ऑनलाइन ठगी के खिलाफ मेटा का एक्शन, फेसबुक और इंस्टाग्राम से हटाए 37 लाख अकाउंट
News Synopsis
मेटा ने पश्चिम अफ्रीका में सक्रिय ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में हिस्सा लिया है। इस संयुक्त अभियान के दौरान Facebook और Instagram से 37 लाख से अधिक अकाउंट, पेज और ग्रुप हटाए गए। इसके अलावा, 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया और घाना में कथित तौर पर मानव तस्करी का शिकार बनाकर ठगी केंद्रों में काम करने के लिए मजबूर किए गए 117 लोगों को बचाया गया।
इस अभियान में मेटा के साथ एडोब, कॉइनबेस, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई और स्टारलिंक जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों ने सहयोग किया। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, घाना और नाइजीरिया सहित 10 देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी इसमें शामिल रहीं।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (NCA) National Crime Agency (NCA) ने 6 अक्टूबर से लंदन स्थित अपने मुख्यालय में इस अभियान की मेजबानी की। इसमें अमेरिकी न्याय विभाग, संघीय जांच ब्यूरो (FBI) और अन्य संबंधित एजेंसियों ने भी भाग लिया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क की पहचान करना, उनकी गतिविधियों को रोकना और संभावित पीड़ितों को सुरक्षित रखना था।
मेटा ने लाखों संदिग्ध अकाउंट हटाए Meta Removes Millions of Suspicious Accounts
मेटा Meta के अनुसार, अभियान के दौरान हटाए गए अधिकतर अकाउंट, पेज और ग्रुप पश्चिम अफ्रीका से संचालित होते दिखाई दिए। इनका निशाना मुख्य रूप से अमेरिका और ब्रिटेन के लोग थे।
जांचकर्ताओं को ऐसे कई संदिग्ध प्रोफाइल मिले, जिनमें कथित तौर पर अमेरिकी या ब्रिटिश नागरिक होने का दिखावा किया जाता था। इन फर्जी पहचान के जरिए अपराधी संभावित पीड़ितों से संपर्क करते, उनका विश्वास जीतते और बाद में उन्हें ठगी का शिकार बनाने की कोशिश करते थे।
Microsoft ने भी धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह वाले अकाउंट निलंबित किए। अन्य तकनीकी कंपनियों ने ऑनलाइन नेटवर्क की जांच करने, संदिग्ध ऑपरेटरों के बीच संबंध पहचानने और ठगी से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों का पता लगाने में मदद की।
30 से अधिक संदिग्ध ठगी केंद्रों की जानकारी मिली Leads Identified on More Than 30 Suspected Scam Centres
संयुक्त जांच के दौरान 30 से अधिक संदिग्ध ठगी केंद्रों से जुड़े सुराग मिले। इससे अधिकारियों को अलग-अलग डिजिटल मंचों और देशों में सक्रिय नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की जांच करने में सहायता मिली।
कॉइनबेस ने संभावित पीड़ितों की पहचान की Coinbase Identifies Potential Scam Victims
क्रिप्टोकरेंसी कंपनी कॉइनबेस ने अपनी आंतरिक जांच टीम के जरिए इस अभियान में खुफिया जानकारी साझा की। कंपनी के अनुसार, उसने 65 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की, जिन्हें ठग सक्रिय रूप से निशाना बना रहे थे।
कॉइनबेस Coinbase का दावा है कि उसके हस्तक्षेप से 4.15 लाख डॉलर से अधिक के संभावित वित्तीय नुकसान को रोकने में मदद मिली। यह राशि उन संभावित नुकसानों को दर्शाती है, जिन्हें समय रहते हस्तक्षेप करके टाला जा सकता था।
डिजिटल लेनदेन की जांच से कैसे मिली मदद? How Digital Transaction Analysis Helped Investigators
इस मामले ने दिखाया कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेनदेन की जांच और तकनीकी कंपनियों के बीच जानकारी साझा करने से संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है। अलग-अलग मंचों और वित्तीय प्रणालियों से मिली जानकारी को जोड़कर जांचकर्ताओं ने अपराधियों के नेटवर्क की पहचान करने और उनकी गतिविधियों को बाधित करने की कोशिश की।
घाना में मानव तस्करी के 117 पीड़ितों को बचाया गया Authorities Rescue 117 Human Trafficking Victims in Ghana
इस अभियान में सबसे गंभीर खुलासों में से एक घाना में ऑनलाइन ठगी के केंद्रों से जुड़ी कथित मानव तस्करी का था। अधिकारियों ने 117 लोगों को बचाया, जिन्हें कथित तौर पर तस्करी के जरिए वहां लाया गया था और आपराधिक समूहों के लिए काम करने को मजबूर किया गया था।
संबंधित संगठनों के अनुसार, इन लोगों को एक आवासीय परिसर में पाया गया, जहां उन्हें कथित तौर पर उनकी इच्छा के विरुद्ध रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ितों को कुपोषण के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का भी सामना करना पड़ा था।
इस कार्रवाई के दौरान 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
ऑनलाइन ठगी और मानव तस्करी के बीच संबंध The Link Between Online Fraud and Human Trafficking
यह मामला बताता है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी केवल पैसों की ठगी तक सीमित नहीं हो सकती। इसके पीछे मानव तस्करी, जबरन मजदूरी और कमजोर परिस्थितियों में रह रहे लोगों के शोषण जैसे गंभीर अपराध भी जुड़े हो सकते हैं।
ऑनलाइन ठगी के कई तरीके सामने आए Multiple Types of Online Scams Uncovered
