Ed-Tech का विस्तारित होता भविष्य

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Ed-Tech का विस्तारित होता भविष्य
14 Dec 2021
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एक दौर था जब ज्ञान प्राप्ति के लिए विद्यालय जाना या फ़िर भौतिक रूप से शिक्षक तथा छात्र का साक्षात्कार होना ज़रूरी था, परन्तु एड-टेक Ed-tech ने इस तथ्य को भी विकल्प दे दिया। यदि कोई व्यक्ति या छात्र शिक्षा प्राप्त करना चाहता है तो वह भौतिक रूप से साक्षात्कार कर सकता है या Ed-tech के माध्यम से ज्ञान अर्जित कर सकता है।

आधुनिक क्षेत्र में पैर पसारती यह दुनिया कल्पनाओं को निरंतर हक़ीक़त में बदल रही है। यहां तक कि जिसकी कल्पना भी न की गई हो उसे भी हमने वास्तविक जीवन में जीना प्रारम्भ कर दिया है। तकनीकियों ने हमारे जीवन को इस प्रकार अपने गिरफ़्त में ले लिया है कि हम यदि इससे छूटना चाहें तो स्वयं को छुड़ा नहीं सकते हैं। यह अब हमारी आदत में शामिल हो चुका है। व्यस्त जीवन को सहज बनाता यह आधुनिक दौर हमारी ज़रूरत में शामिल हो गया है। हमारे दिन की सुबह इन्हीं तकनीकियों के साथ होती है तथा रात का अंत भी इन्हीं के साथ होता है। Technology ने हमारे जीवन की अधिक समस्याओं को हल कर दिया। विपत्ति के समय में भी जब हम अनेक दुविधाओं से घिरे रहते हैं तब भी यह हमारे साथ खड़ा रहता है। शिक्षा मनुष्य के जीवन में कितना महत्वपूर्ण है, इससे हम सब भली-भांति परिचित हैं। परन्तु प्रत्येक व्यक्ति सहजता से शिक्षा प्राप्त कर ले ऐसा मुमकिन नहीं। इस नामुमकिन को भी तकनीकी ने आसान कर दिखाया है। एक दौर था जब ज्ञान प्राप्ति के लिए विद्यालय जाना या फ़िर भौतिक रूप से शिक्षक तथा छात्र का साक्षात्कार होना ज़रूरी था, परन्तु एड-टेक Ed-tech ने इस तथ्य को भी विकल्प दे दिया। यदि कोई व्यक्ति या छात्र शिक्षा प्राप्त करना चाहता है तो वह भौतिक रूप से साक्षात्कार कर सकता है या Ed-tech के माध्यम से ज्ञान अर्जित कर सकता है।

Ed-Tech वह माध्यम है जिसने लोगों की सीखने की जिज्ञासा curiosity to learn को एक स्थिर प्लेटफॉर्म दिया है। इसके ज़रिए आज कहीं पर बैठकर एक इंसान जो सीखना चाहे सीख सकता है। यह बच्चों की शिक्षा में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इंटरनेट का उपयोग करके अब शिक्षा ने तकनीकी का हाथ थाम लिया है जो शिक्षा को और अधिक प्रभावी बना रहा है।

वैसे तो Ed-tech धीरे-धीरे आगे की ओर बढ़ रही थी, परन्तु इसका वास्तविक उदय तब हुआ जब 2009 में निवेशकर्ताओं ने वास्तविक निवेश actual investment से लगभग डॉलर150 मिलियन और अधिक इस क्षेत्र में ख़र्च करके इसके विस्तार की योजना बनाई। इस विस्तार को बाज़ार में अच्छी प्रतिक्रिया मिली। क्योंकि केवल इंटरनेट का उपयोग करके व्यक्ति आसानी से ज्ञान प्राप्त कर ले रहा था।

इस माध्यम को विश्वविद्यालयों तथा विद्यालयों में भी लिया जाने लगा। क्योंकि एक तरफ़ यह जहां पर छात्रों को तकनीकी से जोड़ रहा था, वहीं दूसरी तरफ़ यह विद्यालय आने में असमर्थ बच्चों की सहायता भी कर रहा था।

समय बदलने के साथ यह और भी प्रौढ़ होता गया। इसमें भी की तरह के बदलाव होते रहे। लोग व्यक्तिगत तौर पर भी अब किसी विषय पर वीडियो बनाकर अच्छे ग्राफिक्स के साथ नेट पर डालने लगे ताकि लोग उनके द्वारा साझा किए गए ज्ञान को अर्जित कर सकें।

अब तो ऑनलाइन ऐसे कई संस्थान भी खुल गए हैं जो इसी को व्यवसाय बना रहे हैं। Ed-Tech ने लोगों को व्यवसाय का ज़रिया भी दिया है तथा ज़रूरतमंद को शिक्षा ग्रहण करने का विकल्प भी। Ed-Tech महामारी में प्रधान भूमिका में रही, जिसने बच्चों के भविष्य के साथ समझौता नहीं करने दिया तथा ज्ञान के प्रवाह को निरंतर बहने दिया।