डिजिटल इंडिया को नई गति, उमंग और डिजिलॉकर पर हजारों सरकारी सेवाएं उपलब्ध

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डिजिटल इंडिया को नई गति, उमंग और डिजिलॉकर पर हजारों सरकारी सेवाएं उपलब्ध
13 Aug 2026
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News Synopsis

भारत सरकार UMANG और DigiLocker जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सुविधाएं और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटी-छोटी सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 7 अगस्त 2026 को राज्यसभा में इस संबंध में नवीनतम जानकारी साझा की। यह विस्तार सरकार के व्यापक डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम Digital India Programme जुलाई 2015 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाना, सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना और तकनीक के जरिए नागरिकों को सशक्त बनाना है।

उमंग पर हजारों सरकारी सेवाएं उपलब्ध। Thousands of Services Available Through UMANG.

UMANG यानी Unified Mobile Application for New-age Governance भारत में डिजिटल सरकारी सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है। यह नागरिकों को अलग-अलग सरकारी विभागों की सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराने में मदद करता है।

31 जुलाई तक UMANG पर लगभग 2,575 सेवाएं उपलब्ध थीं। इनमें शामिल हैं।

  • केंद्र सरकार की 880 सेवाएं।
  • राज्य सरकारों की 1,695 सेवाएं।

इस प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग सरकारी विभागों की सेवाओं को एक जगह लाया गया है। नागरिक मोबाइल ऐप और वेब आधारित सेवाओं के माध्यम से इन सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।

उमंग के पंजीकृत यूजर्स की संख्या 11.66 करोड़ से अधिक। UMANG Crosses 11.66 Crore Registered Users.

UMANG ने लॉन्च होने के बाद से बड़ी संख्या में यूजर्स को अपने साथ जोड़ा है। वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म पर 11.66 करोड़ से अधिक पंजीकृत यूजर्स हैं।

पिछले तीन वर्षों में UMANG पर लगभग 798 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए हैं। इतने बड़े स्तर पर लेनदेन यह संकेत देते हैं कि नागरिक सरकारी सेवाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं।

इससे यह भी पता चलता है कि कई सामान्य सरकारी सेवाओं के लिए लोगों की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है।

डिजिलॉकर से डिजिटल दस्तावेजों तक आसान पहुंच। DigiLocker Expands Digital Document Access.

DigiLocker भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह नागरिकों को डिजिटल रूप से जारी और सत्यापित दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से रखने, देखने और जरूरत के अनुसार साझा करने की सुविधा देता है।

इससे लोगों को हर समय दस्तावेजों की भौतिक कॉपी साथ रखने की जरूरत कम होती है। 31 जुलाई तक DigiLocker पर लगभग 5,437 प्रकार के दस्तावेज और सेवाएं उपलब्ध थीं।

इनमें शामिल हैं।

  • केंद्र सरकार की 661 सेवाएं और दस्तावेज।
  • राज्य सरकारों की 4,776 सेवाएं और दस्तावेज।

नागरिक जरूरत पड़ने पर इन डिजिटल दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से एक्सेस और साझा कर सकते हैं।

डिजिलॉकर के यूजर्स की संख्या 72 करोड़ से अधिक। DigiLocker User Base Crosses 72 Crore.

DigiLocker का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। इस प्लेटफॉर्म पर 72.43 करोड़ से अधिक पंजीकृत यूजर्स हैं।

पिछले तीन वर्षों में DigiLocker पर लगभग 72.86 करोड़ दस्तावेज एक्सेस ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं। बढ़ता इस्तेमाल दिखाता है कि भारत में डिजिटल दस्तावेज अब सार्वजनिक सेवाओं और रोजमर्रा के सरकारी कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं।

कॉमन सर्विस सेंटर से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच मजबूत। Common Service Centres Improve Rural Digital Access.

डिजिटल प्लेटफॉर्म से सेवाएं घर बैठे मिल सकती हैं, लेकिन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में हर व्यक्ति के पास स्मार्टफोन, कंप्यूटर या अच्छी इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है।

इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC के नेटवर्क को भी मजबूत कर रही है। ये केंद्र उन लोगों के लिए स्थानीय डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में काम करते हैं, जिन्हें ऑनलाइन सरकारी सेवाओं तक सीधे पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

30 जून तक ग्राम पंचायत स्तर पर लगभग 4,07,122 CSC काम कर रहे थे।

इनमें लगभग 70,069 CSC महिला Village Level Entrepreneurs यानी VLEs द्वारा संचालित किए जा रहे थे।

CSC पर कई जरूरी सेवाएं उपलब्ध। CSCs Offer Multiple Essential Services.

कॉमन सर्विस सेंटर नागरिकों को कई तरह की सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें शामिल हैं।

  • सरकारी सेवाएं।
  • बैंकिंग सुविधाएं।
  • बीमा सेवाएं।
  • पेंशन से जुड़ी सेवाएं।
  • वित्तीय सेवाएं।
  • बिजली और अन्य यूटिलिटी बिलों का भुगतान।

इन केंद्रों का नेटवर्क गांवों और ऐसे इलाकों में डिजिटल सरकारी सेवाओं को पहुंचाने में मदद करता है, जहां सरकारी कार्यालय दूर हो सकते हैं।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जरूरी सेवाएं आपस में जुड़ रही हैं। Digital Infrastructure Connects Key Services.

