सेमीकॉन इंडिया 2026: दूसरे दिन 25 समझौते, चिप डिजाइन से मैन्युफैक्चरिंग तक बड़ा विस्तार

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सेमीकॉन इंडिया 2026: दूसरे दिन 25 समझौते, चिप डिजाइन से मैन्युफैक्चरिंग तक बड़ा विस्तार
19 Sep 2026
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News Synopsis

नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 SEMICON India 2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े 25 MoUs और महत्वपूर्ण घोषणाएं हुईं। इन समझौतों और रणनीतिक सहयोग के जरिए सेमीकंडक्टर सामग्री, विनिर्माण, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एडवांस्ड पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, चिप डिजाइन और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमताओं को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

इन पहलों में भारतीय और वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े भागीदार शामिल रहे। सहयोग का मुख्य फोकस महत्वपूर्ण सामग्रियों के स्थानीय उत्पादन, स्वदेशी सिलिकॉन कार्बाइड पावर तकनीक, सेमीकंडक्टर डिजाइन टूल्स, डीप-टेक निवेश, विशेष लॉजिस्टिक्स और कुशल कार्यबल तैयार करने पर रहा।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दूसरे दिन की चर्चाओं में नीति निर्माता, वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय उद्योग, शोधकर्ता, स्टार्टअप, शिक्षाविद और छात्र शामिल हुए। इस दौरान विनिर्माण, सप्लाई चेन, अनुसंधान एवं विकास (R&D), अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, सेमीकंडक्टर सामग्री और प्रतिभा विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इन चर्चाओं ने भारत के एक एकीकृत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी “Silicon to Systems” इकोसिस्टम की दिशा में बढ़ते कदमों को रेखांकित किया।

सेमीकॉन इंडिया 2026 SEMICON India 2026

ISM 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर क्षेत्र को नई गति ISM 2.0 to Give New Momentum to India’s Semiconductor Ecosystem

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक फायरसाइड बातचीत के दौरान कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन अब केवल अपनी प्रतिबद्धता साबित करने के चरण से आगे बढ़कर बड़े स्तर पर वास्तविक क्रियान्वयन की दिशा में पहुंच गया है।

उन्होंने बताया कि India Semiconductor Mission (ISM) 2.0, ISM 1.0 के तहत तैयार किए गए आधार को आगे बढ़ाएगा। इसके लिए छह प्रमुख स्तंभों पर ध्यान दिया जाएगा। इनमें चिप डिजाइन, मशीन और सामग्री, अधिक सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करना, ATMP/OSAT उद्योग को मजबूत करना, अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा और कौशल विकास शामिल हैं।

ISM 1.0 ने निर्धारित समय से पहले हासिल किए लक्ष्य ISM 1.0 Achieved Its Goals Ahead of Schedule

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव Union Minister for Electronics and Information Technology, Railways, and Information and Broadcasting Ashwini Vaishnaw ने कहा कि ISM 1.0 को मूल रूप से छह साल का कार्यक्रम माना गया था, लेकिन इसके लक्ष्यों को केवल चार वर्षों में हासिल कर लिया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ISM 2.0 भी इसी तरह निर्धारित समय से पहले आगे बढ़ सकता है। इसके पीछे उन्होंने निवेशकों की मजबूत और लगातार बढ़ती रुचि को एक महत्वपूर्ण कारण बताया।

उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की डिजाइन क्षमता को देश की प्रमुख ताकतों में से एक बताया। उनके अनुसार, ISM 2.0 के तहत कम से कम 200 चिप डिजाइन कंपनियां उभर सकती हैं। इससे भारत में स्वदेशी सेमीकंडक्टर बौद्धिक संपदा यानी IP तैयार करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।

चिप डिजाइन और प्रतिभा विकास पर बढ़ा फोकस Greater Focus on Chip Design and Talent Development

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में चिप डिजाइन को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 105 से अधिक चिप डिजाइन स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक Electronic Design Automation यानी EDA टूल्स तक पहुंच मिली है। इनमें से 20 स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटल फंडिंग भी प्राप्त हुई है।

