बजट 2027-28 की तैयारी: 12 अक्टूबर से शुरू होगा प्री-बजट बैठकों का दौर

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बजट 2027-28 की तैयारी: 12 अक्टूबर से शुरू होगा प्री-बजट बैठकों का दौर
24 Sep 2026
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News Synopsis

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027-28 के केंद्रीय बजट की तैयारी की औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। वित्त मंत्रालय के बजट प्रभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होंगी। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित अनुमान यानी Revised Estimates (RE) और वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान यानी Budget Estimates (BE) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

23 सितंबर 2026 को जारी वित्त मंत्रालय के नोटिस के अनुसार, ये बैठकें व्यय विभाग के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की जाएंगी। मंत्रालयों और विभागों को बैठक से पहले जरूरी जानकारी और आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए 6 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है। बैठकें 13 नवंबर तक चलने का कार्यक्रम है।

12 अक्टूबर से शुरू होगा बजट परामर्श का दौर Pre-Budget Consultations to Begin on October 12

केंद्रीय बजट Union Budget तैयार करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है। इसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की वित्तीय जरूरतों का आकलन, चालू वित्त वर्ष के खर्च की समीक्षा, आगामी वित्त वर्ष के लिए संभावित आवंटन और सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा शामिल होती है।

12 अक्टूबर से शुरू होने वाली बैठकें इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन बैठकों में मंत्रालय और विभाग अपने खर्च से जुड़े प्रस्ताव और आवश्यकताएं सामने रखेंगे। व्यय विभाग इन मांगों की समीक्षा करते हुए 2026-27 के संशोधित अनुमान और 2027-28 के बजट अनुमान को तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

संशोधित अनुमान और बजट अनुमान क्या हैं? What Are Revised Estimates and Budget Estimates?

संशोधित अनुमान यानी RE किसी वित्त वर्ष के दौरान सरकार के संभावित वास्तविक खर्च का दोबारा किया गया आकलन होता है। वहीं बजट अनुमान यानी BE अगले वित्त वर्ष में सरकार द्वारा किए जाने वाले संभावित खर्च का अनुमान होता है।

इसलिए 2026-27 के RE की समीक्षा से सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि चालू वित्त वर्ष में विभिन्न क्षेत्रों में कितना खर्च हुआ और आगे कितना खर्च होने की संभावना है। वहीं 2027-28 के BE के जरिए अगले वित्त वर्ष के लिए खर्च की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार की जाएगी।

मंत्रालयों को 6 अक्टूबर तक देनी होगी जानकारी Ministries Must Submit Details by October 6

वित्त मंत्रालय ने प्री-बजट बैठकों की तैयारी के लिए मंत्रालयों और विभागों को पहले ही जरूरी जानकारी जमा करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस के अनुसार, संबंधित विभागों को बैठकों के लिए आवश्यक विवरण 6 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराने होंगे।

इससे व्यय विभाग को अलग-अलग मंत्रालयों के प्रस्तावों और खर्च से जुड़े आंकड़ों की पहले से समीक्षा करने में मदद मिलेगी। बजट प्रक्रिया में समय पर आंकड़े उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आधार पर मंत्रालयों की वित्तीय जरूरतों और संभावित आवंटन पर चर्चा की जाती है।

खर्च के वास्तविक आंकड़ों पर रहेगा ध्यान Focus on Actual Expenditure Data

2027-28 की बजट तैयारी के लिए मंत्रालयों से यथार्थवादी खर्च अनुमान देने पर जोर दिया गया है। पहले जारी बजट परिपत्र के अनुसार, मंत्रालयों को मौजूदा और जारी योजनाओं के खर्च को प्राथमिकता देने तथा नए खर्च के प्रस्तावों को उचित आधार के साथ रखने को कहा गया है।

इस प्रक्रिया में पिछले खर्च, बकाया भुगतान, बिना खर्च बची राशि और आगे होने वाले संभावित खर्च जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा सकता है।

