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RBI ने कहा: ऐसे होगी डेबिट क्रेडिट कार्ड की सुरक्षा

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RBI ने कहा: ऐसे होगी डेबिट क्रेडिट कार्ड की सुरक्षा
23 Jan 2023
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Latest Updated on 23 January 2023

आप क्रेडिट या डेबिट कार्ड से भुगतान करते हैं। तो व्यापारी अब आपके कार्ड नंबर Card Number, सीवीवी CVV या समाप्ति तिथि को अपने सर्वर पर स्टोर नहीं कर पाएंगे। कोई भी ऑनलाइन खरीदारी Online Shopping करने से पहले आपको एक टोकन बनाना होगा, और आप भविष्य में उपयोग के लिए उस व्यापारी की वेबसाइट पर टोकन सहेज सकते हैं। भुगतान के समय एक टोकन जनरेट Generate Token कर सकते हैं। और बाद में उपयोग के लिए इसे सरल कर सकते हैं।

जब आप डेबिट Debit या क्रेडिट कार्ड Credit Card का उपयोग करते हैं। तो कार्ड कंपनी आपके कार्ड नंबर की समाप्ति तिथि और कार्ड सत्यापन मूल्य को अपने कंप्यूटर Computer पर संग्रहीत करती है। इससे किसी के लिए आपके कार्ड की जानकारी चुराना और बाद में उसका उपयोग करना कठिन हो जाता है। टोकनाइजेशन Tokenization के साथ कार्ड कंपनी केवल आपके कार्ड की संख्या और समाप्ति तिथि को संग्रहीत करती है। इस तरह आपका कार्ड चोरी हो जाता है, तो चोर खरीदारी करने के लिए इसका उपयोग नहीं कर पाएगा।

आरबीआई RBI ने शुक्रवार को कहा कि उसने अपनी इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली Electronic Payment System के लिए कार्ड बदलने के लिए टोकन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। डिप्टी गवर्नर टी रविशंकर Deputy Governor T Ravi Shankar ने कहा कि कुछ लोगों ने टोकन का इस्तेमाल नहीं करना चुना है। 

आरबीआई ने 1 अक्टूबर से पेमेंट कार्ड को टोकन में बदलना अनिवार्य कर दिया है। इस परिवर्तन के साथ आपके कार्ड विवरण वास्तविक कार्ड के बजाय टोकन बन जाएंगे। आपके पास अपने वर्तमान भुगतान कार्ड की जानकारी को टोकन के रूप में रखने या अपने कार्ड की जानकारी का उपयोग करके नए टोकन बनाने का विकल्प है। आपके कार्ड बदलने की समय सीमा कई बार बढ़ाई जा चुकी है।

शंकर ने कहा कि टोकन की बिक्री की समय सीमा पहले ही एक बार बढ़ाई जा चुकी है, उन्होंने यह भी कहा कि लगभग 35 करोड़ टोकन बनाए गए हैं। और इससे लगभग 63 करोड़ रुपये का लेनदेन करने में मदद मिली है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि अगस्त के अंत तक सिस्टम में डेबिट और क्रेडिट कार्ड की संख्या 101 करोड़ से अधिक है।

Last Updated on 08 September 2021

बैंकिंग सेक्टर आज के समय में बहुत हद तक डिजिटल हो गया है। नई-नई सुविधाएं बैंक देती रहती है और सभी बैंको का सरताज भारतीय रिज़र्व बैंक सुरक्षा की नई-नई तरक़ीब अन्य बैंको और खाताधारकों को सुझाता रहता है। हाल ही में डेविट-क्रेडिट कार्ड के डाटा की सुरक्षा के लिए टोकन की सुविधा को शामिल किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के द्वारा उपकरण पर आधारित जो टोकन व्यवस्था थी उसको 'कार्ड-ऑन-फाइल टोकनाइजेशन' Card on File Tokenization सेवाओं तक और बढ़ा दिया है। इसके चलते अब से व्यापारी वास्तविक कार्ड का जितना भी ब्योरा होता है उसको अपने पास नहीं रख पाएंगे।

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