दुनिया क्यों हर पल रोती है

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दुनिया क्यों हर पल रोती है
31 Jul 2021
4 min read

Blog Post

इस कविता के माध्यम से कवि जीवन में आये उतार चढ़ाव में हार ना मानने की प्रेरणा दे रहा है।  अपने विचारों से जीवन में आगे बढ़ना और अपनी गलतियों से सीख देने की कोशिश कर रहा है। 

दुनिया क्यों हर पल रोती है,
ग़लती तो सबसे होती है,
जो बहा दिया वो पानी था
जो बचा लिया वो मोती है...

जो बीत गया उसे पार करो,
नवजीवन का निर्माण करो,
ख्वाबों में जीना छोड़ तो तुम
सच्चाई को स्वीकार करो...
यहां, गम का ही नहीं अंधेरा है,
खुशियों की भी पावन ज्योति है...

जो बहा दिया वो पानी था
जो बचा लिया वो मोती है...

अब करो वही जो दिल कहता
और सबकी सुनते जाओ तुम,
अब नहीं तुझे है फिर रोना
हर हंसी को चुनते जाओ तुम,
मिलता सबको मेहनत का फल
बस लम्हें बुनते जाओ तुम,
था यही समझ को समझाना
जीवन भी एक चुनौती है...

दुनिया क्यों हर पल रोती है,
ग़लती तो सबसे होती है,
जो बहा दिया वो पानी था
जो बचा लिया वो मोती है...