Lenskart का Q4 मुनाफा घटा, लेकिन राजस्व में 46% की बड़ी बढ़ोतरी
News Synopsis
आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart ने मार्च तिमाही में मामूली मुनाफा गिरावट दर्ज की, हालांकि कंपनी ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शानदार राजस्व वृद्धि हासिल की। मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले वर्ष Owndays अधिग्रहण से जुड़े एकमुश्त लाभ के कारण हुई थी। इस विशेष लाभ को हटाने पर कंपनी का परिचालन प्रदर्शन काफी मजबूत रहा, जिसे प्रिस्क्रिप्शन आईवियर, सनग्लासेस की बढ़ती मांग और टियर-2 शहरों में तेज विस्तार का समर्थन मिला।
Q4 में लेंसकार्ट का शुद्ध लाभ 9% घटा
Lenskart ने मार्च तिमाही में 200 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9% कम है। हालांकि लाभ में यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले वर्ष की तिमाही में Owndays अधिग्रहण से जुड़ी भविष्य भुगतान देनदारी में कमी के कारण मिले 167 करोड़ रुपये के एकमुश्त लाभ की वजह से रही।
यदि इस विशेष लाभ को हटाया जाए, तो कंपनी का वास्तविक परिचालन प्रदर्शन काफी मजबूत दिखाई देता है। समायोजित आधार पर कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 204 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 77 करोड़ रुपये था।
यह मजबूत वृद्धि कंपनी के बढ़ते ग्राहक आधार, उत्पादों की बढ़ती मांग और घरेलू व वैश्विक बाजारों में बेहतर परिचालन दक्षता को दर्शाती है।
मजबूत घरेलू और वैश्विक मांग से राजस्व में 46% की वृद्धि
कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 46% बढ़कर 2,516 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह वृद्धि अधिक बिक्री मात्रा, बेहतर समान-स्टोर बिक्री और ऑनलाइन कारोबार के निरंतर विस्तार से संभव हुई।
लेंसकार्ट ने कहा कि भारत और अंतरराष्ट्रीय दोनों व्यवसायों ने तिमाही के दौरान शानदार प्रदर्शन किया, जिससे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रा दबावों के बावजूद कंपनी की विकास गति बनी रही।
कंपनी प्रबंधन के अनुसार तिमाही वृद्धि के पीछे तीन प्रमुख कारण रहे:
- प्रिस्क्रिप्शन आईग्लासेस की बिक्री में विस्तार
- Meller ब्रांड के नेतृत्व में सनग्लासेस की मजबूत मांग
- ऑनलाइन बिक्री और डिजिटल चैनलों में लगातार वृद्धि
इन कारकों ने कई बाजारों में ग्राहक जुड़ाव और कुल बिक्री को बढ़ाने में मदद की।
भारत का कारोबार बना विकास का सबसे बड़ा आधार
भारत कंपनी के कुल कारोबार का सबसे बड़ा हिस्सा बना रहा और कुल राजस्व में लगभग 60% योगदान दिया।
भारत में कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 44% बढ़कर 1,475 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के अनुसार, इस वृद्धि का बड़ा हिस्सा बिक्री मात्रा में 25% वृद्धि और विभिन्न बाजारों में मजबूत समान-स्टोर बिक्री से आया।
लेंसकार्ट ने वित्त वर्ष के दौरान छोटे शहरों और उभरते बाजारों में आक्रामक विस्तार किया। टियर-2 और उससे छोटे शहरों में मांग कंपनी की शुरुआती उम्मीदों से अधिक रही, जिसके चलते कंपनी ने तेजी से स्टोर विस्तार किया।
वर्ष के दौरान कंपनी ने टियर-2 और उससे आगे के बाजारों में 254 नए स्टोर जोड़े, जबकि FY25 में यह संख्या 89 थी। इसके अलावा कंपनी ने भारत के 157 नए शहरों में प्रवेश किया।
यह रणनीति दर्शाती है, कि महानगरों के बाहर भी किफायती आईवियर, प्रिस्क्रिप्शन चश्मों और प्रीमियम सनग्लासेस की मांग तेजी से बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भी मजबूत प्रदर्शन
