Meesho, Swiggy, Eternal और Amazon ने मिलकर बनाया डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म

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Meesho, Swiggy, Eternal और Amazon ने मिलकर बनाया डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म
02 Jun 2026
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News Synopsis

भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल कॉमर्स क्षेत्र को मजबूत करने और प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने के उद्देश्य से प्रमुख कंपनियों ने मिलकर एक नया उद्योग निकाय Digital Commerce Coalition लॉन्च किया है।

Digital Commerce Coalition का शुभारंभ

प्रमुख ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स कंपनियों जैसे Amazon, Meesho, Eternal (पूर्व में Zomato), Swiggy और Zepto ने मिलकर Digital Commerce Coalition का गठन किया है। यह एक उद्योग-आधारित मंच है जिसका उद्देश्य भारत के डिजिटल कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र को एक साझा दिशा प्रदान करना है।

इस गठबंधन का उद्देश्य एक ऐसा मंच तैयार करना है, जहाँ कंपनियाँ मिलकर चुनौतियों पर चर्चा कर सकें, विचार साझा कर सकें और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद स्थापित कर सकें।

गठबंधन के मुख्य उद्देश्य

Digital Commerce Coalition को कई प्रमुख लक्ष्यों के साथ शुरू किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • उपभोक्ता विश्वास (Consumer Trust) को मजबूत करना
  • जिम्मेदार नवाचार (Responsible Innovation) को बढ़ावा देना
  • सभी आकार के व्यवसायों की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाना
  • डिजिटल कॉमर्स में सतत विकास सुनिश्चित करना

इसके अलावा यह गठबंधन ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और डिलीवरी पार्टनर्स व उद्यमियों के लिए नए अवसर विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।

नीति संवाद और उद्योग सहयोग का मंच

आधिकारिक बयान के अनुसार यह गठबंधन निम्नलिखित कार्यों के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा:

  • उद्योग और सरकारी हितधारकों के साथ संवाद
  • उभरते नियामक और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा
  • डिजिटल कॉमर्स क्षेत्र में अनुसंधान और विश्लेषण
  • ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया को बढ़ावा देना

यह मंच उद्योग और नीति-निर्माण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद करेगा।

भारत में डिजिटल कॉमर्स क्षेत्र का तेजी से विस्तार

भारत का डिजिटल कॉमर्स सेक्टर हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं, जैसे:

  • इंटरनेट की बढ़ती पहुंच, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में
  • ऑनलाइन खरीदारी की बढ़ती स्वीकार्यता
  • क्विक कॉमर्स और नए बिजनेस मॉडल का विकास
  • स्टार्टअप्स और MSMEs की बढ़ती भागीदारी

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते भरोसे के कारण कंपनियाँ लॉजिस्टिक्स, तकनीक और ग्राहक सेवा में भारी निवेश कर रही हैं।

परामर्श और संचालन सहायता की भूमिका

इस गठबंधन के संचालन और अनुसंधान गतिविधियों के लिए Koan Advisory Group को सचिवालय (Secretariat) के रूप में नियुक्त किया गया है।

यह संस्था निम्नलिखित कार्यों में सहायता करेगी:

  • नीति अनुसंधान और विश्लेषण
  • सदस्य कंपनियों के बीच समन्वय
  • हितधारक बैठकों और कार्यक्रमों का आयोजन
  • उद्योग से जुड़े अध्ययन और रिपोर्ट तैयार करना

उद्योग नेताओं के विचार

Eternal की पब्लिक पॉलिसी प्रमुख डॉ. जसकिरण बेदी ने कहा कि डिजिटल कॉमर्स न केवल दैनिक उपभोग को आसान बना रहा है, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।

Meesho की पब्लिक पॉलिसी प्रमुख प्राची भुचर ने कहा कि डिजिटल कॉमर्स ने विशेष रूप से छोटे व्यवसायों और वंचित बाजारों के लिए उद्यमिता के अवसर बढ़ाए हैं।

Zepto के चीफ पॉलिसी ऑफिसर रचित रंजन ने कहा कि उद्योग स्तर पर सहयोग MSMEs तक पहुंच, आपूर्ति श्रृंखला सुधार और उपभोक्ता विश्वास से जुड़ी समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है।

Flipkart की अनुपस्थिति और उद्योग परिदृश्य

ध्यान देने योग्य बात यह है, कि भारत के प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है। हालांकि इसके पीछे कोई आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।

Digital Commerce Coalition भारत में पहले से मौजूद कई उद्योग संगठनों की सूची में शामिल हो गया है, जैसे:

  • Internet and Mobile Association of India (IAMAI)
  • Alliance of Digital India Foundation (ADIF)
  • Startup Policy Forum (SPF)

हालांकि यह नया गठबंधन विशेष रूप से डिजिटल कॉमर्स पर केंद्रित है।

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

यह पहल भारत के डिजिटल कॉमर्स क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे निम्नलिखित लाभ होने की उम्मीद है:

  • उद्योग स्तर पर बेहतर सहयोग
  • नीति और व्यावसायिक जरूरतों में संतुलन
  • लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सिस्टम में सुधार
  • डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता

भविष्य की संभावनाएँ

भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजार को देखते हुए, यह गठबंधन आने वाले समय में नीति निर्माण और उद्योग मानकों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यह पहल भारत को वैश्विक डिजिटल व्यापार में और मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।