प्रसार भारती को ABU पुरस्कार 2026 में दो सम्मान, WAVES OTT की वैश्विक पहुंच भी दिखाई

Share Us

40
प्रसार भारती को ABU पुरस्कार 2026 में दो सम्मान, WAVES OTT की वैश्विक पहुंच भी दिखाई
02 Nov 2026
7 min read

News Synopsis

भारत के सार्वजनिक प्रसारण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। प्रसार भारती को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित एशिया-पैसिफिक ब्रॉडकास्टिंग यूनियन (ABU) पुरस्कार 2026 में दो प्रमुख सम्मानों से नवाजा गया है। ये पुरस्कार सार्वजनिक सेवा प्रसारण और प्रसारण तकनीक के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत के सार्वजनिक प्रसारक ने अपने डिजिटल मंच WAVES OTT की बढ़ती लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय पहुंच को भी प्रदर्शित किया।

पहला सम्मान आकाशवाणी, बेंगलुरु के कार्यक्रम ‘Beyond the Call’ को मिला। इस कार्यक्रम को ऑडियो पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट श्रेणी में विशेष प्रशंसा प्रदान की गई। वहीं, दूसरा सम्मान प्रसार भारती के नोंगमैथेम नंदकुमार सिंह को ABU Broadcast Engineering Excellence Award 2026 के रूप में दिया गया। यह पुरस्कार प्रसारण इंजीनियरिंग और तकनीकी नवाचार में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रसार भारती के सदस्य (वित्त) राजीव रॉय ने WAVES OTT का भी प्रदर्शन किया। नवंबर 2024 में शुरू हुआ यह डिजिटल मंच अब 1.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं और 1.9 करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा पार कर चुका है। इसकी पहुंच 130 से अधिक देशों तक हो चुकी है। यह उपलब्धि भारत के सार्वजनिक प्रसारण तंत्र के डिजिटल विस्तार को दर्शाती है।

ABU पुरस्कार 2026 में प्रसार भारती को दो सम्मान (Prasar Bharati Receives Two Honours at ABU Awards 2026)

कोलंबो में आयोजित ABU पुरस्कार समारोह में प्रसार भारती को दो अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान मिला। ये पुरस्कार रेडियो कार्यक्रमों के सामाजिक योगदान और प्रसारण तकनीक के क्षेत्र में किए गए कार्यों को पहचान देते हैं।

‘Beyond the Call’ कार्यक्रम को मिला विशेष सम्मान (Beyond the Call Receives Special Commendation)

आकाशवाणी, बेंगलुरु के कार्यक्रम ‘Beyond the Call’ को ऑडियो पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट श्रेणी में विशेष प्रशंसा (Special Commendation) प्रदान की गई। यह कार्यक्रम सार्वजनिक हित से जुड़े विषयों पर लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने और समुदायों के साथ संवाद स्थापित करने में सार्वजनिक प्रसारण की भूमिका को सामने लाता है।

इस सम्मान को आकाशवाणी, बेंगलुरु की ओर से ज्योति दास ने प्राप्त किया। यह उपलब्धि बताती है कि रेडियो जैसे पारंपरिक माध्यम आज भी समाज के विभिन्न वर्गों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

नोंगमैथेम नंदकुमार सिंह को प्रसारण इंजीनियरिंग का सम्मान (Nongmaithem Nandakumar Singh Honoured for Broadcast Engineering)

दूसरा सम्मान प्रसार भारती के नोंगमैथेम नंदकुमार सिंह को मिला। उन्हें पहले घोषित किए जा चुके ABU Broadcast Engineering Excellence Award 2026 से औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।

यह पुरस्कार प्रसारण इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार को मान्यता देता है। इस सम्मान को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अवर सचिव मिहिर कुमार झा ने प्राप्त किया।

यह उपलब्धि प्रसारण व्यवस्था को बेहतर बनाने में तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका को रेखांकित करती है। किसी भी सार्वजनिक प्रसारण संस्थान के लिए अच्छी सामग्री के साथ-साथ मजबूत तकनीकी ढांचा भी जरूरी होता है, ताकि कार्यक्रमों को अधिक से अधिक लोगों तक विश्वसनीय तरीके से पहुंचाया जा सके।

WAVES OTT के जरिए भारत की डिजिटल प्रसारण क्षमता का प्रदर्शन (India’s Digital Broadcasting Capabilities Showcased Through WAVES OTT)

ABU कार्यक्रम में प्रसार भारती ने केवल पुरस्कारों तक अपनी उपलब्धियों को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने डिजिटल मंच WAVES OTT को भी प्रस्तुत किया। इस मंच के माध्यम से भारत के सार्वजनिक प्रसारण से जुड़ी सामग्री को डिजिटल रूप में दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है।

WAVES OTT पर एक ही मंच पर कई तरह की सामग्री (Different Types of Content Available on One Platform)

प्रसार भारती के सदस्य (वित्त) राजीव रॉय ने WAVES OTT की विशेषताओं और इसकी सामग्री का प्रदर्शन किया। यह मंच टेलीविजन, रेडियो, फिल्मों, वृत्तचित्रों, शैक्षणिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक सामग्री और पुराने संग्रहित कार्यक्रमों को एक साथ उपलब्ध कराता है।

इस तरह दर्शकों को अलग-अलग प्रकार की सामग्री के लिए कई मंचों पर जाने की जरूरत कम हो सकती है। मनोरंजन के साथ शिक्षा, संस्कृति और सार्वजनिक महत्व से जुड़े कार्यक्रम भी इस मंच का हिस्सा हैं।

1.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता (More Than 15 Million Registered Users)

WAVES OTT की शुरुआत नवंबर 2024 में हुई थी। इसके बाद से मंच ने डिजिटल दर्शकों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इसने 1.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं और 1.9 करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है।

इसकी सेवाओं की पहुंच 130 से अधिक देशों तक बताई गई है। यह विस्तार दर्शाता है कि भारत के सार्वजनिक प्रसारण से जुड़ी सामग्री को देश के बाहर भी दर्शक मिल रहे हैं।

WAVES OTT का बढ़ता उपयोग यह भी दिखाता है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए रेडियो, टेलीविजन और अभिलेखागार की सामग्री को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

सार्वजनिक सेवा प्रसारण में डिजिटल बदलाव का महत्व (Importance of Digital Transformation in Public-Service Broadcasting)

प्रसार भारती को मिले सम्मान और WAVES OTT की बढ़ती पहुंच सार्वजनिक प्रसारण क्षेत्र में हो रहे बदलावों की ओर संकेत करते हैं। पहले रेडियो और टेलीविजन सार्वजनिक जानकारी और मनोरंजन के प्रमुख माध्यम थे। अब इंटरनेट और डिजिटल मंचों के विस्तार के कारण दर्शकों की देखने-सुनने की आदतों में भी बदलाव आया है।

पारंपरिक माध्यमों और डिजिटल मंचों का मेल (Bringing Traditional Media and Digital Platforms Together)

आकाशवाणी जैसे माध्यम आज भी उन समुदायों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण हैं, जहां डिजिटल सुविधाओं की उपलब्धता सीमित हो सकती है। वहीं, OTT मंच दर्शकों को अपनी सुविधा और समय के अनुसार सामग्री देखने-सुनने का विकल्प देते हैं।

ऐसे में पारंपरिक प्रसारण और डिजिटल सेवाओं को साथ लेकर चलना सार्वजनिक प्रसारकों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। WAVES OTT इसी दिशा में एक प्रयास है, जहां पुरानी और नई सामग्री को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है।

शिक्षा, संस्कृति और अभिलेखीय सामग्री को नई पहुंच (Wider Access to Education, Culture and Archival Content)