लेंसकार्ट के अंतरराष्ट्रीय कारोबार ने भी शानदार वृद्धि दर्ज की। वैश्विक बाजारों से कंपनी का राजस्व 35% बढ़कर 1,054 करोड़ रुपये पहुंच गया।
जापान, दक्षिण-पूर्व एशिया और मिडिल ईस्ट में कंपनी को मजबूत मांग देखने को मिली। हालांकि हालिया भू-राजनीतिक तनावों के कारण कुछ समय के लिए ग्राहक फुटफॉल और बिक्री प्रभावित हुई थी।
मार्च तिमाही के दौरान कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 13 नए स्टोर जोड़े, जबकि पूरे वर्ष में कुल 61 नए स्टोर जोड़े गए।
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगभग 18 लाख यूनिट्स बेचीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30% अधिक हैं।
मिडिल ईस्ट कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है, जहां वर्तमान में उसके 41 स्टोर संचालित हैं। यह कंपनी के कुल अंतरराष्ट्रीय स्टोर्स का लगभग 6% हिस्सा है।
कंपनी ने कहा कि हालिया भू-राजनीतिक संघर्ष के कारण कुछ समय के लिए बिक्री और ग्राहक विजिट में कमी आई थी, लेकिन इसका असर सीमित रहा और अब कारोबार सामान्य हो चुका है।
सनग्लासेस सेगमेंट बना प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर
वित्त वर्ष के दौरान लेंसकार्ट का सनग्लासेस कारोबार सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेगमेंट्स में शामिल रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सनग्लासेस की बिक्री मात्रा सालाना आधार पर 36.3% बढ़ी। इसमें Meller ब्रांड की बड़ी भूमिका रही।
कंपनी के अनुसार Meller इस श्रेणी में तेजी से बाजार हिस्सेदारी हासिल कर रहा है, और कंपनी की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
युवा उपभोक्ताओं के बीच प्रीमियम सनग्लासेस, फैशन आईवियर और लाइफस्टाइल एक्सेसरीज़ की बढ़ती लोकप्रियता ने भी कंपनी को मजबूती दी है।
सप्लाई चेन और मुद्रा दबाव बने चुनौती
अर्निंग कॉल के दौरान कंपनी प्रबंधन ने माना कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रा उतार-चढ़ाव अभी भी चुनौतियां बने हुए हैं।
कंपनी ने कहा कि अब तक सप्लाई चेन लागत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है, लेकिन भारतीय रुपये की कमजोरी आयात लागत के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
मुद्रा अवमूल्यन का असर अंतरराष्ट्रीय कारोबार के मार्जिन पर भी देखने को मिला।
भारत कारोबार में EBITDA मार्जिन बेहतर हुआ
भारत में कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर 21.1% हो गया, जो पिछले वर्ष इसी तिमाही में 15.5% था।
यह सुधार बेहतर परिचालन दक्षता, उच्च बिक्री और बढ़ते स्केल का परिणाम रहा।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार का EBITDA मार्जिन मामूली घटकर 21.4% रह गया, जो पिछले वर्ष 21.6% था। इसका मुख्य कारण रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय परिचालन लागत रही।
कुल स्टोर संख्या 3,327 के पार पहुंची
लेंसकार्ट ने पूरे वर्ष के दौरान आक्रामक रिटेल विस्तार जारी रखा।
कंपनी ने सभी बाजारों में कुल 183 नए स्टोर जोड़े, जिसके बाद उसका कुल वैश्विक स्टोर नेटवर्क बढ़कर 3,327 हो गया।
यह विस्तार कंपनी की ओमनीचैनल रणनीति को मजबूत करता है, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
भारत और वैश्विक बाजारों में आईवियर की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी आगे भी विस्तार और लाभप्रदता सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।


