facebook-pixel
Business Demand and Growth

Business Growth में Advertising की भूमिका

Business Demand and Growth

Business Growth में Advertising की भूमिका

role-of-advertising-in-business-growth

Post Highlights

विज्ञापन (Advertising) व्यवसाय में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। आजकल व्यापार (Business) की दुनिया बहुत प्रतिस्पर्धी है, और विज्ञापन का उपयोग इसी प्रतिस्पर्धी की दौड़ में सबसे आगे निकलने के लिए किया जाता है। एक व्यवसाय शुरू करने, एक ब्रांड (brand) बनाने और प्रतिस्पर्धा के खिलाफ एक कंपनी, उत्पाद या सेवा की स्थिति बनाये रखने के लिए एडवरटाइजिंग महत्वपूर्ण भूमिका (Important role) निभाता है। विज्ञापन, बिज़नेस ग्रोथ (Business Growth) की रणनीति  का एक अहम हिस्सा है। किसी उत्पाद या ब्रांड के विज्ञापन को बाजार में पहुंचाने के लिए कई विज्ञापन माध्यमों का उपयोग किया जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि विज्ञापन को अपने बिज़नेस ग्रोथ के लिए कैसे इस्तेमाल करें। पढ़ते रहिए -TWN

विज्ञापन, संचार (Communication) का एक रूप है जिसका उद्देश्य दर्शकों (Viewers), पाठकों (readers) या श्रोताओं (listeners) को अपने ब्रांड, उत्पाद या सर्विस की ओर आकर्षित करना या प्रोडक्ट की जानकारी प्रदान करना है। आधुनिक विज्ञापन (Modern advertising) का विकास 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में हुआ। आज के समय में कई ऐसी बड़ी कंपनियां हैं जो विज्ञापन के क्षेत्र में काम कर रही हैं। आपको बता दें कि विज्ञापन के दो मुख्य माध्यम होते हैं। पहला ट्रेडिशनल माध्यम जैसे टेलीविज़न, रेडियो, न्यूज़पेपर, बैनर और पोस्टर, इसके अलावा दूसरा डिजिटल माध्यम है जैसे ईमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम, वेबसाइट एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म। कंपनियां एडवरटाइजिंग का इस्तेमाल करके लोगों को अपने ब्रांड और प्रोडक्ट के बारे में जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इससे उनकी पहुंच ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बढ़ती है, जिसके फलस्वरूप उन्हें व्यवसाय में मुनाफा हासिल होता है। 

आज, विज्ञापन आर्थिक और सामाजिक जीवन का एक अभिन्न अंग है और उत्पाद की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन तकनीक है। हम, निर्माता, बिचौलिए, समाज और ग्राहकों (manufacturers, middlemen, society, and customers) जैसे चार अलग-अलग मापदंडों द्वारा विज्ञापन की भूमिका को जानते हैं।

  • निर्माता (manufacturers) - एक निर्माता जिसे अपना माल बेचकर अच्छा लाभ कमाना होता है, वह अपने उत्पादों और सेवाओं के व्यावसायीकरण के लिए विज्ञापन का पूरा लाभ उठाता है। विज्ञापन का प्राथमिक महत्व उत्पाद की बिक्री को बढ़ाना है। अगर लोग उत्पाद के बारे में नहीं जानते हैं, तो आप इसे बेचने की उम्मीद कैसे करते हैं? इसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए उत्पाद का बार-बार विज्ञापन करने की आवश्यकता होती है। यह मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने और नए ग्राहक बनाने में भी मदद करता है। विज्ञापनों की मदद से निर्माता उत्पाद की बिक्री को बढ़ावा दे सकते हैं।
  • बिचौलिया (middlemen)- बिचौलिया एक उत्पादक और उपभोक्ता के बीच की आवश्यक कड़ी है। विज्ञापन के जरिये बिचौलिया कम से कम लागत में उत्पाद  की अधिक बिक्री करने में मदद करता है। 
  • ग्राहक (customers)- ग्राहक की जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादों और सेवाओं का निर्माण किया जाता है और उत्पादों के बारे में जागरूकता (Awareness) फैलाने के लिए एडवरटाइजिंग का सहारा लिया जाता है। विज्ञापन लक्षित ग्राहकों के मन में किसी प्रोडक्ट की अच्छी छवि बनाता है। 
  • समाज (society) - निर्माता, बिचौलिए और ग्राहक के साथ-साथ विज्ञापन समाज के लिए भी फायदेमंद होता है। विज्ञापन के जरिए लोगों तक सही और सभी उत्पादों के बारे में जानकारी पहुंचती है। इसके साथ ही यह उत्पादों की बिक्री में वृद्धि को भी सुनिश्चित करता है, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन लागत में कमी आती है और समाज के जीवन स्तर में वृद्धि होती है।

