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ग्लोबल वार्मिंग के कारण

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ग्लोबल वार्मिंग के कारण
11 Dec 2021
9 min read
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ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से आज कोई भी अनजान नहीं है लेकिन इसके बावजूद भी कोई इसके कारणों के बारे में जानने की कोशिश नहीं करता है आज हमारी पृथ्वी पर तापमान लगातार बढ़ रहा है। इस समस्या से सम्पूर्ण विश्व परेशान है और चिंतित भी। हम सबको मिलकर इस समस्या को दूर करने के लिए कदम उठाना होगा। इसके लिए हमें सबसे पहले ग्लोबल वार्मिंग के कारणों को जानना व समझना होगा। ग्लोबल वार्मिंग धरती के साथ-साथ इंसानों के लिए भी बेहद हानिकारक है। अगर समय रहते हम लोग सचेत नहीं हुए तो फिर इसके घातक परिणाम हम सबको झेलने पड़ेंगे इसलिए ग्लोबल वार्मिंग के कारणों के बारे में जानना अत्यंत आवश्यक हो गया है। .

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ग्लोबल वार्मिंग global-warming एक ऐसा शब्द है जिससे लगभग हर कोई परिचित है। लेकिन इसका अर्थ अभी भी हममें से ज्यादातर लोगों के लिए स्पष्ट नहीं है। हम लोग अभी भी इस शब्द की अनदेखी कर रहे हैं। हम इसके घातक परिणामों से अनजान हैं। क्योंकि अगर इसी तरह चलता रहा तो एक दिन मनुष्य को इसका भारी नुकसान झेलने के लिए तैयार रहना पड़ेगा। अब समय आ गया है कि हम सब लोग ग्लोबल वार्मिंग के कारणों के बारे में जानें और इसका समाधान करने की कोशिश करें। ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करना काफी चुनौतीपूर्ण है लेकिन असंभव नहीं। यदि हम सब मिलकर एक छोटी सी पहल करना शुरू कर दें तो हम ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में मदद कर सकते हैं और इस धरती को जीने लायक बना सकते हैं। 

क्या है ग्लोबल वार्मिंग global-warming

जिस तरह प्राक्रतिक आपदा natural disaster से काफी नुकसान होता है और काफी जन-धन की हानि होती है। बिल्कुल उसी तरह, ग्लोबल वार्मिंग एक ऐसी आपदा है, जिसका प्रभाव बहुत धीरे-धीरे होता है। ग्लोबल वार्मिंग का नुकसान एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई शायद कभी  नहीं हो सकती है। ग्लोबल वार्मिंग को सामान्य भाषा में जानने की कोशिश करें तो, भूमंडलीय तापमान global temperature मे वृद्धि होना ही ग्लोबल वार्मिंग है। ऐसी कई गतिविधियां हैं जिससे तापमान बढ़ रहा है। प्रदूषण के कारण ओजोन पर्त ozone layer मे एक छेद hole हो चुका है।greenhouse gases के असंतुलन के कारण ही ग्लोबल वार्मिंग हो रही है। पराबैगनी किरणें ultraviolet rays सीधे पृथ्वी पर आती है। इस कारण से अत्यधिक गर्मी बढ़ने लगी है और ग्लोबल वार्मिंग हमारे हिम ग्लेशियरों को तेजी से पिघला रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के समाधान के लिए हमें पर्यावरण को बचाना होगा तभी हमारी पृथ्वी सुरक्षित रह सकती है। इसके लिए हमें जरुरत के हिसाब से बिजली का उपयोग करना चाहिए। अधिक से अधिक पेड़ों को लगाना चाहिए एवं वनों की कटाई deforestation को रोकना चाहिए। सार्वजनिक परिवहन public transport का उपयोग करें, रीसाइक्लिंग recycling  की ओर भी ध्यान दें और जल की बर्बादी न करें। 

ग्लोबल वार्मिंग के कारण

यह तो हम सब जानते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग आज एक गंभीर समस्या बन चुकी है। अब इस पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है। क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग का एक कारण नहीं बल्कि अनेक कारण हैं। हमें इन कारणों को भलीभांति समझना होगा। तभी जाकर हम इस समस्या को दूर करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके मुख्य दो कारण हैं -

1 -प्राकृतिक कारण natural causes

2 -मानव निर्मित कारण man made cause

प्राकृतिक कारणों में ग्रीनहाउस गैस greenhouse-gases, ज्वालामुखी विस्फोट, मीथेन गैस और बहुत कुछ शामिल हैं। इसके अलावा मानव निर्मित man made कारणों में वनों की कटाई, खनन, मवेशी पालन, जीवाश्म ईंधन जलाना आदि हैं। यही खनन और पशु पालन जैसी गतिविधियाँ भी पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक हैं। ग्रीनहाउस गैसों greenhouse gas के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। ग्रीनहाउस गैसों से बना एक आवरण cover है जो कि, पृथ्वी पर सुरक्षा पर्त protection layer की तरह काम करता है और इसके असंतुलित होते ही ग्लोबल वार्मिंग समस्या हो जाती है। ज्वालामुखी विस्फोट volcanic eruptions भी ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार हैं। क्योंकि ज्वालामुखी विस्फोट volcanic eruptions में बहुत मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड Carbon dioxide निकलती है, जिससे ये भी एक ग्लोबल वार्मिंग का कारण है। ठीक इसी तरह, मीथेन methane भी ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार है। इसके अलावा ऑटोमोबाइल automobile और जीवाश्म ईंधन fossil fuel का अत्यधिक उपयोग भी ग्लोबल वार्मिंग का कारण है। आज के समय में ग्लोबल वार्मिंग का जो सबसे बड़ा कारण है वह यह है कि निरंतर वनों की कटाई हो रही है और इस वजह से कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण का स्रोत भी खत्म हो जायेगा। आधुनिकीकरण modernization के कारण, पेड़ो की कटाई से गावों का शहरीकरण मे बदलाव हो रहा है जो कि बहुत ही चिंताजनक कारण है। इसके अलावा ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बड़ा कारण प्रदूषण pollution भी है। प्रदूषण बढ़ने के कारण कार्बनडाईआक्साइड की मात्रा बढ़ रही है। हम खुली हवा में भी साँस नहीं ले पा रहे हैं। इसका असर हम सबको आज दिख भी रहा है। अभी सरकार ने प्रदूषण के चलते स्कूल और अन्य कई चीज़ों को बंद कर रखा है। पर ये इसका समाधान नहीं है। इसके लिए सरकार को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए। इस तरह से ऐसे बहुत से कारण हैं ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने के। पृथ्वी में हर चीज एक दूसरे से जुड़ी हुई होती है। अगर हम इस प्रकृति से छेड़छाड़ करते हैं तो पृथ्वी का पूरा संतुलन तहस-नहस हो जाता है। इस असंतुलन के कारण अधिक वर्षा, गर्मी, व ठण्ड पड़ने लगी है या सुखा रहने लगा है। हमें शुद्ध आक्सीजन oxygen नहीं मिलता है और इस तरह से ग्लोबल वार्मिंग से पर्यावरण को बहुत अधिक नुकसान होता है।