पीएम सूर्य घर योजना की बड़ी उपलब्धि, 77.7 लाख आवेदन और 41.9 लाख सोलर इंस्टॉलेशन
News Synopsis
भारत में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने को लेकर लोगों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। इस योजना के तहत देशभर में लाखों परिवारों ने अपने घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाने के लिए आवेदन किया है।
फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक लगभग 77.7 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि देशभर में करीब 41.9 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं।
योजना से जुड़े ताजा आंकड़े नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने संसद में साझा किए हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश में घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को अपनाने की गति लगातार बढ़ रही है।
रूफटॉप सोलर क्षमता 14,894 मेगावाट के पार (Rooftop Solar Capacity Crosses 14,894 MW)
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना PM Surya Ghar: Free Electricity Scheme के तहत अब तक लगाए गए सोलर सिस्टम से लगभग 14,894.95 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जुड़ चुकी है।
इन सोलर सिस्टम को लगभग 50.4 लाख परिवारों तक पहुंचाया गया है। यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत में घरेलू बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा की लोकप्रियता बढ़ रही है।
सरकार ने योजना के लाभार्थियों की सहायता के लिए अब तक लगभग ₹28,390.50 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता जारी की है।
देशभर में प्राप्त आवेदनों की तुलना में पूरी हो चुकी इंस्टॉलेशन संख्या लगभग 54 प्रतिशत है।
गुजरात रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में सबसे आगे (Gujarat Leads in Solar Installations)
पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की संख्या के मामले में गुजरात सबसे आगे है।
राज्य में लगभग 7,80,553 इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। इसके बाद अन्य प्रमुख राज्यों की स्थिति इस प्रकार है।
-
उत्तर प्रदेश: 7,29,337 इंस्टॉलेशन।
-
महाराष्ट्र: 7,11,190 इंस्टॉलेशन।
-
केरल: 3,15,129 इंस्टॉलेशन।
-
राजस्थान: 2,83,051 इंस्टॉलेशन।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश के कई बड़े राज्यों में घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाने की मांग मजबूत बनी हुई है।
गुजरात में सबसे ज्यादा सोलर क्षमता स्थापित (Gujarat Has the Highest Installed Solar Capacity)
सिर्फ इंस्टॉलेशन की संख्या में ही नहीं, बल्कि कुल स्थापित रूफटॉप सोलर क्षमता के मामले में भी गुजरात सबसे आगे है।
राज्य में योजना के तहत लगभग 2,924.99 मेगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है।
इसके बाद:
-
महाराष्ट्र: 2,608.12 मेगावाट।
-
उत्तर प्रदेश: 2,456.15 मेगावाट।
-
केरल: 1,220.83 मेगावाट।
-
राजस्थान: 1,097.92 मेगावाट।
ये आंकड़े बताते हैं कि भारत के प्रमुख सौर ऊर्जा बाजारों में घरों की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए रूफटॉप सोलर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा आवेदन (Maharashtra Records the Highest Number of Applications)
इंस्टॉलेशन में गुजरात सबसे आगे है, लेकिन आवेदनों की संख्या के मामले में महाराष्ट्र ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है।
महाराष्ट्र में योजना के तहत लगभग 14,59,943 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इसके बाद:
-
उत्तर प्रदेश: 11,83,914 आवेदन।
-
गुजरात: 11,78,459 आवेदन।
-
आंध्र प्रदेश: 9,12,788 आवेदन।
आवेदनों की बड़ी संख्या यह संकेत देती है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में परिवारों के बीच घरेलू सौर ऊर्जा को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है।
पीएम सूर्य घर योजना कैसे काम करती है (How the PM Surya Ghar Scheme Works)
सरकार के अनुसार, पीएम सूर्य घर योजना एक मांग आधारित योजना है। इसका उद्देश्य परिवारों को अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
जिन घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के पास अपनी स्थानीय बिजली वितरण कंपनी से ग्रिड-कनेक्टेड बिजली कनेक्शन है, वे राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना के तहत पात्र परिवारों को वित्तीय सहायता दी जाती है। इससे रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की शुरुआती लागत को कम करने में मदद मिलती है।
सरकारी वित्तीय सहायता से बढ़ रहा सोलर अपनाने का रुझान (Government Financial Assistance Supports Solar Adoption)
योजना में केंद्रीय वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
राज्यों को जारी की गई सहायता में गुजरात लगभग ₹5,711 करोड़ के साथ आगे है। इसके बाद:
-
महाराष्ट्र: लगभग ₹5,139 करोड़।
-
उत्तर प्रदेश: लगभग ₹4,843 करोड़।
-
केरल: लगभग ₹2,098 करोड़।
-
राजस्थान: लगभग ₹1,897 करोड़।
सरकारी वित्तीय सहायता का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर को अधिक किफायती बनाना और नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