व्यवसाय पर विज्ञापनों का प्रमुख प्रभाव यह है कि विज्ञापन खरीदार के निर्णयों को प्रभावित करता है और उत्पाद की खरीदारी को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, विज्ञापन किसी उत्पाद या सेवा के बारे में जागरूकता फैलता है। 

विज्ञापन कैसे किसी Business की Growth में मदद कर सकते हैं? 

किसी भी व्यवसाय में विज्ञापन के जरिये नए ग्राहकों को आकर्षित किया जाता है और इसके जरिये मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने में भी मदद मिलती है। विज्ञापन उत्पाद और सेवाएं बेचने में व्यवसाय की सहायता करता है। 

विज्ञापन आपके व्यवसाय की पुरानी या नकारात्मक धारणाओं (outdated or negative perceptions) को बदलने में मदद करता है। विज्ञापन आपके उद्योग का प्रचार करता है एवं आपके व्यवसाय की अच्छी छवि बनाता है। साथ ही विज्ञापन, व्यवसाय का विस्तार करने में मदद करता है।

आइए समझते हैं कि विज्ञापन आपके व्यवसाय की कैसे मदद कर सकता है

  • नए ग्राहकों को आकर्षित (attract or engage new customers) करने के लिए:

आपके व्यवसाय या उत्पाद के बारे में, समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, टेलीविजन और रेडियो में विज्ञापन के जरिये लोगों को जानकारी प्राप्त होती है जिससे नए लोग आपके व्यवसाय या उत्पाद की ओर आकर्षित होते हैं।

  • नई संभावनाओं (New opportunities) के लिए:

B2B व्यवसायों के लिए, विज्ञापन आपके बिक्री को बढ़ता है और मार्किट में आपके व्यवसाय की ब्रांड वैल्यू बढ़ता है। इससे आपको अपने कस्टमर्स का रुझान पता चलता है, जिसके फलसवरूप आपके लिए नयी संभावनाओं के अवसर पैदा होते हैं। 

  • नए उत्पादों के बारे में जागरूकता (product awareness) बढ़ाने के लिए:

किसी भी व्यवसायों के लिए, अपने नए उत्पाद को लांच करने के बाद उसकी जानकारी को लोगों तक पहुंचाने के लिए विज्ञापन की आवश्यकता होती है। विज्ञापन लोगों के बीच उत्पाद के बारे में जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे बिज़नेस ग्रोथ में मदद मिलती है। 

  • वेब पेज पर ट्रैफ़िक (web traffic) प्राप्त करने के लिए:

विज्ञापन, लोगों को आपकी वेबसाइट या पोर्टल पर आकर्षित कर सकते हैं, जहां आप आगंतुक या विस्टर्स को ग्राहकों में परिवर्तित कर सकते हैं।

  • ब्रांड जागरूकता (Brand awareness) बढ़ाने के लिए:

विज्ञापन आपके व्यवसाय को लोगों तक पहुंचाता है। जिससे उपभोक्ता को जब भी उत्पाद की आवश्यकता हो तो आपके ब्रांड का ख्याल उन्हें पहले आए। 

  • प्रोडक्ट पर चल रहे ऑफर (product offer) या किसी विशेष संदेश को पहुंचाने के लिए: 

यदि आप अपने व्यवसाय या प्रोडक्ट पर चल रहे ऑफर के बारे में लोगों को जानकारी प्रदान करना चाहते हैं ताकि आपके उत्पाद की बिक्री बढ़े तो आप विज्ञापन के जरिये ये खबर लोगों तक पंहुचा सकते हैं। 

  • ऑनलाइन बिक्री (online selling) बढ़ाने के लिए:

