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द्रौपदी मुर्मु की फिल्म सितारों से अपील: स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का प्रचार न करें

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द्रौपदी मुर्मु की फिल्म सितारों से अपील: स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का प्रचार न करें
23 Sep 2026
7 min read

News Synopsis

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फिल्म जगत के लोकप्रिय कलाकारों से ऐसे उत्पादों का प्रचार करने से बचने की अपील की है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सफल कलाकारों का बच्चों और युवाओं पर काफी प्रभाव होता है और उनके संदेश तथा व्यवहार को बड़ी संख्या में लोग अपनाते हैं। यह अपील उन्होंने 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान की। इस समारोह में वर्ष 2024 के लिए भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों को सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की अपील की President Murmu Calls for Promoting a Healthy Lifestyle

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु President Draupadi Murmu ने अपने संबोधन में फिल्म कलाकारों से स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली के फायदे बताने तथा स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक पदार्थों का प्रचार नहीं करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय कलाकार युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं और उनके सार्वजनिक संदेश लोगों की आदतों तथा सोच पर प्रभाव डाल सकते हैं।

‘सच्चा सितारा वही है जो रोशनी फैलाए’ ‘A True Star Is One Who Spreads Light’

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जब सफल कलाकार अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली के लाभों के बारे में बात करते हैं, तो लाखों बच्चे और युवा उनके उदाहरण का अनुसरण कर सकते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि “सच्चा सितारा वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।”

उनकी टिप्पणी ने फिल्मी सितारों की लोकप्रियता के साथ जुड़ी सामाजिक जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया। खासकर ऐसे विज्ञापनों को लेकर यह चर्चा महत्वपूर्ण हो जाती है, जिनमें स्वास्थ्य से जुड़े संभावित नुकसान वाले उत्पाद या उनसे जुड़े ब्रांड दिखाई देते हैं।

Vimal Elaichi विज्ञापन को लेकर पहले से चल रही है नियामकीय जांच Regulatory Scrutiny Over the Vimal Elaichi Advertisement

राष्ट्रपति की यह अपील ऐसे समय आई है जब सेलिब्रिटी विज्ञापनों और सरोगेट विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र में नियामकीय कार्रवाई चर्चा में है। अगस्त 2026 में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को Vimal Elaichi के विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। नियामक ने आरोप लगाया था कि विज्ञापन Vimal Pan Masala के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार से जुड़ा हो सकता है।

FDA ने इन कलाकारों से विज्ञापन में उनकी भूमिका और संबंधित दस्तावेजों के बारे में जवाब मांगा था। यह ध्यान रखना जरूरी है कि कारण बताओ नोटिस किसी अंतिम दोष या कानूनी जिम्मेदारी का निष्कर्ष नहीं होता, बल्कि संबंधित पक्ष से स्पष्टीकरण मांगने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

महाराष्ट्र में Vimal Pan Masala पर प्रतिबंध का संदर्भ Context of the Ban on Vimal Pan Masala in Maharashtra

महाराष्ट्र FDA के अनुसार, 13 जुलाई 2026 से राज्य में तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला उत्पादों पर संबंधित खाद्य सुरक्षा कानून के तहत प्रतिबंध लागू था। इसी पृष्ठभूमि में FDA ने Vimal Elaichi विज्ञापन की प्रस्तुति और ब्रांड से जुड़ी पहचान को लेकर सवाल उठाए।

नियामक का कहना था कि विज्ञापन में इस्तेमाल ब्रांड नाम और उसके बाजार से जुड़े संदर्भों के कारण यह जांच जरूरी है कि कहीं प्रतिबंधित उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार तो नहीं हो रहा।

सरोगेट विज्ञापन क्या होता है? What Is Surrogate Advertising?

सरोगेट विज्ञापन ऐसी प्रचार रणनीति को कहा जाता है जिसमें किसी प्रतिबंधित या सीधे विज्ञापित नहीं किए जा सकने वाले उत्पाद से जुड़े ब्रांड नाम, पहचान या दृश्य शैली का इस्तेमाल किसी दूसरे उत्पाद के प्रचार के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य अप्रत्यक्ष रूप से मूल ब्रांड की पहचान और उपभोक्ताओं के बीच उसकी मौजूदगी बनाए रखना हो सकता है।

पान मसाला और तंबाकू से जुड़े मामलों में अक्सर इलायची या माउथ फ्रेशनर जैसे उत्पादों के विज्ञापनों को लेकर यह सवाल उठता रहा है कि क्या उनका प्रचार संबंधित पान मसाला ब्रांड की पहचान को भी मजबूत करता है।

Vimal विज्ञापन मामले में अदालत की स्थिति Court Proceedings in the Vimal Advertisement Case

इस मामले में Vimal Elaichi के निर्माता PB Agro LLP ने महाराष्ट्र FDA द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। 14 सितंबर 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के आधार पर खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि इस मामले से जुड़ी शिकायत के लिए महाराष्ट्र की अदालतें अधिक उपयुक्त मंच हैं। हालांकि, अदालत ने मामले की मूल योग्यता या नोटिस में लगाए गए आरोपों पर कोई राय व्यक्त नहीं की।

इसलिए अदालत का फैसला विज्ञापन में सरोगेट प्रचार हुआ या नहीं, इस सवाल पर अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।

सेलिब्रिटी विज्ञापनों को लेकर पहले भी हुई है बहस Celebrity Endorsements Have Faced Scrutiny Before

स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों के प्रचार में फिल्म सितारों की भूमिका को लेकर भारत में पहले भी सार्वजनिक बहस होती रही है। पान मसाला से जुड़े विज्ञापनों में अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार जैसे कलाकारों की भागीदारी पर भी अलग-अलग समय में चर्चा हुई है। ऐसे मामलों ने यह सवाल उठाया है कि लोकप्रिय कलाकार किसी उत्पाद का प्रचार करते समय उसके संभावित सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभावों को किस तरह ध्यान में रखें।

यह बहस केवल फिल्म कलाकारों तक सीमित नहीं है। बड़े स्तर पर लोकप्रियता रखने वाले सार्वजनिक व्यक्तियों के विज्ञापन उपभोक्ताओं की धारणा और खासकर युवा दर्शकों की पसंद को प्रभावित कर सकते हैं।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सिनेमा जगत के लिए संदेश Message to the Film Industry at the 72nd National Film Awards

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति ने केवल पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित नहीं किया, बल्कि फिल्म निर्माण से जुड़े अन्य लोगों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म बनाना सामूहिक प्रयास है और कलाकारों के साथ-साथ सहायक कर्मचारियों, छोटे कलाकारों तथा अन्य कामगारों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने रचनात्मक अर्थव्यवस्था में सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।

राष्ट्रपति ने फिल्म पुरस्कारों की निर्णायक समितियों में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर भी बात की, ताकि अलग-अलग मानवीय दृष्टिकोणों को जगह मिल सके।

अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार Anant Nag Receives Dadasaheb Phalke Award

समारोह में वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया। यह पुरस्कार उनकी पांच दशक से अधिक लंबी सिनेमाई यात्रा को मान्यता देता है।

सेलिब्रिटी की लोकप्रियता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी Social Responsibility Comes With Celebrity Influence

राष्ट्रपति की टिप्पणी ने एक व्यापक मुद्दे की ओर ध्यान खींचा है। फिल्म कलाकारों की लोकप्रियता उन्हें बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचने की क्षमता देती है। इसलिए उनके द्वारा किए गए विज्ञापन केवल किसी उत्पाद की बिक्री तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे उपभोक्ताओं की धारणा और व्यवहार को भी प्रभावित कर सकते हैं।

स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों के मामले में यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो जाता है। Vimal Elaichi मामले में महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई और उसके बाद हुई कानूनी प्रक्रिया ने भी सेलिब्रिटी विज्ञापनों की नियामकीय जांच को चर्चा में ला दिया है।

निष्कर्ष Conclusion

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की अपील ने सेलिब्रिटी विज्ञापनों, सार्वजनिक प्रभाव और स्वास्थ्य से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। उन्होंने लोकप्रिय कलाकारों से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का प्रचार करने से बचने का आग्रह किया।

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब Vimal Elaichi विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र FDA की जांच और कानूनी कार्यवाही जारी है। हालांकि, संबंधित नोटिस और अदालत की कार्यवाही को अंतिम दोष का प्रमाण नहीं माना जा सकता। पूरा मामला नियामकीय जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के दायरे में है।