SEBI के नए नियम आज से लागू: आवेदन की समय-सीमा, फीस और जरूरी शर्तें जानें

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SEBI के नए नियम आज से लागू: आवेदन की समय-सीमा, फीस और जरूरी शर्तें जानें
07 Nov 2026
7 min read

News Synopsis

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने प्रतिभूति कानूनों के तहत प्रशासनिक और नागरिक मामलों के निपटारे के लिए नया ढांचा लागू किया है। SEBI (Settlement of Administrative and Civil Proceedings) Regulations, 2026 यानी सेटलमेंट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव एंड सिविल प्रोसीडिंग्स रेगुलेशंस, 7 नवंबर 2026 से प्रभावी हो गए हैं। ये नियम वर्ष 2018 में लागू पुराने सेटलमेंट नियमों की जगह लेंगे।

SEBI ने इन नए नियमों को 8 अक्टूबर 2026 को अधिसूचित किया था। इनका उद्देश्य पात्र मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। इसके साथ ही, व्यक्तियों, कंपनियों और अन्य संस्थाओं के लिए आवेदन करना आसान बनाने के लिए कई ऑनलाइन सुविधाएं भी शुरू की गई हैं।

नए नियमों में बताया गया है कि कौन आवेदन कर सकता है, आवेदन कब और कैसे जमा करना होगा, कितनी फीस देनी होगी और किन मामलों को सेटलमेंट की सुविधा से बाहर रखा जा सकता है। इसके अलावा, कुछ मामलों में फास्ट-ट्रैक निपटारे और जांच में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले आवेदकों के लिए गोपनीयता से जुड़े लाभों का भी प्रावधान किया गया है।

SEBI के नए सेटलमेंट नियम 2026: क्या बदला है? SEBI's New Settlement Regulations 2026: What Has Changed?

नए नियमों के तहत प्रतिभूति कानूनों से जुड़े कुछ निर्धारित प्रशासनिक और नागरिक मामलों के निपटारे की प्रक्रिया तय की गई है। ये नियम SEBI (Settlement Proceedings) Regulations, 2018 की जगह लागू हुए हैं। हालांकि, पुराने मामलों से जुड़े कुछ प्रावधानों और पहले से चल रही प्रक्रियाओं के लिए संक्रमणकालीन और संरक्षण संबंधी नियम भी लागू रहेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र आवेदकों को कुछ नियामकीय मामलों का निपटारा करने का औपचारिक विकल्प देना है, ताकि हर मामले में पूरी न्यायिक या नियामकीय प्रक्रिया से गुजरना जरूरी न हो।

आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए SEBI ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कई डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इनमें शामिल हैं:

  • ऑनलाइन सेटलमेंट आवेदन की सुविधा।

  • सेटलमेंट राशि की गणना करने वाला कैलकुलेटर।

  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)।

  • प्रक्रिया समझाने वाला वीडियो।

  • आवेदकों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क।

इन सुविधाओं से आवेदकों को नियमों को समझने और आवेदन जमा करने से पहले संभावित सेटलमेंट राशि का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।

नए SEBI नियमों के तहत कौन आवेदन कर सकता है? Who Is Eligible to Apply for Settlement Under the New SEBI Rules?

प्रतिभूति कानूनों के तहत निर्धारित मामलों में शामिल पात्र व्यक्ति, कंपनियां और अन्य संस्थाएं नए नियमों के अनुसार सेटलमेंट के लिए आवेदन कर सकती हैं। हालांकि, इसके लिए SEBI द्वारा तय शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

आवेदक नियामकीय कार्यवाही के अलग-अलग चरणों में सेटलमेंट का विकल्प चुन सकते हैं। लेकिन आवेदन की पात्रता कथित उल्लंघन की प्रकृति, मामले की स्थिति और अन्य नियामकीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

लंबित मामलों के लिए आवेदन की समय-सीमा Application Deadline for Pending Proceedings

SEBI के पास लंबित मामलों में सामान्य तौर पर आवेदकों को कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) या पूरक नोटिस (Supplementary Notice) मिलने के 90 दिनों के भीतर आवेदन जमा करना होगा। इन दोनों में से जो नोटिस बाद में प्राप्त हुआ है, उसकी तारीख से समय-सीमा की गणना की जाएगी।

हालांकि, प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) या सुप्रीम कोर्ट में लंबित कुछ निर्धारित मामलों पर यह 90 दिनों की समय-सीमा लागू नहीं होगी।

इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित नियमों और अंतिम तारीख को ध्यान से समझना जरूरी है।

SEBI सेटलमेंट आवेदन की फीस और न्यूनतम राशि SEBI Settlement Application Fees and Minimum Amounts

नए नियमों के तहत आवेदन करने वालों को एक निश्चित और गैर-वापसी योग्य फीस देनी होगी। इसके अलावा, न्यूनतम सेटलमेंट राशि आवेदक के पहली बार आवेदन करने या पहले भी आवेदन कर चुके होने के आधार पर अलग-अलग होगी।

विवरण

निर्धारित राशि

व्यक्तियों के लिए आवेदन फीस

₹25,000

अन्य आवेदकों के लिए आवेदन फीस

₹35,000

पहली बार आवेदन करने वालों की न्यूनतम सेटलमेंट राशि

₹3 लाख

अन्य आवेदकों की न्यूनतम सेटलमेंट राशि

₹7 लाख

आवेदन फीस वापस नहीं की जाएगी। इसका अर्थ है कि आवेदन अस्वीकार होने या सेटलमेंट पूरा न होने की स्थिति में भी आवेदक को यह राशि वापस नहीं मिलेगी।

सेटलमेंट राशि की गणना कैसे होगी? How Is the Settlement Amount Calculated?

हर मामले में सेटलमेंट राशि एक जैसी तय नहीं होगी। इसकी गणना कई महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखकर की जाएगी। इनमें शामिल हैं:

  • मामले की आधार राशि।

  • नियामकीय कार्यवाही किस चरण में है।

  • मामले में पहले की गई नियामकीय कार्रवाई।

  • कथित उल्लंघन की गंभीरता और प्रकृति।

  • मामले से जुड़े अन्य गंभीर या राहत देने वाले कारण।

SEBI का ऑनलाइन सेटलमेंट कैलकुलेटर आवेदकों को अपने मामले की संभावित राशि का अनुमान लगाने में मदद करेगा।

किन मामलों को सेटलमेंट की सुविधा नहीं मिल सकती? Which Cases May Not Qualify for Settlement?

नए नियमों के तहत हर नियामकीय मामले का निपटारा सेटलमेंट के जरिए नहीं किया जा सकेगा। कुछ विशेष श्रेणियों के आवेदकों और मामलों को इस सुविधा से बाहर रखा जा सकता है।

इनमें निर्धारित परिस्थितियों में शामिल हैं:

  • जानबूझकर कर्ज न चुकाने वाले डिफॉल्टर (Wilful Defaulters)।

  • धोखाधड़ी करने वाले कर्जदार (Fraudulent Borrowers)।

  • फरार आर्थिक अपराधी (Fugitive Economic Offenders)।

इसके अलावा, ऐसे मामलों को भी सेटलमेंट की सुविधा से बाहर रखा जा सकता है जिनका प्रतिभूति बाजार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

बाजार की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाने वाले मामले Cases That Could Affect Market Integrity

जिन मामलों का असर बड़े स्तर पर बाजार पर पड़ता है, जिनमें निवेशकों को भारी नुकसान हुआ हो या जिनसे बाजार की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को खतरा हो, उन्हें सेटलमेंट के योग्य नहीं माना जा सकता।

इन प्रतिबंधों का उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना और भारतीय प्रतिभूति बाजार में भरोसा बनाए रखना है।

इसलिए आवेदकों को यह नहीं मानना चाहिए कि निर्धारित राशि जमा करके हर नियामकीय मामले का निपटारा किया जा सकता है।

SEBI के नए नियमों में फास्ट-ट्रैक सेटलमेंट की सुविधा Fast-Track Settlement Mechanism Under SEBI's 2026 Regulations

नए नियमों की एक प्रमुख विशेषता फास्ट-ट्रैक सेटलमेंट की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य कुछ निर्धारित श्रेणियों के उल्लंघनों से जुड़े मामलों का निपटारा अपेक्षाकृत आसान और तेज प्रक्रिया के जरिए करना है।

इस सुविधा का लाभ उल्लंघन की श्रेणी और तय की गई आर्थिक सीमाओं के आधार पर मिल सकता है।

₹10 लाख तक की सेटलमेंट राशि वाले आवेदन Settlement Applications Up to ₹10 Lakh

जिन आवेदनों में सेटलमेंट राशि ₹10 लाख तक है, उन्हें कुछ शर्तों के आधार पर आर्थिक सीमा से जुड़ी फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के लिए योग्य माना जा सकता है।

