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Startup Initiative

ग्रामीण क्षेत्र में कुटीर उद्योग के बेहतर विकल्प

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ग्रामीण क्षेत्र में कुटीर उद्योग के बेहतर विकल्प

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Post Highlights

गाँव में रहने वाले लोगों के लिए अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए अनगिनत विकल्प हैं। जिसकी सहायता से अपने लिए आमदनी का दरवाजा खोल सकते हैं। व्यक्ति अगर लघु उद्योग को शुरू करना चाहे तो थोड़ी मेहनत से विभिन्न क्षेत्रों में, जिसमें उसकी रूचि हो कर सकता है। इससे वह न केवल अपने ग्रामीण क्षेत्र में विकास करेगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान कर दे सकता है।     

दो भागों से मिलकर बना हमारा देश विभिन्नता में एकता का प्रतीक है। जैसे एक सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही हमारे देश के दो पहलू हैं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्र। इन्हीं दोनों पहलुँओं से देश की पहचान है। दोनों ही देश के आधार हैं और इनके साथ मिलकर चलने से ही देश की अर्थव्यस्था और उद्योग जगत में उन्नति होती है। यदि हम इनमें से किसी भी एक हिस्से को कमजोर बनाते हैं, तो देश का समन्वय बिगड़ जायेगा और उसका असर प्रत्येक व्यक्ति पर पड़ेगा। शहरी क्षेत्र में कोई उद्योग शुरू करने के कई विकल्प होते हैं परन्तु ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग शुरू करने से पहले व्यक्ति को बहुत सोच-विचार करना पड़ता है। क्योंकि उद्योग को केवल शुरू करना ही काफी नहीं होता है, उस व्यापर के लिए सही बाज़ार का मिलना भी आवश्यक होता है। यही कारण हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में कौन सा उद्योग शुरू किया जाये यह एक बड़ा प्रश्न है। परन्तु यदि हम इस पर विचार करें कि कौन सा उद्योग ग्रामीण क्षेत्र में सफल होगा, कौन से उद्योग की ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा मांग है, कौन से उद्योग ग्रामीण क्षेत्र को शहरी उद्योग से जोड़ेंगे? कौन से उद्योग को सुचारु रूप से पर्याप्त मात्रा में बाज़ार मिल जायेगा। यदि इन बातों पर विचार करें तो ऐसे कई काम हमें नज़र आएंगे जिन्हें हम ग्रामीण इलाकों में शुरू कर सकते हैं। 

कम पूँजी से शुरू होता कुटीर उद्योग 

कुटीर उद्योग छोटे स्तर पर शुरू किये जाने वाले वह व्यवसाय होते हैं, जिनमें कम पूँजी लगाकर घर से या अपने घर के आस-पास से ही उद्योग को शुरू किया जाय। इसमें अधिक लोगों की भागेदारी नहीं रहती है। इसमें एक ही घर के लोग शामिल होते हैं या फिर आस-पास रहने वाले लोग। ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों की अधिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई व्यक्तियों ने ऐसे कुटीर उद्योगों को चुना और इस क्षेत्र में कदम रखा, जिनके कारण आज वह एक सफल उद्योगपति हैं। और जिनसे वह उस क्षेत्र में रहने वाले को भी काम देते हैं जिनके पास रोजगार का जरिया नहीं है। 

अगरबत्ती बनाना, कुटीर उद्योग को बढ़ाना

अगरबत्ती बनाने का काम ग्रामीण इलाकों में शुरू करना एक अच्छा विकल्प है। इस उद्योग में अच्छी बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले सामान ग्रामीण इलाकों में सस्ते दामों पर मिल जाते हैं, इसके लिए लोगों को कहीं और से कच्चा माल नहीं मंगाना पड़ता है। इस उत्पाद की खपत पूरी दुनिया में रहती है। छोटे स्तर पर शुरू किये गए इस कुटीर उद्योग को विश्व भर में पहचान मिलेगी। 