पिछले चार वर्षों में लगभग 70,000 चिप डिजाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया गया है। यह संख्या 85,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने के निर्धारित लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है।

गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी लागत दोनों जरूरी Quality and Competitive Costs Both Matter

वैष्णव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए केवल अच्छी गुणवत्ता पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रतिस्पर्धी लागत भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि ISM 1.0 के तहत मंजूर किए गए 12 संयंत्रों में से पांच ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है

उन्होंने भारत को एक भरोसेमंद देश के रूप में मिली वैश्विक पहचान और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा के मजबूत रिकॉर्ड को भी देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की महत्वपूर्ण ताकत बताया।

भारत डिजाइन सेवाओं से “Product Nation” की ओर India Moving from Design Services to a “Product Nation”

SEMICON India 2026 में भारत के प्रति घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मजबूत रुचि भी देखने को मिली। मंत्री ने कार्यक्रम में व्यापक बिजनेस-टू-बिजनेस यानी B2B बातचीत और दुनिया की प्रमुख सेमीकंडक्टर अर्थव्यवस्थाओं की भागीदारी का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि Country Roundtables के दौरान वैश्विक कंपनियों ने भारत में अपनी गतिविधियां और भागीदारी बढ़ाने में बढ़ती रुचि दिखाई। यह भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं को दर्शाता है।

वैष्णव ने भारत के डिजाइन सेवाओं से आगे बढ़कर “Product Nation” बनने की दिशा में बदलाव पर भी जोर दिया। इसका मतलब है कि भारत में डिजाइन किए जा रहे चिप्स केवल डिजाइन सेवाओं तक सीमित न रहें, बल्कि तेजी से तैयार उत्पादों और वास्तविक उपयोग वाले सिस्टम का हिस्सा बनें।

मशीन, सामग्री और लॉजिस्टिक्स भी अहम Machines, Materials and Logistics Are Also Critical

सेमीकंडक्टर निर्माण केवल चिप बनाने तक सीमित नहीं है। इसके लिए मशीनों, विशेष सामग्रियों, विशेष प्रकार की लॉजिस्टिक्स, पानी के कुशल इस्तेमाल, जल पुनर्चक्रण और उद्योग की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित प्रतिभाओं की भी आवश्यकता होती है।

वैष्णव ने इन सभी क्षेत्रों को उभरते भारतीय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रेखांकित किया। इससे संकेत मिलता है कि भारत अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में केवल अंतिम निर्माण क्षमता विकसित करने के बजाय पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।

वैश्विक साझेदारी से मजबूत होगी सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन Global Partnerships Can Strengthen Semiconductor Supply Chains

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी SEMICON India 2026 के दूसरे दिन सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भरोसेमंद वैश्विक साझेदारियों की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मजबूत और लचीली सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के लिए भरोसा, विश्वसनीयता, प्रोत्साहन और साझा मूल्य निर्माण जैसे तत्व महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, वैश्विक सहयोग को इस तरह आगे बढ़ाने की जरूरत है कि भारत अपनी घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ दुनिया की तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं का भी लाभ उठा सके।

आत्मनिर्भरता और वैश्विक क्षमता के बीच संतुलन Balancing Self-Reliance with Global Capabilities

मिस्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को केवल घरेलू संसाधनों तक सीमित रखने के बजाय भारत की अपनी ताकतों और वैश्विक क्षमताओं के बीच संतुलित सहयोग के रूप में देखने पर जोर दिया।

SEMICON India 2026 के दूसरे दिन हुए 25 MoUs और रणनीतिक घोषणाओं ने इस व्यापक दिशा को सामने रखा। सामग्री और मशीनों से लेकर चिप डिजाइन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, निवेश और कौशल विकास तक, भारत सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले वर्षों में ISM 2.0, निजी निवेश, वैश्विक साझेदारी, अनुसंधान और कुशल प्रतिभा इस बदलाव के महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।