FADA: भारत में ऑटो बिक्री में 9% से ज्यादा की बढ़ोतरी
News Synopsis
भारत का ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर मई में मजबूत लचीलापन दिखाते हुए रिकॉर्ड बिक्री तक पहुंच गया, और कई बाहरी चुनौतियों के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (FADA) के अनुसार कुल वाहन रिटेल बिक्री में साल-दर-साल 9.55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह मई महीने के लिए अब तक का सबसे ऊंचा स्तर रहा। यह प्रदर्शन मजबूत उपभोक्ता मांग को दर्शाता है, खासकर पैसेंजर वाहनों, दोपहिया वाहनों और ट्रैक्टर सेगमेंट में, हालांकि मौसमी और आर्थिक दबाव भी बने रहे।
मई में रिकॉर्ड ऑटो रिटेल बिक्री
भारत की कुल ऑटोमोबाइल रिटेल बिक्री मई में 25,31,067 यूनिट रही, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 23,10,451 यूनिट थी। 9.55 प्रतिशत की यह वृद्धि घरेलू बाजार की मजबूती को दर्शाती है, खासकर ऐसे समय में जब यह आमतौर पर बिक्री के लिहाज से धीमा महीना माना जाता है।
FADA ने बताया कि मई 2026 कई सेगमेंट्स के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, जिनमें पैसेंजर व्हीकल, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टर शामिल हैं। यह उपलब्धि खरीदारों के बढ़ते भरोसे और शहरी व ग्रामीण दोनों बाजारों में मांग की स्थिर रिकवरी को दर्शाती है।
सेगमेंट-वार प्रदर्शन की मुख्य झलक
पैसेंजर व्हीकल्स में सबसे तेज़ बढ़ोतरी
पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट ने सभी श्रेणियों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की। इस सेगमेंट की रिटेल बिक्री मई में 4,02,591 यूनिट रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 3,26,656 यूनिट थी। यह 23.25 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।
इस वृद्धि के पीछे नए मॉडल्स की मजबूत मांग, निजी वाहन उपयोग की बढ़ती प्राथमिकता और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में बढ़ती रुचि प्रमुख कारण रहे। बेहतर प्रोडक्ट उपलब्धता और मजबूत बुकिंग पाइपलाइन ने भी इस सेगमेंट को समर्थन दिया।
दोपहिया वाहनों में मजबूत मांग बरकरार
दोपहिया वाहन सेगमेंट ने वॉल्यूम के लिहाज से अपना दबदबा बनाए रखा और अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री दर्ज की। इस सेगमेंट में 18,44,947 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल यह 17,15,581 यूनिट थी। यह 7.54 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
इस सेगमेंट में फ्यूल-एफिशिएंट और वैकल्पिक पावरट्रेन वाहनों की मांग में बढ़ोतरी एक प्रमुख ट्रेंड रहा। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी भी बढ़कर 9.25 प्रतिशत हो गई, जो पिछले साल 6.11 प्रतिशत थी। यह उपभोक्ताओं के बीच स्थायी मोबिलिटी की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
थ्री-व्हीलर में स्थिर वृद्धि
थ्री-व्हीलर बिक्री में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। इस सेगमेंट में मई में 1,11,526 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल यह 1,07,688 यूनिट थी। यह 3.56 प्रतिशत की वृद्धि है।
यह वृद्धि शहरी परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की बढ़ती मांग के कारण हुई, जहां थ्री-व्हीलर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कमर्शियल वाहनों में मध्यम बढ़ोतरी
कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में 5.29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मई में इसकी बिक्री 83,823 यूनिट रही, जबकि पिछले साल यह 79,614 यूनिट थी।
इस वृद्धि को सामान परिवहन, इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों और बेहतर आर्थिक परिस्थितियों से समर्थन मिला। हालांकि, बढ़ती इनपुट लागत और ईंधन कीमतें फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए चिंता का विषय बनी रहीं।
ग्रामीण मांग और मौसमी कारक
डीलरों ने बताया कि ग्रामीण खरीदारों और दैनिक यात्रियों की मजबूत भागीदारी ने समग्र वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शादी के सीजन और GST ढांचे के तहत बेहतर affordability ने भी मांग को बढ़ाया।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी की लहर (heatwave) के कारण शोरूम फुटफॉल प्रभावित हुआ, जिससे वॉक-इन पूछताछ में कमी देखी गई। कुछ मॉडलों की सप्लाई बाधाओं ने भी बिक्री की पूरी क्षमता को सीमित किया।
उद्योग के सामने चुनौतियाँ
मई में उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बढ़ती ईंधन कीमतें, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और अत्यधिक गर्मी ने बाजार में अनिश्चितता पैदा की।
FADA अध्यक्ष सी एस विग्नेश्वर ने कहा कि इन कारकों का पहले से अनुमान लगाया गया था और उन्होंने उपभोक्ता भावना को कुछ हद तक प्रभावित किया। हालांकि, इन दबावों के बावजूद ऑटो रिटेल सेक्टर की वृद्धि इसकी मजबूत मांग को दर्शाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल की तुलना में मई में 6.75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो मौसमी प्रवृत्तियों के अनुसार सामान्य है। भारत के कई हिस्सों में मई प्री-सोइंग अवधि होती है, जिससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में खरीदारी गतिविधि धीमी रहती है।
जून 2026 का आउटलुक
FADA के अनुसार जून 2026 के लिए बाजार का दृष्टिकोण सावधानीपूर्वक सकारात्मक है। लगभग 50.52 प्रतिशत डीलर्स को वृद्धि की उम्मीद है, जबकि 39.90 प्रतिशत स्थिर स्थिति की संभावना देख रहे हैं। केवल 9.59 प्रतिशत ने गिरावट की आशंका जताई है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति मांग को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मानसून के केरल में प्रवेश करने और उत्तर की ओर बढ़ने से खरीफ सीजन की तैयारी शुरू होगी, जिससे ग्रामीण आय में सुधार और वाहन बिक्री में वृद्धि की संभावना है।
भविष्य के प्रमुख मांग चालक
ग्रामीण नकदी प्रवाह में सुधार
कृषि परिस्थितियों में सुधार से दोपहिया और ट्रैक्टर की मांग को समर्थन मिलेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता
EV सेगमेंट में बढ़ती रुचि आगे भी वृद्धि को बढ़ावा देगी।
स्थिर वित्तीय माहौल
RBI द्वारा रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखने से वाहन ऋण सुलभ बने रहेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और माल परिवहन
कमर्शियल वाहनों की मांग स्थिर बनी रहने की उम्मीद है।
निगरानी योग्य कारक
- कुछ क्षेत्रों में लगातार गर्मी की लहर
- ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव
- भू-राजनीतिक घटनाएं और सप्लाई चेन प्रभाव
- मानसून की प्रगति में देरी
निष्कर्ष:
भारत का ऑटो रिटेल सेक्टर मई में कई चुनौतियों के बावजूद रिकॉर्ड बिक्री हासिल कर अपनी मजबूत स्थिति साबित करने में सफल रहा। सभी सेगमेंट में मजबूत मांग, EV अपनाने में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के समर्थन ने इस वृद्धि को बनाए रखा।
आने वाले महीनों में मानसून, ग्रामीण आय और उपभोक्ता प्राथमिकताएं उद्योग की दिशा तय करेंगी। मौजूदा सकारात्मक रुझानों के आधार पर यह सेक्टर अपनी विकास गति को बनाए रखने के लिए अच्छी स्थिति में दिखाई दे रहा है।


