GeM पर MSME और स्टार्टअप की बढ़ी भागीदारी, सरकारी खरीद में पारदर्शिता पर जोर

Share Us

67
GeM पर MSME और स्टार्टअप की बढ़ी भागीदारी, सरकारी खरीद में पारदर्शिता पर जोर
13 Aug 2026
min read

News Synopsis

Government e-Marketplace (GeM) भारत की सरकारी खरीद व्यवस्था में छोटे और उभरते कारोबारों को अवसर देने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भागीदारी बढ़ा रहा है। इससे अधिक छोटे और नए कारोबारी सरकारी संस्थानों को अपने उत्पाद और सेवाएं बेचने के अवसर प्राप्त कर रहे हैं।

30 जुलाई 2026 तक GeM पर लगभग 11.75 लाख MSMEs, 37,758 स्टार्टअप्स, 2.17 लाख महिला उद्यमी और 3,784 SHGs पंजीकृत थे। बढ़ती संख्या बताती है कि सरकारी खरीद के डिजिटल सिस्टम में छोटे कारोबारों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

GeM के माध्यम से एमएसएमई खरीद में तेजी (MSME Procurement Through GeM Rises Sharply)

GeM के माध्यम से सरकारी विभागों द्वारा MSMEs से की जाने वाली खरीद में पिछले कुछ वर्षों में काफी वृद्धि हुई है।

वित्त वर्ष 2025-26 में GeM के माध्यम से MSMEs से लगभग ₹2.37 लाख करोड़ ($26.84 बिलियन) की खरीद हुई। यह वित्त वर्ष 2021-22 में दर्ज ₹59,033 करोड़ ($7.92 बिलियन) की तुलना में काफी अधिक है।

यह बढ़ोतरी दिखाती है कि अधिक संख्या में छोटे और मध्यम व्यवसाय सरकारी खरीदारों तक पहुंचने के लिए डिजिटल खरीद प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सरकारी खरीदारों तक MSMEs की पहुंच बढ़ी (MSMEs Gain Greater Access to Government Buyers)

GeM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म छोटे व्यवसायों को अलग-अलग सरकारी विभागों और संस्थानों तक पहुंचने का अवसर देते हैं। इससे उन्हें केवल स्थानीय बाजारों पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है।

GeM की कुल खरीद में MSMEs की हिस्सेदारी करीब आधी (MSMEs Account for Nearly Half of GeM Procurement)

वित्त वर्ष 2025-26 में GeM पर कुल ऑर्डर वैल्यू लगभग ₹5.03 लाख करोड़ ($56.92 बिलियन) रही।

इसमें MSMEs की हिस्सेदारी लगभग 47.2 प्रतिशत थी। यानी सरकारी डिजिटल खरीद में छोटे और मध्यम व्यवसायों का योगदान काफी महत्वपूर्ण हो चुका है।

MSMEs को मिल सकते हैं नए कारोबारी अवसर (MSMEs Can Gain New Business Opportunities)

GeM पर बढ़ती भागीदारी MSMEs को नए ग्राहकों तक पहुंचने, कारोबार बढ़ाने और आय के नए स्रोत बनाने में मदद कर सकती है। सरकारी खरीद के ऐसे अवसर छोटे कारोबारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि बड़े संस्थागत खरीदारों तक सीधे पहुंच बनाना उनके लिए हमेशा आसान नहीं होता।

महिला उद्यमियों और SHGs के लिए बढ़े अवसर (More Opportunities for Women Entrepreneurs and SHGs)

GeM ऐसे समूहों के लिए भी नए अवसर तैयार कर रहा है, जिन्हें पारंपरिक रूप से बड़े खरीद बाजारों तक पहुंचने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भागीदारी उन्हें सरकारी ऑर्डर के लिए प्रतिस्पर्धा करने का अवसर देती है।

डिजिटल मार्केटप्लेस से बढ़ सकती है बाजार पहुंच (Digital Marketplace Can Expand Market Access)

GeM पर भागीदारी से छोटे कारोबार अपनी बाजार पहचान मजबूत कर सकते हैं। इससे उन्हें स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर सरकारी संस्थानों और अन्य बड़े खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।

