WHO प्रमुख ने ब्रिक्स देशों से कहा: अगली स्वास्थ्य आपदा से पहले तैयारी मजबूत करने की जरूरत

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WHO प्रमुख ने ब्रिक्स देशों से कहा: अगली स्वास्थ्य आपदा से पहले तैयारी मजबूत करने की जरूरत
14 Sep 2026
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News Synopsis

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस ने BRICS देशों के नेताओं से वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगली बड़ी स्वास्थ्य आपदा आने का इंतजार करने के बजाय देशों को अभी से अपनी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अधिक मजबूत और सक्षम बनाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में टेड्रोस ने BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन की प्राथमिकताओं से जुड़े चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर जोर दिया। इनमें लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता शामिल हैं। उनके अनुसार, इन चार क्षेत्रों में ठोस प्रगति करके देश न केवल अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि भविष्य में आने वाली महामारियों और अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियों का भी अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं।

BRICS स्वास्थ्य सहयोग के लिए चार प्रमुख प्राथमिकताएं Four Key Priorities for BRICS Health Cooperation

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस World Health Organization (WHO) Director-General Tedros Adhanom Ghebreyesus ने इन चार प्राथमिकताओं को केवल विचारों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक स्वास्थ्य उपायों में बदलने की जरूरत बताई। उनका मानना है कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था, आधुनिक तकनीक, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और लगातार वित्तीय सहायता भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की नींव बन सकते हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था में लचीलापन बढ़ाने पर जोर Focus on Strengthening Health Resilience

लचीली और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए टेड्रोस ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, बीमारी की निगरानी और शुरुआती चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। किसी बीमारी के तेजी से फैलने से पहले उसकी पहचान करना और समय पर कार्रवाई करना बड़े स्वास्थ्य संकट को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने स्थानीय स्तर पर दवाओं और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सामग्री के उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। किसी महामारी या आपदा के दौरान अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। ऐसे समय में घरेलू उत्पादन की मजबूत क्षमता देशों को जरूरी दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद कर सकती है।

स्थानीय स्वास्थ्य क्षमता क्यों जरूरी है Why Local Health Capacity Matters

मजबूत स्थानीय स्वास्थ्य ढांचा किसी भी देश को अचानक बढ़ने वाली स्वास्थ्य जरूरतों से निपटने में अधिक सक्षम बनाता है। इससे बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता कम हो सकती है और आपात स्थिति के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार जारी रखना आसान हो सकता है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य में नवाचार और AI का इस्तेमाल Using Innovation and AI for Public Health

टेड्रोस ने BRICS देशों से विज्ञान, डिजिटल स्वास्थ्य तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि तकनीकी विकास का फायदा समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने संकेत दिया कि AI और डिजिटल तकनीक का उपयोग बीमारी की निगरानी, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कई कामों को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। हालांकि, तकनीक का लाभ केवल आर्थिक रूप से मजबूत देशों या लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

BRICS देशों के लिए यह क्षेत्र खास महत्व रखता है, क्योंकि डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था और AI आधारित समाधान कम संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रभावी बनाना जरूरी Making International Cooperation More Effective

स्वास्थ्य आपदाएं किसी एक देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहतीं। इसलिए टेड्रोस ने देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों और संस्थाओं के बीच समन्वय को भी महत्वपूर्ण बताया।

इस संदर्भ में उन्होंने WHO Pandemic Agreement के तहत Pathogen Access and Benefit Sharing यानी PABS Annex को पूरा करने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाले संक्रमणों और महामारियों के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करना और रोगजनकों से जुड़े अनुसंधान से मिलने वाले लाभों को उचित तरीके से साझा करने की व्यवस्था तैयार करना है।

PABS व्यवस्था का महत्व Importance of the PABS Framework

PABS व्यवस्था भविष्य की महामारियों से जुड़े अनुसंधान और संसाधनों के इस्तेमाल में सुरक्षित, पारदर्शी और न्यायपूर्ण सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे विभिन्न देशों के बीच भरोसा बढ़ाने और स्वास्थ्य संकट के दौरान तेजी से मिलकर काम करने में मदद मिल सकती है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए टिकाऊ वित्त व्यवस्था Ensuring Sustainable Health Financing

टेड्रोस ने स्वास्थ्य क्षेत्र में लंबे समय तक जारी रहने वाली और टिकाऊ वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए केवल आपात स्थिति के समय पैसा खर्च करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए लगातार निवेश और मजबूत संस्थागत व्यवस्था जरूरी है।

उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था में बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। लगातार वित्तीय निवेश से देशों को स्वास्थ्य सेवाओं, निगरानी व्यवस्था, अनुसंधान और आपातकालीन तैयारी को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

BRICS नेताओं के लिए टेड्रोस की चार स्पष्ट प्राथमिकताएं Tedros Lists Four Priorities for BRICS Leaders