तमिलनाडु में 88 हजार से अधिक सोलर इंस्टॉलेशन (Tamil Nadu Records More Than 88,000 Installations)
तमिलनाडु ने भी पीएम सूर्य घर योजना के तहत अच्छी प्रगति की है।
राज्य में लगभग 1,06,266 आवेदनों में से 88,133 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं।
इस योजना के तहत करीब 1,04,059 परिवारों को कवर किया गया है। राज्य में कुल स्थापित सोलर क्षमता लगभग 320.24 मेगावाट पहुंच चुकी है।
तमिलनाडु में इंस्टॉलेशन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने करीब ₹589 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की है।
उत्तराखंड में करीब 1 लाख सोलर सिस्टम लगाए गए (Uttarakhand Adds Nearly 1 Lakh Solar Systems)
उत्तराखंड में भी रूफटॉप सोलर योजना के प्रति लोगों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली है।
राज्य में लगभग 1,43,406 आवेदनों में से 98,443 इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं।
उत्तराखंड की कुल रूफटॉप सोलर क्षमता लगभग 354.41 मेगावाट हो गई है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सोलर इंस्टॉलेशन को बढ़ावा देने के लिए लगभग ₹769 करोड़ की सब्सिडी जारी की गई है।
छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी योजना ने पकड़ी रफ्तार (Chhattisgarh and Telangana Also Show Progress)
छत्तीसगढ़ में लगभग 1,96,400 आवेदनों में से 87,106 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए गए हैं।
वहीं, तेलंगाना में करीब 87,832 आवेदनों के मुकाबले 56,462 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए हैं।
अलग-अलग क्षेत्रों के राज्यों में योजना की भागीदारी यह दिखाती है कि पीएम सूर्य घर योजना की पहुंच पूरे देश में बढ़ रही है।
रूफटॉप सोलर भारत के ऊर्जा बदलाव को दे सकता है मजबूती (Rooftop Solar Could Strengthen India's Energy Transition)
घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम की बढ़ती संख्या भारत के व्यापक नवीकरणीय ऊर्जा अभियान को मजबूती दे सकती है।
रूफटॉप सोलर की मदद से परिवार अपनी बिजली जरूरतों का एक हिस्सा खुद पैदा कर सकते हैं। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
जैसे-जैसे अधिक परिवार सौर ऊर्जा अपनाएंगे, भारत की वितरित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता भी बढ़ सकती है।
घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा के फायदे (Benefits of Solar Power at the Household Level)
-
बिजली की जरूरत का कुछ हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकता है।
-
पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम हो सकती है।
-
लंबे समय में बिजली खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
-
स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलता है।
-
देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में योगदान मिलता है।
ताजा आंकड़े पीएम सूर्य घर योजना के बारे में क्या बताते हैं (What the Latest Numbers Show About PM Surya Ghar)
योजना के ताजा आंकड़े बताते हैं कि पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना ने लॉन्च होने के बाद से अच्छी गति हासिल की है।
लगभग 77.7 लाख आवेदन और 41.9 लाख से अधिक इंस्टॉलेशन यह संकेत देते हैं कि बड़ी संख्या में परिवार रूफटॉप सोलर को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
वहीं, लगभग 14,895 मेगावाट सोलर क्षमता का जुड़ना भी योजना के प्रभाव को दर्शाता है।
आने वाले समय में सरकार के सामने इंस्टॉलेशन की गति बनाए रखने, लोगों में जागरूकता बढ़ाने और पात्र परिवारों तक वित्तीय सहायता को आसान तरीके से पहुंचाने की चुनौती रहेगी।
पीएम सूर्य घर योजना का आगे क्या महत्व होगा (What Could Be the Future Importance of PM Surya Ghar Scheme)
भारत की बढ़ती बिजली मांग के बीच घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा का विस्तार महत्वपूर्ण हो सकता है।
रूफटॉप सोलर से न केवल परिवार अपनी बिजली जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं, बल्कि इससे देश के ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय स्रोतों की हिस्सेदारी भी बढ़ सकती है।
योजना की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों के लिए आवेदन, इंस्टॉलेशन, सब्सिडी और बिजली कनेक्शन से जुड़ी प्रक्रिया कितनी आसान बनाई जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भारत में तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना के तहत अब तक लगभग 77.7 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं और 41.9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं।
इंस्टॉलेशन और कुल क्षमता के मामले में गुजरात सबसे आगे है, जबकि महाराष्ट्र में सबसे अधिक आवेदन दर्ज किए गए हैं। योजना के तहत लगभग 14,895 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जुड़ चुकी है।
सरकारी वित्तीय सहायता और बढ़ती उपभोक्ता रुचि के साथ पीएम सूर्य घर योजना भारत के घरेलू नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा दे सकती है। आने वाले वर्षों में यह योजना स्वच्छ बिजली को बढ़ावा देने, परिवारों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


