ब्रिक्स युवा ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026: 'सभी के लिए ऊर्जा' के साथ के साथ भारत ने दिखाई नई ऊर्जा दिशा

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ब्रिक्स युवा ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026: 'सभी के लिए ऊर्जा' के साथ के साथ भारत ने दिखाई नई ऊर्जा दिशा
20 Aug 2026
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News Synopsis

भारत ने अपनी BRICS अध्यक्षता 2026 के तहत 17 अगस्त 2026 को 8वें BRICS Youth Energy Summit 2026 की वर्चुअल मेजबानी की। इस सम्मेलन में BRICS देशों के 100 से अधिक युवा ऊर्जा विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें भविष्य की ऊर्जा नीतियों, तकनीकों तथा समाधान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका देना रहा।

शिखर सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, टिकाऊ विकास, स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा की समान पहुंच, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा भंडारण और नवाचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में BRICS देशों को ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने और अधिक मजबूत तथा टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियां विकसित करने की जरूरत है।

भारत की BRICS अध्यक्षता का व्यापक विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability”, यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण है। इसी व्यापक दृष्टिकोण के तहत ऊर्जा ट्रैक का विषय “सर्वेषां ऊर्जम्” (Energy for All) रखा गया, जो सभी के लिए सस्ती, सुलभ और समावेशी ऊर्जा सुनिश्चित करने की दिशा में भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है।

‘Energy for All’ बना BRICS ऊर्जा चर्चाओं का मार्गदर्शक विषय ‘Energy for All’ Guides BRICS Energy Discussions

8वें BRICS युवा ऊर्जा शिखर सम्मेलन में “सर्वेषां ऊर्जम्” यानी “Energy for All” को विशेष महत्व दिया गया। इस विचार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऊर्जा केवल आर्थिक विकास का साधन न रहे, बल्कि समाज के सभी वर्गों तक सस्ती, भरोसेमंद और टिकाऊ ऊर्जा के रूप में पहुंचे।

सस्ती और समावेशी ऊर्जा पर जोर Focus on Affordable and Inclusive Energy

BRICS देशों के प्रतिनिधियों ने चर्चा की कि ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करते हुए पर्यावरणीय स्थिरता को कैसे बनाए रखा जा सकता है। इसके लिए स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने, ऊर्जा दक्षता सुधारने और ऐसी वित्तीय व्यवस्था विकसित करने की जरूरत पर चर्चा हुई, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बड़े स्तर पर अपनाया जा सके।

ऊर्जा की समान पहुंच विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण है। विश्वसनीय बिजली आपूर्ति उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं के विकास को सीधे प्रभावित करती है। इसलिए ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा पहुंच को साथ लेकर चलना BRICS सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

BRICS देशों के युवा ऊर्जा विशेषज्ञों की भागीदारी Young Energy Experts From BRICS Countries Participate

सम्मेलन में BRICS देशों के विभिन्न सरकारी संस्थानों, ऊर्जा मंत्रालयों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थाओं से जुड़े युवा पेशेवरों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में BRICS Youth Energy Agency (BRICS YEA), Sustainable Energy for All (SEforALL), International Solar Alliance (ISA) और International Renewable Energy Agency (IRENA) जैसे संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

20 से अधिक युवा पैनलिस्टों ने सम्मेलन के दौरान अपने विचार और अनुभव साझा किए। चर्चाओं को मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया।

  • ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता।
  • ऊर्जा की पहुंच और समानता।
  • तकनीक और नवाचार।

युवाओं को केवल श्रोता के रूप में शामिल करने के बजाय उन्हें नीति और समाधान से जुड़े संवाद का सक्रिय हिस्सा बनाया गया। इससे ऊर्जा क्षेत्र में अगली पीढ़ी के नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा भी स्पष्ट हुई।

ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता पर विशेष चर्चा Focus on Energy Security and Sustainability

ऊर्जा सुरक्षा सम्मेलन के प्रमुख विषयों में से एक रही। वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं और भू-राजनीतिक परिस्थितियां देशों के लिए ऊर्जा सुरक्षा की चुनौती बढ़ा सकती हैं। ऐसे में ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला तैयार करना जरूरी है।

ऊर्जा स्रोतों में विविधता जरूरी Diversifying Energy Sources Is Essential

प्रतिभागियों ने चर्चा की कि BRICS देशों को अलग-अलग ऊर्जा स्रोतों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और आधुनिक ग्रिड प्रणालियां भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

इसके साथ ही स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा तक अधिक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नए वित्तीय मॉडल विकसित करने की जरूरत भी बताई गई। इससे विकासशील बाजारों में सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार तेज किया जा सकता है।

तकनीक और डिजिटलाइजेशन बने महत्वपूर्ण विषय Technology and Digitalisation Take Centre Stage

ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। सम्मेलन में प्रतिभागियों ने उभरती तकनीकों, डिजिटल ऊर्जा बुनियादी ढांचे और भरोसेमंद ऊर्जा डेटा की बढ़ती आवश्यकता पर चर्चा की।

डिजिटल तकनीक स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण, बिजली वितरण और मांग प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना सकती है। इसके माध्यम से ऊर्जा की खपत और आपूर्ति का बेहतर विश्लेषण किया जा सकता है।

साइबर सुरक्षा और इंटरऑपरेबिलिटी पर जोर Focus on Cybersecurity and Interoperability

ऊर्जा प्रणालियां अधिक डिजिटल होने के साथ साइबर सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हो जाती है। स्मार्ट ग्रिड और डिजिटल ऊर्जा नेटवर्क को साइबर खतरों से सुरक्षित रखना जरूरी होगा।

