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Nelson Mandela Day-2022- शांति एवं सौहार्द के संकल्प का दिन

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Nelson Mandela Day-2022- शांति एवं सौहार्द के संकल्प का दिन
18 Jul 2022
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नेल्सन मंडेला ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने रंगभेद के खिलाफ लम्बी लड़ाई लड़ी 27 साल जेल में बिताए, काले और गोरे के फर्क को मिटाया और इतिहास में अमर हो गए। आकर्षक व्यक्तित्व वाले नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) पहले ऐसे गैर-भारतीय (Non-Indian) थे जिन्हें भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित किया गया इतना ही नहीं, उन्हें शांति के लिए नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) से भी नवाजा गया उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की जगह लोकतांत्रिक सरकार (Democratic Government) बनाने के लिए एक लम्बा संघर्ष किया नतीजा, 3 दशक जेल में बीते जिस जगह उन्होंने इतना लम्बा संघर्ष किया उसी दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के वो पहले अश्वेत राष्ट्रपति (Black President)  बने आज नेल्सन मंडेला का जन्मदिन (Nelson Mandela Birthday) है, इस मौके पर जानिए उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें…

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नेल्सन मंडेला ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने रंगभेद के खिलाफ लम्बी लड़ाई लड़ी 27 साल जेल में बिताए, काले और गोरे के फर्क को मिटाया और इतिहास में अमर हो गए आकर्षक व्यक्तित्व वाले नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) पहले ऐसे गैर-भारतीय (Non-Indian)थे जिन्हें भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित किया गया इतना ही नहीं, उन्हें शांति के लिए नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) से भी नवाजा गया उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की जगह लोकतांत्रिक सरकार (Democratic Government) बनाने के लिए एक लम्बा संघर्ष किया नतीजा, 3 दशक जेल में बीते। जिस जगह उन्होंने इतना लम्बा संघर्ष किया उसी दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के वो पहले अश्वेत राष्ट्रपति (Black President) बने ।

दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सबके लिए एक खास तरह की मिसाल बन जाते हैं शांति के लिए प्रयास करने वाले इस तरह के लोगों की सूची बहुत छोटी है इसमें एक खास नाम है दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) का। मंडेला ने जीवन भर शांति के लिए और रंगभेद के खिलाफ काम किया उनके अतुलनीय संघर्ष के लिए उनके जन्मदिन को नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे (Nelson Mandela International Day) के रूप  में मनाया जाता है 18 जुलाई को मंडेला के जन्मदिवस को मंडेला दिवस भी कहा जाता है।

संयुक्त राष्ट्र की घोषणा (United Nations Declaration) 

यह दिन सबसे पहले 18 जुलाई साल 2010 को मनाया गया था जब संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने नवंबर 2009 को आधिकारिक रूप से नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे की घोषणा की थी मूल रूप से यह मंडेला का ही विचार था कि उनके जन्मदिन को मंडेला डे की तरह मनाया जाए अपने 90वें जन्मदिन पर उन्होंने कहा था, “अब समय आ गया है कि नए हाथों को बोझ उठाना चाहिए, अब यह आपके हाथों में है” नेल्सन मंडेला अन्तर्राष्ट्रीय दिवस प्रति वर्ष 18 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र द्वारा शान्ति के लिये नोबल पुरस्कार विजेता पूर्व दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के जन्म दिवस की यादगार के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2022 में इस दिवस का मुख्य विषय Theme- ‘Do What You Can With What You Have And Where You Are’ यानि कि “आपके पास जो है, आप जहां हैं, वहां से पहल करें.’’्रत्येक दिवस मंडेला दिवस मनाए। 

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नाम से ऐसे जुड़ा मंडेला

नेल्सन मंडेला का जन्म दक्षिण अफ्रीका में 18 जुलाई 1918 को हुआ था इनका पूरा नाम नेल्सन रोलीह्लला मंडेला (Nelson Rolihlahla Mandela) था इन्हें मदीबा (Madiba) के नाम भी जाना जाता है इनका शुरुआती नाम नेल्सन रोलीह्लला था, लेकिन इनके एक शिक्षक ने बाद में इनके नाम में मंडेला (Mandela) शब्द को शामिल किया इनके पिता की मौत तब हुई जब मंडेला काफी छोटे थे इसलिए इनके जीवन में संघर्ष का दौर उसी उम्र से शुरू हो गया था।

जब देशद्रोह का मुकदमा चला

1944 में अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (African National Congress) में शामिल होने के बाद उन्होंने देश में रंगभेद के खिलाफ अपने आंदोलन की शुरुआत की इस आंदोलन में शामिल अपने कई दोस्तों के साथ मिलकर अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस यूथ लीग का गठन (Formation Of Youth League)  किया 1947 में वे इस लीग के सचिव चुने गए, लेकि 1961 में मंडेला और उनके कुछ दोस्तों के खिलाफ देशद्रोह (Treason) करने का मुकदमा चला, हालांकि फैसला उनके पक्ष में आया और वो निर्दोष साबित हुए।

इतना ही नहीं, उन पर मजदूरों को हड़ताल के लिए उकसाने और बिना अनुमति देश छोड़ने का आरोप लगा रंगभेद के खिलाफ अपनी लड़ाई के सफर में उन्हें 1964 से 1990 तक जेल में बिताने पड़े उन्हें रॉबेन द्वीप के कारागार (Robben Island Prisons) में रखा गया था जहां उन्हें कोयला खनिक का काम करना पड़ा था।

जेल में सजा काटने के दौरान उन्होंने अपनी बायोग्राफी लिखी जिसका नाम था लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम (Long Walk To Freedom) उनकी यह बायोग्राफी (Biography) 1994 में प्रकाशित हुई।

जेल से निकलने के बाद बने पहले अश्वेत राष्ट्रपति

जीवन के 27 साल जेल में बिताने के बाद 11 जुलाई, 1990 में वो रिहा किए गए रिहाई के बाद उन्होंने नए दक्षिण की अफ्रीका की नींव रखी 1994 में दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद रहित चुनाव हुए अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस ने 62 प्रतिशत मत प्राप्त किए और बहुमत के साथ उसकी सरकार बनी 10 मई 1994 को मंडेला अपने देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने।

यह इतिहास रचने (Making History) के बाद दक्षिण अफ्रीका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मंडेला रंगभेद का विरोध करने के एक प्रतीक के तौर पर जाने गए यूनाइटेड नेशंस (United Nations) ने तो उनके जन्म दिन को नेल्सन मंडेला इंटरेनशनल डे (Nelson Mandela International day) के तौर पर मनाने का भी निर्णय लिया था।

अन्तरराष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस का उद्देश्य: (Purpose of International Nelson Mandela Day) 

इस दिवस का उद्देश्य लोगों को विश्व में शांति एवं सौहार्द (Peace And Harmony) हेतु बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है।

नेल्सन मंडेला के बारे में रोचक तथ्य

1. मंडेला का जन्म रोलिहलाहला से हुआ था। इसका मतलब यह है कि मंडेला 'पेड़ की डाली खींचने वाले' या 'संकटमोचक' हैं। उनके शिक्षक ने उन्हें प्राथमिक विद्यालय में अपने पहले दिन नेल्सन नाम दिया।

2. नेल्सन मंडेला की पत्नी, ग्रेका मचेल, मोज़ाम्बिक के राष्ट्रपति समोरा मचेल से शादी करने वाली पहली थीं। पति की मौत के बाद उसने शादी की।

3. नेल्सन मंडेला को बॉक्सिंग का शौक था।

4. नेल्सन को स्पाइक ली की 1992 की फिल्म मैल्कम एक्स में देखा गया था। वह एक शिक्षक के रूप में एक कैमियो उपस्थिति थे।

5. विटवाटरसैंड विश्वविद्यालय में कानून का अध्ययन करने के बाद, उन्होंने 1952 में जोहान्सबर्ग में पहले अश्वेत कानूनी कार्यालय की स्थापना की।

नेल्सन मंडेला के प्रेरणादायक उद्धरण

1. "शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं"

2. “जीवन में जो मायने रखता है वह केवल यह तथ्य नहीं है कि हम जी चुके हैं। दूसरों के जीवन में हमने जो फर्क किया है, वह हमारे जीवन के महत्व को निर्धारित करेगा।"

3. “मैं मूल रूप से एक आशावादी हूं। आशावादी होने का एक हिस्सा अपने सिर को सूर्य की ओर रखना, अपने पैरों को आगे बढ़ाना है। ऐसे कई काले क्षण थे जब मानवता में मेरे विश्वास की बहुत परीक्षा हुई, लेकिन मैं निराशा के आगे न झुक सका और न ही दे सका। इस तरह हार और मौत तय है।"

4. "हर कोई अपनी परिस्थितियों से ऊपर उठ सकता है और सफलता प्राप्त कर सकता है यदि वे अपने काम के लिए समर्पित और जुनूनी हैं।"

5. "यह हमेशा असंभव लगता है, जब तक इसे पूरा नहीं किया जाता है।"

6. "पीछे से नेतृत्व करें - और दूसरों को विश्वास करने दें कि वे सामने हैं।"

7. "मैंने हमेशा माना है कि व्यायाम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मन की शांति की कुंजी है।"