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स्टार्टअप फेलियर के कारण

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स्टार्टअप फेलियर के कारण
20 Nov 2021
8 min read
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अपना खुद का आइडिया idea लोगों के सामने पेश करना और फिर रिजेक्ट reject होना, कोई नहीं चाहता उसके साथ ऐसा हो लेकिन जाहिर सी बात है अगर कोई स्टार्टअप फेल हो रहा है, तो उसके पीछे कई कारण होंगे। अच्छे से अच्छे स्टार्टअप की असफलता के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसे शुरुआत में उद्यमी इग्नोर करते हैं।

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स्टार्टअप startup शुरू करने से पहले ही लोगों के मन में ये ख्याल आता है कि अगर स्टार्टअप फेल startup fail हो गया तो क्या होगा? दरअसल लोगों के मन में ये सवाल आने के कई कारण हैं। कई शोधों से पता चलता है कि 90 प्रतिशत स्टार्टअप शुरुआत के एक महीने में ही फेल हो जाते हैं, उसके बाद बचे हुए 10 प्रतिशत स्टार्टअप में से 5 प्रतिशत स्टार्टअप आने वाले 6 महीने में बंद हो जाते हैं और बचे हुए 5 प्रतिशत स्टार्टअप में 3 प्रतिशत स्टार्टअप करीब एक साल बाद बंद हो जाते हैं। यानी सिर्फ 2 प्रतिशत स्टार्टअप ही सफल हो पाते हैं। 

अपना खुद का आइडिया idea लोगों के सामने पेश करना और फिर रिजेक्ट होना, कोई नहीं चाहता उसके साथ ऐसा हो लेकिन जाहिर सी बात है अगर कोई स्टार्टअप फेल हो रहा है तो उसके पीछे कई कारण होंगे। अच्छे से अच्छे स्टार्टअप startup की असफलता failure के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसे शुरुआत में उद्यमी इग्नोर करते हैं। आइए जानते हैं कि किन कारणों की वजह से स्टार्टअप फेल हो जाते हैं

सारा काम एंप्लॉय पर छोड़ देना

स्टार्टअप फेलियर का सबसे बड़ा कारण यह है कि उद्यमी entrepreneur खुद काम नहीं करना चाहते हैं और वे काम का सारा बोझ टीम team पर छोड़ देते हैं। शुरुआत के दिनों में पूरी टीम मिलकर काम करती है लेकिन कुछ समय बाद उद्यमी काम करना बंद कर देते हैं और टीम से उम्मीद करते हैं कि वे लोग सारा काम करें। 

एलन मस्क elon musk ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह नहीं चाहते कि उनकी टीम पर काम का सारा बोझ हो और वह कही छुट्टियां मना रहे हैं और आराम कर रहे हों। हर उद्यमी को इससे यह सीख लेनी चाहिए कि स्टार्टअप आपका है, आइडिया आपका है, तो मेहनत भी आपकी ही होनी चाहिए। आप टीम पर सारा काम छोड़ नहीं सकते हैं।

टीम का साथ में मिलकर काम न करना poor team coordination

स्टार्टअप पर कई लोग मिल कर काम करते हैं और ऐसे में लोगों को अपनी बात रखना अच्छा लगता है और हर कोई चाहता है कि उसके आइडिया पर ही काम हो। इसी तरह की छोटी-छोटी बातों की वजह से देखा जाता है टीम में सही ताल-मेल नहीं रहता है और जब टीम में आपस में लोगों की बनेगी नहीं तो काम करना मुश्किल है।

स्ट्रेटजी पर अमल ना करना 

स्ट्रेटजी strategy बनाना कठिन है लेकिन उसपर अमल करना उससे भी ज्यादा कठिन है। जब स्टार्टअप को बड़े लेवल पर ले जाने की बात आती है तो उसमें सबसे बड़ा रोल स्ट्रेटजी का होता है और अगर आपने स्ट्रेटजी के हिसाब से काम नहीं किया तो असफल होने के चांसेज बढ़ जाते हैं।

पैसे की कमी होना cost issues

स्टार्टअप में लोग पैसे तो लगा देते हैं लेकिन एक सीमित समय के लिए क्योंकि उद्यमी जो स्ट्रेटजी बनाते हैं उसके हिसाब से उन्हें लगता है कि इतने दिनों बाद स्टार्टअप से कुछ न कुछ पैसा तो आने ही लगेगा। अक्सर देखा जाता है कि जब एक सीमित समय के बाद पैसा नहीं आता है तो उद्यमी और उनकी टीम को न चाहते हुए भी स्टार्टअप को बंद करना पड़ता है। 

दूसरे उद्यमियों की सही प्लानिंग

कोई भी उद्यमी फेल नहीं होना चाहता है। अगर आप मेहनत करते हुए आगे बढ़ना चाहते हैं तो यही सोच आपके प्रतिस्पर्धी competitors की भी होती है। स्टार्टअप का एक-एक स्टेप आपको सोच समझ कर लेना होगा नहीं तो दूसरे उद्यमी अपनी सही प्लानिंग की वजह से सफल हो जाएंगे और आपका स्टार्टअप फेल हो जाएगा।

इनोवेटिव आइडिया की कमी

किसी को भी वही पुराना नकल किया गया हुआ आइडिया नहीं पसंद आता है। अगर ऐसा कुछ करना है जो लोगों का ध्यान आपके स्टार्टअप की तरफ खींचे तो आपको इनोवेटिव आइडियाज innovative ideas के साथ आना होगा।

गलत सलाह पर अमल करना

जो आपको गाइड कर रहा है वह इंसान नकारात्मक नहीं होना चाहिए। आप चाहकर भी अच्छा नहीं कर पाएंगे अगर आपके मन में कोई बार-बार यह डर बैठा रहा हो कि आप फेल हो जाओगे। किसी की भी बुरी सलाह को मत सुनिए और ऐसे लोगों से बात करिए जो आपको मोटिवेट करें।