विप्रो में AI से बदली काम करने की रणनीति, 1 लाख से अधिक कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण

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विप्रो में AI से बदली काम करने की रणनीति, 1 लाख से अधिक कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण
11 Sep 2026
7 min read

News Synopsis

भारत की सूचना प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर सेवा कंपनियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर केवल तकनीकी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनियों के कर्मचारियों, काम करने के तरीकों और ग्राहकों के साथ होने वाले समझौतों पर भी दिखाई दे रहा है।

इसी बदलाव के बीच विप्रो ने बताया है कि उसकी AI से जुड़ी पहलों ने कंपनी की उत्पादकता को इतना बढ़ाया है कि यह लगभग 20,000 कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले काम के बराबर है। कंपनी की मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी संध्या अरुण के अनुसार, AI से बढ़ी इस क्षमता के बाद संबंधित कर्मचारियों को कंपनी के भीतर दूसरी भूमिकाओं और कामों में लगाया गया है।

यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब भारत का लगभग 315 अरब डॉलर का सॉफ्टवेयर सेवा क्षेत्र AI के कारण बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

विप्रो बना रहा है ह्यूमन-एआई कार्य मॉडल Wipro Builds a Human-AI Operating Model

Wipro अब ऐसा कार्य मॉडल विकसित कर रही है जिसमें इंसानों और AI को एक साथ काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है। कंपनी इसे “Human-AI Operating Model” के रूप में आगे बढ़ा रही है।

जून में Wipro में करीब 2.43 लाख कर्मचारी थे। कंपनी अपने कर्मचारियों को AI के बदलते दौर के लिए तैयार करने पर भी काफी जोर दे रही है।

1 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण More Than 100,000 Employees Are Being Trained in AI

कंपनी के अनुसार, 1 लाख से अधिक कर्मचारियों को उन्नत AI क्षमताओं में प्रशिक्षण और प्रमाणन दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को केवल मौजूदा तकनीक का इस्तेमाल करने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें AI आधारित नए काम और भूमिकाएं संभालने के लिए तैयार करना है।

Wipro CTO संध्या अरुण Wipro CTO Sandhya Arun ने स्पष्ट किया कि AI से उत्पादकता बढ़ने का अर्थ यह जरूरी नहीं है कि किसी कर्मचारी को सीधे AI प्रणाली से बदल दिया जाए।

उनके अनुसार, एक इंजीनियर कई AI एजेंट्स को संभाल सकता है, दूसरे प्रोजेक्ट पर काम कर सकता है या किसी नई भूमिका के लिए प्रशिक्षण ले सकता है। इसलिए AI के प्रभाव को केवल “कर्मचारी बनाम मशीन” के रूप में देखना सही नहीं होगा।

AI का लक्ष्य केवल उत्पादकता बढ़ाना नहीं AI Should Go Beyond Productivity

Wipro की रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि कंपनी AI के प्रभाव को केवल काम जल्दी पूरा करने या कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने के आधार पर नहीं देखना चाहती।

संध्या अरुण के अनुसार, कंपनियों को अब यह समझना होगा कि AI किस तरह उनके व्यापक कारोबारी लक्ष्यों को हासिल करने में मदद कर सकता है। यानी ध्यान केवल उत्पादकता से परिणामों की ओर ले जाने की जरूरत है।

ग्राहक अनुभव और नए कारोबार पर जोर Focus on Customer Experience and New Revenue

Wipro के अनुसार, AI की सफलता का मूल्यांकन इस आधार पर भी होना चाहिए कि इससे ग्राहक अनुभव कितना बेहतर हुआ, कंपनी के लिए नए आय के अवसर कितने बने और कारोबारी लक्ष्यों को हासिल करने में कितनी मदद मिली।

इस दृष्टिकोण से AI केवल लागत कम करने या काम को तेज करने का साधन नहीं रह जाता। यह नए उत्पाद, सेवाएं और कारोबारी अवसर पैदा करने वाली तकनीक भी बन सकता है।

AI बदल रहा है IT क्षेत्र की रोजगार रणनीति AI Is Reshaping IT Workforce Strategy

Wipro में हो रहा बदलाव भारत के पूरे सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में दिखाई दे रहे बड़े परिवर्तन का हिस्सा है। AI एजेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियां यह दोबारा तय कर रही हैं कि उन्हें किस तरह के कर्मचारियों की जरूरत होगी और भविष्य में कौन-सी तकनीकी क्षमताएं अधिक महत्वपूर्ण होंगी।

Tata Consultancy Services यानी TCS ने संकेत दिया है कि AI एजेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल के कारण IT कंपनियों में पारंपरिक तरीके से होने वाली नियुक्तियों की गति कम हो सकती है।

TCS करीब 8,900 ऐसे इंजीनियरों की टीम तैयार करने की योजना बना रही है, जो सीधे ग्राहकों के साथ काम करेंगे। इन कर्मचारियों का उद्देश्य कंपनियों में AI के इस्तेमाल को तेज करना और AI आधारित समाधान लागू करने में मदद करना होगा।

