindra से मिले। इसके बाद 1986 में आनंद ने उदय के साथ इन्वेस्ट किया और फिर कंपनी को नाम दिया- कोटक महिंद्रा। बस फिर क्या था 'कोटक' के मायने 'महिंद्रा' के नाम जुड़ने से पूरी तरह बदल गए और फिर यह सफलता की ऊंचाइयों को छूकर आगे बढ़ता रहा। दरअसल पोस्ट ग्रेजुएशन करने के उपरांत Uday Kotak ने “कोटक केपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड ” से बिल डिस्काउंट सर्विस की शुरुआत की। महिंद्रा ग्रुप के इसमे शामिल होने के बाद यह कंपनी ” कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड ” हो गयी। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से बिल डिस्काउंट सर्विस के छोटे से कारोबार को एक महान कंपनी में बदल दिया। उन्होंने आनंद महिंद्रा को सम्मानित करने के लिए महिंद्रा का इस्तेमाल किया, जिन्होंने उनके शुरुआती दिनों में उन पर बहुत विश्वास दिखाया है। परिवार और दोस्तों से पैसे उधार लेकर शुरू की गई एक कंपनी से लेकर भारत के दूसरे सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक बनने तक वह बस आगे बढ़ते गए हैं। 

अच्छी रणनीति और स्मार्ट तरीके से करते हैं काम

उदय कोटक भारतीय उद्योग जगत का जाना माना नाम है। वर्ष 2003 में “कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड ” भारतीय रिजर्व बैंक Reserve Bank of India से बेंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने वाली पहली कंपनी बन गयी है। कोटक का बैंक उस भारत देश में है जहां फिलहाल बैंकों के पास दुनिया में सबसे खराब ऋण अनुपात (bad-loan ratios) है। दरअसल 2015 में जब रिजर्व बैंक ने छानबीन शुरू की और कई बैंको में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का पता लगा। इससे एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (shadow-banking crisis) की समस्या सामने आई जिसने अर्थव्यवस्था पर काफी चोट पहुंचाई लेकिन कोटक महिंद्रा बैंक खुद को ढालने में सफल रहा। दरअसल उदय कोटक को इस बात की समझ है कि बैंक की सफलता के लिए कौन सी चीजें जरूरी हैं और कौन सी नहीं। वह अच्छे से जान गए हैं कि क्या चीज एक बैंक को सफल बनाती है। उन्हें पता है कि सिर्फ अच्छी खासी रणनीति ही नहीं बल्कि एक ऐसा शासन जो आपको भीड़ से अलग  दिखाए ये भी जरूरी होता है। वह वास्तव में दुनिया के सबसे स्मार्ट बैंकर smart banker हैं। कोटक महिंद्रा बैंक ने छोटी कंपनियों और असुरक्षित व्यक्तियों को कर्ज देना कम कर दिया। कोटक महिंद्रा बैंक ने खतरनाक सेक्टर में लोन देने से परहेज किया। अच्छी कंपनियों को लोन दिया। गवर्नेंस पर फोकस किया। शायद यही वजह है कि बैंक पर निवेशकों का फोकस रहा है। कोटक महिंद्रा जैसे बैंक के MD 61 वर्षीय उदय कोटक की रणनीति का ही परिणाम है कि बैंक अच्छा काम कर रहा है।

आनंद महिंद्रा ने उदय कोटक के लिए कही थी यह बात

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने उदय कोटक के लिए कहा था, 'जहां तक मेरा सवाल है तो मैं मानता हूं कि उदय के लिए दुनिया का सबसे अमीर बैंकर होना दुनिया का सबसे स्मार्ट बैंकरों में से एक होना है। वह जानते हैं कि बैंक के लिए स्मार्ट रणनीति ही नहीं बल्कि एक ऐसा प्रशासन भी जरूरी है जो कंपनी को आगे ले जाने में सहायक हो। महिंद्रा ग्रुप 1986 में कोटक से जुड़ा था। आज सबसे अमीर बैंकर होने के साथ उदय विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हैं जो उनकी काबिलियत को दर्शाता है। 