UMANG और DigiLocker भारत के Digital Public Infrastructure यानी DPI के महत्वपूर्ण हिस्सों के साथ जुड़े हुए हैं।

इनमें Aadhaar, eSign और API Setu जैसी डिजिटल सुविधाएं शामिल हैं। ये सिस्टम पहचान की पुष्टि, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर और अलग-अलग डिजिटल सेवाओं के बीच सुरक्षित डेटा इंटीग्रेशन में मदद करते हैं।

इस तरह का इंटीग्रेशन एक ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करने में मदद करता है, जहां नागरिक सुरक्षित तरीके से कई सेवाओं और दस्तावेजों तक पहुंच सकते हैं।

कागज रहित और घर बैठे सरकारी सेवाओं की सुविधा। Paperless and Remote Service Delivery.

इन डिजिटल प्लेटफॉर्म का एक बड़ा फायदा यह है कि इनसे कागजी दस्तावेजों और सरकारी कार्यालयों पर निर्भरता कम हो सकती है।

नागरिक पात्र दस्तावेजों को डिजिटल रूप में प्राप्त कर सकते हैं, कई सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सत्यापित जानकारी को डिजिटल माध्यम से साझा कर सकते हैं।

डिजिटल पहचान और दस्तावेज सत्यापन से सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया को अधिक आसान और तेज बनाने में भी मदद मिल सकती है। इससे पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा मिलता है।

सुरक्षित पहचान और सहमति के आधार पर डेटा साझा करने पर जोर। Secure Authentication and Consent-Based Sharing.

डिजिटल सरकारी सेवाओं में सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। UMANG और DigiLocker जैसे प्लेटफॉर्म सुरक्षित पहचान सत्यापन, डिजिटल दस्तावेजों की पुष्टि और सहमति आधारित जानकारी साझा करने जैसी सुविधाओं को समर्थन देते हैं।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य नागरिकों को अपनी डिजिटल जानकारी पर अधिक नियंत्रण देना है। साथ ही, यह सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल सेवाओं में भरोसा बढ़ाने में मदद कर सकता है।

सरकार डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दे रही है। Government Promotes Digital Literacy.

डिजिटल सेवाओं का विस्तार तभी प्रभावी हो सकता है जब नागरिकों को उनका इस्तेमाल करने की जानकारी और भरोसा हो। इसी कारण सरकार डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है।

इनमें प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान यानी PMGDISHA भी शामिल है।

सरकार जागरूकता अभियानों के जरिए लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके सरकारी सेवाएं लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध डिजिटल सेवाएं। Services Available in Multiple Indian Languages.

डिजिटल सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए UMANG और DigiLocker पर कई भारतीय भाषाओं में सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इन प्लेटफॉर्म को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है ताकि उनका इस्तेमाल आसान हो और अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के नागरिक डिजिटल सेवाओं को बेहतर तरीके से समझ सकें।

स्थानीय भाषाओं का समर्थन उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है जिन्हें केवल अंग्रेजी में उपलब्ध डिजिटल इंटरफेस समझने में कठिनाई होती है।

उमंग और डिजीलॉकर पर लगातार नई सेवाएं जोड़ी जा रही हैं। More Government Services Being Added.

सरकार लगातार केंद्र और राज्य सरकारों के नए विभागों को इन डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है।

इससे भविष्य में UMANG और DigiLocker पर उपलब्ध सेवाओं और डिजिटल दस्तावेजों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

नियमित तकनीकी अपडेट के जरिए यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने और नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच को अधिक आसान बनाने का प्रयास भी जारी है।

सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम करने में मदद। Reducing Visits to Government Offices.

डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से नागरिकों को सामान्य सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों में जाने की जरूरत कम हो सकती है।

ऑनलाइन सेवाएं लोगों का समय और मेहनत बचा सकती हैं। साथ ही, नागरिक पारंपरिक सरकारी कार्यालयों के समय के बाहर भी कई डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा और भी उपयोगी हो सकती है, क्योंकि उन्हें छोटी सेवाओं के लिए प्रशासनिक केंद्रों तक लंबी यात्रा करने की जरूरत कम पड़ सकती है।

भारत के डिजिटल गवर्नेंस इकोसिस्टम को मिल रही मजबूती। Strengthening India’s Digital Governance Ecosystem.

UMANG, DigiLocker और CSCs का लगातार विस्तार भारत में तकनीक आधारित शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म, डिजिटल पहचान, इलेक्ट्रॉनिक ऑथेंटिकेशन और स्थानीय सेवा केंद्रों को एक साथ जोड़कर सरकार ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रही है जिसका उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं को ज्यादा आसान और सुलभ बनाना है।

भारत में सरकारी सेवाओं का फोकस धीरे-धीरे एकीकृत, पेपरलेस और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण की ओर बढ़ रहा है।

निष्कर्ष। Conclusion.

भारत की डिजिटल सार्वजनिक सेवा व्यवस्था UMANG, DigiLocker और Common Service Centres के जरिए तेजी से विस्तार कर रही है। करोड़ों पंजीकृत यूजर्स और हजारों सेवाओं और डिजिटल दस्तावेजों की उपलब्धता से नागरिकों के लिए सरकारी सुविधाओं तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान हो रही है।

आने वाले समय में अलग-अलग सरकारी विभागों का अधिक एकीकरण, भारतीय भाषाओं में बेहतर सुविधाएं, डिजिटल साक्षरता और ज्यादा सेवाओं को ऑनलाइन लाने की प्रक्रिया इस व्यवस्था को और मजबूत कर सकती है। इससे भारत में एक ऐसी डिजिटल गवर्नेंस प्रणाली विकसित करने में मदद मिल सकती है, जिसमें सरकारी सेवाएं अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित हों।