ई-कॉमर्स व्यवसायों के लिए, पे-पर-क्लिक (pay-per-click) वाले विज्ञापन लगभग तुरंत ही ऑनलाइन बिक्री ला सकते हैं। पीपीसी (PPC) विज्ञापन, खरीदार को आपका ऐड देखते ही एक्शन लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं और विज्ञापन पर क्लिक करके सीधे आपके उत्पाद तक पहुंच सकते हैं।

  • सकारात्मक ब्रांड छवि (Positive brand image) बनाने के लिए:

पुराने समय से चले आ रहे खराब धारणा से पीड़ित उद्योगों के लिए, विज्ञापन एक अधिक अनुकूल प्रभाव पैदा करके आपके व्यवसाय के प्रति लोगों की खराब धारणा को बदल सकता है। उदाहरण के लिए, विज्ञापन लोगों को आपके व्यवसाय की विस्तारित क्षमताओं या आपके उत्पाद की अच्छी छवि से अवगत करा सकता है।

  • इंडस्ट्री प्रोफाइल को सकारात्मक (Positive industry profile) बनाए रखने के लिए:

यदि आप एक सलाहकार हैं या एक तकनीकी कंपनी चलाते हैं और अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध होना चाहते हैं, तो विज्ञापन मदद कर सकता है। मूल विज्ञापन आपकी सामग्री का प्रचार कर सकते हैं जो आपकी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हैं। इसके अलावा विज्ञापन उद्योग भागीदारों को आकर्षित करने में मदद करता है।

  • अपने नए स्टोर (store) या उद्योग (business) के बारे में लोगों को बताने के लिए: 

यदि आपने अपना कोई नया स्टोर खोला है, तो लोगों को उसके बारे में जागरूक करने के लिए समाचार पत्र या बैनर के जरिये आप लोगों को अपने स्टोर के बारे में बता सकते हैं।

एडवरटाइजिंग के प्रकार (Types of advertising):

  • न्यूज़ पेपर ऐड (Newspaper advertising)-

न्यूज़ पेपर एडवरटाइजिंग का बहुत पुराना माध्यम है। कई बड़े ब्रांड अपने प्रोडक्ट के प्रमोशन के लिए न्यूज़ पेपर पर एडवरटाइजिंग करते हैं। न्यूज़ पेपर में विज्ञापन  लोगों तक आपके प्रोडक्ट के बारे में जानकारी पहुँचती है और लोग आपके उत्पाद के प्रति आकर्षित होते हैं। 

  • मैगज़ीन ऐड (Magazine advertising)-

मैगज़ीन एडवरटाइजिंग भी विज्ञापन का पुराना माध्यम है। मैगज़ीन पर ऐड के जरिये एक स्पेसिफ़िक ऑडियंस (Specific or target audience) को अपने उत्पाद के बारे में जानकारी दे सकते हैं। महिलाएं, पुरुष या बच्चे जिस भी आयु वर्ग के लोग एक विशेष मैगज़ीन को पढ़ते  हों उसी आयु वर्ग के लिए बनाये जाने वाले उत्पाद को उस मैगज़ीन में देना चाहिए। 

  • रेडियो ऐड (Radio advertising) -

आज के समय में रेडियो को काफी लोग सुनते हैं तो रेडियो के श्रोतागणों को अपने प्रोडक्ट्स से  लिए रेडियो पर विज्ञापन दिया जाता है। हालांकि, प्रत्येक विज्ञापन माध्यम के लिए विज्ञापन लेखन की कला भी अलग-अलग होती है। 

  • टेलीविज़न ऐड (Television advertising)-

बच्चे हों या युवा, महिलाएं हों या पुरुष आजकल सभी टेलीविज़न पर कार्यक्रम तो  देखते ही और कार्यक्रमों के बीच आने वाले एडवरटाइजिंग से प्रोडक्ट और ब्रांड का प्रमोशन होता है। टेलीविज़न ऐड भी विज्ञापन का ट्रडिशनल माध्यम है। 

  • आउटडोर ऐड (outdoor advertising) -

आउट ऑफ़ होम या आउटडोर ऐड में बैनर, पोस्टर्स या होर्डिंग्स के माध्यम से किसी ब्रांड या प्रोडक्ट और सर्विस का प्रमोशन किया जाता है। कई सारे ब्रांड आउटडोर एडवरटाइजिंग का इस्तेमाल करके अपनी ब्रांड वैल्यू बढ़ाते हैं। 

  • डायरेक्ट मेल (direct mail)-

डायरेक्ट मेल यानी कंस्यूमर को डायरेक्ट अपने प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में जानकारी देना, विज्ञापन का ये माध्यम ज्यादा पुराना नहीं है। पर ज्यादातर कंपनियां आजकल विज्ञापन के इसी फॉर्मेट या माध्यम का इस्तेमाल कर रही हैं। 

  • डिजिटल ऐड (digital advertising) -

बीते कुछ सालों में ऑनलाइन मीडिया का क्रेज लोगों के बीच ज्यादा बढ़ गया है। हर कोई ऑनलाइन प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, ट्विटर, लिंक्डइन (Fcaebook, whatsapp, instagram, twitter,linkedin) आदि का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में डिजिटल ऐड का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। ऑनलाइन माध्यम के जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आपके ब्रांड के बारे में जानकारी पहुंचती है और आपके ब्रांड की वैल्यू भी बढ़ती है। 

कुछ फेमस एडवरटाइमेन्ट (Famous advertisement)

15 सितंबर 1959 को दूरदर्शन के शुरू होने के साथ ही, भारत में सभी बड़े ब्रांड्स के लिए एक बड़ा अवसर शुरू हुआ। टेलीविज़न जगत में एडवरटाइजिंग का सफर भी दूरदर्शन के साथ ही शुरू हो गया। सभी बड़े ब्रांड्स प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने के लिए नए और आकर्षक टैग लाइन और स्लोगन का इस्तेमाल करने लगे। आज भी कुछ पुराने प्रोडक्ट्स ऐसे हैं जिनके स्लोगन्स आज भी हमारे ज़हन में बसे हुए हैं।  इसके अलावा कई ब्रांड ऐसे भी हैं जो बाजार की प्रतिस्पर्धा में डूब चुके थे लेकिन एडवरटाइजिंग के जादू ने उन्हें फिर से बाजार में एक नयी पहचान के साथ स्थापित किया। 

1 जनवरी 1976 में कोका-कोला द्वारा पहला टेलीविज़न ऐड शुरू किया गया था। इसके बाद अन्य ब्रांड्स जैसे सर्फएक्सेल, ब्रिटेनिया, कोलगेट आदि ने भी एडवरटाइजिंग के माध्यम से अपने उत्पादों का प्रमोशन करना शुरू कर दिया। भारत में कलर टेलीविज़न लांच होने के बाद एडवरटाइजिंग क्षेत्र में नयी क्रांति आयी। भारत में कई ऐसे प्रोडक्ट्स हैं जो अपनी टैग लाइन के जरिये प्रसिद्ध हो गये। 

आज के दौर में प्रत्येक ब्रांड, पार्टी, कंपनी और प्रोडक्ट का अपना अलग टैग लाइन या स्लोगन है। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रसिद्ध टैग लाइन्स और उसके ब्रांड के बारे में -

 ब्रांड/कंपनी/प्रोडक्ट

                   टैग लाइन

आजतक (न्यूज़ चैनल) (AAJ TAK) सबसे तेज़
आशीर्वाद (Aashirvaad Atta) शुद्ध चक्की आटा
कैडबरी (Cadbury) कुछ मीठा हो जाए
कोका-कोला (Coca-Cola) ठंडा मतलब कोका-कोला
अडानी ग्रुप (Adani Group) थिंकिंग बिग, डूइंग बेटर
अमूल (Amul) द टेस्ट ऑफ़ इंडिया
बीएसएनएल (BSNL) कनेक्टिंग इंडिया
फेविकोल (Fevicol) वही मजबूत जोड़, पानी में भी
किटकैट (Kitkat) किटकैट ब्रेक बनता है
नाइकी (Nike) जस्ट डू इट
फाइव स्टार (5 star) ईट फाइव स्टार, डू नथिंग

आज के समय में कई ऐसी प्रसिद्ध एडवरटाइजिंग एजेंसीज हैं जो विज्ञापन के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रही हैं। प्रसिद्ध एडवरटाइजिंग (विज्ञापन) एजेंसी (famous advertising agencies):

आइए जानते है भारत की टॉप एडवरटाइजिंग एजेंसी के नाम -

किसी भी बिज़नेस के ग्रोथ के लिए एडवरटाइजिंग प्रमुख भूमिका निभाता है, यदि आप एक सफल व्यवसाय बनाना चाहते हैं तो आपको एडवरटाइजिंग का सहारा लेना ही पड़ेगा। आशा है ये आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। बिज़नेस से संबंधित ऐसी ही अन्य जानकारियों को पढ़ते रहिये Think with Niche पर। 

Tags: Business Growth, Role Of Advertising, Product Awareness, Modern Advertising

Think with Niche पर आपके लिए और रोचक विषयों पर लेख उपलब्ध हैं एक अन्य लेख को पढ़ने के लिए कृपया नीचे  दिए लिंक पर क्लिक करे-

व्यवसाय में Management का महत्व

विज्ञापन, संचार (Communication) का एक रूप है जिसका उद्देश्य दर्शकों (Viewers), पाठकों (readers) या श्रोताओं (listeners) को अपने ब्रांड, उत्पाद या सर्विस की ओर आकर्षित करना या प्रोडक्ट की जानकारी प्रदान करना है। आधुनिक विज्ञापन (Modern advertising) का विकास 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में हुआ। आज के समय में कई ऐसी बड़ी कंपनियां हैं जो विज्ञापन के क्षेत्र में काम कर रही हैं। आपको बता दें कि विज्ञापन के दो मुख्य माध्यम होते हैं। पहला ट्रेडिशनल माध्यम जैसे टेलीविज़न, रेडियो, न्यूज़पेपर, बैनर और पोस्टर, इसके अलावा दूसरा डिजिटल माध्यम है जैसे ईमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम, वेबसाइट एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म। कंपनियां एडवरटाइजिंग का इस्तेमाल करके लोगों को अपने ब्रांड और प्रोडक्ट के बारे में जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इससे उनकी पहुंच ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बढ़ती है, जिसके फलस्वरूप उन्हें व्यवसाय में मुनाफा हासिल होता है। 

आज, विज्ञापन आर्थिक और सामाजिक जीवन का एक अभिन्न अंग है और उत्पाद की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन तकनीक है। हम, निर्माता, बिचौलिए, समाज और ग्राहकों (manufacturers, middlemen, society, and customers) जैसे चार अलग-अलग मापदंडों द्वारा विज्ञापन की भूमिका को जानते हैं।

  • निर्माता (manufacturers) - एक निर्माता जिसे अपना माल बेचकर अच्छा लाभ कमाना होता है, वह अपने उत्पादों और सेवाओं के व्यावसायीकरण के लिए विज्ञापन का पूरा लाभ उठाता है। विज्ञापन का प्राथमिक महत्व उत्पाद की बिक्री को बढ़ाना है। अगर लोग उत्पाद के बारे में नहीं जानते हैं, तो आप इसे बेचने की उम्मीद कैसे करते हैं? इसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए उत्पाद का बार-बार विज्ञापन करने की आवश्यकता होती है। यह मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने और नए ग्राहक बनाने में भी मदद करता है। विज्ञापनों की मदद से निर्माता उत्पाद की बिक्री को बढ़ावा दे सकते हैं।
  • बिचौलिया (middlemen)- बिचौलिया एक उत्पादक और उपभोक्ता के बीच की आवश्यक कड़ी है। विज्ञापन के जरिये बिचौलिया कम से कम लागत में उत्पाद  की अधिक बिक्री करने में मदद करता है। 
  • ग्राहक (customers)- ग्राहक की जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादों और सेवाओं का निर्माण किया जाता है और उत्पादों के बारे में जागरूकता (Awareness) फैलाने के लिए एडवरटाइजिंग का सहारा लिया जाता है। विज्ञापन लक्षित ग्राहकों के मन में किसी प्रोडक्ट की अच्छी छवि बनाता है। 
  • समाज (society) - निर्माता, बिचौलिए और ग्राहक के साथ-साथ विज्ञापन समाज के लिए भी फायदेमंद होता है। विज्ञापन के जरिए लोगों तक सही और सभी उत्पादों के बारे में जानकारी पहुंचती है। इसके साथ ही यह उत्पादों की बिक्री में वृद्धि को भी सुनिश्चित करता है, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन लागत में कमी आती है और समाज के जीवन स्तर में वृद्धि होती है।

व्यवसाय पर विज्ञापनों का प्रमुख प्रभाव यह है कि विज्ञापन खरीदार के निर्णयों को प्रभावित करता है और उत्पाद की खरीदारी को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, विज्ञापन किसी उत्पाद या सेवा के बारे में जागरूकता फैलता है। 

विज्ञापन कैसे किसी Business की Growth में मदद कर सकते हैं? 

किसी भी व्यवसाय में विज्ञापन के जरिये नए ग्राहकों को आकर्षित किया जाता है और इसके जरिये मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने में भी मदद मिलती है। विज्ञापन उत्पाद और सेवाएं बेचने में व्यवसाय की सहायता करता है। 

विज्ञापन आपके व्यवसाय की पुरानी या नकारात्मक धारणाओं (outdated or negative perceptions) को बदलने में मदद करता है। विज्ञापन आपके उद्योग का प्रचार करता है एवं आपके व्यवसाय की अच्छी छवि बनाता है। साथ ही विज्ञापन, व्यवसाय का विस्तार करने में मदद करता है।

आइए समझते हैं कि विज्ञापन आपके व्यवसाय की कैसे मदद कर सकता है

  • नए ग्राहकों को आकर्षित (attract or engage new customers) करने के लिए:

आपके व्यवसाय या उत्पाद के बारे में, समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, टेलीविजन और रेडियो में विज्ञापन के जरिये लोगों को जानकारी प्राप्त होती है जिससे नए लोग आपके व्यवसाय या उत्पाद की ओर आकर्षित होते हैं।

  • नई संभावनाओं (New opportunities) के लिए:

B2B व्यवसायों के लिए, विज्ञापन आपके बिक्री को बढ़ता है और मार्किट में आपके व्यवसाय की ब्रांड वैल्यू बढ़ता है। इससे आपको अपने कस्टमर्स का रुझान पता चलता है, जिसके फलसवरूप आपके लिए नयी संभावनाओं के अवसर पैदा होते हैं। 

  • नए उत्पादों के बारे में जागरूकता (product awareness) बढ़ाने के लिए:

किसी भी व्यवसायों के लिए, अपने नए उत्पाद को लांच करने के बाद उसकी जानकारी को लोगों तक पहुंचाने के लिए विज्ञापन की आवश्यकता होती है। विज्ञापन लोगों के बीच उत्पाद के बारे में जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे बिज़नेस ग्रोथ में मदद मिलती है। 

  • वेब पेज पर ट्रैफ़िक (web traffic) प्राप्त करने के लिए:

विज्ञापन, लोगों को आपकी वेबसाइट या पोर्टल पर आकर्षित कर सकते हैं, जहां आप आगंतुक या विस्टर्स को ग्राहकों में परिवर्तित कर सकते हैं।

  • ब्रांड जागरूकता (Brand awareness) बढ़ाने के लिए:

विज्ञापन आपके व्यवसाय को लोगों तक पहुंचाता है। जिससे उपभोक्ता को जब भी उत्पाद की आवश्यकता हो तो आपके ब्रांड का ख्याल उन्हें पहले आए। 

  • प्रोडक्ट पर चल रहे ऑफर (product offer) या किसी विशेष संदेश को पहुंचाने के लिए: 

यदि आप अपने व्यवसाय या प्रोडक्ट पर चल रहे ऑफर के बारे में लोगों को जानकारी प्रदान करना चाहते हैं ताकि आपके उत्पाद की बिक्री बढ़े तो आप विज्ञापन के जरिये ये खबर लोगों तक पंहुचा सकते हैं। 

  • ऑनलाइन बिक्री (online selling) बढ़ाने के लिए:

ई-कॉमर्स व्यवसायों के लिए, पे-पर-क्लिक (pay-per-click) वाले विज्ञापन लगभग तुरंत ही ऑनलाइन बिक्री ला सकते हैं। पीपीसी (PPC) विज्ञापन, खरीदार को आपका ऐड देखते ही एक्शन लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं और विज्ञापन पर क्लिक करके सीधे आपके उत्पाद तक पहुंच सकते हैं।

  • सकारात्मक ब्रांड छवि (Positive brand image) बनाने के लिए:

पुराने समय से चले आ रहे खराब धारणा से पीड़ित उद्योगों के लिए, विज्ञापन एक अधिक अनुकूल प्रभाव पैदा करके आपके व्यवसाय के प्रति लोगों की खराब धारणा को बदल सकता है। उदाहरण के लिए, विज्ञापन लोगों को आपके व्यवसाय की विस्तारित क्षमताओं या आपके उत्पाद की अच्छी छवि से अवगत करा सकता है।

