सेबी ने 8 IPO को दी मंजूरी

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सेबी ने 8 IPO को दी मंजूरी
09 Feb 2026
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News Synopsis

भारत के प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने एक साथ आठ कंपनियों के IPO को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है, कि इस बार की लिस्ट सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, इसमें फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, एजुकेशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसी अलग-अलग इंडस्ट्री शामिल हैं। यानी निवेशकों के लिए आने वाले महीनों में विकल्पों की रेंज काफी बढ़ सकती है, और आईपीओ पाइपलाइन एक बार फिर मजबूत होती दिख रही है।

सबसे बड़ा नाम: InCred Holdings का आईपीओ इन आठ मंजूरियों में सबसे ज्यादा चर्चा इनक्रेड होल्डिंग्स की हो रही है। यह इनक्रेड फाइनेंशियल सर्विसेज की 100% होल्डिंग कंपनी है, जिसे भारत की तेजी से बढ़ती नई-एज NBFC में गिना जाता है। InCred Group ने अपनी पहचान सिर्फ एक प्रोडक्ट तक सीमित नहीं रखी, बल्कि पर्सनल लोन, स्टूडेंट लोन, MSME के लिए स्पेशलाइज्ड लोन, सिक्योर्ड बिजनेस लोन और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को लेंडिंग जैसे कई सेगमेंट में अपना नेटवर्क फैलाया है।

कंपनी के आंकड़े भी इसके स्केल की कहानी बताते हैं। शुरुआत से अब तक इनक्रेड प्लेटफॉर्म ने 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन डिस्बर्स किए हैं, और 4 लाख से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बनाई है। इसका ऑपरेशन 140 से अधिक ब्रांच के नेटवर्क और 2,600 से ज्यादा कर्मचारियों के दम पर चलता है। वित्त वर्ष 25 तक कंपनी ने 12,585 करोड़ रुपये के AUM की रिपोर्ट दी है, जो साल-दर-साल आधार पर 39% की ग्रोथ को दिखाता है। कंपनी का फोकस टेक्नोलॉजी-बेस्ड अंडरराइटिंग और रिस्क मैनेजमेंट पर बताया गया है।

इंजीनियरिंग और IT इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की एंट्री

सेबी से मंजूरी पाने वालों में आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स (Aarvee Engineering Consultants) भी शामिल है। इस आईपीओ में 202.5 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू होगा, साथ ही प्रमोटर वेंकटचला चक्रपाणी रेडला की ओर से 67.5 लाख इक्विटी शेयर तक का OFS भी रखा गया है। कंपनी ट्रांसपोर्टेशन, वॉटर और अर्बन डेवलपमेंट जैसे सेगमेंट में इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सर्विसेज देती है।

वहीं IT सिस्टम इंटीग्रेटर आर्मी इंफोटेक (ArMee Infotech) को भी सेबी की मंजूरी मिली है। अहमदाबाद हेडक्वार्टर वाली यह कंपनी 300 करोड़ रुपये का प्योर फ्रेश इश्यू लाएगी। कंपनी 14 लोकेशन पर ऑपरेट करती है, और इसके क्लाइंट्स में सरकार, BFSI, कॉरपोरेट और एजुकेशन सेक्टर शामिल हैं। इसकी सर्विसेज में IT हार्डवेयर- सॉफ्टवेयर डिप्लॉयमेंट से लेकर मैनेज्ड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तक आते हैं।

1,200 करोड़ रुपये वाला लेज़र पावर एंड इंफ्रा और बड़ा वैल्यूएशन लक्ष्य

कोलकाता बेस्ड केबल और कंडक्टर मैन्युफैक्चरर Laser Power and Infra को भी आईपीओ के लिए हरी झंडी मिल गई है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 1,200 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी 5,500 करोड़ रुपये से 6,500 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन रेंज को टारगेट कर रही है। इस फंड का इस्तेमाल बैलेंस शीट मजबूत करने और आगे के विस्तार प्लान को सपोर्ट करने के लिए किया जा सकता है।

2,550 करोड़ रुपये का एलिवेट कैंपस आईपीओ: पूरा फ्रेश इश्यू

इस लिस्ट में एक और बड़ा नाम एलिवेट कैंपस का है, जिसे 2,550 करोड़ रुपये के आईपीओ की मंजूरी मिली है। यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। कंपनी एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है, और इसका फोकस स्टूडेंट हाउसिंग और कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप और ऑपरेट करने पर है। कंपनी का प्लान NSE और BSE दोनों पर लिस्टिंग का है।

छोटे और मिड-साइज आईपीओ भी लाइन में

सेबी ने शंकेश ज्वेलर्स के छोटे आईपीओ को भी मंजूरी दी है। इसमें 3 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू और 1 करोड़ रुपये तक का ओएफस शामिल होगा। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर प्रस्तावित है।

इसके अलावा मेटल्स रीसाइक्लिंग और रिकवरी से जुड़ी आर्डी इंडस्ट्रीज़ को भी मंजूरी मिली है। इसमें 320 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू और 3.77 करोड़ शेयर तक का OFS शामिल होगा। 1995 में स्थापित यह कंपनी लीड रीसाइक्लिंग, स्मेल्टिंग और रिफाइनिंग के बिजनेस में सक्रिय है।

वहीं ऑटो और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी SEDEMAC मेकाट्रॉनिक्स को भी आईपीओ के लिए मंजूरी मिली है, लेकिन यह पूरी तरह OFS बेस्ड होगा। इसमें 0.8 करोड़ शेयर तक ऑफर किए जाएंगे और कंपनी इस इश्यू के जरिए कोई नया पूंजी जुटाव नहीं करेगी।