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Success Innovation and Technology

ब्लॉगिंग की सफलता में URL का महत्व

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ब्लॉगिंग की सफलता में URL का महत्व

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आज हम आपको ऑनलाइन लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले यूआरएल (URL) के महत्व के बारे में बताने वाले हैं क्योंकि अच्छा यूआरएल (URL) किसी भी ऑनलाइन क्षेत्र में बहुत आवश्यक किरदार निभाता है।

लेखन के क्षेत्र में ब्लॉगिंग हो या किसी भी तरह का लेखन हो, आपको लिखने के साथ-साथ कुछ तकनीकी ज्ञान की भी आवश्यकता होती है, जिसकी मदद से आप अपने लेखन को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकते हैं। अगर आप भी लेखन के क्षेत्र में हैं और वेबसाइट या फिर किसी संस्था के लिए लेखन का कार्य करते हैं, तो आपको ऑनलाइन प्रकाशित होने वाले लेखन को लेकर तकनीकी ज्ञान होना चाहिए। इस तकनीकी ज्ञान से आपकी पहुंच ज्यादा से ज्यादा पाठकों तक होने में आसानी होगी। वैसे तो लेखन या ब्लॉगिंग से जुड़ी कई ऑनलाइन तकनीक भी हैं। लेकिन आज हम आपको ऑनलाइन लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले यूआरएल (URL) के महत्व के बारे में बताने वाले हैं, क्योंकि अच्छा यूआरएल (URL) किसी भी ऑनलाइन क्षेत्र में बहुत जरूरी किरदार निभाता है।

क्या होता है (URL) यूआरएल?

यूआरएल को 'यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर' कहा जाता है। जब भी आप किसी ऑनलाइन वेबसाइट को देखते हैं, तो यह ब्राउज़र में आपको हमेशा नजर आता है। इस यूआरएल के बिना किसी भी वेबसाइट को देख पाना नामुमकिन है। जब आप कुछ खोजते हैं तब यह यूआरएल ब्राउज़र को इस बात की सूचना देता है कि किसी चीज की खोज को कैसे और कहां से करना है।

यूआरएल में मुख्यतः एक प्रोटोकॉल और एक डोमेन नेम मौजूद होता है। अगर डोमेन नेम की बात करें तो जब आप गूगल पर सर्च करेंगे तो Google उसका डोमेन नेम होगा।

अच्छा यूआरएल क्यों जरूरी

लेखन का क्षेत्र हो या फिर कोई अन्य क्षेत्र यूआरएल का अच्छा होना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसकी मदद से आपका लेखन किसी भी सर्च इंजन पर जल्दी खोजा जा सकता है। अगर आपकी वेबसाइट का यूआरएल अच्छा हो तो आम जनता तक आपकी पहुंच किसी भी सर्च इंजन पर अच्छी बन जायेगी।

जानकारी खोजते वक्त हमें मुख्यतः तीन चीजें नजर आती हैं। पहला होता है टाइटल, दूसरा होता है यूआरएल और आखिर में उसकी विस्तार से जानकारी। इसको मद्देनजर रखते हुए हमें हमेशा यूआरएल को काफी अच्छी तरह बनाना चाहिए। क्योंकि सबसे ज्यादा किसी भी चीज को लोग गूगल पर खोजते हैं और अगर आपका यूआरएल अच्छा होगा तो गूगल सर्च इंजन भी इसकी जानकारी को जल्दी समझ कर इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।

यूआरएल वेबसाइट्स की रैंक को भी ऊपर उठाता है

कुछ आंकड़ों और विशेषज्ञों की राय मानी जाए तो अच्छा यूआरएल किसी भी वेबसाइट की रैंक को बढ़ाने में मददगार साबित होता है। हालांकि यूआरएल खुद-ब-खुद अपने आप को रैंकिंग बढ़ाने में मदद नहीं कर सकता। लेकिन यूआरएल के अंदर जो कीवर्ड (Keyword) रखे गए हैं वह इसे ऊपर ले जाने में काफी मदद करते हैं। इसलिए जब भी आप यूआरएल बनाएं तो लेखन से संबंधित जानकारी के मुताबिक बनाएं, किसी भी कीवर्ड को अनावश्यक तौर पर जोड़ लेना गलत ही साबित होगा।

