PhonePe के मर्चेंट नेटवर्क ने 47 मिलियन बिज़नेस को छुआ

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PhonePe के मर्चेंट नेटवर्क ने 47 मिलियन बिज़नेस को छुआ
30 May 2026
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PhonePe ने अप्रैल में फिर रचा इतिहास, 10 अरब से अधिक UPI ट्रांजैक्शन दर्ज

डिजिटल भुगतान क्षेत्र में भारत की अग्रणी कंपनी PhonePe ने अप्रैल महीने में एक बार फिर बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी ने लगातार दूसरे महीने 10 अरब से अधिक UPI ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए हैं, जिससे उसकी बाजार में मजबूत पकड़ और बढ़ गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पूरे UPI नेटवर्क में भी मजबूत वृद्धि देखने को मिली है।

UPI सिस्टम में मजबूत प्रदर्शन जारी

भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), जिसे NPCI संचालित करता है, लगातार डिजिटल भुगतान का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है।

अप्रैल महीने में UPI ने कुल 22.34 अरब (22.34 billion) ट्रांजैक्शन दर्ज किए। यह मार्च के 22.64 अरब ट्रांजैक्शन की तुलना में हल्की गिरावट है, लेकिन बाजार में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम अब भी मजबूत बना हुआ है।

यह दर्शाता है, कि भारत में डिजिटल पेमेंट्स की मांग लगातार बढ़ रही है, चाहे वह ऑनलाइन शॉपिंग हो, किराना खरीदारी हो या फिर P2P (Peer-to-Peer) ट्रांजैक्शन।

PhonePe का दबदबा कायम

अप्रैल महीने में PhonePe ने 10.33 अरब UPI ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिससे उसने बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति और मजबूत कर ली।

कंपनी की हिस्सेदारी इस प्रकार रही:

  • कुल UPI वॉल्यूम में लगभग 46.2% हिस्सेदारी
  • वैल्यू के हिसाब से लगभग 49.3% मार्केट शेयर
  • कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू: ₹14.31 लाख करोड़

पिछले महीने यानी मार्च में भी PhonePe ने पहली बार 10.5 अरब ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार किया था। अप्रैल में भी यह प्रदर्शन लगभग उसी स्तर पर बना रहा, जो इसकी स्थिरता और उपयोगकर्ता आधार को दर्शाता है।

PhonePe की सफलता का प्रमुख कारण इसका आसान इंटरफेस, तेज ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग और व्यापक मर्चेंट नेटवर्क है।

Google Pay दूसरे स्थान पर मजबूत

Google Pay ने अप्रैल में दूसरा स्थान बनाए रखा।

इसके आंकड़े इस प्रकार रहे:

  • कुल ट्रांजैक्शन: 7.36 अरब
  • वॉल्यूम मार्केट शेयर: 32.9%
  • वैल्यू शेयर: 33.5%
  • कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू: ₹9.72 लाख करोड़

Google Pay लगातार UPI इकोसिस्टम में मजबूत प्रतिस्पर्धी बना हुआ है, खासकर शहरी और डिजिटल-फर्स्ट यूजर्स के बीच इसकी पकड़ मजबूत है।

Paytm तीसरे स्थान पर

Paytm ने अप्रैल में तीसरा स्थान बरकरार रखा।

कंपनी के आंकड़े:

  • कुल ट्रांजैक्शन: 1.77 अरब
  • वॉल्यूम शेयर: लगभग 8%
  • वैल्यू शेयर: लगभग 6.7%

Paytm अभी भी डिजिटल भुगतान, वॉलेट सेवाओं और मर्चेंट नेटवर्क के माध्यम से मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है।

उभरते खिलाड़ियों की बढ़ती हिस्सेदारी

UPI मार्केट में कई नए और उभरते खिलाड़ी भी तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।

Navi और super.money का प्रदर्शन

  • Navi: 801 मिलियन ट्रांजैक्शन
  • super.money: 369 मिलियन ट्रांजैक्शन
  • BHIM: 210 मिलियन ट्रांजैक्शन

इन प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती हिस्सेदारी यह दर्शाती है, कि UPI इकोसिस्टम अब अधिक विविध और प्रतिस्पर्धी हो गया है।

CRED और अन्य प्लेटफॉर्म्स की स्थिति

CRED ने अप्रैल में लगभग 157 मिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिनकी कुल वैल्यू ₹56,569 करोड़ रही।