13 नवंबर तक चलेंगी प्री-बजट बैठकें Pre-Budget Meetings to Continue Until November 13

वित्त मंत्रालय के 23 सितंबर के कार्यक्रम के अनुसार, प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर 2026 तक चलेंगी। अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के साथ होने वाली चर्चाओं में उनके खर्च प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी।

इन चर्चाओं के पूरा होने के बाद 2027-28 के बजट अनुमानों को प्रारंभिक रूप से अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की बजट प्रक्रिया में सरकार के खर्च और प्राप्तियों से जुड़े अनुमान पर काम जारी रहेगा।

बजट अनुमान तैयार करने का अगला चरण Next Stage of Preparing Budget Estimates

प्री-बजट बैठकों के बाद मंत्रालयों को प्रारंभिक खर्च सीमा और आवंटन से संबंधित दिशा मिल सकती है। हालांकि अंतिम बजट आवंटन सरकार की कुल प्राप्तियों, व्यय प्राथमिकताओं और व्यापक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा।

इसका अर्थ है कि अक्टूबर और नवंबर की बैठकों में सामने आने वाले प्रस्ताव अंतिम बजट में उसी रूप में शामिल हों, यह जरूरी नहीं है।

1 फरवरी 2027 को पेश होने की उम्मीद Budget Expected to Be Presented on February 1, 2027

उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय बजट 2027-28 को 1 फरवरी 2027 को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। हालांकि अंतिम बजट दस्तावेज पेश होने से पहले कई स्तरों पर विचार-विमर्श और आंकड़ों की समीक्षा की जाती है।

यदि बजट 1 फरवरी को पेश होता है, तो यह मौजूदा मोदी 3.0 सरकार का चौथा केंद्रीय बजट होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार दसवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली वित्त मंत्री होंगी।

वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच तैयार होगा बजट Budget to Be Prepared Amid Global Economic Challenges

2027-28 के बजट की तैयारी ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया की स्थिति, अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधान, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और वैश्विक आर्थिक वृद्धि की गति जैसे मुद्दे भारत की आर्थिक नीतियों पर असर डाल सकते हैं।

ऐसे माहौल में सरकार के सामने आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने और वित्तीय प्रबंधन के बीच संतुलन बनाने की चुनौती रहेगी। घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति भी बजट की प्राथमिकताओं को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विकास और रोजगार पर रह सकता है जोर Focus May Remain on Growth and Employment

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आगामी बजट की तैयारी में आर्थिक वृद्धि को गति देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और घरेलू मांग को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर ध्यान रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, सामाजिक क्षेत्र और कारोबार से जुड़े खर्च भी व्यापक बजट चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं।

हालांकि 2027-28 के लिए किसी विशेष योजना, कर बदलाव या वित्तीय आवंटन की अंतिम जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। इनसे जुड़े फैसले बजट तैयार होने की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होंगे।

प्री-बजट बैठकें क्यों महत्वपूर्ण हैं? Why Are Pre-Budget Meetings Important?

12 अक्टूबर से शुरू होने वाली बैठकें सरकार के बजट निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरण हैं। इनमें मंत्रालय अपनी वित्तीय जरूरतें रखते हैं और व्यय विभाग उपलब्ध संसाधनों तथा सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए इन प्रस्तावों की समीक्षा करता है।

13 नवंबर तक चलने वाली चर्चाओं के बाद 2027-28 के बजट अनुमानों को आगे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज होगी। इसके बाद बजट दस्तावेजों की तैयारी, प्राप्तियों और खर्च का अंतिम आकलन तथा संसद में बजट पेश करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इस तरह अक्टूबर से शुरू होने वाला यह चरण यह समझने में मदद करेगा कि वित्त वर्ष 2027-28 के लिए सरकार किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देती है और आर्थिक नीतियों की दिशा किस तरह आगे बढ़ सकती है।