मुर्गी और मछली पालन कुटीर उद्योग का अच्छा उदाहरण

मुर्गी पालन ऐसा कुटीर उद्योग है, जिसकी खपत बाजार में प्रत्येक समय रहती हैं। कुछ नस्ल की मुर्गियों की बाज़ार में कुछ ज्यादा ही फरमाइश की जाती हैं। देशी मुर्गियां तो ज्यादा ही महँगी बिकती हैं। 20,000-30,000 रूपये की पूँजी के साथ यह काम शुरू करने के बाद आप धीरे-धीरे इसका क्षेत्रफल बढ़ा सकते हैं। इस उद्योग में आपको कभी नुकसान नहीं होगा।   

पापड़ बनाने का उद्योग 

खाने में यदि पापड़ हो तो हमारे लिए खाना और स्वादिष्ट हो जाता है। पापड़ एक कैसा उत्पाद है, जिसे घर में बड़ी आसानी से बनाया जा सकता है। इसको बनाने में उपयोग में लायी जाने वाली सामग्री भी कृषि के माध्यम से ही उत्पादित की जाती है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पापड़ बनाने का उद्योग शुरू करना किसी भी व्यक्ति लिए सही फैसला साबित हो सकता है। 

अचार बनाने का उद्योग 

खाने में यदि अचार ना हो तो खाने का स्वाद कुछ अधूरा लगता है। अचार वह उत्पाद है जो अक्सर ही खाने में इस्तेमाल किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अचार को उद्योग के विकल्प के रूप में चुनना इसलिए सही है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में ऐसे फलों के पौधों की अधिकता रहती है, जिन्हें अचार बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें आप तरह-तरह के अचार बनाने का काम कर सकते हैं। इसमें बहुत कम लागत और थोड़ी मेहनत के साथ अच्छा पैसा कमाया जा सकता है।

नमकीन बनाने का उद्योग

नमकीन का उपयोग तो हर घर में किया जाता है। अब तो लोग घर की बनी नमकीन को बाज़ार से ज्यादा खरीदने लगे हैं। ऐसे में घर पर नमकीन बनाकर बेचना गाँव में रहने वाले लोगों के लिए यह सफल व्यवसाय बन सकता है। घर पर ही कई तरह की नमकीन बनाकर आप उसे बेच सकते हैं। चटपटी, मीठी, नमकीन लोगों को स्वादानुसार बनाकर मुनाफा कमा सकते हैं।     

सिलाई करने का उद्योग 

गाँव में रहने वाली महिलाओं के लिए यह बहुत ही अच्छा व्यवसाय और आत्मनिर्भर होने के लिए अच्छा विकल्प है। कपड़ों को आकार सिलाई के माध्यम से ही दिया जाता है। ऐसे में इसे उद्योग के रूप में चुनकर खुद को उद्योग क्षेत्र में एक सफल महिला के रूप में स्थापित कर सकती हैं। जिसके अंदर सिलाई करने का गुण है वह सिलाई उद्योग का चुनाव कर सकता है। 

मसालों में ग्रामीण उद्योग 

खाने में मसालों का उपयोग हमेशा किया जाता है। मसालों को घर पर बनाया जा सकता है। जैसे कि धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, मिर्ची पाउडर और गरम मसाला। यह सब घर पर आसानी से बनाकर बाज़ार में बेचे जा सकते हैं। मसाले महंगे दामों में बिकते हैं, परन्तु इसमें लागत बहुत कम लगती है। इसलिए यह कुटीर उद्योग के लिए सही चुनाव है।   

दोना-पत्तल बनाने का काम

दोना-पत्तल का व्यवसाय तो ग्रामीण इलाकों में सबसे कम लागत में शुरू किया जाने वाला उद्योग है। परन्तु इसकी खपत अधिक रहती है। एक मशीन के माध्यम से आप एक बार में कई पत्तल और दोना बना सकते हैं। कुटीर उद्योग को शुरू करने के लिए हम सरकारी स्कीम का सहारा ले सकते हैं। कुटीर उद्योग शुरू करने के लिए आप पहले अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। इससे यदि आप अपने व्यवसाय के लिए लोन लेना चाहते हैं तो बैंक द्वारा आपको लोन आसानी से मिल जायेगा, आप अपने घर पर रहकर ही अपना खुद का व्यवसाय कर सकेंगे।