दरअसल उदय ने 1985 में परिवार और मित्रों से 30 लाख रुपये का कर्ज लेकर महिंद्रा के साथ भागीदारी में एक निवेश कंपनी शुरू की थी। बिल डिस्काउंट के काम के साथ शुरू हुई फर्म ने बाद में लोन पोर्टफोलियो, स्टॉक ब्रोकरिंग, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड्स में विस्तार किया। 2003 में आरबीआई की अनुमति के बाद यह ऋणदाता में बदल गई थी। उदय कोटक को सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में सूचीबद्ध किया गया था।

कोरोना महामारी में भी स्थिति रही बेहतर 

कोरोना वायरस के कारण जब भारतीय बैंकों की स्थिति काफी ख़राब है, उदय के कोटक महिंद्रा बैंक का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। कोरोना संकट के दौर में कोटक महिंद्रा बैंक पहली फर्म थी जिसने अपनी बैलेंस शीट मजबूत करने के लिए पूंजी जुटाई और निवेशकों का विश्वास बढ़ाया कि मौजूदा मंदी के बाद कंपनी की स्थिति सबसे बेहतर होगी। ये सब मुमकिन हो पाया है उदय कोटक की अच्छी रणनीति good strategy का इस्तेमाल करने से। बैंकिंग के मैदान में उदय कोटक का कोई मुकाबला नहीं है। 

कोटक महिंद्रा की अन्य कंपनियां (Kotak Mahindra Group Of Companies)

कोटक महिंद्रा बैक, (kotak mahindra bank) कोटक सिक्योरिटीज, (kotak securities) कोटक म्युचुअल फंड (kotak mutual fund) जैसे कई बिजनेस खड़े करने वाले उदय कोटक आज बिजनेस वर्ल्ड में बिजनेस टायकून हैं। उदय कोटक, कोटक महिंद्रा बैंक को देश और दुनिया में आगे बढ़ाते जा रहे हैं। उदय कोटक कहते हैं कि बैंक के 36 वर्षों के अस्तित्व में संस्था को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता बैंक का मूल सिद्धांत रही है। 1980 के दशक के शुरुआती दिनों में, जब भारत में आर्थिक विकास मूक था तब उदय कोटक ने खुद का  व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया। कुछ सालों की मेहनत के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय को वित्तीय सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों में विविधता दी, बिलों की छूट, स्टॉक ब्रोकिंग, निवेश बैंकिंग, कार वित्त, जीवन बीमा और म्यूचुअल फंड Bill Discounting, Stock Broking, Investment Banking, Car Finance, Life Insurance & Mutual Funds में एक प्रमुख उपस्थिति स्थापित की। कभी एक मध्यम वर्गीय परिवार के सदस्य रहे उदय कोटक आज देश और दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में शुमार हैं। उदय कोटक ने कहा है कि प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के तौर पर उनका मौजूदा कार्यकाल दिसंबर, 2023 तक है और उनके उत्तराधिकारी को लेकर बोर्ड सही समय पर फैसला लेगा।

उदय कोटक वेतन (Uday Kotak Salary)

आम तौर पर, वह हर साल 3.24 करोड़ रुपये का वार्षिक वेतन प्राप्त करता है। 2019 में, कोटक को 27 लाख रुपये के मासिक वेतन के साथ किसी भी भारतीय बैंक के सबसे अधिक भुगतान वाले सीईओ में से एक बताया गया था।

उदय कोटक नेट वर्थ और पुरस्कार

22 मार्च 2003 को कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड भारतीय रिज़र्व बैंक के बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में पहली कंपनी बन गई थी। आज की तारीख में कोटक महिंद्रा बैंक (Kotal Mahindra Bank) का मार्केट कैप करीब 3.55 लाख करोड़ रुपये है। अब, ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार 61 साल के कोटक के पास 16 बिलियन डॉलर की संपत्ति है। दुनियाभर के अमीरों की सूची में (नवंबर-2021) उदय कोटक 128वें पायदान पर हैं। संपत्ति आंकने वाली वेबसाइट फोर्ब्स forbes की मानें तो उदय कोटक सबसे अमीर बैंकरों में शामिल हैं। वह फोर्ब्स पत्रिका, यूएस द्वारा सूचीबद्ध वित्त में सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में एकमात्र भारतीय थे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक की बात करें तो ये निजी क्षेत्र के टॉप 5 बैंकों में शुमार है। 

