Paytm ने लॉन्च किया ‘Pocket Money’ फीचर

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Paytm ने लॉन्च किया ‘Pocket Money’ फीचर
18 May 2026
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News Synopsis

युवा उपयोगकर्ताओं के बीच डिजिटल वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देने की दिशा में Paytm ने नया ‘Pocket Money’ फीचर लॉन्च किया है। यह फीचर किशोरों को बिना व्यक्तिगत बैंक अकाउंट के UPI पेमेंट करने की सुविधा देता है, जबकि माता-पिता की निगरानी भी बनी रहती है।

किशोरों के लिए डिजिटल वित्तीय समावेशन की दिशा में बड़ा कदम

One 97 Communications Ltd द्वारा संचालित Paytm ने ‘Pocket Money’ नाम का एक नया फीचर पेश किया है, जिसका उद्देश्य किशोरों को डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम से जोड़ना है। यह पहल वित्तीय स्वतंत्रता और अभिभावकीय नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने के लिए तैयार की गई है, ताकि युवा उपयोगकर्ता सुरक्षित तरीके से रोजमर्रा के लेनदेन कर सकें।

यह फीचर National Payments Corporation of India के UPI Circle ढांचे के जरिए UPI सिस्टम से जुड़ा हुआ है, जो निगरानी के साथ डिजिटल भुगतान की सुविधा देता है। इसका उद्देश्य नकदी पर निर्भरता कम करना और किशोरों को व्यवस्थित वित्तीय आदतों से परिचित कराना है।

‘Pocket Money’ फीचर कैसे काम करता है।

‘Pocket Money’ फीचर किशोरों को अपने स्मार्टफोन से सीधे UPI आधारित लेनदेन करने की सुविधा देता है, वह भी बिना बैंक अकाउंट के। माता-पिता या परिवार के विश्वसनीय सदस्य इस फीचर को सक्रिय कर अपने बैंक अकाउंट से लिंक कर सकते हैं।

एक बार फीचर सक्रिय होने के बाद अभिभावक किशोरों के लिए मासिक पॉकेट मनी तय कर सकते हैं और उनकी जरूरतों के अनुसार खर्च की सीमा निर्धारित कर सकते हैं। इससे किशोरों को भुगतान करने की स्वतंत्रता मिलती है, लेकिन उनका खर्च नियंत्रण में रहता है।

यह सिस्टम UPI Circle के सुरक्षित ढांचे के भीतर काम करता है, जिससे सभी ट्रांजैक्शन रियल-टाइम में प्रमाणित और मॉनिटर किए जाते हैं।

रोजमर्रा के खर्चों को बनाया आसान

इस फीचर की मदद से किशोर कई दैनिक खर्च खुद संभाल सकते हैं। इनमें स्कूल या कॉलेज कैंटीन में भुगतान, मेट्रो टिकट बुकिंग, कैब सेवाओं का भुगतान, मोबाइल रिचार्ज और ऑनलाइन तथा ऑफलाइन शॉपिंग शामिल हैं।

UPI नेटवर्क पर मौजूद लाखों व्यापारियों तक पहुंच देकर Paytm यह सुनिश्चित करता है, कि किशोर बिना हर बार अपने माता-पिता पर निर्भर हुए डिजिटल भुगतान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकें।

यह कदम खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में माता-पिता और किशोरों दोनों के लिए सुविधा बढ़ाने वाला माना जा रहा है, जहां डिजिटल भुगतान का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

नकदी और माता-पिता पर निर्भरता होगी कम

‘Pocket Money’ फीचर का एक मुख्य उद्देश्य किशोरों की नकदी और माता-पिता की सहायता पर निर्भरता खत्म करना है। अब तक कई किशोर या तो नकदी का उपयोग करते थे, या फिर डिजिटल भुगतान के लिए अपने माता-पिता के स्मार्टफोन पर निर्भर रहते थे, जहां OTP या QR कोड स्कैनिंग की जरूरत पड़ती थी।

नए फीचर के जरिए किशोर अपने डिवाइस से खुद भुगतान शुरू और पूरा कर सकते हैं। इससे न केवल सुविधा बढ़ेगी, बल्कि कम उम्र में वित्तीय जिम्मेदारी और जागरूकता भी विकसित होगी।

दूसरी ओर माता-पिता को हर ट्रांजैक्शन में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक आसान बन जाएगी।

ट्रांजैक्शन लिमिट और उपयोग संबंधी प्रतिबंध

जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करने के लिए Paytm ने ‘Pocket Money’ फीचर के तहत कुछ ट्रांजैक्शन सीमाएं तय की हैं। प्रत्येक ट्रांजैक्शन की अधिकतम सीमा ₹5,000 रखी गई है, जबकि मासिक खर्च सीमा ₹15,000 निर्धारित की गई है।