इंफोसिस भी बढ़ा रही है AI- कनेक्टिविटी भूमिकाएं Infosys Also Expands AI-Focused Roles

इसी तरह Infosys आने वाले वर्षों में करीब 6,000 ऐसी भूमिकाओं का लक्ष्य लेकर चल रही है। इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी ग्राहकों के साथ सीधे काम करते हुए AI को कारोबार में अपनाने की प्रक्रिया को तेज करना होगी।

Wipro भी ऐसे कर्मचारियों की संख्या बढ़ा रही है, जिन्हें ग्राहकों के साथ सीधे काम करके AI तकनीक लागू करने के लिए तैयार किया जा रहा है। हालांकि, कंपनी ने इस तरह की भूमिकाओं के लिए कोई निश्चित संख्या सार्वजनिक नहीं की है।

एआई ट्रेनिंग में विप्रो की स्ट्रैटेजी Wipro’s Strategy for AI Training

विश्लेषकों के अनुसार, AI प्रशिक्षण और तकनीकी साझेदारियों के मामले में Wipro की रणनीति TCS, Infosys और HCLTech जैसी अन्य बड़ी IT कंपनियों के प्रयासों के समान दिखाई देती है।

कंपनियां अब यह समझ रही हैं कि AI को केवल कुछ विशेषज्ञों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं होगा। बड़े स्तर पर AI को अपनाने के लिए कर्मचारियों को नई तकनीक, AI उपकरणों और बदलती कार्यप्रणाली से परिचित कराना जरूरी होगा।

इसलिए AI प्रशिक्षण आने वाले वर्षों में IT क्षेत्र की रोजगार रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

AI निवेश से आय बढ़ाना बनी बड़ी चुनौती Turning AI Investments Into Revenue Remains a Challenge

हालांकि Wipro ने AI के इस्तेमाल से उत्पादकता में महत्वपूर्ण सुधार की बात कही है, लेकिन इसके सामने एक बड़ी चुनौती अभी भी बनी हुई है। कंपनी को यह साबित करना होगा कि AI में किए जा रहे निवेश का सीधा असर उसके राजस्व और लाभ मार्जिन पर भी पड़ रहा है।

विश्लेषकों के मुताबिक, Wipro ने AI प्रशिक्षण और साझेदारियों में अपने प्रतिस्पर्धियों के समान निवेश किया है। लेकिन AI में किए गए निवेश को वास्तविक आय वृद्धि और बेहतर लाभ मार्जिन में बदलने के मामले में कंपनी कुछ प्रतिस्पर्धियों से पीछे है।

AI से जुड़ी आय के आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं Wipro Has Not Disclosed AI Revenue Figures

Wipro ने अभी तक AI से होने वाली अपनी अलग आय के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं। इसलिए कंपनी की AI रणनीति का अगला महत्वपूर्ण परीक्षण यह होगा कि वह AI आधारित सेवाओं को कितनी तेजी से वास्तविक कारोबार और आय में बदल पाती है।

20,000 कर्मचारियों के बराबर उत्पादकता बढ़ना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि जरूर है, लेकिन लंबे समय में AI की सफलता इस बात से तय होगी कि यह बढ़ी हुई क्षमता ग्राहकों, राजस्व और लाभ में कितना योगदान देती है।

AI के साथ बदल रही है IT कर्मचारियों की भूमिका AI Is Changing the Role of IT Employees

Wipro का उदाहरण यह संकेत देता है कि AI का असर केवल कर्मचारियों की संख्या पर नहीं, बल्कि उनके काम की प्रकृति पर भी पड़ रहा है। भविष्य में एक कर्मचारी AI एजेंट्स की निगरानी, प्रबंधन और दिशा तय करते हुए पहले से अधिक काम संभाल सकता है।

इससे कर्मचारियों के लिए नई तकनीकी क्षमताएं सीखना और लगातार अपने कौशल को बेहतर बनाना महत्वपूर्ण हो जाएगा।

निष्कर्ष Conclusion

Wipro की AI पहलों से लगभग 20,000 कर्मचारियों के बराबर उत्पादकता बढ़ना भारतीय IT उद्योग में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत है। कंपनी ने इस अतिरिक्त क्षमता के बाद कर्मचारियों को दूसरी भूमिकाओं में लगाने और उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने का रास्ता अपनाया है।

एक लाख से अधिक कर्मचारियों को उन्नत AI प्रशिक्षण देना भी बताता है कि Wipro AI को केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि अपने भविष्य के कामकाजी मॉडल का हिस्सा मान रही है। हालांकि, अब कंपनी के लिए अगली चुनौती AI से मिली उत्पादकता को बेहतर ग्राहक अनुभव, नए कारोबार, अधिक राजस्व और बेहतर लाभ में बदलना होगी।

भारत के IT क्षेत्र में AI का विस्तार जारी रहने के साथ आने वाले समय में रोजगार का स्वरूप भी बदल सकता है। ऐसे में मानव क्षमता और AI तकनीक के बीच संतुलन बनाना कंपनियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक प्राथमिकताओं में से एक रहेगा।