अब बात करते हैं उदय कोटक को मिले पुरस्कारों की। उदय कोटक Uday Kotak ने अपने जीवन में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्हें 2014 में यंग वर्ल्ड इंटरप्रोयर young world entrepreneur के लिए नामित किया गया था। इंडिया टुडे पत्रिका ने 2017 की सूची में भारत के 50 सबसे शक्तिशाली लोगों में 8 वां स्थान दिया। बेस्ट CEO इन द वर्ल्ड का खिताब Best CEO in the World 2018 में CEO वर्ल्ड के द्वारा दिया गया।

Think with Niche पर आपके लिए और रोचक विषयों पर लेख उपलब्ध हैं एक अन्य लेख को पढ़ने के लिए कृपया नीचे  दिए लिंक पर क्लिक करे-

एन चंद्रशेखरन - इंटर्न से TATA Sons के चेयरमैन बनने तक का महान सफर

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बैंकिंग क्षेत्र (Banking Sector) में कामयाबी के झंडे गाड़ने वाले उदय कोटक आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वह आज अपनी मेहनत के दम पर वह दुनिया के सबसे अमीर बैंकर हैं। उदय कोटक के सामने भी कई संकट आए, लेकिन उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उदय कोटक का नाम अरबपतियों की सूची list of billionaires में गिना जाता है और वह बड़े मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। चलिए जानते हैं उदय कोटक के जीवन, उनकी नेट वर्थ, उनका शानदार नेतृत्व और कैसे बना कोटक महिंद्रा बैंक Kotak Mahindra Bank भारत का दूसरा सबसे बड़ा निजी बैंक जो आज काफी सफल बैंक में से एक माना जाता है।

उदय कोटक का जीवन परिचय और शिक्षा (Uday Kotak Biography and Education)

उदय कोटक Uday Kotak का जन्म 15 मार्च 1959 को एक गुजरती परिवार में हुआ था, उनका परिवार मुंबई महाराष्ट्र में रहता है। उदय के पिताजी का नाम सुरेश कोटक Suresh Kotak है, उदय कोटक का पारिवारिक बिजनस कॉटन ट्रेडिंग का था। उदय कोटक का परिवार काफी बड़ा है इसके सदस्यों को संख्या लगभग 60 है। उदय पढाई में बचपन से ही अच्छे रहे हैं, गणित उनका पसंदीदा विषय maths his favorite subject रहा है साथ ही उन्हें क्रिकेट खेलना भी पसंद है। मतलब वह खेल और पढ़ाई दोनों में बढ़िया रहे हैं। वह सितार के भी शौकीन हैं। हिंदी मीडियम के विद्या मंदिर स्कूल से पढ़ाई कर उदय आज दुनिया के अरबपतियों में शामिल हैं। उदय कोटक ने सीडेनहम कॉलेज Sydenham College से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बाद में 1982 में जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज Jamnalal Bajaj Institute of Management Studies (मुंबई विश्वविद्यालय) से पोस्ट ग्रेजुएशन post graduation किया। उदय कोटक का विवाह पल्लवी कोटक Pallavi Kotak से वर्ष 1985 में हुआ था। उदय कोटक की सफलता का श्रेय उनकी पत्नी पल्लवी कोटक को भी दिया जाता है। क्योंकि उन्होंने उदय को खुद का काम करने की सलाह दी। इनके दो बच्चे है एक बेटा और एक बेटी। उन्होंने 26 साल की उम्र में फाइनेंस की शुरुआत की। कोटक ने कॉटन ट्रेडिंग बिजनेस cotton trading business में कुछ समय जरूर बिताया जो कि उनका पारिवारिक बिज़नेस था लेकिन उनकी मंजिल तो कहीं और ही थी उन्हें अपना एक अलग मुकाम बनाना था। उदय कोटक ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों से नौकरी के बहुत सारे प्रस्ताव मिलने के बाद भी अपना खुद का उद्यम शुरू किया। उन्हें अपने ऊपर पूरा भरोसा था और वह इस मामले में काफी दृढ़ थे कि उन्होंने अपनी खुद की वित्त कंपनी Finance company बनाई है। इसे बाद में उन्होंने कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड Kotak Mahindra Finance Limited का नाम दिया। 