हालांकि इसका वॉल्यूम अपेक्षाकृत कम है, लेकिन इसका औसत ट्रांजैक्शन मूल्य (Average Ticket Size) काफी अधिक है, जो इसके प्रीमियम यूजर बेस को दर्शाता है।

इसके अलावा:

  • FamApp (Trio): 183 मिलियन ट्रांजैक्शन
  • WhatsApp Payments: लगभग 139 मिलियन ट्रांजैक्शन

यह दर्शाता है, कि सोशल मीडिया और चैट प्लेटफॉर्म भी अब डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा बन चुके हैं।

सेक्टर-वाइज UPI उपयोग में बदलाव

NPCI के अनुसार अप्रैल महीने में UPI का उपयोग मुख्य रूप से दैनिक जरूरतों से जुड़े क्षेत्रों में अधिक रहा।

प्रमुख कैटेगरी:

1. किराना और सुपरमार्केट

  • 3.72 अरब ट्रांजैक्शन
  • ₹80,449 करोड़ का कारोबार

2. फास्ट फूड और रेस्टोरेंट

  • 1.47 अरब ट्रांजैक्शन

3. खाने की जगह और रेस्तरां

  • 1.25 अरब ट्रांजैक्शन

4. टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं

  • 869.9 मिलियन ट्रांजैक्शन

5. पेट्रोल पंप और सर्विस स्टेशन

  • 658.6 मिलियन ट्रांजैक्शन

यह स्पष्ट करता है, कि UPI अब रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है।

डिजिटल भुगतान में भारत की मजबूत स्थिति

भारत का UPI सिस्टम दुनिया के सबसे बड़े रीयल-टाइम पेमेंट नेटवर्क में से एक बन चुका है।

कम समय में तेज ट्रांजैक्शन, सुरक्षित भुगतान प्रणाली और व्यापक स्वीकार्यता ने इसे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोकप्रिय बना दिया है।

PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म्स इस ग्रोथ को आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

निष्कर्ष:

अप्रैल 2026 में UPI ट्रांजैक्शन का प्रदर्शन यह दिखाता है, कि भारत में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहा है। PhonePe ने लगातार दूसरे महीने 10 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन कर अपनी नेतृत्व स्थिति मजबूत की है, जबकि Google Pay और Paytm भी मजबूत प्रतिस्पर्धा बनाए हुए हैं।

उभरते फिनटेक प्लेटफॉर्म्स की भागीदारी से UPI इकोसिस्टम और अधिक विविध और प्रतिस्पर्धी बन रहा है, जो आने वाले समय में और तेजी से विस्तार करेगा।

Previous Update

डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe अपने संभावित IPO की तैयारी में है, और इसी बीच कंपनी की ओर से SEBI के पास दाखिल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस से उसके बिजनेस मॉडल और मर्चेंट इकोसिस्टम को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, इन आंकड़ों से साफ होता है, कि PhonePe का मर्चेंट नेटवर्क अब सिर्फ पेमेंट सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े और विविध राजस्व मॉडल में बदल चुका है, आईपीओ से पहले कंपनी को लेकर आई इस जानकारी से निवेशकों को फोनपे बिजनेस से जुड़ी अहम जानकारियां मिल सकती हैं।

देश का सबसे बड़ा डिजिटल नेटवर्क मर्चेंट

DRHP के अनुसार 30 सितंबर 2025 तक PhonePe के साथ रजिस्टर्ड मर्चेंट्स की संख्या 4.71 करोड़ (47.19 मिलियन) तक पहुंच चुकी थी, खास बात यह है, कि कंपनी का नेटवर्क भारत के लगभग 98.61 फीसदी पिन कोड्स तक फैल चुका है, जिससे यह देश के सबसे बड़े डिजिटल मर्चेंट नेटवर्क्स में से एक बन गया है, कंपनी के मुताबिक मार्च 2025 तक PhonePe का मर्चेंट बेस देश के कुल ट्रेड और सर्विस मर्चेंट्स का करीब 77 से 80 फीसदी हिस्सा कवर करता है।