  • इंडस्ट्री प्रोफाइल को सकारात्मक (Positive industry profile) बनाए रखने के लिए:

यदि आप एक सलाहकार हैं या एक तकनीकी कंपनी चलाते हैं और अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध होना चाहते हैं, तो विज्ञापन मदद कर सकता है। मूल विज्ञापन आपकी सामग्री का प्रचार कर सकते हैं जो आपकी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हैं। इसके अलावा विज्ञापन उद्योग भागीदारों को आकर्षित करने में मदद करता है।

  • अपने नए स्टोर (store) या उद्योग (business) के बारे में लोगों को बताने के लिए: 

यदि आपने अपना कोई नया स्टोर खोला है, तो लोगों को उसके बारे में जागरूक करने के लिए समाचार पत्र या बैनर के जरिये आप लोगों को अपने स्टोर के बारे में बता सकते हैं।

एडवरटाइजिंग के प्रकार (Types of advertising):

  • न्यूज़ पेपर ऐड (Newspaper advertising)-

न्यूज़ पेपर एडवरटाइजिंग का बहुत पुराना माध्यम है। कई बड़े ब्रांड अपने प्रोडक्ट के प्रमोशन के लिए न्यूज़ पेपर पर एडवरटाइजिंग करते हैं। न्यूज़ पेपर में विज्ञापन  लोगों तक आपके प्रोडक्ट के बारे में जानकारी पहुँचती है और लोग आपके उत्पाद के प्रति आकर्षित होते हैं। 

  • मैगज़ीन ऐड (Magazine advertising)-

मैगज़ीन एडवरटाइजिंग भी विज्ञापन का पुराना माध्यम है। मैगज़ीन पर ऐड के जरिये एक स्पेसिफ़िक ऑडियंस (Specific or target audience) को अपने उत्पाद के बारे में जानकारी दे सकते हैं। महिलाएं, पुरुष या बच्चे जिस भी आयु वर्ग के लोग एक विशेष मैगज़ीन को पढ़ते  हों उसी आयु वर्ग के लिए बनाये जाने वाले उत्पाद को उस मैगज़ीन में देना चाहिए। 

  • रेडियो ऐड (Radio advertising) -

आज के समय में रेडियो को काफी लोग सुनते हैं तो रेडियो के श्रोतागणों को अपने प्रोडक्ट्स से  लिए रेडियो पर विज्ञापन दिया जाता है। हालांकि, प्रत्येक विज्ञापन माध्यम के लिए विज्ञापन लेखन की कला भी अलग-अलग होती है। 

  • टेलीविज़न ऐड (Television advertising)-

बच्चे हों या युवा, महिलाएं हों या पुरुष आजकल सभी टेलीविज़न पर कार्यक्रम तो  देखते ही और कार्यक्रमों के बीच आने वाले एडवरटाइजिंग से प्रोडक्ट और ब्रांड का प्रमोशन होता है। टेलीविज़न ऐड भी विज्ञापन का ट्रडिशनल माध्यम है। 

  • आउटडोर ऐड (outdoor advertising) -

आउट ऑफ़ होम या आउटडोर ऐड में बैनर, पोस्टर्स या होर्डिंग्स के माध्यम से किसी ब्रांड या प्रोडक्ट और सर्विस का प्रमोशन किया जाता है। कई सारे ब्रांड आउटडोर एडवरटाइजिंग का इस्तेमाल करके अपनी ब्रांड वैल्यू बढ़ाते हैं। 

  • डायरेक्ट मेल (direct mail)-

डायरेक्ट मेल यानी कंस्यूमर को डायरेक्ट अपने प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में जानकारी देना, विज्ञापन का ये माध्यम ज्यादा पुराना नहीं है। पर ज्यादातर कंपनियां आजकल विज्ञापन के इसी फॉर्मेट या माध्यम का इस्तेमाल कर रही हैं। 

  • डिजिटल ऐड (digital advertising) -

बीते कुछ सालों में ऑनलाइन मीडिया का क्रेज लोगों के बीच ज्यादा बढ़ गया है। हर कोई ऑनलाइन प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, ट्विटर, लिंक्डइन (Fcaebook, whatsapp, instagram, twitter,linkedin) आदि का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में डिजिटल ऐड का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। ऑनलाइन माध्यम के जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आपके ब्रांड के बारे में जानकारी पहुंचती है और आपके ब्रांड की वैल्यू भी बढ़ती है। 