क्रिकेटर बनने का था सपना पर बना दिया कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड

कहते हैं न कि कई बार हम सोचते कुछ और हैं और हो कुछ और जाता है। ऐसे ही उदय कोटक ने भी एक पेशेवर क्रिकेट खिलाड़ी बनने का सपना देखा था लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था। उदय कोटक के साथ अगर एक क्रिकेट हादसा न हुआ होता तो आज वह शायद  दुनिया के सबसे अमीर बैंकर न होते। दरअसल जब उदय 20 साल के थे तो तब एक गेंद उनके सर से टकरा गई थी। परिवार उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने कहा कि चोट ज्यादा है, इसलिए तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। इस वजह से उन्हें आपातकालीन सर्जरी से गुजरना पड़ा था और एक पेशेवर क्रिकेट खिलाड़ी बनने का अपना सपना छोड़ना पड़ा था। पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उदय कोटक ने 'कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड' से बिल डिस्काउंट सर्विस की शुरुआत की, फिर महिंद्रा ग्रुप का साथ मिलने के बाद यह कंपनी 'कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड' हो गई। आज मार्केट कैप के लिहाज से कोटक महिंद्रा बैंक देश के टॉप बैंकों में है।

कैसे की कोटक महिंद्रा बैंक की स्थापना 

उदय कोटक एक भारतीय बैंकर, कार्यकारी महाप्रबंधक और कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक Indian Banker, Executive General Manager and Managing Director of Kotak Mahindra Bank हैं। कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड एक भारतीय निजी क्षेत्र का बैंक Indian private sector bank है जिसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र Headquarters Mumbai, Maharashtra में है। उदय कोटक ने फिर अपने दोस्तों से उधार लेकर कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड कंपनी (kotak capital management finance Itd) शुरू की जो आज कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड (kotak mahindra finance limited) के नाम से जानी जाती है। दरअसल गुजरात के रहने वाले उदय कोटक ने 1985 में दोस्तों से 30 लाख रुपए उधार लेकर इन्वेस्टमेंट कंपनी की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने महिंद्रा ग्रुप Mahindra Group के साथ एक एग्रीमेंट किया। बस इसके बाद कंपनी ने अपना आगे विस्तार किया और बैंकिंग, बीमा, म्यूचुअल फंड और लोन देने Worked in banking, insurance, mutual funds and lending का काम किया। यानि यह व्यक्तिगत वित्त, निवेश बैंकिंग, जीवन बीमा और धन प्रबंधन के क्षेत्रों में कॉर्पोरेट और खुदरा ग्राहकों के लिए बैंकिंग उत्पाद और वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है। 2003 में RBI ने इसे बैंक का लाइसेंस bank license दे दिया और इसी के बाद कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत हुई। 

कैसे दिया नाम कोटक महिंद्रा

जब 1980 में कई विदेशी बैंक इंडिया आए तब उदय कोटक आनंद महिंद्रा Anand Mahindra से मिले। इसके बाद 1986 में आनंद ने उदय के साथ इन्वेस्ट किया और फिर कंपनी को नाम दिया- कोटक महिंद्रा। बस फिर क्या था 'कोटक' के मायने 'महिंद्रा' के नाम जुड़ने से पूरी तरह बदल गए और फिर यह सफलता की ऊंचाइयों को छूकर आगे बढ़ता रहा। दरअसल पोस्ट ग्रेजुएशन करने के उपरांत Uday Kotak ने “कोटक केपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड ” से बिल डिस्काउंट सर्विस की शुरुआत की। महिंद्रा ग्रुप के इसमे शामिल होने के बाद यह कंपनी ” कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड ” हो गयी। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से बिल डिस्काउंट सर्विस के छोटे से कारोबार को एक महान कंपनी में बदल दिया। उन्होंने आनंद महिंद्रा को सम्मानित करने के लिए महिंद्रा का इस्तेमाल किया, जिन्होंने उनके शुरुआती दिनों में उन पर बहुत विश्वास दिखाया है। परिवार और दोस्तों से पैसे उधार लेकर शुरू की गई एक कंपनी से लेकर भारत के दूसरे सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक बनने तक वह बस आगे बढ़ते गए हैं। 

