एन चंद्रशेखरन का बड़ा बयान, बोले- सुरक्षा ही हो एयर इंडिया की सबसे बड़ी पहचान
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एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार, 7 सितंबर को कहा कि एयरलाइन की सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया को दुनिया की सबसे सुरक्षित एयरलाइनों में शामिल होने के साथ-साथ अपनी पहचान ऐसी एयरलाइन के रूप में बनानी चाहिए, जिस पर भारत और दुनिया भर के यात्री भरोसा कर सकें।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया इस समय अपने परिवर्तन के एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। इसी बदलाव के बीच चंद्रशेखरन ने सुरक्षा, ग्राहक विश्वास, बेहतर परिचालन व्यवस्था और लागत नियंत्रण को एयरलाइन की भविष्य की रणनीति के प्रमुख आधार बताया।
उन्होंने एयर इंडिया के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य लोगों के मन में भरोसा पैदा करना है। उनके अनुसार, सुरक्षा केवल घोषणाओं या नीतियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे एयरलाइन के रोजमर्रा के कामकाज का हिस्सा बनाना जरूरी है।
एयर इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन के बीच टाउन हॉल Town Hall Held Amid Air India Leadership Transition
एन चंद्रशेखरन N. Chandrasekaran ने एयर इंडिया के निवर्तमान CEO और MD कैंपबेल विल्सन तथा नए CEO और MD टेवोल्डे गेब्रेमरियम के साथ कर्मचारियों को संबोधित किया। यह टाउन हॉल बैठक एयर इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन के अवसर पर आयोजित की गई थी।
चंद्रशेखरन ने पिछले चार वर्षों के दौरान एयरलाइन के बदलाव और संचालन में योगदान देने वाले कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया की भारत में एक अलग और विशेष पहचान है तथा दुनिया भर में रहने वाले भारतीयों के दिलों में भी इसका खास स्थान है।
एयर इंडिया सिर्फ एक बिजनेस नहीं Air India Is More Than Just a Business
चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के महत्व को बताते हुए कहा कि टाटा समूह के लिए एयर इंडिया को वापस पाना उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एयर इंडिया को केवल एक सामान्य व्यावसायिक कंपनी की तरह नहीं देखा जा सकता।
उनके अनुसार, एयर इंडिया करोड़ों भारतीयों से जुड़ी हुई एयरलाइन है। देश के लोगों की इसके प्रदर्शन में स्वाभाविक रुचि है और यही कारण है कि एयरलाइन से जुड़ी छोटी-बड़ी घटनाओं पर भी व्यापक सार्वजनिक प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।
जनता का ध्यान एयर इंडिया की ताकत है Public Attention Is a Strength for Air India
एन चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है, जिसके बारे में आम जनता भी खुलकर अपनी राय व्यक्त करती है। यात्रियों और आम लोगों की एयरलाइन के प्रति अपेक्षाएं काफी अधिक हैं।
उन्होंने इस सार्वजनिक रुचि को चुनौती के बजाय एयर इंडिया की ताकत के रूप में देखने की बात कही। उनके मुताबिक, अगर लोग एयर इंडिया के प्रदर्शन को लेकर अपनी राय रखते हैं, तो यह बताता है कि एयरलाइन देश के लोगों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
ग्राहकों का भरोसा फिर मजबूत करना जरूरी Rebuilding Customer Trust Is Essential
चंद्रशेखरन ने कहा कि आने वाले समय में एयर इंडिया के लिए ग्राहकों का भरोसा दोबारा मजबूत करना सबसे अहम लक्ष्यों में से एक होगा। एयरलाइन को यात्रियों को लगातार बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद अनुभव देने की दिशा में काम करना होगा।
उन्होंने संकेत दिया कि केवल विमान बढ़ाना या नेटवर्क का विस्तार करना पर्याप्त नहीं होगा। एयरलाइन की दीर्घकालिक सफलता के लिए सुरक्षा और ग्राहक अनुभव में निरंतर सुधार जरूरी है।
पिछले 18 महीने एयर इंडिया के लिए चुनौतीपूर्ण रहे The Past 18 Months Were Challenging for Air India
चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के सामने पिछले लगभग 18 महीनों के दौरान आई चुनौतियों को भी स्वीकार किया। उन्होंने भू-राजनीतिक तनाव, विभिन्न क्षेत्रों में एयरस्पेस बंद होने, ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और AI171 हादसे जैसी घटनाओं का उल्लेख किया।
इन परिस्थितियों ने एयरलाइन के संचालन और प्रदर्शन पर दबाव डाला। विमानन उद्योग पहले से ही वैश्विक स्तर पर कई तरह की अनिश्चितताओं से प्रभावित है और एयर इंडिया को भी इन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
नई रणनीति में चार प्रमुख प्राथमिकताएं Four Key Priorities in the Next Phase
एयर इंडिया के अगले चरण के लिए चंद्रशेखरन ने मुख्य रूप से चार क्षेत्रों पर जोर दिया:
- सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना
- ग्राहकों का भरोसा मजबूत करना
- ऑपरेशनल एक्जीक्यूशन में सुधार करना
- लागत और वित्तीय अनुशासन बढ़ाना
इन प्राथमिकताओं का उद्देश्य एयर इंडिया को अधिक मजबूत, कुशल और विश्वसनीय वैश्विक एयरलाइन के रूप में विकसित करना है।
सुरक्षा एयर इंडिया की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी Safety Will Remain Air India’s Top Priority
एन चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि एयर इंडिया के लिए सुरक्षा से बड़ा कोई लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एयरलाइन को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एयरलाइनों के सुरक्षा रिकॉर्ड से भी बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सुरक्षा केवल शब्दों या सार्वजनिक बयानों का विषय नहीं है। इसे कंपनी के प्रत्येक स्तर पर रोजाना लागू किए जाने वाले नियमों और प्रक्रियाओं का हिस्सा बनाना होगा।
विश्वस्तरीय प्रक्रियाओं और जवाबदेही पर जोर Focus on World-Class Processes and Accountability
चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया में विश्वस्तरीय प्रक्रियाओं, कड़े अनुपालन और व्यक्तिगत जवाबदेही की जरूरत बताई। उनका मानना है कि सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए संगठन के प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कर्मचारियों से सुरक्षा मानकों को पूरी गंभीरता से लागू करने और हर स्तर पर जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। एयरलाइन के लिए सुरक्षा रिकॉर्ड में लगातार सुधार करना भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक होगा।
ग्राहक अनुभव में निरंतरता जरूरी Consistency in Customer Experience Is Important
सुरक्षा के साथ-साथ चंद्रशेखरन ने ग्राहक अनुभव को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने एयर इंडिया में यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं में अधिक निरंतरता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग से लेकर एयरपोर्ट अनुभव, बोर्डिंग, उड़ान के दौरान सेवा और गंतव्य तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना एयरलाइन की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
बदलते विमानन माहौल के लिए तैयार रहना होगा Air India Must Adapt to a Changing Aviation Environment
विमानन उद्योग तेजी से बदल रहा है। ईंधन कीमतों, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, एयरस्पेस प्रतिबंधों और यात्रियों की बदलती अपेक्षाओं जैसे कई कारकों का एयरलाइनों पर असर पड़ता है।
चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों से ऐसे वातावरण में तेजी से बदलाव करने और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की अपील की। उनके अनुसार, एयर इंडिया को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए परिचालन स्तर पर चुस्त और प्रभावी होना होगा।
लागत नियंत्रण भी एयर इंडिया के लिए महत्वपूर्ण Cost Discipline Is Also Important for Air India
एयरलाइन के लिए वित्तीय स्थिरता को भी चंद्रशेखरन ने महत्वपूर्ण प्राथमिकता बताया। उन्होंने संगठन में लागत के प्रति अधिक जागरूकता विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया।
उनका कहना है कि एयर इंडिया के हर कर्मचारी का योगदान कंपनी की लागत दक्षता बढ़ाने में हो सकता है। इसलिए लागत बचत को केवल प्रबंधन की जिम्मेदारी न मानकर पूरे संगठन की साझा जिम्मेदारी के रूप में देखने की आवश्यकता है।
वित्तीय स्थिरता से मजबूत होगा भविष्य Financial Sustainability Will Strengthen the Future
एयर इंडिया के लिए आने वाले वर्षों में बेहतर वित्तीय प्रदर्शन हासिल करना भी महत्वपूर्ण होगा। परिचालन क्षमता बढ़ाने, संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और अनावश्यक खर्च कम करने से कंपनी को अधिक टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।
एन चंद्रशेखरन का टाटा समूह में लंबा सफर N Chandrasekaran’s Long Journey with the Tata Group
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को घोषणा की थी कि वह अपने पद पर एक और कार्यकाल के लिए दावा नहीं करेंगे। इसके साथ ही टाटा समूह के साथ उनकी लगभग चार दशक लंबी यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है।
वह 20 फरवरी 2027 तक टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे, जब उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त होगा। उन्होंने टाटा संस के बोर्ड से उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन सुचारु रूप से हो सके।
TCS से Tata Sons तक का सफर Journey from TCS to Tata Sons
एन चंद्रशेखरन ने 1987 में Tata Consultancy Services (TCS) से अपने करियर की शुरुआत की थी। लंबे समय तक टाटा समूह में काम करने के बाद वह TCS के नेतृत्व तक पहुंचे और बाद में टाटा संस के चेयरमैन बने।
उनका चार दशक के करीब का अनुभव टाटा समूह के लिए महत्वपूर्ण रहा है। अब जब वह टाटा संस के नेतृत्व से अगले वर्ष हटने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे समय में एयर इंडिया के भविष्य को लेकर उनकी सुरक्षा और ग्राहक विश्वास पर जोर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एयर इंडिया के लिए आगे की राह The Road Ahead for Air India
एयर इंडिया अब परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर में है। टाटा समूह के नेतृत्व में एयरलाइन अपने नेटवर्क, विमान बेड़े, सेवाओं और परिचालन व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में सुरक्षा को सबसे ऊपर रखने और ग्राहकों का भरोसा जीतने की रणनीति एयरलाइन के भविष्य के लिए अहम होगी।
आने वाले समय में एयर इंडिया के प्रदर्शन का मूल्यांकन केवल विस्तार और यात्री संख्या के आधार पर नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा, सेवा की गुणवत्ता, परिचालन विश्वसनीयता और वित्तीय स्थिरता जैसे मानकों पर भी होगा।
निष्कर्ष Conclusion
एन चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के अगले चरण के लिए स्पष्ट प्राथमिकता तय कर दी है—सुरक्षा सबसे ऊपर। उनके अनुसार, एयर इंडिया को ऐसी एयरलाइन बनना होगा जिस पर यात्री पूरी तरह भरोसा कर सकें। इसके लिए विश्वस्तरीय सुरक्षा प्रक्रियाओं, कड़े अनुपालन, व्यक्तिगत जवाबदेही और बेहतर ग्राहक अनुभव पर लगातार काम करना होगा।
AI171 हादसे सहित हाल की चुनौतियों के बाद एयर इंडिया के लिए सुरक्षा और भरोसा और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। अब एयरलाइन के सामने चुनौती इन प्राथमिकताओं को केवल नीतियों और घोषणाओं तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोजमर्रा के संचालन में प्रभावी ढंग से लागू करने की है।


