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कृषि मंत्रालय द्वारा 5 निजी कंपनियों से समझौता

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कृषि मंत्रालय द्वारा 5 निजी कंपनियों से समझौता
15 Sep 2021
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भारत एक कृषि प्रधान विकासशील अर्थव्यवस्था वाला देश है। यहां की 70% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। यदि हम भारतवर्ष को किसानवर्ष कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि हम आधुनिकता में कितना भी आगे आ गए हों लेकिन आज भी हम अपने और अपनों का ध्यान रखने के लिए किसानों पर ही निर्भर हैं। किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए कृषि मंत्रालय ने मंगलवार 14 सितंबर 2021 को 5 निजी फर्मों के साथ पायलट परियोजनाओं के लिए समझौता किया है। इस परियोजना के तहत किसान सूचित निर्णय लेने में सक्षम होंगे कि कौन सी फसल उगानी है, किस किस्म के बीजों का इस्तेमाल करना है, उपज को अधिकतम करने के लिए कौन सी प्रथाओं को अपनाना है। गेहूं की फसल को संचालित करने के लिए मध्य प्रदेश के 2 जिलों के चिन्हित गांव में इस परियोजना का संचालन होगा। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि निन्जाकार्ट एग्री मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म (एएमपी) को विकसित और होस्ट करेगा, जो फसल के बाद के बाज़ार लिंकेज में सभी प्रतिभागियों को एक साथ लाने में सक्षम होगा।