जांचकर्ताओं ने ठगी के कई ऐसे तरीकों की पहचान की, जिनमें लोगों को झूठे वादों, फर्जी पहचान और व्यक्तिगत संबंधों के जरिए धोखा दिया जाता था।
ठगी के प्रमुख तरीके (Major Types of Scams)
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निवेश के नाम पर धोखाधड़ी (Investment Fraud): अपराधी पहले व्यक्तिगत या व्यावसायिक संबंध बनाते और फिर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए मनाते थे।
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नौकरी के फर्जी प्रस्ताव (Fake Job Offers): ठग रोजगार दिलाने का वादा करके आवेदकों से पहले ही पैसे मांगते थे।
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रोमांस स्कैम (Romance Scams): अपराधी झूठे प्रेम संबंध बनाकर पीड़ितों को पैसे भेजने के लिए तैयार करते थे।
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फर्जी पहचान से ठगी (Impersonation Scams): ठग खुद को पुलिस अधिकारी या सैन्यकर्मी बताकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते थे।
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ऑनलाइन खरीदारी में धोखाधड़ी (Fraudulent Online Sales): फर्जी विक्रेता ग्राहकों से भुगतान लेकर उन्हें सामान देने से बचते थे।
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पैसे वापस दिलाने के नाम पर ठगी (Recovery Scams): अपराधी पहले हुई ठगी में गंवाई गई रकम वापस दिलाने का झांसा देकर अग्रिम शुल्क मांगते थे।
इस अभियान का उद्देश्य इन योजनाओं को चलाने वाले डिजिटल ढांचे को उजागर करना और इनके पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने में अधिकारियों की मदद करना था।
FBI को 1.1 करोड़ डॉलर की संभावित रूप से फ्रीज की जा सकने वाली राशि मिली FBI Identifies $11 Million in Potentially Freezable Funds
FBI के अनुसार, व्यापक कार्रवाई के दौरान सैकड़ों इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। जांचकर्ताओं ने कम से कम 1.1 करोड़ डॉलर की ऐसी राशि की भी पहचान की, जिसे संभावित रूप से फ्रीज किया जा सकता था। इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरी राशि बरामद कर ली गई है। यह वह रकम है, जिस पर रोक लगाने की संभावना की पहचान की गई।
साइबर सुरक्षा कंपनी Silent Push ने अफ्रीका में ठगी केंद्रों से जुड़े 35,000 से अधिक संदिग्ध इंटरनेट डोमेन और लगभग 700 संचार माध्यमों का पता लगाने की जानकारी दी।
ब्लॉकचेन विश्लेषण करने वाली कंपनियों Chainalysis और TRM Labs ने भी संदिग्ध अपराध से अर्जित धन का पता लगाने और धोखाधड़ी से जुड़े डिजिटल ढांचे की पहचान करने में सहयोग दिया। इससे जांचकर्ताओं को ऑनलाइन अकाउंट, संचार प्रणालियों और वित्तीय लेनदेन के बीच संबंध जोड़ने में मदद मिली।
भारत समेत 10 देशों ने मिलकर की कार्रवाई India and Nine Other Countries Join the Operation
भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, घाना, नाइजीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड सहित अन्य देशों के साथ इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में हिस्सा लिया।
अमेरिका की कई एजेंसियां भी शामिल रहीं। इनमें अमेरिकी सीक्रेट सर्विस, होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस, ट्रेजरी विभाग और होमलैंड सिक्योरिटी टास्क फोर्स शामिल थे।
इस सहयोग के जरिए अलग-अलग देशों में संदिग्ध अपराधियों, डिजिटल नेटवर्क और वित्तीय गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा की गई। अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों के बीच सहयोग जरूरी है।
Meta और जांच एजेंसियों ने वैश्विक सहयोग पर दिया जोर Meta and Law Enforcement Emphasise Global Cooperation
Meta के उपाध्यक्ष और उप महाधिवक्ता Chris Sonderby ने संगठित ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए तकनीकी कंपनियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी ने भी कहा कि अलग-अलग देशों और डिजिटल मंचों से मिली जानकारी को जोड़ना जांचकर्ताओं के लिए उपयोगी साबित होता है।
भाग लेने वाले संगठनों ने इस पहल को पश्चिम अफ्रीका के ठगी केंद्रों को व्यापक रूप से निशाना बनाने वाली अपनी तरह की पहली समन्वित कार्रवाई बताया। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि अपराधी अपने ठिकाने बदल सकते हैं या ठगी के नए तरीके अपना सकते हैं। इसलिए लगातार निगरानी और जानकारी साझा करना जरूरी रहेगा।
निष्कर्ष Conclusion
पश्चिम अफ्रीका में ऑनलाइन ठगी के संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में Facebook और Instagram से 37 लाख से अधिक अकाउंट, पेज और ग्रुप हटाए गए। इसके अलावा, 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया और घाना में कथित मानव तस्करी के 117 पीड़ितों को बचाया गया।
यह कार्रवाई बताती है कि डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने के लिए केवल सोशल मीडिया अकाउंट हटाना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए तकनीकी कंपनियों, वित्तीय जांचकर्ताओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग, डिजिटल लेनदेन की निगरानी और पीड़ितों की सुरक्षा जैसे प्रयास भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।


