Infosys ने Anthropic के साथ साझेदारी की

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Infosys ने Anthropic के साथ साझेदारी की
18 Feb 2026
8 min read

News Synopsis

जिस Anthropic के एआई टूल के चलते हाल ही में दुनियाभर के आईटी शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी, उसी कंपनी के साथ अब भारतीय आईटी दिग्गज Infosys ने हाथ मिलाया है, इस ऐलान के बाद 17 फरवरी को Infosys के शेयरों में तेज उछाल आया और स्टॉक में करीब 5 प्रतिशत तक की तेजी आई, गौरतलब है, कि 3 फरवरी को एंथ्रोपिक के एआई मॉडल की वजह से ही इंफोसिस समेत सभी आईटी शेयरों में भारी गिरावट आ गई थी, इस दौरान इंफोसिस के शेयर 1700 रुपये के स्तर से गिरकर 1280 रुपये तक आ गए थे, ऐसे में यह सवाल अभी भी उठता है, कि AI आईटी कंपनियों के लिए खतरा बनेगा या नया मौका लेकर आएगा।

शेयर बाजार की पहली प्रतिक्रिया

इंफोसिस और एंथ्रोपिक की इस डील के ऐलान के बाद इंफोसिस का शेयर बीएसई पर 1,430.95 रुपये तक पहुंच गया, जो करीब 5 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है, यह उछाल ऐसे समय में आया है, जब AI के बढ़ते असर से आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठ रहे थे, निवेशकों को डर था, कि जेनरेटिव AI प्रोजेक्ट साइज घटा सकता है, और नौकरियों पर असर डाल सकता है, लेकिन इस तेजी ने संकेत दिया कि बाजार फिलहाल इस साझेदारी को सकारात्मक नजर से देख रहा है, हालांकि एक्सपर्ट मानते हैं, कि असली परीक्षा आगे के डील फ्लो और मार्जिन पर पड़े असर से होगी।

Infosys-Anthropic के बीच क्या डील हुई?

इस सहयोग के तहत एंथ्रोपिक के क्लाउड मॉडल, जिनमें Claude Code भी शामिल है, और इन्फोसिस के अपने Topaz AI प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जाएगा, यह साझेदारी टेलीकॉम, वित्तीय सर्विस, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे रेगुलेटेड सेक्टर पर फोकस करेगा, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा कि डेमो में काम करने वाला AI और रेगुलेटेड इंडस्ट्री में काम करने वाला AI अलग होता है, इस गैप को भरने के लिए डोमेन एक्सपर्टीज जरूरी है, जो इन्फोसिस के पास मौजूद है, यही इस साझेदारी की असली ताकत मानी जा रही है।

एजेंटिक AI क्या बदलेगा?

इस डील का केंद्र एजेंटिक AI है, यानी ऐसे सिस्टम जो मल्टी-स्टेप टास्क खुद से पूरा कर सकें, उदाहरण के तौर पर बीमा क्लेम प्रोसेस करना, कोड जनरेट और टेस्ट करना या कंप्लायंस रिव्यू चलाना, क्लाउड एजेंट SDK जैसे टूल्स की मदद से इन्फोसिस एंटरप्राइज वर्कफ्लो में लंबे और जटिल कामों के लिए AI एजेंट तैयार करेगा, यह कदम पारंपरिक आईटी सर्विस को खत्म करने के बजाय उन्हें अपग्रेड करने की दिशा में देखा जा रहा है, खासकर लेगेसी मॉडर्नाइजेशन, जो भारतीय आईटी कंपनियों की बड़ी कमाई का जरिया रहा है, अब AI के जरिए और तेज हो सकता है।

सलिल पारेख की 300-400 अरब डॉलर की दृष्टि

इन्फोसिस के CEO Salil Parekh ने AI को भविष्य की बड़ी मार्केट बताया है, उनका अनुमान है, कि 2030 तक AI से जुड़ा 300 से 400 अरब डॉलर का अवसर पैदा हो सकता है, उन्होंने छह नई सर्विस लाइनों की पहचान की है, जिनमें AI स्ट्रैटेजी, एजेंटिक लेगेसी मॉडर्नाइजेशन, डेटा रेडीनेस और AI ट्रस्ट शामिल हैं, सलिल पारेख का कहना है, कि AI सिर्फ बिजनेस को बदल नहीं रहा, बल्कि इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को फिर से परिभाषित कर रहा है, कंपनी खुद को इस बदलाव के केंद्र में रखने की कोशिश कर रही है।

एनालिसिस की राय और अनिश्चितताएं

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर का मानना है, कि यह कदम उत्साहजनक है, और इससे यह संकेत मिलता है, कि नेक्स्ट-जेन AI भारतीय आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल को उतना नुकसान नहीं पहुंचाएगा जितना पहले आशंका थी, हालांकि उन्होंने डील साइज, प्राइसिंग और मार्जिन पर असर जैसे सवालों को अभी खुला बताया है, कोटक सिक्योरिटीज के सुमित पोखरना ने इसे सही दिशा में कदम बताया, उनका कहना है, कि रेगुलेटेड इंडस्ट्री में AI को ट्रायल एंड एरर के आधार पर नहीं अपनाया जा सकता, वहां गवर्नेंस, पारदर्शिता और सुरक्षा जरूरी है, जो इन्फोसिस जैसी कंपनी ही सुनिश्चित कर सकती है।

ग्लोबल मार्केट और Anthropic AI

फरवरी 3 और 4, 2026 को एक Anthropic AI टूल के कारण ग्लोबल टेक शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई थी, इसमें इन्फोसिस के शेयर भी काफी नीचे आ गए थे, इसने यह दिखाया कि AI का असर कितना व्यापक और तेज हो सकता है, लेकिन इन्फोसिस-एंथ्रोपिक डील के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी आई है।