स्टार्टअप्स को सरकारी खरीदारों तक पहुंच (Startups Gain Access to Government Buyers)

स्टार्टअप्स भी GeM के बढ़ते विक्रेता नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं।

30 जुलाई 2026 तक प्लेटफॉर्म पर 37,758 स्टार्टअप्स पंजीकृत थे। इससे नई कंपनियों को अपने उत्पादों और सेवाओं को सरकारी संस्थानों तक पहुंचाने के लिए एक अतिरिक्त बाजार मिल रहा है।

सरकारी ऑर्डर से स्टार्टअप्स को मिल सकता है भरोसा (Government Orders Can Build Startup Credibility)

सरकारी अनुबंध स्टार्टअप्स को बाजार में विश्वसनीयता बनाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी संस्थानों के लिए बड़े स्तर पर अपने समाधान उपलब्ध कराने से स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों की क्षमता दिखाने का अवसर भी मिल सकता है।

AI और मशीन लर्निंग से सरकारी खरीद की निगरानी मजबूत (AI and Machine Learning Strengthen Procurement Monitoring)

GeM केवल विक्रेताओं की संख्या बढ़ाने पर ध्यान नहीं दे रहा है। प्लेटफॉर्म सरकारी खरीद में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है।

GeM Artificial Intelligence (AI) और Machine Learning (ML) आधारित विश्लेषण प्रणाली का उपयोग संभावित रूप से संदिग्ध या असामान्य खरीद गतिविधियों की पहचान करने के लिए करता है।

ये सिस्टम लेनदेन के पैटर्न का विश्लेषण कर ऐसी गतिविधियों को चिन्हित कर सकते हैं, जिनकी आगे जांच की आवश्यकता हो सकती है।

संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए तकनीक (Technology Used to Detect Suspicious Patterns)

GeM की विश्लेषण प्रणाली कई प्रकार की संभावित अनियमितताओं को पहचानने में मदद करती है।

इनमें शामिल हैं:

  • खरीदार और विक्रेता के बीच संभावित मिलीभगत।
  • असामान्य कीमतों के पैटर्न।
  • ऑर्डर को छोटे हिस्सों में बांटना।
  • बार-बार एक जैसे भागीदारी पैटर्न।
  • संभावित कार्टेल गतिविधियां।
  • अन्य प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियां।

डिजिटल खरीद प्रक्रिया के दौरान तैयार होने वाले डेटा का विश्लेषण करके ऐसे पैटर्न पहचाने जा सकते हैं, जो केवल मैन्युअल निगरानी में आसानी से दिखाई नहीं देते।

डिजिटल फुटप्रिंट से संभावित कार्टेल की पहचान (Digital Footprints Help Identify Potential Cartels)

GeM अपनी निगरानी प्रक्रिया में कई प्रकार के डिजिटल फुटप्रिंट का उपयोग करता है।

इनमें Internet Protocol (IP) addresses, बोली की कीमतें और बोली जमा करने का समय शामिल हो सकता है।

इस तरह के डेटा का विश्लेषण संभावित रूप से जुड़े हुए विक्रेताओं या असामान्य बोली व्यवहार की पहचान करने में मदद कर सकता है।

जब कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित मामलों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित खरीदार संगठनों के पास भेजा जाता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में 1.8 लाख से अधिक घटनाएं दर्ज (More Than 1.8 Lakh Incidents Raised in FY2025-26)

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान GeM ने संभावित नियम उल्लंघन या अन्य खरीद संबंधी चिंताओं से जुड़ी 1,81,035 घटनाएं दर्ज कीं।

इसी अवधि में प्लेटफॉर्म ने 55,772 विक्रेताओं को निलंबित किया।

रिपोर्ट की गई समस्याओं में कई प्रकार के उल्लंघन शामिल थे।

किन मामलों पर कार्रवाई की गई (Issues That Led to Action)

  • गलत उत्पाद श्रेणी में उत्पाद सूचीबद्ध करना।
  • अनुचित या अत्यधिक कीमतें।
  • डिलीवरी में देरी।
  • अनुबंध से जुड़ी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करना।