अच्छी रणनीति और स्मार्ट तरीके से करते हैं काम

उदय कोटक भारतीय उद्योग जगत का जाना माना नाम है। वर्ष 2003 में “कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड ” भारतीय रिजर्व बैंक Reserve Bank of India से बेंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने वाली पहली कंपनी बन गयी है। कोटक का बैंक उस भारत देश में है जहां फिलहाल बैंकों के पास दुनिया में सबसे खराब ऋण अनुपात (bad-loan ratios) है। दरअसल 2015 में जब रिजर्व बैंक ने छानबीन शुरू की और कई बैंको में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का पता लगा। इससे एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (shadow-banking crisis) की समस्या सामने आई जिसने अर्थव्यवस्था पर काफी चोट पहुंचाई लेकिन कोटक महिंद्रा बैंक खुद को ढालने में सफल रहा। दरअसल उदय कोटक को इस बात की समझ है कि बैंक की सफलता के लिए कौन सी चीजें जरूरी हैं और कौन सी नहीं। वह अच्छे से जान गए हैं कि क्या चीज एक बैंक को सफल बनाती है। उन्हें पता है कि सिर्फ अच्छी खासी रणनीति ही नहीं बल्कि एक ऐसा शासन जो आपको भीड़ से अलग  दिखाए ये भी जरूरी होता है। वह वास्तव में दुनिया के सबसे स्मार्ट बैंकर smart banker हैं। कोटक महिंद्रा बैंक ने छोटी कंपनियों और असुरक्षित व्यक्तियों को कर्ज देना कम कर दिया। कोटक महिंद्रा बैंक ने खतरनाक सेक्टर में लोन देने से परहेज किया। अच्छी कंपनियों को लोन दिया। गवर्नेंस पर फोकस किया। शायद यही वजह है कि बैंक पर निवेशकों का फोकस रहा है। कोटक महिंद्रा जैसे बैंक के MD 61 वर्षीय उदय कोटक की रणनीति का ही परिणाम है कि बैंक अच्छा काम कर रहा है।

आनंद महिंद्रा ने उदय कोटक के लिए कही थी यह बात

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने उदय कोटक के लिए कहा था, 'जहां तक मेरा सवाल है तो मैं मानता हूं कि उदय के लिए दुनिया का सबसे अमीर बैंकर होना दुनिया का सबसे स्मार्ट बैंकरों में से एक होना है। वह जानते हैं कि बैंक के लिए स्मार्ट रणनीति ही नहीं बल्कि एक ऐसा प्रशासन भी जरूरी है जो कंपनी को आगे ले जाने में सहायक हो। महिंद्रा ग्रुप 1986 में कोटक से जुड़ा था। आज सबसे अमीर बैंकर होने के साथ उदय विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हैं जो उनकी काबिलियत को दर्शाता है। 

दरअसल उदय ने 1985 में परिवार और मित्रों से 30 लाख रुपये का कर्ज लेकर महिंद्रा के साथ भागीदारी में एक निवेश कंपनी शुरू की थी। बिल डिस्काउंट के काम के साथ शुरू हुई फर्म ने बाद में लोन पोर्टफोलियो, स्टॉक ब्रोकरिंग, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड्स में विस्तार किया। 2003 में आरबीआई की अनुमति के बाद यह ऋणदाता में बदल गई थी। उदय कोटक को सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में सूचीबद्ध किया गया था।