सिर्फ रजिस्ट्रेशन ही नहीं, प्लेटफॉर्म पर एक्टिविटी भी काफी मजबूत है, मार्च 2025 में PhonePe के मासिक एक्टिव मर्चेंट्स की संख्या 1.13 करोड़ रही, जो देश के कुल सक्रिय UPI मर्चेंट्स का लगभग 54 फीसदी हिस्सा है, वहीं डेली एक्टिविटी भी लगातार बढ़ी है, सितंबर 2025 तक डेली एक्टिव मर्चेंट्स का रेशियो 60.77 फीसदी तक पहुंच गया, जबकि मार्च 2023 में यह करीब 44.18 फीसदी था।

कंपनी का मजबूत हार्डवेयर इकोसिस्मट

PhonePe के मर्चेंट नेटवर्क की एक और खासियत इसका हार्डवेयर इकोसिस्टम है, कंपनी ने देशभर में करीब 9.19 मिलियन (91.9 लाख) पेमेंट डिवाइस तैनात किए हैं, इनमें QR आधारित डिवाइस के अलावा स्मार्टस्पीकर जैसे डिवाइस भी शामिल हैं, जो भुगतान की आवाज के जरिए पुष्टि करते हैं, और व्यापारियों को ट्रांजैक्शन अपडेट देते हैं, इन डिवाइसों से कंपनी को सब्सक्रिप्शन आधारित स्थिर इनकम भी मिलती है, जिससे मर्चेंट नेटवर्क और मजबूत बनता है।

इस पूरे सिस्टम को बनाए रखने के लिए PhonePe के पास बड़ा फील्ड नेटवर्क भी है, कंपनी के 25,000 से ज्यादा फील्ड टीम मेंबर्स और करीब 31,000 से अधिक कमीशन आधारित एजेंट्स देशभर में काम कर रहे हैं, खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में मर्चेंट नेटवर्क बढ़ाने पर कंपनी का खास फोकस रहा है।

मर्चेंट लेंडिंग से भी बढ़ता भरोसा

PhonePe के बिजनेस मॉडल का एक तेजी से बढ़ता हुआ हिस्सा मर्चेंट लेंडिंग भी बनता जा रहा है, कंपनी अपने विशाल ट्रांजैक्शन डेटा का इस्तेमाल करके पार्टनर फाइनेंशियल संस्थानों को क्रेडिट इनसाइट्स देती है, जिसके आधार पर छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी वाले लोन दिए जाते हैं, DRHP के मुताबिक इस सेगमेंट में बेहद तेज ग्रोथ देखी गई है, FY2023 में जहां लोन डिसबर्सल सिर्फ 0.11 अरब रुपये था, वहीं FY2025 तक यह बढ़कर 45.07 अरब रुपये तक पहुंच गया।

बिजनेस और इनकम

रेवेन्यू के लिहाज से भी यह बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है, FY2026 की पहली छमाही में ही मर्चेंट लेंडिंग से कंपनी को करीब 2,880.87 मिलियन रुपये का रेवेन्यू मिला, जो पिछले पूरे वित्त वर्ष की कमाई के लगभग 88 फीसदी के बराबर है, अगर सिर्फ मर्चेंट पेमेंट बिजनेस की बात करें तो FY2025 में इस सेगमेंट से 19,910.36 मिलियन रुपये का रेवेन्यू आया, यह PhonePe के कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू का करीब 28 फीसदी हिस्सा है, वहीं कंपनी के प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट ट्रांजैक्शन का कुल मूल्य सालाना आधार पर लगभग 15 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच चुका है।

कंपनी के बारे में:

PhonePe की शुरुआत 2016 में डिजिटल पेमेंट ऐप के रूप में हुई थी, लेकिन आज कंपनी एक बड़े डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफार्म में बदल चुकी है, 30 सितंबर 2025 तक PhonePe के 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं, और इसका मर्चेंट नेटवर्क 4.7 करोड़ से ज्यादा कारोबारियों तक फैल चुका है, कंपनी अब पेमेंट्स के अलावा कई नए क्षेत्रों में भी एक्टिव है, इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कंज्यूमर पेमेंट्स, मर्चेंट पेमेंट्स, लेंडिंग, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज शामिल हैं, इसके अलावा PhonePe ने Share.Market नाम से स्टॉक ब्रोकिंग और म्यूचुअल फंड प्लेटफार्म शुरू किया है, जबकि Indus Appstore के जरिए एंड्रॉयड आधारित ऐप मार्केटप्लेस में भी कदम रखा है।