इन कार्रवाइयों का उद्देश्य GeM पर काम करने वाले विक्रेताओं के बीच जवाबदेही और नियमों के पालन को मजबूत करना है।

GeM ने घटना प्रबंधन ढांचा लागू किया (GeM Introduces an Incident Management Framework)

GeM ने खरीद प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों से व्यवस्थित तरीके से निपटने के लिए Incident Management Framework बनाया है।

इस व्यवस्था के तहत यदि किसी विक्रेता के खिलाफ प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधि या कार्टेल बनाने का मामला साबित होता है, तो उसे 365 दिनों तक निलंबित किया जा सकता है।

अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर सख्ती (Stronger Action Against Unfair Practices)

ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य अनुचित कारोबारी गतिविधियों को हतोत्साहित करना और सरकारी खरीद व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना है।

व्यापक भागीदारी और मजबूत निगरानी के बीच संतुलन (Balancing Wider Participation With Stronger Oversight)

GeM का विस्तार दो प्रमुख उद्देश्यों को साथ लेकर चल रहा है।

पहला उद्देश्य सरकारी खरीद को MSMEs, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और SHGs के लिए अधिक सुलभ बनाना है।

दूसरा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बढ़ते लेनदेन पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी वातावरण में हों।

तकनीक आधारित निगरानी से GeM इन दोनों लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

भारत की डिजिटल सार्वजनिक खरीद व्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा (Supporting India’s Digital Public Procurement Ecosystem)

GeM की बढ़ती भूमिका भारत की सार्वजनिक खरीद व्यवस्था के व्यापक डिजिटलीकरण में योगदान दे रही है।

डिजिटल मार्केटप्लेस खरीदारों और विक्रेताओं को एक साझा प्लेटफॉर्म पर ले आता है। साथ ही, इस प्रक्रिया से बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा तैयार होता है, जिसका उपयोग खरीद व्यवस्था की निगरानी और सुधार के लिए किया जा सकता है।

छोटे कारोबारों के लिए देशभर के सरकारी बाजार तक पहुंच (Access to Government Markets Across India for Small Businesses)

छोटे व्यवसायों के लिए GeM का एक बड़ा फायदा यह है कि उन्हें सरकारी मांग तक पहुंचने के लिए हर क्षेत्र में बड़ा भौतिक नेटवर्क स्थापित करने की आवश्यकता नहीं होती।

डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वे देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद सरकारी खरीदारों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

MSME विकास में GeM की बढ़ती भूमिका (GeM’s Growing Role in MSME Development)

GeM के माध्यम से MSMEs से होने वाली खरीद में तेज वृद्धि इस बात को दिखाती है कि यह प्लेटफॉर्म छोटे कारोबारों के लिए कितना महत्वपूर्ण होता जा रहा है।

सरकारी खरीदारों को बड़ी संख्या में पंजीकृत विक्रेताओं से जोड़कर GeM खरीद के अवसरों को व्यापक बनाने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकता है।

महिला-led बिजनेस और SHGs को भी फायदा (Women-Led Businesses and SHGs Can Also Benefit)

महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स और SHGs के लिए GeM पर भागीदारी कारोबार को बढ़ाने और संस्थागत ग्राहकों तक पहुंच बनाने का एक रास्ता बन सकती है।

इससे छोटे कारोबारों को बड़े स्तर पर अपने उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिल सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

GeM भारत की सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है। प्लेटफॉर्म पर MSMEs, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और SHGs की भागीदारी बढ़ रही है। दूसरी ओर, AI आधारित निगरानी, विक्रेता निलंबन और मजबूत Incident Management Framework सरकारी खरीद में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में GeM की कुल खरीद में MSMEs की लगभग 47.2 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। यह बताता है कि डिजिटल सरकारी खरीद छोटे और उभरते कारोबारों के लिए तेजी से महत्वपूर्ण बाजार बन रही है। आने वाले समय में तकनीक, पारदर्शिता और व्यापक कारोबारी भागीदारी का यह संयोजन भारत के डिजिटल सार्वजनिक खरीद तंत्र को और मजबूत कर सकता है।