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एक गांव जो बसा है जमीन के नीचे

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एक गांव जो बसा है जमीन के नीचे
26 Oct 2021
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दुनिया में कई ऐसी अजीब चीजें या जगहें है, जिनको देखकर यकीन कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे ही इन दुनिया में एक ऐसा गांव है जो पूरी तरह से जमीन के अंदर ही बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया की इस जमीन पर पहले किसी रेगिस्तान के अलावा कुछ नहीं था लेकिन ऑस्ट्रेलिया के एक एडिलेड शहर से 846 किमी दूर एक गांव जो कि जमीन के नीचे है और यहाँ पर पूरी सुख सुविधायें हैं। यहां आपको होटल, चर्च, स्पा, पब, कैसिनो और अनेक म्यूज़ियम भी मिलें जायेंगे। इसी खासियत की वजह से इस गांव में टूरिस्टों का आना जाना लगा रहता है और इन ज़मीन के नीचे बने घरों को देखकर ऐसा लगता है कि ये किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। 

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शायद आपने ये कभी नहीं सोचा होगा कि जमीन के नीचे भी कोई गांव हो सकता है। क्योंकि आजकल जहाँ बड़ी-बड़ी गगनचुंबी इमारतें बन रही हैं, तो ऐसे समय में जमीन के नीचे रहने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता पर एक ऐसा अनोखा गांव है जो पूरा जमीन के नीचे बसा हुआ है। ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर से कुछ दूर यह अनोखा गांव जमीं के नीचे बसा है। इस गांव का नाम कूबर पेडी है। इस गांव की करीब 60% जनसंख्या जमीन के नीचे बसी हुई है और यहाँ ये लोग छोटे घरों में नहीं बल्कि आलीशान घरों में रहते हैं।

दरअसल यहाँ पर पहले ओपल पत्थर मिला था। जिससे यहाँ खनन का काम होने लगा और इस काम ने व्यवसाय का रूप ले लिया। आज भी यहाँ का मुख्य व्यवसाय ओपल खनन ही है और पूरी दुनिया का 95% ओपल इसी गांव में पाया जाता है। ओपल दूधिया रंग का पत्थर होता है और यह बहुत महँगा होता है। अधिकांश अंडरग्राउंड सिस्टम खुदाई के मकसद से ही बनाए गए थे। मजदूरों ने गर्मी से बचने के लिए जमीन के नीचे बनी गुफाओं में रहना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे काम करने वाले लोगों ने यहाँ घर बनाने शुरू कर दिए। क्योंकि बाहर गर्मी बहुत होती थी तो लोग गर्मी से बचने के लिए लोगों ने यहीं घर बनाने शुरू कर दिये। यह गांव अंडरग्राउंड ही बना है। यहां सारे लोग अंडरग्राउंड ही रहते हैं।

इस गांव में 3,500 लोगों की आबादी रहती है। इस गांव को ऊपर से देखने पर आपको केवल मिट्टी के टीले नजर आएंगे । यहाँ दुकानें, चर्च, म्यूजियम ,मॉल, होटल से लेकर स्कूल तक सब कुछ अंडरग्राउंड ही है। जमीन के नीचे ये घर पूरी तरह से फर्निश और सारी सुख सुविधाओं से लैस हैं। यहाँ देखने पर ये प्रतीत नहीं होता है कि ये घर जमीन के नीचे हैं। ऐसे यहां करीब 1500 घर हैं। यह गांव अपनी खासियत के लिए मशहूर है इसी वजह से यहां कई हॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग होती रहती है और पर्यटक भी यहाँ आते रहते हैं। इस गांव को 'ओपल कैपिटल ऑफ़ द वर्ल्ड (Opal capital of the world) विश्व की दूधिया राजधानी भी कहा जाता है। इन घरों में सुंदरता और बनावट के साथ-साथ वातानुकूलन का भी खास ख्याल रखा गया है।

जमीं के नीचे घर बनाने का खर्चा भी उतना ही लगता है जितना कि जमीन पर घर बनाने में। जमीन के अंदर ए सी की जरूरत नहीं होती। यहाँ बाहर गर्मियों का तापमान 120 डिग्री फारेनहाइट तक रहता है और बारिश भी नहीं होती है जिस वजह से यहाँ बहुत गर्मी होती है पर जमीं के नीचे तापमान बिल्कुल सही रहता है। पहले इन लोगों को गर्मी के कारण बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था पर अब जमीन के नीचे ये लोग आराम से रहते हैं। ये घर जमीन पर बने घरों से भी सुंदर होते हैं। यहाँ घर ऐसे बनाये जाते हैं कि यहाँ ए सी के साथ-साथ हीटर की भी जरुरत नहीं होती है। यहाँ पर बिजली, इंटरनेट आदि सारी सुविधायें हैं। सिर्फ धूप को छोड़कर आपको बिल्कुल भी ये अहसास नहीं होगा कि हम जमीन के अंदर है। यहाँ का सुपरमार्केट भी जमीन के अंदर ही है और बढ़िया से बढ़िया क्लब भी मौजूद हैं। यहाँ कई जगह साइन बोर्ड भी लगाये रहते हैं जिससे लोगों को सावधान किया जा सके।