     

   

 

दो भागों से मिलकर बना हमारा देश विभिन्नता में एकता का प्रतीक है। जैसे एक सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही हमारे देश के दो पहलू हैं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्र। इन्हीं दोनों पहलुँओं से देश की पहचान है। दोनों ही देश के आधार हैं और इनके साथ मिलकर चलने से ही देश की अर्थव्यस्था और उद्योग जगत में उन्नति होती है। यदि हम इनमें से किसी भी एक हिस्से को कमजोर बनाते हैं, तो देश का समन्वय बिगड़ जायेगा और उसका असर प्रत्येक व्यक्ति पर पड़ेगा। शहरी क्षेत्र में कोई उद्योग शुरू करने के कई विकल्प होते हैं परन्तु ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग शुरू करने से पहले व्यक्ति को बहुत सोच-विचार करना पड़ता है। क्योंकि उद्योग को केवल शुरू करना ही काफी नहीं होता है, उस व्यापर के लिए सही बाज़ार का मिलना भी आवश्यक होता है। यही कारण हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में कौन सा उद्योग शुरू किया जाये यह एक बड़ा प्रश्न है। परन्तु यदि हम इस पर विचार करें कि कौन सा उद्योग ग्रामीण क्षेत्र में सफल होगा, कौन से उद्योग की ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा मांग है, कौन से उद्योग ग्रामीण क्षेत्र को शहरी उद्योग से जोड़ेंगे? कौन से उद्योग को सुचारु रूप से पर्याप्त मात्रा में बाज़ार मिल जायेगा। यदि इन बातों पर विचार करें तो ऐसे कई काम हमें नज़र आएंगे जिन्हें हम ग्रामीण इलाकों में शुरू कर सकते हैं। 

कम पूँजी से शुरू होता कुटीर उद्योग 

कुटीर उद्योग छोटे स्तर पर शुरू किये जाने वाले वह व्यवसाय होते हैं, जिनमें कम पूँजी लगाकर घर से या अपने घर के आस-पास से ही उद्योग को शुरू किया जाय। इसमें अधिक लोगों की भागेदारी नहीं रहती है। इसमें एक ही घर के लोग शामिल होते हैं या फिर आस-पास रहने वाले लोग। ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों की अधिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई व्यक्तियों ने ऐसे कुटीर उद्योगों को चुना और इस क्षेत्र में कदम रखा, जिनके कारण आज वह एक सफल उद्योगपति हैं। और जिनसे वह उस क्षेत्र में रहने वाले को भी काम देते हैं जिनके पास रोजगार का जरिया नहीं है। 

अगरबत्ती बनाना, कुटीर उद्योग को बढ़ाना

अगरबत्ती बनाने का काम ग्रामीण इलाकों में शुरू करना एक अच्छा विकल्प है। इस उद्योग में अच्छी बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले सामान ग्रामीण इलाकों में सस्ते दामों पर मिल जाते हैं, इसके लिए लोगों को कहीं और से कच्चा माल नहीं मंगाना पड़ता है। इस उत्पाद की खपत पूरी दुनिया में रहती है। छोटे स्तर पर शुरू किये गए इस कुटीर उद्योग को विश्व भर में पहचान मिलेगी। 

मुर्गी और मछली पालन कुटीर उद्योग का अच्छा उदाहरण

मुर्गी पालन ऐसा कुटीर उद्योग है, जिसकी खपत बाजार में प्रत्येक समय रहती हैं। कुछ नस्ल की मुर्गियों की बाज़ार में कुछ ज्यादा ही फरमाइश की जाती हैं। देशी मुर्गियां तो ज्यादा ही महँगी बिकती हैं। 20,000-30,000 रूपये की पूँजी के साथ यह काम शुरू करने के बाद आप धीरे-धीरे इसका क्षेत्रफल बढ़ा सकते हैं। इस उद्योग में आपको कभी नुकसान नहीं होगा।   