प्रतिभागियों ने इंटरऑपरेबिलिटी, साइबर सुरक्षा और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। विभिन्न देशों और प्रणालियों के बीच तकनीकी सहयोग के लिए साझा मानकों और ज्ञान का विकास महत्वपूर्ण हो सकता है।

युवा भागीदारी को व्यावहारिक परिणामों से जोड़ने पर जोर Youth Engagement Linked to Practical Outcomes

सम्मेलन में यह विचार सामने आया कि युवाओं की भागीदारी केवल बैठकों और चर्चाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे वास्तविक परियोजनाओं, शोध और तकनीकी प्रयोगों से जोड़ने की आवश्यकता है।

युवा विशेषज्ञों ने संयुक्त शोध, तकनीकी प्रदर्शन, ज्ञान साझा करने और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

शोध और नवाचार में सहयोग Cooperation in Research and Innovation

BRICS देशों के युवा शोधकर्ताओं और ऊर्जा विशेषज्ञों के बीच सहयोग से नई तकनीकों को विकसित करने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार उन्हें अपनाने में मदद मिल सकती है। इससे स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता से जुड़े समाधान तेजी से अलग-अलग बाजारों तक पहुंच सकते हैं।

भारत ने अपनी प्रमुख ऊर्जा पहलों को सामने रखा India Highlights Key Energy Initiatives

भारतीय युवा प्रतिनिधियों ने देश में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली क्षेत्र में सुधार से जुड़े अनुभव साझा किए।

उन्होंने PM-KUSUM, PM Surya Ghar, SHANTI Act और Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) जैसी पहलों का उल्लेख किया। इन कार्यक्रमों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा, विकेंद्रीकृत बिजली व्यवस्था और वितरण क्षेत्र में सुधार के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया।

भारत के ऊर्जा बदलाव से अनुभव साझा Sharing India's Energy Transition Experience

भारत ने ऊर्जा मिश्रण में विविधता लाने, बिजली वितरण ढांचे को मजबूत करने और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के अपने अनुभवों पर भी चर्चा की।

ऐसे अनुभव BRICS के अन्य देशों के लिए उपयोगी हो सकते हैं, खासकर उन देशों के लिए जो ऊर्जा पहुंच बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण पर बढ़ा ध्यान Smart Grids and Energy Storage Gain Attention

सम्मेलन में BRICS Digital Centre of Excellence on Smart Grids and Energy Storage को सहयोग के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में भी रेखांकित किया गया।

यह केंद्र स्मार्ट ग्रिड तकनीक, ऊर्जा भंडारण और ग्रिड लचीलेपन जैसे क्षेत्रों में ज्ञान साझा करने तथा क्षमता निर्माण में योगदान दे सकता है।

नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण में मदद Supporting Better Integration of Renewable Energy

सौर और पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन मौसम और समय के अनुसार बदल सकता है। इसलिए इन स्रोतों को बिजली ग्रिड में प्रभावी तरीके से जोड़ने के लिए आधुनिक ग्रिड तकनीक और ऊर्जा भंडारण महत्वपूर्ण हैं।

BRICS देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग से तकनीकी अनुभव साझा करने और अधिक भरोसेमंद ऊर्जा प्रणालियां विकसित करने में मदद मिल सकती है।

‘Energy for All’ की सोच को मिला नया बल Summit Reinforces the Vision of ‘Energy for All’

8वें BRICS Youth Energy Summit का समापन ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य में युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए हुआ। सम्मेलन में यह स्पष्ट हुआ कि ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ तकनीक, डिजिटलाइजेशन और समान ऊर्जा पहुंच के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।

युवा ऊर्जा विशेषज्ञ आने वाले वर्षों में शोध, स्टार्टअप, उद्यमिता, तकनीकी विकास और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए उन्हें ऊर्जा क्षेत्र की रणनीतिक चर्चाओं में शामिल करना भविष्य की नीतियों को अधिक व्यावहारिक और नवाचार-केंद्रित बनाने में मदद कर सकता है।

BRICS देशों के लिए सहयोग के नए अवसर New Opportunities for BRICS Cooperation

ऊर्जा के क्षेत्र में BRICS सहयोग केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, स्टार्टअप्स, निजी कंपनियों और युवा पेशेवरों को भी इस सहयोग का हिस्सा बनाया जा सकता है।

इस तरह की भागीदारी से नई तकनीकों के विकास और उनके व्यावहारिक इस्तेमाल के बीच की दूरी कम की जा सकती है।

BRICS के ऊर्जा भविष्य में युवाओं की बड़ी भूमिका Youth to Play a Major Role in BRICS Energy Future

ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ग्रिड, ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी तकनीकें इसकी दिशा को प्रभावित करेंगी।

युवा पेशेवर इन तकनीकों को अपनाने और नए समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। BRICS Youth Energy Summit जैसे मंच युवाओं को अलग-अलग देशों के विशेषज्ञों के साथ विचार साझा करने और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशने का अवसर देते हैं।

निष्कर्ष Conclusion

8वें BRICS Youth Energy Summit 2026 ने ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ तकनीक, डिजिटलाइजेशन और सभी के लिए समान ऊर्जा पहुंच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर युवाओं की भूमिका को सामने रखा। सम्मेलन ने दिखाया कि BRICS देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने के लिए केवल नीतिगत घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि संयुक्त शोध, तकनीकी सहयोग, क्षमता निर्माण और व्यावहारिक परियोजनाओं पर भी ध्यान देना होगा।

भारत की “Energy for All” की सोच इस सहयोग को एक समावेशी दिशा देती है। युवा ऊर्जा विशेषज्ञों को नीति, शोध और नवाचार के केंद्र में लाकर BRICS देश अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और लचीली ऊर्जा प्रणालियां विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।