वेबसाइट के विश्लेषण पर नजर रखना बनाएगा आसान (Easy to Track Analytics)

जब आपको लेखन के क्षेत्र में यह देखना होता है कि आपका लेखन कितने लोगों तक पहुंच रहा है और इसे किस तरह की पहुंच मिल रही है। तो आपको अच्छे यूआरएल की मदद से विश्लेषण पर नज़र रखने में भी आसानी होती है। 

हमेशा छोटा और सरल यूआरएल (URL) काम आएगा

जब भी आप अपने लेखन को ऑनलाइन प्रकाशित करना चाहते हैं, तो यूआरएल को सरल और लेखन से संबंधित सटीक जानकारी के मुताबिक बनाएं। एक सरल और छोटा यूआरएल जिसमें सही एवं संबंधित कीवर्ड (Keyword) जुड़ा हो वह सबसे अच्छा विकल्प होगा। यह विकल्प जानकारी खोज रहे व्यक्ति के लिए और सर्च इंजन के लिए भी अच्छा होगा। 

इसके अलावा यूआरएल बनाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि वह सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) के मुताबिक बना हो। शायद आपको सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के बारे में ना पता हो, तो जान लीजिए, यह ऑनलाइन इस्तेमाल होने वाली शब्दावली है, जिसका इस्तेमाल सर्च इंजन पर कंटेंट को उच्च स्तर पर लाने के लिए किया जाता है।

आज के इस ऑनलाइन युग में लेखन या ब्लॉगिंग को प्रकाशित करने के लिए कई वेबसाइट्स मौजूद हैं। सभी लोग अपने आप को सर्च इंजन पर उच्च स्तर पर लाने की होड़ में लगे हुए हैं। कई लोग इसके लिए डिजिटल मार्केटिंग का इस्तेमाल भी करते हैं और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में भी निवेश करते हैं।

उम्मीद करते हैं कि आपको यूआरएल (URL) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी। अब जब भी आप लेखन को ऑनलाइन प्रकाशित करें तो तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ यूआरएल को भी महत्व ज़रूर दें।

लेखन के क्षेत्र में ब्लॉगिंग हो या किसी भी तरह का लेखन हो, आपको लिखने के साथ-साथ कुछ तकनीकी ज्ञान की भी आवश्यकता होती है, जिसकी मदद से आप अपने लेखन को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकते हैं। अगर आप भी लेखन के क्षेत्र में हैं और वेबसाइट या फिर किसी संस्था के लिए लेखन का कार्य करते हैं, तो आपको ऑनलाइन प्रकाशित होने वाले लेखन को लेकर तकनीकी ज्ञान होना चाहिए। इस तकनीकी ज्ञान से आपकी पहुंच ज्यादा से ज्यादा पाठकों तक होने में आसानी होगी। वैसे तो लेखन या ब्लॉगिंग से जुड़ी कई ऑनलाइन तकनीक भी हैं। लेकिन आज हम आपको ऑनलाइन लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले यूआरएल (URL) के महत्व के बारे में बताने वाले हैं, क्योंकि अच्छा यूआरएल (URL) किसी भी ऑनलाइन क्षेत्र में बहुत जरूरी किरदार निभाता है।

क्या होता है (URL) यूआरएल?

यूआरएल को 'यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर' कहा जाता है। जब भी आप किसी ऑनलाइन वेबसाइट को देखते हैं, तो यह ब्राउज़र में आपको हमेशा नजर आता है। इस यूआरएल के बिना किसी भी वेबसाइट को देख पाना नामुमकिन है। जब आप कुछ खोजते हैं तब यह यूआरएल ब्राउज़र को इस बात की सूचना देता है कि किसी चीज की खोज को कैसे और कहां से करना है।

यूआरएल में मुख्यतः एक प्रोटोकॉल और एक डोमेन नेम मौजूद होता है। अगर डोमेन नेम की बात करें तो जब आप गूगल पर सर्च करेंगे तो Google उसका डोमेन नेम होगा।

अच्छा यूआरएल क्यों जरूरी

लेखन का क्षेत्र हो या फिर कोई अन्य क्षेत्र यूआरएल का अच्छा होना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसकी मदद से आपका लेखन किसी भी सर्च इंजन पर जल्दी खोजा जा सकता है। अगर आपकी वेबसाइट का यूआरएल अच्छा हो तो आम जनता तक आपकी पहुंच किसी भी सर्च इंजन पर अच्छी बन जायेगी।

जानकारी खोजते वक्त हमें मुख्यतः तीन चीजें नजर आती हैं। पहला होता है टाइटल, दूसरा होता है यूआरएल और आखिर में उसकी विस्तार से जानकारी। इसको मद्देनजर रखते हुए हमें हमेशा यूआरएल को काफी अच्छी तरह बनाना चाहिए। क्योंकि सबसे ज्यादा किसी भी चीज को लोग गूगल पर खोजते हैं और अगर आपका यूआरएल अच्छा होगा तो गूगल सर्च इंजन भी इसकी जानकारी को जल्दी समझ कर इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।

यूआरएल वेबसाइट्स की रैंक को भी ऊपर उठाता है

कुछ आंकड़ों और विशेषज्ञों की राय मानी जाए तो अच्छा यूआरएल किसी भी वेबसाइट की रैंक को बढ़ाने में मददगार साबित होता है। हालांकि यूआरएल खुद-ब-खुद अपने आप को रैंकिंग बढ़ाने में मदद नहीं कर सकता। लेकिन यूआरएल के अंदर जो कीवर्ड (Keyword) रखे गए हैं वह इसे ऊपर ले जाने में काफी मदद करते हैं। इसलिए जब भी आप यूआरएल बनाएं तो लेखन से संबंधित जानकारी के मुताबिक बनाएं, किसी भी कीवर्ड को अनावश्यक तौर पर जोड़ लेना गलत ही साबित होगा।

वेबसाइट के विश्लेषण पर नजर रखना बनाएगा आसान (Easy to Track Analytics)

जब आपको लेखन के क्षेत्र में यह देखना होता है कि आपका लेखन कितने लोगों तक पहुंच रहा है और इसे किस तरह की पहुंच मिल रही है। तो आपको अच्छे यूआरएल की मदद से विश्लेषण पर नज़र रखने में भी आसानी होती है। 

हमेशा छोटा और सरल यूआरएल (URL) काम आएगा

जब भी आप अपने लेखन को ऑनलाइन प्रकाशित करना चाहते हैं, तो यूआरएल को सरल और लेखन से संबंधित सटीक जानकारी के मुताबिक बनाएं। एक सरल और छोटा यूआरएल जिसमें सही एवं संबंधित कीवर्ड (Keyword) जुड़ा हो वह सबसे अच्छा विकल्प होगा। यह विकल्प जानकारी खोज रहे व्यक्ति के लिए और सर्च इंजन के लिए भी अच्छा होगा। 

इसके अलावा यूआरएल बनाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि वह सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) के मुताबिक बना हो। शायद आपको सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के बारे में ना पता हो, तो जान लीजिए, यह ऑनलाइन इस्तेमाल होने वाली शब्दावली है, जिसका इस्तेमाल सर्च इंजन पर कंटेंट को उच्च स्तर पर लाने के लिए किया जाता है।

आज के इस ऑनलाइन युग में लेखन या ब्लॉगिंग को प्रकाशित करने के लिए कई वेबसाइट्स मौजूद हैं। सभी लोग अपने आप को सर्च इंजन पर उच्च स्तर पर लाने की होड़ में लगे हुए हैं। कई लोग इसके लिए डिजिटल मार्केटिंग का इस्तेमाल भी करते हैं और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में भी निवेश करते हैं।

उम्मीद करते हैं कि आपको यूआरएल (URL) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी। अब जब भी आप लेखन को ऑनलाइन प्रकाशित करें तो तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ यूआरएल को भी महत्व ज़रूर दें।




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