जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने दिया इस्तीफा

Share Us

65
जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने दिया इस्तीफा
22 Jan 2026
7 min read

News Synopsis

जोमैटो के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने इस्तीफा दे दिया है, शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद इटरनल के बोर्ड में बदलाव हुआ है, बता दें कि जोमैटो और ब्लिकिंट की पेरेंट कंपनी का नाम इटरनल है, नए सीईओ अलबिंदर ढींडसा बनाए जाएंगे,  दीपिंदर गोयल ने शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में उनकी रुचि ऐसे नए आइडियाज में बढ़ी है, जिनमें जोखिम का स्तर और प्रयोग की गुंजाइश काफी अधिक है, उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के बड़े प्रयोग किसी पब्लिक लिस्टेड कंपनी के दायरे में रहकर करने के बजाय बाहर (प्राइवेट तौर पर) करना ज्यादा व्यावहारिक होता है, और इसी सोच के मद्देनजर उन्होंने यह फैसला लिया है, दीपिंदर गोयल इटरनल के बोर्ड में वाइस चेयरमैन की भूमिका में बने रहेंगे।

दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal)

दीपिंदर गोयल भारत के सबसे चर्चित स्टार्टअप संस्थापकों में से एक हैं, और Zomato के सह-संस्थापक (Co-founder) व CEO हैं।

शुरुआत: पंजाब के मुक्तसर के रहने वाले दीपिंदर ने IIT दिल्ली से पढ़ाई की, जोमैटो शुरू करने से पहले वह ‘बैन एंड कंपनी’ (Bain & Company) में बतौर सलाहकार काम कर रहे थे।

Zomato का जन्म: 2008 में उन्होंने अपने साथी पंकज चड्ढा के साथ ‘Foodiebay’ नाम से कंपनी शुरू की, जिसे बाद में ‘Zomato’ का नाम दिया गया, इसकी शुरुआत ऑफिस के कैंटीन में मेन्यू कार्ड्स की फोटो खींचकर उन्हें ऑनलाइन डालने से हुई थी।

विस्तार: उनके नेतृत्व में जोमैटो सिर्फ फूड डिलीवरी ही नहीं, बल्कि डाइनिंग-आउट और क्विक कॉमर्स (Blinkit) के क्षेत्र में भी देश की दिग्गज कंपनी बनी, जोमैटो 2021 में शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली भारत की शुरुआती प्रमुख टेक कंपनियों में से एक थी।

अलबिंदर ढींडसा Blinkit (पूर्व में Grofers) के सह-संस्थापक और CEO हैं, वे भारत में क्विक-कॉमर्स क्रांति लाने वाले प्रमुख व्यक्तियों में गिने जाते हैं।

शुरुआत: अलबिंदर ने भी IIT दिल्ली से शिक्षा प्राप्त की और बाद में कोलंबिया बिजनेस स्कूल से MBA किया, करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने दीपिंदर गोयल के साथ ‘बैन एंड कंपनी’ में भी काम किया था।

Grofers से Blinkit: 2013 में उन्होंने सौरभ कुमार के साथ मिलकर ‘Grofers’ की शुरुआत की थी, जो एक ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म था, साल 2021 में उन्होंने कंपनी का नाम बदलकर ‘Blinkit’ कर दिया और ’10 मिनट डिलीवरी’ के मॉडल पर फोकस किया।

जोमैटो के साथ विलय: साल 2022 में जोमैटो ने अलबिंदर की कंपनी Blinkit का अधिग्रहण कर लिया, तब से अलबिंदर इस यूनिट का नेतृत्व कर रहे हैं, और वर्तमान में यह जोमैटो के कुल बिजनेस का एक बड़ा और सफल हिस्सा बन चुका है।

खासियत: अलबिंदर को लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन का एक्सपर्ट माना जाता है, उन्होंने भारतीय बाजार में ‘डार्क स्टोर्स’ (Dark Stores) के मॉडल को बेहद प्रभावी ढंग से लागू किया, जिससे बहुत कम समय में सामान पहुंचाना संभव हुआ।

ये दोनों न केवल IIT दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और पुराने दोस्त हैं, बल्कि अलबिंदर की पत्नी और दीपिंदर गोयल भी पुराने सहकर्मी रहे हैं, वर्तमान में अलबिंदर का Blinkit बिजनेस दीपिंदर के जोमैटो साम्राज्य का ही हिस्सा है।

Eternal के दिसंबर तिमाही के नतीजे

Eternal ने Q3 FY26 में ₹102 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह एक साल पहले के ₹59 करोड़ के मुकाबले 73% सालाना बढ़त है। वहीं कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर ₹16,315 करोड़ पहुंच गई।