कुछ फेमस एडवरटाइमेन्ट (Famous advertisement)

15 सितंबर 1959 को दूरदर्शन के शुरू होने के साथ ही, भारत में सभी बड़े ब्रांड्स के लिए एक बड़ा अवसर शुरू हुआ। टेलीविज़न जगत में एडवरटाइजिंग का सफर भी दूरदर्शन के साथ ही शुरू हो गया। सभी बड़े ब्रांड्स प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने के लिए नए और आकर्षक टैग लाइन और स्लोगन का इस्तेमाल करने लगे। आज भी कुछ पुराने प्रोडक्ट्स ऐसे हैं जिनके स्लोगन्स आज भी हमारे ज़हन में बसे हुए हैं।  इसके अलावा कई ब्रांड ऐसे भी हैं जो बाजार की प्रतिस्पर्धा में डूब चुके थे लेकिन एडवरटाइजिंग के जादू ने उन्हें फिर से बाजार में एक नयी पहचान के साथ स्थापित किया। 

1 जनवरी 1976 में कोका-कोला द्वारा पहला टेलीविज़न ऐड शुरू किया गया था। इसके बाद अन्य ब्रांड्स जैसे सर्फएक्सेल, ब्रिटेनिया, कोलगेट आदि ने भी एडवरटाइजिंग के माध्यम से अपने उत्पादों का प्रमोशन करना शुरू कर दिया। भारत में कलर टेलीविज़न लांच होने के बाद एडवरटाइजिंग क्षेत्र में नयी क्रांति आयी। भारत में कई ऐसे प्रोडक्ट्स हैं जो अपनी टैग लाइन के जरिये प्रसिद्ध हो गये। 

आज के दौर में प्रत्येक ब्रांड, पार्टी, कंपनी और प्रोडक्ट का अपना अलग टैग लाइन या स्लोगन है। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रसिद्ध टैग लाइन्स और उसके ब्रांड के बारे में -

 ब्रांड/कंपनी/प्रोडक्ट

                   टैग लाइन

आजतक (न्यूज़ चैनल) (AAJ TAK) सबसे तेज़
आशीर्वाद (Aashirvaad Atta) शुद्ध चक्की आटा
कैडबरी (Cadbury) कुछ मीठा हो जाए
कोका-कोला (Coca-Cola) ठंडा मतलब कोका-कोला
अडानी ग्रुप (Adani Group) थिंकिंग बिग, डूइंग बेटर
अमूल (Amul) द टेस्ट ऑफ़ इंडिया
बीएसएनएल (BSNL) कनेक्टिंग इंडिया
फेविकोल (Fevicol) वही मजबूत जोड़, पानी में भी
किटकैट (Kitkat) किटकैट ब्रेक बनता है
नाइकी (Nike) जस्ट डू इट
फाइव स्टार (5 star) ईट फाइव स्टार, डू नथिंग

आज के समय में कई ऐसी प्रसिद्ध एडवरटाइजिंग एजेंसीज हैं जो विज्ञापन के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रही हैं। प्रसिद्ध एडवरटाइजिंग (विज्ञापन) एजेंसी (famous advertising agencies):

आइए जानते है भारत की टॉप एडवरटाइजिंग एजेंसी के नाम -

किसी भी बिज़नेस के ग्रोथ के लिए एडवरटाइजिंग प्रमुख भूमिका निभाता है, यदि आप एक सफल व्यवसाय बनाना चाहते हैं तो आपको एडवरटाइजिंग का सहारा लेना ही पड़ेगा। आशा है ये आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। बिज़नेस से संबंधित ऐसी ही अन्य जानकारियों को पढ़ते रहिये Think with Niche पर। 

Tags: Business Growth, Role Of Advertising, Product Awareness, Modern Advertising

Think with Niche पर आपके लिए और रोचक विषयों पर लेख उपलब्ध हैं एक अन्य लेख को पढ़ने के लिए कृपया नीचे  दिए लिंक पर क्लिक करे-

व्यवसाय में Management का महत्व




Newsletter

Read and Subscribe