मदर डेयरी ने 20,300 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया
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मदर डेयरी के नए MD जयतीर्थ चारी ने कहा कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का टर्नओवर 17 परसेंट बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये हो गया, क्योंकि उसके मिल्क प्रोडक्ट्स और कुकिंग ऑयल्स की डिमांड बेहतर थी। उन्होंने कहा कि कंपनी ने 2026-27 के लिए 20 परसेंट रेवेन्यू ग्रोथ का टारगेट रखा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-NCR में दूध के बड़े सप्लायर में से एक मदर डेयरी, इनपुट कॉस्ट बढ़ने के बावजूद दूध की कीमतों में कोई बढ़ोतरी करने के बारे में नहीं सोच रही है।
जयतीर्थ चारी Jayatheertha Chary ने कहा "हमारा टर्नओवर 2025-26 के दौरान 17 परसेंट बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये हो गया। पिछले पांच सालों में कंपनी का टर्नओवर दोगुना होकर 20,000 करोड़ रुपये के माइलस्टोन को पार कर गया है।"
2024-25 में इसका टर्नओवर 17,500 करोड़ रुपये था।
जयतीर्थ चारी ने बताया कि कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान वॉल्यूम और वैल्यू दोनों में बढ़ोतरी हासिल की, और इस सफलता का श्रेय अपने उत्पादों पर "उपभोक्ताओं के भरोसे" को दिया।
कुल टर्नओवर में से डेयरी सेगमेंट का योगदान 15,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि एडिबल ऑयल और बागवानी (हॉर्टिकल्चर) सेगमेंट का योगदान लगभग 5,000 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का लगभग 63 प्रतिशत रेवेन्यू दिल्ली-NCR से आया, और बाकी का रेवेन्यू भारत के अन्य हिस्सों से प्राप्त हुआ।
वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स (23 प्रतिशत से ज़्यादा) और खाने के तेल (25 प्रतिशत) ने टर्नओवर में बढ़ोतरी में सबसे ज़्यादा योगदान दिया।
दूध के कारोबार ने इंडस्ट्री की ग्रोथ को पीछे छोड़ दिया, और 11 प्रतिशत की वॉल्यूम ग्रोथ दी।
जयतीर्थ चारी ने कहा कि कंपनी 20 प्रतिशत की मज़बूत ग्रोथ का लक्ष्य रख रही है।
उन्होंने कहा "दूध खरीदने के लिए हमारी इनपुट लागत बढ़ गई है। पैकेजिंग मटीरियल की कीमतें 20 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। हम अभी इनपुट लागत में हुई बढ़ोतरी को खुद ही उठा रहे हैं, और अभी हम कीमतों में किसी भी बढ़ोतरी के बारे में नहीं सोच रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि गैस और पैकेजिंग मटीरियल की सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है।
जयतीर्थ चारी ने कहा कि कंपनी नए सेगमेंट में उतरने के बारे में नहीं सोच रही है, बल्कि उन प्रोडक्ट कैटेगरी में अपनी रेंज का विस्तार करेगी जिनमें वह पहले से मौजूद है।
मदर डेयरी नियमित रूप से आइसक्रीम की नई वैरायटी पेश करती रहती है, और हाल ही में उसने 'रायता' भी पेश किया है।
उन्होंने कहा कि महंगे आयात की वजह से कीमतें थोड़ी बढ़ गई हैं।
जयतीर्थ चारी ने कहा कि कंपनी ने डेयरी और बागवानी व्यवसायों के विस्तार के लिए 2,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च की घोषणा की थी। यह महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में प्लांट लगा रही है।
कंपनी को उम्मीद है, कि अगले कैलेंडर वर्ष के अंत तक ये विस्तार पूरे हो जाएंगे।
टॉप अधिकारी ने यह भी बताया कि क्विक कॉमर्स ने उसके कुल टर्नओवर में 5 परसेंट का योगदान दिया। इस चैनल से सेल्स तेज़ी से बढ़ रही है, जो डिजिटल अपनाने में तेज़ी और कंज्यूमर एक्सेस बढ़ने को दिखाता है।
कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क का विस्तार 95 से अधिक शहरों तक किया है, जिससे महानगरों और टियर-II बाजारों में 100 प्रतिशत कवरेज हासिल हो गया है।
Mother Dairy, जिसकी शुरुआत 1974 में हुई थी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
कंपनी 'मदर डेयरी' ब्रांड के तहत दूध और दूध से बने उत्पाद बेचती है। यह 'धारा' ब्रांड के तहत खाने के तेलों की मार्केटिंग करती है। ताजे फल और सब्जियां, फ्रोजन सब्जियां, स्नैक्स, पल्प और कंसंट्रेट 'सफल' ब्रांड के तहत बेचे जाते हैं।
मदर डेयरी के पास नौ दूध प्रोसेसिंग प्लांट और चार बागवानी प्रोसेसिंग प्लांट हैं। खाने के तेल के क्षेत्र में कंपनी 16 सहयोगी प्लांटों के माध्यम से काम करती है।