पापड़ बनाने का उद्योग 

खाने में यदि पापड़ हो तो हमारे लिए खाना और स्वादिष्ट हो जाता है। पापड़ एक कैसा उत्पाद है, जिसे घर में बड़ी आसानी से बनाया जा सकता है। इसको बनाने में उपयोग में लायी जाने वाली सामग्री भी कृषि के माध्यम से ही उत्पादित की जाती है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पापड़ बनाने का उद्योग शुरू करना किसी भी व्यक्ति लिए सही फैसला साबित हो सकता है। 

अचार बनाने का उद्योग 

खाने में यदि अचार ना हो तो खाने का स्वाद कुछ अधूरा लगता है। अचार वह उत्पाद है जो अक्सर ही खाने में इस्तेमाल किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अचार को उद्योग के विकल्प के रूप में चुनना इसलिए सही है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में ऐसे फलों के पौधों की अधिकता रहती है, जिन्हें अचार बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें आप तरह-तरह के अचार बनाने का काम कर सकते हैं। इसमें बहुत कम लागत और थोड़ी मेहनत के साथ अच्छा पैसा कमाया जा सकता है।

नमकीन बनाने का उद्योग

नमकीन का उपयोग तो हर घर में किया जाता है। अब तो लोग घर की बनी नमकीन को बाज़ार से ज्यादा खरीदने लगे हैं। ऐसे में घर पर नमकीन बनाकर बेचना गाँव में रहने वाले लोगों के लिए यह सफल व्यवसाय बन सकता है। घर पर ही कई तरह की नमकीन बनाकर आप उसे बेच सकते हैं। चटपटी, मीठी, नमकीन लोगों को स्वादानुसार बनाकर मुनाफा कमा सकते हैं।     

सिलाई करने का उद्योग 

गाँव में रहने वाली महिलाओं के लिए यह बहुत ही अच्छा व्यवसाय और आत्मनिर्भर होने के लिए अच्छा विकल्प है। कपड़ों को आकार सिलाई के माध्यम से ही दिया जाता है। ऐसे में इसे उद्योग के रूप में चुनकर खुद को उद्योग क्षेत्र में एक सफल महिला के रूप में स्थापित कर सकती हैं। जिसके अंदर सिलाई करने का गुण है वह सिलाई उद्योग का चुनाव कर सकता है। 

मसालों में ग्रामीण उद्योग 

खाने में मसालों का उपयोग हमेशा किया जाता है। मसालों को घर पर बनाया जा सकता है। जैसे कि धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, मिर्ची पाउडर और गरम मसाला। यह सब घर पर आसानी से बनाकर बाज़ार में बेचे जा सकते हैं। मसाले महंगे दामों में बिकते हैं, परन्तु इसमें लागत बहुत कम लगती है। इसलिए यह कुटीर उद्योग के लिए सही चुनाव है।   

दोना-पत्तल बनाने का काम

दोना-पत्तल का व्यवसाय तो ग्रामीण इलाकों में सबसे कम लागत में शुरू किया जाने वाला उद्योग है। परन्तु इसकी खपत अधिक रहती है। एक मशीन के माध्यम से आप एक बार में कई पत्तल और दोना बना सकते हैं। कुटीर उद्योग को शुरू करने के लिए हम सरकारी स्कीम का सहारा ले सकते हैं। कुटीर उद्योग शुरू करने के लिए आप पहले अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। इससे यदि आप अपने व्यवसाय के लिए लोन लेना चाहते हैं तो बैंक द्वारा आपको लोन आसानी से मिल जायेगा, आप अपने घर पर रहकर ही अपना खुद का व्यवसाय कर सकेंगे।

     

   

 




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