इसके अलावा सुरक्षा बनाए रखने के लिए कुछ प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। इस फीचर के जरिए अंतरराष्ट्रीय लेनदेन और नकद निकासी की अनुमति नहीं होगी। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि सिस्टम केवल नियंत्रित घरेलू उपयोग तक सीमित रहे।

यह फीचर सेविंग्स और करंट दोनों प्रकार के बैंक अकाउंट्स के साथ काम करता है, जिससे अभिभावकों को लचीलापन मिलता है।

सुरक्षित उपयोग के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय

‘Pocket Money’ फीचर में सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। Paytm ने उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और दुरुपयोग रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय जोड़े हैं।

फीचर सक्रिय होने के शुरुआती चरण में ट्रांजैक्शन लिमिट और कम रखी गई है। पहले 30 मिनट में केवल ₹500 तक और पहले 24 घंटे में ₹5,000 तक के भुगतान की अनुमति होगी। इन उपायों का उद्देश्य नए अकाउंट सेटअप से जुड़े जोखिमों को कम करना है।

इसके अलावा डिवाइस लॉक अनिवार्य रखा गया है, जिससे केवल अधिकृत उपयोगकर्ता ही ऐप तक पहुंच सकें। माता-पिता अपने Paytm UPI PIN के जरिए तुरंत खर्च सीमा बदल सकते हैं या एक्सेस बंद कर सकते हैं।

ये सभी सुविधाएं मिलकर ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करती हैं, जहां किशोर बिना बड़े जोखिम के डिजिटल भुगतान सीख सकें।

Spend Summary से मिलेगी रियल-टाइम ट्रैकिंग

इस फीचर का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा Paytm के ‘Spend Summary’ टूल के साथ इसका इंटीग्रेशन है। यह सुविधा ट्रांजैक्शंस को स्वतः अलग-अलग श्रेणियों में बांटती है, जिससे माता-पिता और किशोर दोनों खर्च के पैटर्न को समझ सकते हैं।

भोजन, परिवहन और मनोरंजन जैसी श्रेणियों में खर्च का विश्लेषण करके परिवार बेहतर तरीके से समझ सकते हैं, कि पैसा कहां खर्च हो रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और पॉकेट मनी को अधिक प्रभावी तरीके से मैनेज किया जा सकता है।

समय के साथ यह सुविधा किशोरों को बजट और वित्तीय अनुशासन सिखाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

कम उम्र से वित्तीय जिम्मेदारी को बढ़ावा

‘Pocket Money’ फीचर की शुरुआत वित्तीय साक्षरता और डिजिटल समावेशन की दिशा में बढ़ते बदलाव को दर्शाती है। नियंत्रित डिजिटल भुगतान की सुविधा देकर Paytm किशोरों को कम उम्र से ही पैसे के प्रबंधन के महत्वपूर्ण कौशल सीखने में मदद कर रहा है।

माता-पिता इस टूल का उपयोग अपने बच्चों को जिम्मेदार खर्च, बचत की आदत और बजट प्रबंधन सिखाने के अवसर के रूप में कर सकते हैं। स्वतंत्रता और निगरानी का यह संयोजन सीखने का संतुलित माहौल तैयार करता है।

यह पहल भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप भी है, जहां कैशलेस ट्रांजैक्शन तेजी से आम हो रहे हैं।

भारत के फिनटेक क्षेत्र में रणनीतिक कदम

Paytm का यह नया फीचर फिनटेक क्षेत्र में नवाचार के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। किशोरों को लक्ष्य बनाकर कंपनी अपने यूजर बेस का विस्तार कर रही है और एक ऐसे वर्ग तक पहुंच बना रही है जिसे अब तक काफी हद तक नजरअंदाज किया गया था।

NPCI के UPI ढांचे के साथ इंटीग्रेशन इस फीचर को भरोसेमंद और बड़े स्तर पर उपयोग के लिए सक्षम बनाता है। जैसे-जैसे डिजिटल भुगतान विकसित हो रहे हैं, ऐसे फीचर्स भविष्य में उपभोक्ता व्यवहार को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

निष्कर्ष:

Paytm का ‘Pocket Money’ फीचर सुविधा, सुरक्षा और वित्तीय शिक्षा का संतुलित मिश्रण प्रस्तुत करता है। यह किशोरों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में भाग लेने का अवसर देता है, जबकि माता-पिता का नियंत्रण भी बनाए रखता है।

मजबूत सुरक्षा उपायों, खर्च सीमाओं और रियल-टाइम ट्रैकिंग क्षमताओं के साथ यह फीचर आधुनिक परिवारों के लिए नकदी से डिजिटल भुगतान की ओर बदलाव को आसान बनाता है।

जैसे-जैसे भारत डिजिटल वित्तीय प्रणालियों को तेजी से अपना रहा है, वैसे-वैसे इस तरह के नवाचार अगली पीढ़ी के पैसे के इस्तेमाल के तरीके को बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे।