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Entrepreneurship Startup

MBA चाय वाले से लें उद्यमिता की प्रेरणा

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MBA चाय वाले से लें उद्यमिता की प्रेरणा

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Post Highlights

MBA चाय वाले ने कुछ कर गुजरने की ठानी, खुद का बिजनेस शुरू किया। आज वह इतने सफल बन चुके हैं की बड़ी-बड़ी संस्थाओं में वह लोगों को प्रेरित करने के लिए जाते हैं।

आज हम आपको ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कभी एमबीए MBA में पढ़ाई करके अपने आप को भविष्य में आगे बढ़ाने के बारे में सोचा था, लेकिन बात कुछ जमी नहीं और आज वह एक सफल उद्यमी Entrepreneur बनकर देश में बड़ा नाम कमा रहें हैं। हम बात कर रहे हैं प्रफुल्ल बिलौरे Praful Billaure की जो मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के रहने वाले हैं, उनका सपना था कि वह किसी भी तरह आईआईएम IIM में पढ़ाई करें और एमबीए की डिग्री हासिल करें, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने आईआईएम में दाखिला ना मिलने पर हिम्मत नहीं हारी। कुछ कर गुजरने की ठानी, खुद का बिजनेस शुरू किया। आज वह इतने सफल बन चुके हैं की बड़ी-बड़ी संस्थाओं में वह लोगों को प्रेरित करने के लिए जाते हैं।

कैसे हुआ यह किस्सा शुरू

प्रफुल्ल धार के एक छोटे से गांव में रहने वाले किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका सपना था कि वह आईआईएम से उद्यमिता और बिजनेस Entrepreneurship and Business में डिग्री हासिल करें, इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और अहमदाबाद Ahmedabad जाकर एमबीए के लिए बड़े पैमाने पर होने वाले कॉमन एडमिशन टेस्ट CAT की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने इस परीक्षा को पास करने के लिए करीब 3 साल लगा दिए। 3 साल में भी जब उनका दाखिला आईआईएम जैसी बड़ी संस्था में नहीं हो पाया, तो वह नौकरी के लिए मुंबई Mumbai चल दिए, यहां भी कोई बात नहीं बनी, तो वह वापस अहमदाबाद आ गए। उन्होंने यहां नौकरियां की, कुछ जगहों पर 12 घंटे और कुछ जगहों पर कम पैसों में भी काम किया।

कम पैसों में कारोबार करने के बारे में बनाई योजना

काफी दिक्कत झेलने के बाद प्रफुल्ल को एहसास हो चुका था कि वह नौकरी के लिए नहीं बने हैं। उन्होंने अपने खुद के बिजनेस Business के बारे में योजना बनाना शुरू कर दिया। बिजनेस को शुरू करने के लिए उनके पास पैसों की किल्लत थी। उन्होंने कम पैसों में कारोबार शुरू करने पर विचार किया। 

पिताजी से झूठ बोलकर लिए रुपए

व्यवसाय के बारे में योजना बनाने के बाद उन्होंने पिताजी से झूठ बोलकर 10 हजार रुपए ले लिए, फिर क्या था उन्होंने एक कॉलेज के सामने एक चाय का स्टाल लगा लिया। 

ऐसे बने MBA चाय वाला

चाय की दुकान पर शुरू-शुरू में ग्राहकों की कमी देखी जा सकती थी, लेकिन उन्होंने खुद ही चाय बनाकर लोगों को देना शुरू किया। वह इंग्लिश में बात करते हुए लोगों को चाय पिलाया करते थे। यह अंदाज लोगों को पसंद आया और फिर दुकान पर लोगों का तांता लगने लगा। उन्होंने अपनी दुकान का नाम 'मिस्टर बिलौरे अहमदाबाद चाय वाला' रख लिया था, जिसे शॉर्ट फॉर्म में एमबीए चायवाला नाम से जाना जानें लगा। इसी तरह कहानी आगे बढ़ी और एमबीए चाय वाले के नाम से प्रफुल्ल मशहूर होते गए।

आज प्रफुल्ल करोड़ों में खेल रहे हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब चाय का बिजनेस शुरू होने के बाद उन्हें कुछ दिनों में वह चाय का स्टाल किसी कारण से बंद करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी दुकान लेकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।

आज 22 जगहों पर छा रहा है MBA चाय वाला

प्रफुल्ल की मेहनत रंग लाई और आज भारत में एमबीए चाय वाले की 22  से ज्यादा दुकानें मौजूद है। प्रफुल्ल की पकड़ सोशल मीडिया पर भी शानदार है, उनके इंस्टाग्राम Instagram पर 5.5 लाख से भी ज्यादा चाहने वाले हैं। इसके अलावा वह अपने बिजनेस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ले जाने वाले हैं। बताया जाता है कि उनका एक स्टॉल विदेश में भी खुलने वाला है।

प्रफुल्ल पैसा कमाने को लेकर एक ही बात कहते हैं कि “कोई काम छोटा बड़ा नहीं होता और हर चीज से पैसा कमाया जा सकता है। बस आपको कमाने की कला में माहिर होना जरूरी है”। 

आप देख सकते हैं किस तरह एक आम इंसान ने अपने करोड़पति बनने तक का सफर तय किया है। जो लड़का कभी एमबीए में पढ़ाई के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था, आज देश की आईआईएम जैसी कई बड़ी संस्थाएं उसे विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए बुलाती हैं।

आज हम आपको ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कभी एमबीए MBA में पढ़ाई करके अपने आप को भविष्य में आगे बढ़ाने के बारे में सोचा था, लेकिन बात कुछ जमी नहीं और आज वह एक सफल उद्यमी Entrepreneur बनकर देश में बड़ा नाम कमा रहें हैं। हम बात कर रहे हैं प्रफुल्ल बिलौरे Praful Billaure की जो मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के रहने वाले हैं, उनका सपना था कि वह किसी भी तरह आईआईएम IIM में पढ़ाई करें और एमबीए की डिग्री हासिल करें, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने आईआईएम में दाखिला ना मिलने पर हिम्मत नहीं हारी। कुछ कर गुजरने की ठानी, खुद का बिजनेस शुरू किया। आज वह इतने सफल बन चुके हैं की बड़ी-बड़ी संस्थाओं में वह लोगों को प्रेरित करने के लिए जाते हैं।

कैसे हुआ यह किस्सा शुरू

प्रफुल्ल धार के एक छोटे से गांव में रहने वाले किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका सपना था कि वह आईआईएम से उद्यमिता और बिजनेस Entrepreneurship and Business में डिग्री हासिल करें, इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और अहमदाबाद Ahmedabad जाकर एमबीए के लिए बड़े पैमाने पर होने वाले कॉमन एडमिशन टेस्ट CAT की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने इस परीक्षा को पास करने के लिए करीब 3 साल लगा दिए। 3 साल में भी जब उनका दाखिला आईआईएम जैसी बड़ी संस्था में नहीं हो पाया, तो वह नौकरी के लिए मुंबई Mumbai चल दिए, यहां भी कोई बात नहीं बनी, तो वह वापस अहमदाबाद आ गए। उन्होंने यहां नौकरियां की, कुछ जगहों पर 12 घंटे और कुछ जगहों पर कम पैसों में भी काम किया।

कम पैसों में कारोबार करने के बारे में बनाई योजना

काफी दिक्कत झेलने के बाद प्रफुल्ल को एहसास हो चुका था कि वह नौकरी के लिए नहीं बने हैं। उन्होंने अपने खुद के बिजनेस Business के बारे में योजना बनाना शुरू कर दिया। बिजनेस को शुरू करने के लिए उनके पास पैसों की किल्लत थी। उन्होंने कम पैसों में कारोबार शुरू करने पर विचार किया। 

पिताजी से झूठ बोलकर लिए रुपए

व्यवसाय के बारे में योजना बनाने के बाद उन्होंने पिताजी से झूठ बोलकर 10 हजार रुपए ले लिए, फिर क्या था उन्होंने एक कॉलेज के सामने एक चाय का स्टाल लगा लिया। 

ऐसे बने MBA चाय वाला

चाय की दुकान पर शुरू-शुरू में ग्राहकों की कमी देखी जा सकती थी, लेकिन उन्होंने खुद ही चाय बनाकर लोगों को देना शुरू किया। वह इंग्लिश में बात करते हुए लोगों को चाय पिलाया करते थे। यह अंदाज लोगों को पसंद आया और फिर दुकान पर लोगों का तांता लगने लगा। उन्होंने अपनी दुकान का नाम 'मिस्टर बिलौरे अहमदाबाद चाय वाला' रख लिया था, जिसे शॉर्ट फॉर्म में एमबीए चायवाला नाम से जाना जानें लगा। इसी तरह कहानी आगे बढ़ी और एमबीए चाय वाले के नाम से प्रफुल्ल मशहूर होते गए।

आज प्रफुल्ल करोड़ों में खेल रहे हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब चाय का बिजनेस शुरू होने के बाद उन्हें कुछ दिनों में वह चाय का स्टाल किसी कारण से बंद करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी दुकान लेकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।

आज 22 जगहों पर छा रहा है MBA चाय वाला

प्रफुल्ल की मेहनत रंग लाई और आज भारत में एमबीए चाय वाले की 22  से ज्यादा दुकानें मौजूद है। प्रफुल्ल की पकड़ सोशल मीडिया पर भी शानदार है, उनके इंस्टाग्राम Instagram पर 5.5 लाख से भी ज्यादा चाहने वाले हैं। इसके अलावा वह अपने बिजनेस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ले जाने वाले हैं। बताया जाता है कि उनका एक स्टॉल विदेश में भी खुलने वाला है।

प्रफुल्ल पैसा कमाने को लेकर एक ही बात कहते हैं कि “कोई काम छोटा बड़ा नहीं होता और हर चीज से पैसा कमाया जा सकता है। बस आपको कमाने की कला में माहिर होना जरूरी है”। 

आप देख सकते हैं किस तरह एक आम इंसान ने अपने करोड़पति बनने तक का सफर तय किया है। जो लड़का कभी एमबीए में पढ़ाई के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था, आज देश की आईआईएम जैसी कई बड़ी संस्थाएं उसे विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए बुलाती हैं।




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