ट्रंप प्रशासन पोस्ट-स्टडी वर्क चाहने वाले विदेशी छात्रों पर 1 लाख डॉलर शुल्क लगाने पर कर रहा विचार

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ट्रंप प्रशासन पोस्ट-स्टडी वर्क चाहने वाले विदेशी छात्रों पर 1 लाख डॉलर शुल्क लगाने पर कर रहा विचार
01 Aug 2026
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News Synopsis

अमेरिका में पढ़ाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए आने वाले समय में नौकरी करना काफी महंगा हो सकता है। खबरों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जिसके तहत पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में काम करने की अनुमति पाने वाले विदेशी छात्रों से 1 लाख अमेरिकी डॉलर (100,000 डॉलर) का शुल्क लिया जा सकता है।

यह प्रस्ताव ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) कार्यक्रम से जुड़ा है। यह कार्यक्रम वर्षों से विदेशी छात्रों को डिग्री पूरी करने के बाद अमेरिका में कुछ समय तक अपने विषय से संबंधित नौकरी करने की अनुमति देता है।

हालांकि इस प्रस्ताव को अभी मंजूरी नहीं मिली है और इसे आधिकारिक रूप से लागू भी नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार इस पर प्रशासन के भीतर चर्चा चल रही है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि फिलहाल कोई तत्काल बदलाव नहीं किया जा रहा है, लेकिन इस प्रस्ताव से इनकार भी नहीं किया गया है।

यदि यह नियम लागू होता है, तो अमेरिका में पढ़ाई के बाद करियर शुरू करने की योजना बना रहे हजारों विदेशी छात्रों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

क्या है ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) प्रोग्राम? (What Is the Optional Practical Training (OPT) Program?)

ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) अमेरिका में F-1 स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए उपलब्ध एक वर्क ऑथराइजेशन (कार्य अनुमति) कार्यक्रम है।

इस कार्यक्रम के तहत छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सीमित समय तक अमेरिका में रहकर अपने विषय से संबंधित नौकरी कर सकते हैं और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

OPT प्रोग्राम की प्रमुख विशेषताएं (Key Features of the OPT Program)

  • पढ़ाई पूरी होने के बाद काम करने की अनुमति

  • डिग्री से संबंधित क्षेत्र में रोजगार

  • उद्योग में व्यावहारिक अनुभव

  • करियर विकास के अवसर

  • लंबी अवधि के रोजगार की दिशा में पहला कदम

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों के छात्रों के लिए यह कार्यक्रम लंबे समय तक अमेरिका में करियर बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।

$100,000 शुल्क से कई छात्रों के लिए OPT हो सकता है पहुंच से बाहर (Proposed $100,000 Fee Could Make OPT Inaccessible)

यदि यह प्रस्ताव लागू हो जाता है, तो विदेशी छात्रों के लिए यह अब तक का सबसे महंगा कार्य अनुमति शुल्क बन सकता है।

अंतरराष्ट्रीय छात्र पहले से ही कई बड़े खर्च उठाते हैं, जैसे—

छात्रों पर पहले से मौजूद प्रमुख खर्च (Major Expenses Already Faced by Students)

  • विश्वविद्यालय की फीस

  • रहने का खर्च

  • स्वास्थ्य बीमा

  • वीजा आवेदन शुल्क

  • यात्रा खर्च

इन सभी खर्चों के ऊपर यदि 1 लाख डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो कई छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करना लगभग असंभव हो सकता है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए कम आकर्षक अध्ययन गंतव्य बन सकता है।

ट्रंप प्रशासन ने क्यों उठाए OPT पर सवाल? (Why Is the Trump Administration Raising Concerns About OPT?)

ट्रंप प्रशासन पहले भी कई बार OPT कार्यक्रम की आलोचना कर चुका है।

प्रशासन की प्रमुख चिंताएं (Administration's Main Concerns)

  • वीजा धोखाधड़ी

  • निर्धारित समय से अधिक अमेरिका में रुकना

  • स्टूडेंट वर्क परमिट का दुरुपयोग

  • रोजगार कार्यक्रमों की कमजोर निगरानी

प्रशासन का मानना है कि छात्र वीजा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कड़े नियम जरूरी हैं।

वहीं, आलोचकों का कहना है कि यह कार्यक्रम वर्षों से विदेशी छात्रों और अमेरिकी कंपनियों—दोनों के लिए लाभदायक साबित हुआ है।

लगभग तीन लाख छात्र हो सकते हैं प्रभावित (Nearly 300,000 Students Could Be Affected)

इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन (IIE) Institute of International Education (IIE) के अनुसार, पिछले वर्ष तक लगभग 3 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्र OPT कार्यक्रम का लाभ ले रहे थे।

यह अमेरिका में पढ़ रहे कुल विदेशी छात्रों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है।

भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, नाइजीरिया और कई यूरोपीय देशों के छात्र पढ़ाई के बाद कार्य अनुभव प्राप्त करने के लिए इस कार्यक्रम पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं।

यदि नया शुल्क लागू होता है, तो कई छात्रों को डिग्री पूरी करने के तुरंत बाद अपने देश लौटना पड़ सकता है।

व्यापक इमिग्रेशन रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है प्रस्ताव (Part of a Broader Immigration Strategy)

विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्ताव ट्रंप प्रशासन की व्यापक इमिग्रेशन नीति का हिस्सा है।

हाल ही में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (Department of Homeland Security) ने भी छात्र वीजा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इसके तहत छात्रों को पूरी पढ़ाई की अवधि तक रहने की अनुमति देने वाली पुरानी व्यवस्था समाप्त कर चार वर्ष की निश्चित अवधि का नियम लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

इन कदमों से संकेत मिलता है कि प्रशासन विदेशी नागरिकों के लंबे समय तक अमेरिका में रहने के अवसरों को सीमित करना चाहता है।

पहले H-1B वीजा पर भी आया था ऐसा ही प्रस्ताव (Similar Proposal Previously Targeted H-1B Visa Applicants)

यह प्रस्ताव पहले H-1B वीजा को लेकर दिए गए सुझाव से काफी मिलता-जुलता है।

ट्रंप प्रशासन ने पहले H-1B वीजा आवेदनों पर भी 1 लाख डॉलर शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था। यह वीजा मुख्य रूप से विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य क्षेत्र के विदेशी विशेषज्ञों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है।

हालांकि, एक संघीय अदालत ने उस प्रस्ताव को अवैध करार दिया था। फिलहाल उस फैसले के खिलाफ अपील की प्रक्रिया जारी है।

विश्वविद्यालयों और कंपनियों पर क्या होगा असर? (Potential Impact on Universities and Employers)

यदि नया शुल्क लागू होता है, तो इसका असर केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा।

विश्वविद्यालयों पर प्रभाव (Impact on Universities)

  • विदेशी छात्रों की संख्या में कमी

  • ट्यूशन फीस से होने वाली आय घट सकती है

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कमजोरी

  • शोध गतिविधियों पर असर

विदेशी छात्र हर साल अमेरिकी विश्वविद्यालयों और स्थानीय अर्थव्यवस्था में अरबों डॉलर का योगदान देते हैं।

कंपनियों पर प्रभाव (Impact on Employers)

तकनीकी कंपनियां, रिसर्च संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं और इंजीनियरिंग कंपनियां बड़ी संख्या में विदेशी छात्रों को OPT के माध्यम से नियुक्त करती हैं।

यदि इस कार्यक्रम में भागीदारी कम होती है, तो कंपनियों को योग्य और कुशल कर्मचारियों की भर्ती में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

विदेशी छात्रों में बढ़ी चिंता (International Students Express Growing Concerns)

इस प्रस्ताव की खबर सामने आने के बाद अमेरिका में पढ़ाई की योजना बना रहे छात्रों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई है।

छात्र आमतौर पर इन बातों को ध्यान में रखकर अपना निर्णय लेते हैं—

छात्र किन बातों पर करते हैं विचार? (Factors Students Consider)

  • पढ़ाई की लागत

  • वीजा नियम

  • नौकरी के अवसर

  • इमिग्रेशन नीति

  • भविष्य की करियर संभावनाएं

यदि पोस्ट-स्टडी वर्क की लागत बहुत अधिक हो जाती है, तो कई छात्र कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे देशों का रुख कर सकते हैं, जहां पढ़ाई के बाद नौकरी के अवसर अपेक्षाकृत अधिक सुलभ हैं।

फिलहाल क्या है इस प्रस्ताव की स्थिति? (Current Status of the Proposal)

अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।

व्हाइट हाउस ने कहा है कि फिलहाल कोई तत्काल नीति परिवर्तन नहीं किया जा रहा है, हालांकि चर्चा जारी है।

यदि भविष्य में इसे लागू किया जाता है, तो इसके लिए अतिरिक्त प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी और संभव है कि इसे अदालत में कानूनी चुनौती भी मिले।

निष्कर्ष (Conclusion)

पोस्ट-स्टडी वर्क के लिए OPT कार्यक्रम के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर 1 लाख डॉलर शुल्क लगाने का प्रस्ताव शिक्षा और इमिग्रेशन जगत में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी केवल विचाराधीन है और इसे लागू नहीं किया गया है, लेकिन इससे ट्रंप प्रशासन की कड़ी इमिग्रेशन नीति की दिशा स्पष्ट होती है। यदि भविष्य में इसे मंजूरी मिलती है, तो इसका असर विदेशी छात्रों के अमेरिका आने के फैसले, विश्वविद्यालयों की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा, कंपनियों की भर्ती रणनीति और अमेरिका की वैश्विक शिक्षा छवि पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।