WAVES OTT पर शैक्षणिक, सांस्कृतिक और संग्रहित सामग्री की उपलब्धता का महत्व केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इससे दर्शकों को देश की सांस्कृतिक विरासत, पुराने कार्यक्रमों और ज्ञानवर्धक सामग्री तक पहुंच मिल सकती है।

डिजिटल मंचों के जरिए ऐसी सामग्री को उन लोगों तक भी पहुंचाया जा सकता है, जो सामान्य प्रसारण के समय कार्यक्रम नहीं देख पाते। अंतरराष्ट्रीय पहुंच से भारतीय कार्यक्रमों और सांस्कृतिक सामग्री को विदेशों में रहने वाले दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर भी मिलता है।

ABU: एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के प्रसारकों का प्रमुख संगठन (ABU: A Major Organisation of Broadcasters in the Asia-Pacific Region)

एशिया-पैसिफिक ब्रॉडकास्टिंग यूनियन (ABU) दुनिया के सबसे बड़े प्रसारण संगठनों में से एक है। इसका उद्देश्य एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के प्रसारकों के बीच सहयोग बढ़ाना और प्रसारण के क्षेत्र में गुणवत्ता तथा उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है।

63वीं आम सभा का आयोजन कोलंबो में (63rd General Assembly Held in Colombo)

ABU की 63वीं आम सभा और इससे जुड़ी बैठकें 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक कोलंबो में आयोजित की जा रही हैं। इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न देशों के प्रसारक, मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।

इस वर्ष आयोजन की थीम ‘Media for Peace and Humanity: Truth, Trust, and Transformation’ रखी गई है। इसका उद्देश्य शांति और मानवता को बढ़ावा देने में मीडिया की भूमिका, सच्चाई, भरोसे और बदलाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करना है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उपलब्धियों को पहचान (Recognition of India’s Achievements on an International Platform)

ABU जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रसार भारती को मिले दोनों सम्मान भारत के सार्वजनिक प्रसारण क्षेत्र की उपलब्धियों को सामने लाते हैं। एक ओर सामाजिक सरोकारों से जुड़े रेडियो कार्यक्रम को पहचान मिली है, तो दूसरी ओर प्रसारण तकनीक में उत्कृष्टता को सम्मानित किया गया है।

इसके साथ WAVES OTT का प्रदर्शन भारत के डिजिटल मीडिया तंत्र की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाता है। इससे सार्वजनिक प्रसारण के पारंपरिक अनुभव को नई तकनीक और डिजिटल सेवाओं के साथ जोड़ने के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सकती है।

निष्कर्ष: पुरस्कारों के साथ डिजिटल विस्तार की ओर बढ़ता प्रसार भारती (Conclusion: Prasar Bharati Advances Digital Expansion Alongside International Recognition)

ABU पुरस्कार 2026 में प्रसार भारती को मिले दो सम्मान भारतीय सार्वजनिक प्रसारण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। आकाशवाणी, बेंगलुरु के ‘Beyond the Call’ कार्यक्रम को विशेष प्रशंसा और नोंगमैथेम नंदकुमार सिंह को प्रसारण इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता का पुरस्कार मिलना इस क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को पहचान देता है।

दूसरी ओर, WAVES OTT का 1.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं, 1.9 करोड़ डाउनलोड और 130 से अधिक देशों तक पहुंचना डिजिटल विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति है। यह मंच मनोरंजन के साथ शिक्षा, संस्कृति और सार्वजनिक महत्व की सामग्री को भी दर्शकों तक पहुंचा रहा है।

कोलंबो में आयोजित ABU की 63वीं आम सभा के अंतरराष्ट्रीय मंच पर इन उपलब्धियों का प्रदर्शन भारत के सार्वजनिक प्रसारण तंत्र की बदलती भूमिका को सामने लाता है। आने वाले समय में पारंपरिक प्रसारण और डिजिटल तकनीक का बेहतर तालमेल इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।