कोरोना महामारी में भी स्थिति रही बेहतर 

कोरोना वायरस के कारण जब भारतीय बैंकों की स्थिति काफी ख़राब है, उदय के कोटक महिंद्रा बैंक का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। कोरोना संकट के दौर में कोटक महिंद्रा बैंक पहली फर्म थी जिसने अपनी बैलेंस शीट मजबूत करने के लिए पूंजी जुटाई और निवेशकों का विश्वास बढ़ाया कि मौजूदा मंदी के बाद कंपनी की स्थिति सबसे बेहतर होगी। ये सब मुमकिन हो पाया है उदय कोटक की अच्छी रणनीति good strategy का इस्तेमाल करने से। बैंकिंग के मैदान में उदय कोटक का कोई मुकाबला नहीं है। 

कोटक महिंद्रा की अन्य कंपनियां (Kotak Mahindra Group Of Companies)

कोटक महिंद्रा बैक, (kotak mahindra bank) कोटक सिक्योरिटीज, (kotak securities) कोटक म्युचुअल फंड (kotak mutual fund) जैसे कई बिजनेस खड़े करने वाले उदय कोटक आज बिजनेस वर्ल्ड में बिजनेस टायकून हैं। उदय कोटक, कोटक महिंद्रा बैंक को देश और दुनिया में आगे बढ़ाते जा रहे हैं। उदय कोटक कहते हैं कि बैंक के 36 वर्षों के अस्तित्व में संस्था को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता बैंक का मूल सिद्धांत रही है। 1980 के दशक के शुरुआती दिनों में, जब भारत में आर्थिक विकास मूक था तब उदय कोटक ने खुद का  व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया। कुछ सालों की मेहनत के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय को वित्तीय सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों में विविधता दी, बिलों की छूट, स्टॉक ब्रोकिंग, निवेश बैंकिंग, कार वित्त, जीवन बीमा और म्यूचुअल फंड Bill Discounting, Stock Broking, Investment Banking, Car Finance, Life Insurance & Mutual Funds में एक प्रमुख उपस्थिति स्थापित की। कभी एक मध्यम वर्गीय परिवार के सदस्य रहे उदय कोटक आज देश और दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में शुमार हैं। उदय कोटक ने कहा है कि प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के तौर पर उनका मौजूदा कार्यकाल दिसंबर, 2023 तक है और उनके उत्तराधिकारी को लेकर बोर्ड सही समय पर फैसला लेगा।

उदय कोटक वेतन (Uday Kotak Salary)

आम तौर पर, वह हर साल 3.24 करोड़ रुपये का वार्षिक वेतन प्राप्त करता है। 2019 में, कोटक को 27 लाख रुपये के मासिक वेतन के साथ किसी भी भारतीय बैंक के सबसे अधिक भुगतान वाले सीईओ में से एक बताया गया था।

उदय कोटक नेट वर्थ और पुरस्कार

22 मार्च 2003 को कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड भारतीय रिज़र्व बैंक के बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में पहली कंपनी बन गई थी। आज की तारीख में कोटक महिंद्रा बैंक (Kotal Mahindra Bank) का मार्केट कैप करीब 3.55 लाख करोड़ रुपये है। अब, ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार 61 साल के कोटक के पास 16 बिलियन डॉलर की संपत्ति है। दुनियाभर के अमीरों की सूची में (नवंबर-2021) उदय कोटक 128वें पायदान पर हैं। संपत्ति आंकने वाली वेबसाइट फोर्ब्स forbes की मानें तो उदय कोटक सबसे अमीर बैंकरों में शामिल हैं। वह फोर्ब्स पत्रिका, यूएस द्वारा सूचीबद्ध वित्त में सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में एकमात्र भारतीय थे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक की बात करें तो ये निजी क्षेत्र के टॉप 5 बैंकों में शुमार है। 

अब बात करते हैं उदय कोटक को मिले पुरस्कारों की। उदय कोटक Uday Kotak ने अपने जीवन में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्हें 2014 में यंग वर्ल्ड इंटरप्रोयर young world entrepreneur के लिए नामित किया गया था। इंडिया टुडे पत्रिका ने 2017 की सूची में भारत के 50 सबसे शक्तिशाली लोगों में 8 वां स्थान दिया। बेस्ट CEO इन द वर्ल्ड का खिताब Best CEO in the World 2018 में CEO वर्ल्ड के द्वारा दिया गया।

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