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कैसे शुरू करें गोल्ड इम्पोर्ट एक्सपोर्ट बिजनेस ?

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कैसे शुरू करें गोल्ड इम्पोर्ट एक्सपोर्ट बिजनेस ?
01 Aug 2022
5 min read
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सिर्फ बिज़नेस की दृष्टि से ही नहीं बल्कि भारत में सोने के कई पारंपरिक महत्व भी हैं। भारत में सोने को निवेश और बचत का माध्यम भी माना जाता है। अक्सर लोग त्योहारों  जैसे अक्षय तृतीया Akshaya Tritiya पर  भी सोने की जमकर खरीदारी करते हैं। इसके अलावा शादी के सीजन में तो भारत में सोने की डिमांड शिखर पर पहुंच जाती है। इसलिए यहाँ पर सोने का बिज़नेस करना काफी फायदेमंद है। इंडिया के अन्दर इतना ज्यादा सोना नही है और यही वजह है कि दूसरे देशो से सोना इंडिया के अन्दर एक्सपोर्ट किया जाता है। आज इंडिया के बहुत सारे लोग गोल्ड का बिजनेस करते हैं। इंडिया में Gold का बिज़नेस कई तरह से होता है जैसे बहुत से लोग से gold की शॉप खोलकर पैसे कमाते है और और बहुत से सोना आयात निर्यात व्यापार Gold Import Export Business करते हैं। सोने चांदी का बिज़नेस करने के लिए आपको बहुत दिमाग लगाने की जरुरत पड़ती है। अगर आप इसमें जरा सी भी गलती करते हैं तो आपको इस बिज़नेस में बहुत नुकसान झेलना पड़ सकता है। तो चलिए इस आर्टिकल के द्वारा विस्तार से जानते हैं कि कैसे आप गोल्ड इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। 

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देखा जाये तो भारत में सोने की डिमांड Gold Demand में तेजी देखने को मिली है हाँ ये बात सच है कि महामारी के दौरान भले ही इसकी डिमांड कम हुई थी, लेकिन बाद में फिर से लोग सोने की खरीदारी बढ़ाने लग गए थे। साल 2021 के आंकड़ों को देखें तो भारत का सोना आयात (Gold Import) एक दशक के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। भारत में लोग सोने के आभूषणों को खरीदना हद से भी ज्यादा पसंद करते हैं। चाहे आदमी हो या औरत दोनों को सोने से बने गहने पहनना पसंद है। सोने चांदी के गहने पहनने से लोगो में एक अमीरी का भाव पैदा होता है। इस कारण लोग अपने शरीर पर सोने चांदी के गहने पहनना और खरीदना पसंद करते हैं। यही वजह है कि सोने चांदी का बिजनेस करना एक बहुत ही फायदेमंद बिजनेस हो गया है। भारत आभूषणों के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। इसके अलावा, भारत में सोने का सबसे बड़ा आयात है। रत्न और आभूषण क्षेत्र भारतीय सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 6-7% योगदान देता है, जिससे यह एक सफल क्षेत्र बन जाता है। कुछ लोग सोने चांदी को शेयर मार्किट की तरह खरीदते हैं। वो लोग सस्ते दामो में सोने को खरीद कर महंगे दाम होने पर बेचते हैं। जिसकी वजह से सोने का बिजनेस एक बहुत सफल बिजनेस में से एक है। भारत में सोने के आभूषण का व्यवसाय बहुत ही तेजी से फल फूल रहा है। यानि भारत में एक फलता-फूलता मध्यम वर्ग और बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ, आने वाले वर्षों में सोने की मांग में और वृद्धि होना तय है। इसलिए, आने वाले वर्षों में आभूषण व्यवसाय में बहुत अधिक संभावनाएं lot of potential in the jewelery business हैं। तो चलिए आज इस आर्टिकल में हम भारत में सोने के आभूषण व्यवसाय यानि Gold Import Export Business गोल्ड इम्पोर्ट एक्सपोर्ट बिजनेस शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में जानेगे। 

गोल्ड इम्पोर्ट एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए क्या जरूरी चीजे चाहिए What are the Requirements for Gold Import Export Business?

गोल्ड इम्पोर्ट एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए कुछ जरुरी चीज़ें चाहिए होती हैं। सबसे पहले आपको एक ऑफिस की जरुरत होती है। यह आप पर निर्भर करता है कि ये बिज़नेस आप घर से शुरु कर रहे हैं या फिर दुकान किराए पर लेकर। इसके अलावा जो सबसे जरुरी चीज़ है वो है Marketing मार्केटिंग। मार्केटिंग के बाद बिजली की सुविधा, पानी की सुविधा (Electricity, water facilities) आदि का भी आपको ध्यान रखना होगा। साथ ही इसके लिए GST Number और लाइसेंस भी चाहिए। 

गोल्ड इम्पोर्ट एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए लागत Investments For Gold Import Export Business 

