टाटा संस के नए वेंचर्स को 29,000 करोड़ का नुकसान: रिपोर्ट

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टाटा संस के नए वेंचर्स को 29,000 करोड़ का नुकसान: रिपोर्ट
07 Apr 2026
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News Synopsis

टाटा ग्रुप के वित्त वर्ष 2025-26 अच्छा नहीं गया, ग्रुप को इस दौरान प्रबंधन से जुड़ी कई समस्याओं का भी सामना करना पड़ा, इसी बीच टाटा संस के तहत शुरू हुए कुछ नए कारोबारों से ग्रुप को तगड़ा नुकसान पहुंचा है, रिपोर्ट के मुताबिक टाटा संस के तहत कुछ नए कारोबारों नए तुरुप के इक्कों को FY26 में कुल मिलाकर 29,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान होने का अनुमान है, यह पहले के 5,700 करोड़ रुपये के अनुमान से कहीं ज्यादा है।

FY26 के पहले नौ महीनों में ही नुकसान 21,700 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पूरे साल FY25 के 16,550 करोड़ रुपये के आंकड़े से काफी ज्यादा है, इसकी मुख्य वजह एयर इंडिया, टाटा डिजिटल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और तेजस नेटवर्क्स हैं, जहां FY23 और FY24 के बीच नुकसान कम हुआ था, वहीं FY25 में यह फिर बढ़ गया और इस वित्त वर्ष में और भी तेजी से बढ़ा है, जो एक अस्थिर लेकिन बढ़ते रुझान की ओर इशारा करता है।

अनुमानों और असली प्रदर्शन के बीच बढ़ता अंतर भी फरवरी में हुई बोर्ड मीटिंग में चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्ति टालने की एक वजह बना, उम्मीद है, कि वह जून में नुकसान को काबू करने के लिए एक योजना पेश करेंगे, यह एक बड़ी चिंता है, जिसे नोएल टाटा ने उठाया था।

टाटा डिजिटल का प्रदर्शन

ग्रुप के नए निवेशों में टाटा डिजिटल एक बड़ी चिंता बनकर सामने आया है, 2019 में शुरू किया गया यह प्लेटफॉर्म, जिसमें BigBasket, Tata 1mg, Croma, Tata CLiQ और Tata Neu शामिल हैं, इसमें ग्रुप ने करीब 24,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया, मगर ये निवेश के बावजूद अभी तक मुनाफा नहीं कमा पाया है।

अनुमान है, कि FY26 में इसका कुल नुकसान 5,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा, जो अब तक का सबसे ज्यादा होगा, अकेले पहले नौ महीनों में ही नुकसान 3,750 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है, जो पूरे साल के लिए लगाए गए शुरुआती अनुमान से भी ज्यादा है, आर्थर डी लिटिल के मैनेजिंग पार्टनर थॉमस कुरुविला ने बताया कि हालांकि किसी भी नए कारोबार को खड़ा होने में समय लगता है, लेकिन कुछ गलतियां हुईं, नेतृत्व में बार-बार बदलाव, प्रोडक्ट में सुधार की धीमी गति, और लॉयल्टी प्रोग्राम को ही विकास का मुख्य जरिया मान लेने का गलत परिणाम हुआ।

बिगबॉस्केट भी छूटा पीछे

थॉमस कुरुविला Thomas Kuruvilla ने कहा कि कंपटीटर्स ने BigBasket को ब्रांड के मामले में नहीं, बल्कि काम करने के तरीके में पीछे छोड़ दिया, वे ‘डार्क स्टोर’ की संख्या और डिलीवरी की तेजी में आगे रहे, यह बुनियादी काम है, जो भले ही दिखने में खास न लगे, लेकिन टाटा डिजिटल ने इसमें कम निवेश किया, कंपनी को FY25 में 4,610 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसमें सबसे ज्यादा हिस्सा BigBasket का रहा, इसके बाद Croma, Tata 1mg और Tata CLiQ का नंबर आता है, FY26 में भी इसी तरह का रुझान रहने की उम्मीद है।

Air India पर गहराया संकट

टाटा डिजिटल को लेकर चिंताओं के बावजूद Air India नुकसान में सबसे बड़ा योगदान देने वाली कंपनी बनी हुई है, एयरलाइन को FY26 में होने वाला नुकसान 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पहले के 2,000 करोड़ रुपये के अनुमान से दस गुना ज्यादा है, और पहले नौ महीनों में ही 15,000 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया जा चुका है, इसकी तुलना में FY25 में यह आंकड़ा 11,000 करोड़ रुपये था।