Central Bank of India का नया टारगेट घोषित, खराब ऋण से होगी भारी वसूली

Share Us

39
Central Bank of India का नया टारगेट घोषित, खराब ऋण से होगी भारी वसूली
05 Jun 2026
min read

News Synopsis

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष FY27 के लिए एक महत्वाकांक्षी रणनीति पेश की है, जिसमें बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए खराब ऋणों की वसूली बढ़ाने और गैर-ब्याज आय के स्रोतों का विस्तार करने पर जोर दिया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र का यह बैंक लाभप्रदता में सुधार के लिए वसूली अभियानों और नए व्यवसायों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

FY27 में वसूली का लक्ष्य

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने FY27 में खराब ऋणों से ₹3,500 करोड़ से अधिक की वसूली का लक्ष्य रखा है। बैंक प्रबंधन का मानना है, कि तनावग्रस्त और राइट-ऑफ किए गए खातों से लगातार वसूली प्रयास वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

वर्तमान में बैंक के पास लगभग ₹32,000 करोड़ की तकनीकी रूप से राइट-ऑफ की गई संपत्तियाँ हैं। ये ऐसे ऋण हैं जिन्हें बैलेंस शीट से हटा दिया गया है, लेकिन जिनकी वसूली के प्रयास अभी भी जारी हैं।

प्रबंध निदेशक और सीईओ कल्याण कुमार के अनुसार बैंक ने FY26 में ₹2,270 करोड़ की वसूली राइट-ऑफ खातों से की है, जो बेहतर रिकवरी रणनीति का संकेत है।

वित्त वर्ष के दौरान बैंक को कुल वसूली ₹3,500 करोड़ से ₹4,000 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद है, जो मजबूत रिकवरी गति को दर्शाता है।

मजबूत वसूली प्रदर्शन और रणनीतिक कदम

वित्त वर्ष मार्च 2026 में समाप्त अवधि के दौरान बैंक ने कुल ₹3,307 करोड़ की वसूली दर्ज की। इस प्रदर्शन ने बैंक को FY27 में वसूली प्रयासों को और तेज करने के लिए प्रेरित किया है।

वसूली बढ़ाने के लिए बैंक ने कई रणनीतिक कदम उठाए हैं:

1. वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना

बैंक ने विशेष OTS योजनाएं शुरू की हैं, खासकर कृषि ऋण खातों के लिए। इन योजनाओं का उद्देश्य उधारकर्ताओं को रियायती समझौते के माध्यम से बकाया चुकाने के लिए प्रेरित करना है।

2. SARFAESI कार्रवाई

बैंक SARFAESI अधिनियम के तहत वसूली प्रक्रियाओं को मजबूत कर रहा है, जिससे बैंकों को कानूनी प्रक्रिया के बिना भी गिरवी संपत्ति जब्त करने का अधिकार मिलता है।

3. संपत्ति एक्सपो और वसूली अभियान

बैंक ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रॉपर्टी एक्सपो और विशेष वसूली अभियान आयोजित किए हैं, जिससे परिसंपत्तियों की बिक्री और नकद वसूली बढ़ाने में मदद मिल रही है।

शुल्क-आधारित और गैर-ब्याज आय व्यवसाय का विस्तार

वसूली सुधार के साथ-साथ बैंक अपनी आय के स्रोतों में विविधता लाने पर भी ध्यान दे रहा है।

1. वेल्थ मैनेजमेंट और क्रेडिट कार्ड

बैंक वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में वेल्थ मैनेजमेंट सेवाएं और क्रेडिट कार्ड व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहा है। इससे खुदरा बैंकिंग आय बढ़ने की उम्मीद है।

बैंक बोर्ड ने इस योजना को मंजूरी दे दी है और अब विशेषज्ञ संस्थानों को जोड़ने के लिए RFP (Request for Proposal) प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

कॉर्पोरेट बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं का विस्तार

1. कैश मैनेजमेंट सेवाएं

बैंक कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए कैश मैनेजमेंट सेवाएं विकसित कर रहा है, जिसे अगस्त तक लॉन्च करने की योजना है। शुरुआत में यह सेवा उन ग्राहकों को दी जाएगी जो अभी अन्य बैंकों से यह सुविधा ले रहे हैं।

2. फॉरेक्स और ट्रेड फाइनेंस

बैंक अपने फॉरेक्स ऑपरेशंस को केंद्रीकृत कर रहा है, जिसमें LC (Letter of Credit) और LG (Letter of Guarantee) शामिल हैं। इससे व्यापार वित्त सेवाओं को अधिक कुशल बनाया जाएगा।

लाभांश (Dividend) और वित्तीय प्रदर्शन

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने FY26 के लिए 6% की चौथी अंतरिम लाभांश घोषणा की है।

इसके साथ FY26 के लिए कुल अंतरिम लाभांश 12% हो गया है। कुल मिलाकर सरकार को ₹969.64 करोड़ का लाभांश भुगतान किया गया है।

यह प्रदर्शन बैंक की मजबूत लाभप्रदता और बेहतर वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।

भविष्य की रणनीति और दृष्टिकोण

FY27 के लिए बैंक की रणनीति दो मुख्य क्षेत्रों पर आधारित है—खराब ऋणों की आक्रामक वसूली और गैर-ब्याज आय में वृद्धि। नए व्यवसायों के विस्तार और बेहतर वसूली प्रयासों के माध्यम से बैंक दीर्घकालिक स्थिरता और लाभप्रदता को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।