इस बिज़नेस में निवेश इस Business के Office पर निर्भर करता है क्योकि इसमें यदि आप बड़ा Business शुरु करते हैं तो ज्यादा इन्वेस्टमेंट Investment करनी पड़ती है और वहीं छोटा बिज़नेस शुरु करते है तो उसमें कम इन्वेस्टमेंट (Investment) करनी पड़ती है। अगर आपका खुद का Office है तो आपको ज्यादा इन्वेस्टमेंट की जरुरत नहीं पड़ेगी। वहीं यदि आप Office किराये पर लेते है तो उसमें आपको इन्वेस्टमेंट (Investment) ज्यादा करनी पड़ेगी। इसके अलावा आपको लाइसेंस License के लिए भी इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा। 

गोल्ड बिजनेस के नियम Rules for Opening a Firm

गोल्ड बिजनेस में एक निर्यात फर्म शुरू करने के लिए आपको कुछ नियमों को जानना जरुरी है। सबसे पहले, आपको प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप, प्राइवेट कंपनी, लिमिटेड कंपनी, ट्रस्ट, रजिस्टर्ड सोसाइटी Proprietorship, Partnership, Limited Liability Partnership, Private Company, Limited Company, Trust, Registered Society और एचयूएफ के रूप में बिजनेस को चुनना होगा और फिर बिजनेस को रजिस्टर्ड कराना होगा। साथ ही निर्यात संचालन करने का तरीका आपको चुनना है जैसे – निर्माता निर्यातक, एक व्यापारी निर्यातक या व्यापारी सह निर्माता निर्यातक के रूप में। फर्म को माल और सेवा कर विभाग, भारत के साथ Register करना भी आवश्यक होता है।

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खाता खोलना, लाइसेंस Account Opening, License

आपको Business फर्म के नाम पर एक खाता खोलना होगा। यह निर्यात कारोबार के लिए फर्म के लिए कानूनी लाइसेंस होगा। IEC के लिए एक आवेदन https://dgft.gov.in/CP/ IEC Profile Management पर ANF 2A के अनुसार ऑनलाइन दायर किया जाता है। साथ ही विदेशी मुद्रा में व्यापार करने के लिए open a current account with the designated bank अधिकृत बैंक के साथ एक चालू खाता खोलना होगा। बैंक द्वारा सीमा शुल्क के साथ पंजीकरण करने के लिए एक अधिकृत डीलर कोड (एडी कोड) जारी किया जाता है।

डॉक्यूमेंट Document 

Personal Document (PD) :- Personal Document में निम्न डॉक्यूमेंट हैं-

Bank Account 

ID Proof - Aadhaar Card , Pan Card , Voter Card

Address Proof :- Ration Card , Electricity Bill ,

Photograph Email ID , Phone Number ,

Other Document

बिजनेस Document 

बिजनेस डॉक्यूमेंट के अंदर निम्न डॉक्यूमेंट आते हैं -

Business Registration

Business pan card

GST Number

डिसपैच, कस्टम क्लीयरेंस और शिपमेंट Dispatch, Custom Clearance and shipment 

इसमें अंतिम चरण शिपमेंट भेजना है। पैकिंग के बाद आप माल को पारगमन के लिए बंदरगाहों या हवाई अड्डों पर भेज सकते हैं। प्रत्येक बंदरगाह पर सभी कस्टम नियमों और प्रक्रियाओं Custom rules and procedures का पालन करना आवश्यक है। अपने शिपमेंट बिल के मुद्दों को प्राप्त करने के बाद आप शिपमेंट बिलों के लिए क्लियरिंग हाउस एजेंट (CHA) भी रख सकते हैं। बस अब निकासी के बाद आपका माल निर्यात के लिए तैयार है। एक बार आपका शिपमेंट निर्यात हो जाने के बाद, आपको शिपमेंट के लिए भुगतान प्राप्त होगा। ये सब चीज़ें आपको ध्यानपूर्वक करनी होंगी। इसमें खातों का भी सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना है। सोने के निर्यात व्यवसाय में आपको काफी सावधानी रखनी होगी। साथ ही आपको लेखांकन प्रक्रिया को सही तरीके से करने की आवश्यकता है। बहुत ही सावधानी से व्यवसाय के लेखांकन लेनदेन को ट्रैक और प्रबंधित करें। 

कस्टम नियम Custom Rules

EDI सिस्टम AD कोड के बिना शिपिंग बिल बनाने की अनुमति नहीं देता है। आपको यह याद रखना जरुरी है कि यह कस्टम नियम है कि निर्यात माल की निकासी के लिए शिपिंग बिल दाखिल करने से पहले सीमा शुल्क से एक पैन-आधारित व्यवसाय पहचान संख्या (बीआईएन) Business Identification Number (BIN) प्राप्त करनी चाहिए। निर्यातकों को अनिवार्य रूप से संबंधित निर्यात संवर्धन परिषदों/एफआईईओ/कमोडिटी बोर्ड/ द्वारा प्रदान किया गया पंजीकरण सह सदस्यता प्रमाणपत्र (आरसीएमसी) प्राप्त करना आवश्यक है। आपकी फर्म को समुद्री और हवाई बीमा कवर Marine and air insurance cover के लिए किसी बीमा कंपनी को भी आवेदन करना चाहिए।