ONDC ने इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड लॉन्च किया
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ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स Open Network for Digital Commerce ने लोकल आर्टिसन्स से लेकर नेबरहुड शॉपकीपर्स तक हर सेलर को सशक्त बनाने के लिए इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड interoperable QR code लॉन्च किया है।
ओएनडीसी का इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड जो वर्तमान में अपने अल्फा फेज में है, सेलर्स को एक यूनिक क्यूआर कोड बनाने की अनुमति देता है, जिसे कस्टमर्स ओएनडीसी-रजिस्टर्ड बायर ऐप का उपयोग करके स्कैन कर सकते हैं, इसकी शुरुआत मैजिकपिन और पेटीएम से होगी और इनिशियल टेस्टिंग के बाद जल्द ही पूरे नेटवर्क में इसका विस्तार किया जाएगा।
ONDC का इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड उन बाधाओं को तोड़ता है, जो छोटे बुसिनेस को पीछे रखती हैं। अब हर सेलर के पास ईकॉमर्स दिग्गजों की तरह डिजिटल रूप से कस्टमर्स तक पहुँचने की पावर है। यह एक ओपन, इंक्लूसिव और लोकतांत्रिक डिजिटल मार्केट की दिशा में एक बड़ी छलांग है।
ONDC के एमडी और सीईओ टी कोशी T Koshy MD and CEO of ONDC ने कहा "आज इंडियन कॉमर्स में एक ट्रांस्फॉर्मटिव मोमेंट है।"
सेलर्स अपने क्यूआर कोड को कहीं भी प्रदर्शित कर सकते हैं, स्टोरफ्रंट, प्रोडक्ट्स, मार्केटिंग मैटेरियल्स या सोशल मीडिया पर जिससे वे ऑफ़लाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से कस्टमर्स से जुड़ सकते हैं। कंस्यूमर्स किसी भी क्यूआर स्कैनर ऐप या ओएनडीसी बायर ऐप जैसे कि पेटीएम और मैजिकपिन के साथ कोड को स्कैन कर सकते हैं, ताकि वे अपने पसंदीदा बायर ऐप के माध्यम से सीधे सेलर के ऑनलाइन स्टोर से जुड़ सकें।
टी कोशी ने कहा "यह सिर्फ़ एक नया फीचर नहीं है; यह इकनोमिक ग्रोथ और डिजिटल इन्क्लूश़न के लिए कैटेलिस्ट है। लाखों बिज़नेस ऑनलाइन आएंगे, जिससे नए अवसर पैदा होंगे और भारत की डिजिटल इकॉनमी को आगे बढ़ाया जाएगा।"
2021 में लॉन्च किया गया ONDC Ministry of Commerce & Industry के तहत Department for Promotion of Industry and Internal Trade की एक पहल है। इसका उद्देश्य डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर गुड्स और सर्विस के एक्सचेंज के लिए ओपन नेटवर्क को बढ़ावा देना है। ONDC एक ऐप या प्लेटफ़ॉर्म के बजाय नेटवर्क मॉडल पर आधारित एक Digital Public Infrastructure है।
ONDC एक ओपन-सोर्स प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे भारत में ई-कॉमर्स को लोकतांत्रिक बनाने और छोटे बिज़नेस को ऑनलाइन लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। DPIIT द्वारा समर्थित एक निजी नॉन-प्रॉफिट पहल के रूप में ONDC पूरे देश में ई-कॉमर्स को अधिक सुलभ बनाने का प्रयास करता है। डेल्हीवरी, पेटीएम, फोनपे, उबर, आईडीएफसी बैंक, कोटक, शिपरॉकेट, डंज़ो और टाटा न्यू जैसी कंपनियों ने अपनी सर्विस को ONDC के साथ इंटीग्रेटेड किया है।
ओएनडीसी के प्लेटफॉर्म पर अब 5.7 लाख से अधिक सेलर्स और सर्विस प्रोवाइडर हैं।
Minister of State for Electronics and Information Technology जितिन प्रसाद ने कहा कि ओएनडीसी के पास 71 सेलर एप्लीकेशन, 22 बायर एप्लीकेशन और 16 लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर हैं, और नेटवर्क पर कुल 5.7 लाख से अधिक सेलर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स हैं।


