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जोमैटो सक्सेस स्टोरी (Success Story of Zomato)

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जोमैटो सक्सेस स्टोरी (Success Story of Zomato)
02 Jun 2022
7 min read
TWN Special

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हमने कितनी बार सुना है कि एक छोटा व्यवसाय बहुत तेज गति से बढ़ रहा है  और अंततः एक करोड़ डॉलर का उद्यम बन गया है? ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुत करती  है  जोमैटो की सफलता की कहानी Zomato Success Story! ज़ोमैटो एक खाद्य वितरण सेवा Food Delivery Service है जो हमें जब चाहें तुरंत रात का खाना खाने की सुविधा प्रदान करता है ! Zomato ने महामारी के दौरान लोगों की मदद करने में बड़ी भूमिका निभाई। जब ज्यादातर रेस्टोरेंट बंद थे, तो Zomato बिना किसी परेशानी के खाना डिलीवर कर रहा था! वास्तव में यह अपने मिशन द्वारा वास्तविक अर्थों में जीया है - "अधिक लोगों के लिए बेहतर भोजन!" Foodiebay से Zomato की यात्रा गंतव्य से अधिक रोमांचक है। तो, इस लेख में, हम जानेंगे कि Zomato इतना लोकप्रिय क्यों है!

 

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आज आपको खाने की व्यवस्था के बारे में सोचने की ज़रूरत नहीं है! आपको बस अपना स्मार्टफोन Smartphones उठाना है, जोमाटो का एप खोलना है और अपनी मनपसंद डिश का चयन करना है और पेमेंट करना है! ज़ोमैटो कुछ ही मिनटों में आपके लिए बाकी काम कर देगा! आपका पसंदीदा खाना बिना किसी झंझट के आपके दरवाजे तक पहुंच जाएगा! और सबसे अच्छी बात तो ये है इस पूरे  प्रोसेस में आपको बहुत सारे ऑफर्स भी मिलते है तो यह Zomato और उसके उपभोक्ताओं Consumers के लिए फायदे की स्थिति है! और इसलिए हम समझ सकते हैं और इसलिए हम समझ सकते हैं कि Why Is Zomato Successful

जोमैटो की सफलता की कहानी (The Zomato Success Story):

सफलता उन्हें नहीं मिलती जो केवल इसके बारे में सोचते हैं! सफलता उन्हें मिलती है जो इसे हासिल करना समझते हैं और इसके लिए कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं! आज के समाज में सफल होने के लिए आपको सिर्फ बुद्धि से कुछ ज्यादा की जरूरत है; आपको वर्तमान में चल रहे कई रुझानों के बारे में पूरी तरह से जागरूकता की भी आवश्यकता है। जोमैटो के संस्थापक पंकज चड्ढा Pankaj Chadha और दीपिंदर गोयल Deepinder Goyal उपभोक्ता की जरूरतों से अच्छी तरह वाकिफ थे! वे स्थिति का आकलन करना भी जानते थे!

उन्होंने माना कि खाना ही एक ऐसी चीज है जो लोगों को आसानी से अपनी ओर खींच सकती है। उनमें समय की आवश्यकता को पहचानने की अदभुत क्षमता है! लोगों को, चाहे वह घर पर हो या काम पर, अच्छे खाना  की सख्त जरूरत होती है। लेकिन उनके पास या तो तैयार करने का समय नहीं है या फिर उनके पास इसे खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं! साथ ही, भोजन वितरण ऐप Food Delivery Applications जैसी अत्याधुनिक तकनीक की प्रगति ने उन्हें अपनी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए पंख दिए हैं।

केस स्टडी (The Zomato Success Story Case Study):

Zomato की शुरुवात 10 साल पहले दीपिंदर गोयल और और उनके दोस्त Pankaj Chaddha ने करी थी। वो दोनों ही IIT Delhi के स्टूडेंट्स रहे थे। उन्होने साथ में ही अपना कॉलेज पास आउट करा और उसके बाद साथ में ही एक मैनेजमेंट कंसल्टेंट कंपनी Bain & Company में जॉब करने लगी। यहाँ काम करते हुए उन्होने नोटिस किया कि लोग रेस्टॉरेंट जाकर मेनू देखने में ही काफी टाइम वेस्ट  कर देते हैं। फिर इसी टाइम को कंज्यूम करने के लिए दीपिंदर के मन में एक आईडिया आया कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाये कि लोगों को बाहर जाकर मेनू देखने में ही टाइम न बर्बाद  करना पड़े। और वह जहाँ है वही ऑनलाइन मेनू चेक कर सके। 

शुरुआत  में तो इस वेबसाइट पर काफी कम रेस्टोरेंट की इनफार्मेशन उपलब्ध  थी। लेकिन धीरे-धीरे दिल्ली से बढ़कर मुंबई और कोलकाता तक पहुंच गई। जैसे-जैसे एप्प पॉपुलर होती गई इस एप्प के यूजर बढ़ते गए । और फिर लोगों का उतना टाइम भी बर्बादनहीं होता था जितना की पहले हुआ करता था।

जोमैटो का आगमन (The arrival of Zomato):

इसके लिए उन्होंने एक वेबसाइट बनाई Foodiebay.com, जिसमे हर रेस्टोरेंट का मेनू कार्ड Restaurant Menu Card अवेलेबल होता था। इससे लोग ऑनलाइन जाकर ही रेस्टॉरेंट में उपलब्ध फ़ूड और उसका प्राइस देख लेते थे और साथ एक साइड रेटिंग का भी ऑप्शन था, जिसके माध्यम से लोगों को पता चल सकता था कि कौन सा रेस्टॉरेंट अच्छा था और कौन सा नहीं।

पंकज चड्ढा और दीपिंदर गोयल ने इसे और अधिक आकर्षक और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए 'फूडीबे' नाम दिया। क्योंकि कई लोगों ने इसे ईबे के लिए गलत समझा, उन्हें नाम बदलना पड़ा। 2010 में, टमाटर के साथ Rhyme करने वाले शब्द 'Zomato' की शुरुआत हुई! टमाटर शब्द खाने से जुड़ा हैं, इसलिए 'Zomato!' दीपिंदर गोयल के अनुसार,टाइटल में 'Z' एक अतिरिक्त ज़िंग Zing प्रदान करता है! तो नया मॉनीकर है। 

जोमैटो रेवेन्यू सिस्टम (Zomato Revenue System):

यह Zomato की सफलता की कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है! Zomato अपनी कमाई विज्ञापनों से करता है। इसके अलावा, जोमैटो एक विशिष्ट शहर के अधिकांश रेस्टॉरेंट से जुड़ा हुआ है। वे ग्राहकों से ऑर्डर लाने के लिए कमीशन देते हैं। इस तरह, Zomato एप्लिकेशन से अपने लाभ को बढ़ाता है!

सफलता के मार्ग में बाधाएँ (The Hurdles on the Road to Glory):

2011 में Zomato दूसरी स्टेट में एक्सपेंड करने लगा। किसी भी बिज़नेस को एक्सपेंड और स्केल करने के लिए कंपनीज को फंडिंग की जरुरत होती है। और इसलिए Zomato ने भी फंडिंग की तलाश शुरू कर दी। कुछ समय बाद जब  naukri.com के फाउंडर  संजीव बिखचंदानी को इनकी वेबसाइट के बारे में पता चला तो उन्होंने Zomato को 1 मिलियन डॉलर्स की फंडिंग दी। साथ ही Info Adge (India) से भी इन्हे 3.5 मिलियन डॉलर्स की फंडिंग मिली। और फिर बाद में समय के साथ और ज्यादा लोग आगे आए और Zomato को फंडिंग दी।

जिन जिन लोगों ने Zomato में अपना पैसा इन्वेस्ट करा था, उन सब ने आगे चलकर खूब अच्छा प्रॉफिट कमाया। बढ़ती ग्रोथ के साथ Zomato ने अपना App भी लांच करा। इसके बाद लोगों ने इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। हालाँकि शुरुवात में Zomato इतना अच्छा बेनिफिट नहीं ले पा रही थी पर जैसे ही jio आया इंटरनेट की बेटर सर्विसेस की वजह  से लोग ज्यादा से ज्यादा इसका यूज़ करने लगे। और आज Zomato 24 अलग-अलग स्टेट्स में फ़ूड डिलीवर कर रही है।

जोमैटो मोटो एंड मिशन (Zomato Motto and Mission):

Zomato ने एक नई टैगलाइन पेश की है,'Every Meal Matters'! ग्राहक सहायता टीम सक्रिय है। यह ग्राहक द्वारा दिए गए हर एक आर्डर की परवाह करता है। ग्राहक खुश रहता हैं, और वे Zomato के माध्यम से ऑर्डर करना पसंद करते हैं!

इसके अलावा, Zomato ने महामारी के दौरान लोगों की मदद करने में बड़ी भूमिका निभाई। जब ज्यादातर रेस्टोरेंट बंद थे, तो Zomato बिना किसी परेशानी के खाना डिलीवर कर रहा था! वास्तव में यह अपने मिशन द्वारा वास्तविक अर्थों में जीया है - "अधिक लोगों के लिए बेहतर भोजन!"

उन्होंने वेबसाइट को एक मेनू कार्ड से बढाकर एक रेस्टॉरेंट से कनेक्ट करा। और फिर लोगों को अपने पसंदीदा रेस्टॉरेंट से खाना आर्डर करने का मौका मिला। Zomato में जाकर लोग अपने पसंदीदा खाने को आर्डर कर सकते थे और इसके फ्री होम डिलीवरी फीचर्स से उन्हें डिलीवरी के लिए पैसे भी नहीं देने पड़ते थे। Zomato ने हर फ़ूड प्रेमी का जीवन आसान बना दिया था। अब जब भी कोई फ़ूड लवर चाहे तभी अपना फेवरेट फ़ूड आर्डर Favorite Food Order  कर सकता है।

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Conclusion:
Zomato ने हाल ही में की सफलता की कहानी में कुछ गिराव का अनुभव किया है क्योंकि इसने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 430 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा देखा। लेकिन हम इस बात को नज़रअंदाज नहीं कर सकते हैं कि यह अभी भी लोगों के बीच सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय फूड डिलीवरी एप्लिकेशन Food Delivery Applications में से एक है! इसके अलावा, कंपनी ने ज़ोमैटो प्रो के नाम से एक व्यवसाय को खत्म करने का उपक्रम किया है। इसके 1.7 मिलियन सब्सक्राइबर हो गए हैं। तो आप Zomato के माध्यम से स्वाद का आनंद लेते रहे।