हालांकि, यह सुविधा उन्हीं मामलों में लागू हो सकती है जिनमें अवैध रूप से प्राप्त लाभ की वसूली (Disgorgement), सुधारात्मक कार्रवाई या नियामकीय शर्तें शामिल न हों।

इस व्यवस्था से पात्र मामलों का निपटारा अधिक प्रभावी तरीके से करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आवेदकों को सभी निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी।

जांच में सहयोग करने वाले आवेदकों को गोपनीयता का लाभ Confidentiality Benefits for Applicants Providing Assistance

नए नियमों में कुछ विशेष परिस्थितियों में आवेदकों को गोपनीयता से जुड़े लाभ देने का भी प्रावधान किया गया है।

यदि कोई आवेदक SEBI की नियामकीय जांच, निरीक्षण, छानबीन या ऑडिट के दौरान महत्वपूर्ण सहयोग देता है, तो वह निर्धारित शर्तों के अधीन इन लाभों के लिए पात्र हो सकता है।

इस प्रावधान का उद्देश्य नियामकीय उल्लंघनों की पहचान करने और जांच को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वालों को प्रोत्साहित करना है।

हालांकि, गोपनीयता का लाभ अपने आप नहीं मिलेगा। इसके लिए आवेदक को नए नियमों में बताई गई जरूरी शर्तों को पूरा करना होगा।

SEBI सेटलमेंट आवेदनों की जांच और फैसला कैसे होगा? How Will SEBI Review and Decide Settlement Applications?

नए नियमों में सेटलमेंट आवेदनों की जांच और प्रस्तावित शर्तों पर विचार करने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया तय की गई है। इस प्रक्रिया में दो समितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

1. आंतरिक समिति (Internal Committee): यह समिति आवेदनों की जांच करेगी और सेटलमेंट की उचित शर्तों के बारे में अपनी सिफारिश देगी।

2. उच्चस्तरीय सलाहकार समिति (High Powered Advisory Committee): यह समिति संबंधित मामलों की समीक्षा करेगी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।

इन समितियों की समीक्षा और सिफारिशों के बाद पूर्णकालिक सदस्यों का एक पैनल (Panel of Whole Time Members) आवेदन को स्वीकार या अस्वीकार करने का निर्णय लेगा।

इस बहुस्तरीय प्रक्रिया का उद्देश्य सेटलमेंट से जुड़े फैसलों को व्यवस्थित और एकसमान बनाना है।

आवेदन करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें? What Should Applicants Do Before Filing?

सेटलमेंट के लिए आवेदन करने की योजना बना रहे व्यक्तियों और संगठनों को सबसे पहले नए नियमों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करना चाहिए।

उन्हें अपनी पात्रता, आवेदन की अंतिम तारीख, गैर-वापसी योग्य फीस और न्यूनतम सेटलमेंट राशि की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। इसके साथ ही, अंतिम सेटलमेंट राशि को प्रभावित करने वाले कारकों को भी समझना जरूरी है।

SEBI ने नए नियमों और आवेदन से जुड़ी सुविधाओं को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है। आवेदक ऑनलाइन कैलकुलेटर, FAQs और जानकारी देने वाले वीडियो की मदद से प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।

निष्कर्ष Conclusion

SEBI के सेटलमेंट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव एंड सिविल प्रोसीडिंग्स रेगुलेशंस, 2026 के तहत प्रतिभूति कानूनों से जुड़े पात्र मामलों के निपटारे के लिए नया ढांचा लागू किया गया है। 7 नवंबर से प्रभावी ये नियम वर्ष 2018 के पुराने सेटलमेंट नियमों की जगह लेते हैं। इनमें आवेदन की प्रक्रिया, फीस, न्यूनतम सेटलमेंट राशि और फास्ट-ट्रैक निपटारे से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

नए ढांचे में नियामकीय जांच में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले आवेदकों के लिए गोपनीयता से जुड़े लाभ भी रखे गए हैं। वहीं, बाजार और निवेशकों के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले मामलों पर प्रतिबंध जारी रहेंगे।

इसलिए, नियामकीय कार्यवाही का सामना कर रहे व्यक्तियों और संगठनों के लिए नए नियमों को समझना, आवेदन की समय-सीमा जांचना और सभी जरूरी शर्तों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।