इन चार विषयों के आधार पर WHO प्रमुख ने BRICS नेताओं के सामने चार प्रमुख प्राथमिकताएं रखीं। पहली प्राथमिकता अगली स्वास्थ्य आपदा आने से पहले मजबूत तैयारी करना है। दूसरी प्राथमिकता ऐसी समस्याओं और समुदायों के लिए नवाचार को बढ़ावा देना है, जिन पर बाजार का पर्याप्त ध्यान नहीं जाता।

तीसरी प्राथमिकता सीमा-पार सहयोग को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखकर उसे व्यवहार में लागू करना है। चौथी प्राथमिकता स्वास्थ्य क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिबद्धता और जवाबदेही को बनाए रखना है।

इन सुझावों से स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग को केवल बैठकों और घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय जमीन पर ठोस परिणाम देने वाले कदमों में बदलने की जरूरत है।

BRICS ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई BRICS Reaffirms Commitment to Universal Health Coverage

BRICS देशों द्वारा अपनाए गए नई दिल्ली घोषणा-पत्र में भी वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सदस्य देशों ने वैश्विक स्वास्थ्य पहलों में सहयोग बढ़ाने का स्वागत किया और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज यानी UHC के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

घोषणा-पत्र में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर दिया गया है जो मजबूत, समावेशी और लोगों को केंद्र में रखने वाली हो। इसमें बहुपक्षीय स्वास्थ्य सहयोग को बनाए रखने और वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में WHO की समन्वयकारी भूमिका को भी स्वीकार किया गया है।

BRICS देशों ने WHO Pandemic Agreement के PABS Annex पर रचनात्मक बातचीत जारी रखने का भी समर्थन किया। इसका उद्देश्य एक ऐसी बहुपक्षीय व्यवस्था विकसित करना है जो सुरक्षित, समान, पारदर्शी और प्रभावी हो।

टीबी के खिलाफ BRICS सहयोग को मिली मजबूती BRICS Strengthens Cooperation Against Tuberculosis

16वीं BRICS स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में तपेदिक यानी टीबी को भी एक बड़ी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती माना गया। सदस्य देशों ने टीबी से निपटने के लिए मिलकर काम करने, अनुसंधान में लगातार निवेश बढ़ाने और ज्ञान तथा नई तकनीकों को साझा करने की आवश्यकता को स्वीकार किया।

इसके साथ ही बड़े स्तर पर संक्रामक रोगों के प्रकोप को रोकने और उनसे निपटने के लिए एकीकृत शुरुआती चेतावनी प्रणाली विकसित करने पर भी काम आगे बढ़ाने की बात कही गई।

इसके लिए एक समर्पित उप-कार्य समूह यानी Sub-Working Group बनाने का स्वागत किया गया। यह व्यवस्था भविष्य में संक्रामक रोगों के बड़े प्रकोप की पहचान और प्रतिक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकती है।

पारंपरिक चिकित्सा पर भी बढ़ा BRICS का ध्यान BRICS Increases Focus on Traditional Medicine

नई दिल्ली घोषणा-पत्र में पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा यानी TCIM में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी महत्व दिया गया है। BRICS स्वास्थ्य कार्यप्रणाली के तहत BRICS Expert Working Group on TCIM बनाने के प्रस्ताव का स्वागत किया गया।

प्रस्तावित समूह के जरिए सदस्य देश पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े ज्ञान को साझा कर सकते हैं, अनुसंधान में सहयोग बढ़ा सकते हैं और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित तरीकों को आगे बढ़ा सकते हैं।

यह पहल इस बात का संकेत है कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैज्ञानिक अनुसंधान और उचित मानकों के साथ व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था में शामिल करने पर BRICS देशों का ध्यान बढ़ रहा है।

भारत ने आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा की भूमिका बताई India Highlights the Role of Ayurveda and Traditional Healthcare

केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने घोषणा-पत्र में TCIM को मिली मान्यता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विशेषज्ञ समूह BRICS देशों को ज्ञान साझा करने, अनुसंधान मजबूत करने और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने का अवसर दे सकता है।

जाधव ने आयुर्वेद और भारत की अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्ता मानकों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

निष्कर्ष Conclusion

WHO प्रमुख टेड्रोस का BRICS नेताओं के लिए संदेश भविष्य की स्वास्थ्य आपदाओं से पहले तैयारी मजबूत करने की आवश्यकता को सामने रखता है। लचीली स्वास्थ्य व्यवस्था, समावेशी नवाचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और टिकाऊ वित्तीय निवेश इसके प्रमुख आधार हैं।

महामारी की तैयारी, टीबी नियंत्रण, शुरुआती चेतावनी प्रणाली और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में BRICS का बढ़ता सहयोग वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने में योगदान दे सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन प्रतिबद्धताओं को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक और दीर्घकालिक कार्यों में बदला जाए।