यूट्यूब मोनेटाइजेशन नियम 2027: 8,000 वॉच ऑवर्स और 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ की नई शर्त समझें

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यूट्यूब मोनेटाइजेशन नियम 2027: 8,000 वॉच ऑवर्स और 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ की नई शर्त समझें
02 Sep 2026
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लाखों यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर के लिए यूट्यूब केवल वीडियो साझा करने का मंच नहीं है। यह उनके लिए कमाई, करियर बनाने और अपना कारोबार आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

कई रचनाकार महीनों और कई बार वर्षों तक अपने दर्शकों की संख्या बढ़ाने, वीडियो देखने का समय बढ़ाने और शॉर्ट्स बनाने में मेहनत करते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि जब उनका चैनल यूट्यूब की कमाई से जुड़ी शर्तें पूरी कर लेगा, तब वे अपने बनाए कंटेंट से कमाई शुरू कर सकेंगे।

लेकिन 2027 में इस दिशा में बड़ा बदलाव होने वाला है। यूट्यूब पर कमाई शुरू करने की राह नए रचनाकारों के लिए पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

1 फरवरी 2027 से, यूट्यूब के मुख्य विज्ञापन और यूट्यूब प्रीमियम से मिलने वाली कमाई में हिस्सा लेने के लिए आवेदन करने वाले नए रचनाकारों को पहले से अधिक कड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी। उन्हें कम से कम 1,000 सब्सक्राइबर के साथ पिछले 365 दिनों में 8,000 योग्य वॉच ऑवर्स पूरे करने होंगे या पिछले 90 दिनों में 2 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ हासिल करने होंगे।

जो लोग नया यूट्यूब चैनल शुरू करने की योजना बना रहे हैं, अपने मौजूदा चैनल को आगे बढ़ा रहे हैं या भविष्य में यूट्यूब से कमाई को अपने करियर का हिस्सा बनाना चाहते हैं, उनके लिए इन बदलावों को पहले से समझना बहुत जरूरी है।

नई शर्तों का मतलब यह है कि केवल लगातार वीडियो डालना या सब्सक्राइबर बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होगा। रचनाकारों को अपने वीडियो की गुणवत्ता, दर्शकों को वीडियो से जोड़े रखने, दर्शकों की प्रतिक्रिया, नियमितता और चैनल की लंबे समय की योजना पर भी अधिक ध्यान देना होगा।

खास तौर पर शॉर्ट्स बनाने वाले रचनाकारों, गेमिंग चैनलों, क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट बनाने वालों और नए यूट्यूबर के सामने अधिक चुनौती हो सकती है। सीमित समय में करोड़ों योग्य व्यूज़ हासिल करने के लिए लगातार ऐसा कंटेंट बनाना होगा, जिसमें दर्शकों की रुचि बनी रहे और वे बार-बार चैनल पर वापस आएं।

हालांकि, रचनाकारों को यह नहीं समझना चाहिए कि नए नियम आने के बाद यूट्यूब से कमाई के सभी रास्ते बंद हो जाएंगे। यूट्यूब पर कमाई के कई दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं। इनमें दर्शकों से मिलने वाली आर्थिक मदद, चैनल सदस्यता, खरीदारी से जुड़ी सुविधाएं और ब्रांड के साथ साझेदारी जैसे माध्यम शामिल हैं।

इसके अलावा, सफल रचनाकार अब केवल विज्ञापन से होने वाली कमाई पर निर्भर नहीं रह रहे हैं। वे अपने दर्शकों के लिए अलग-अलग सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध कराकर तथा अन्य माध्यमों से भी कमाई के रास्ते बना रहे हैं।

इसलिए नए रचनाकारों के लिए सबसे जरूरी बात केवल ज्यादा व्यूज़ हासिल करना नहीं है, बल्कि अपने दर्शकों का भरोसा बनाना और लंबे समय तक टिकने वाली कमाई की योजना तैयार करना भी है।

इस ब्लॉग का उद्देश्य यूट्यूबर और कंटेंट रचनाकारों को यूट्यूब के 2027 के नए मोनेटाइजेशन नियमों के बारे में जागरूक करना, 8,000 वॉच ऑवर्स और 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ की नई शर्त को आसान भाषा में समझाना और उन्हें समय रहते अपने चैनल की बेहतर योजना बनाने में मदद करना है।

यूट्यूब मोनेटाइजेशन नियम 2027: 8,000 वॉच ऑवर्स या 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ जरूरी। YouTube Monetisation Rules 2027: 8,000 Watch Hours or 20 Million Shorts Views Required.

2027 में यूट्यूब बढ़ा रहा है मोनेटाइजेशन की सीमा। YouTube Is Raising the Monetisation Bar in 2027.

यूट्यूब के नए नियम यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम में शामिल होने की मुख्य शर्तों में बड़ा बदलाव लेकर आ रहे हैं। यह 2018 के बाद इस व्यवस्था में होने वाले सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। अभी नए रचनाकारों को मुख्य विज्ञापन से होने वाली कमाई में हिस्सा लेने के लिए पिछले 365 दिनों में 4,000 योग्य वॉच ऑवर्स पूरे करने होते हैं। 2027 से यह सीमा बढ़कर 8,000 योग्य वॉच ऑवर्स हो जाएगी।

शॉर्ट्स बनाने वाले रचनाकारों के लिए भी नियम कड़े किए जा रहे हैं। अभी 10 मिलियन यानी 1 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ की आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था में यह संख्या बढ़कर 20 मिलियन यानी 2 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ हो जाएगी।

हालांकि, सब्सक्राइबर की न्यूनतम संख्या में बदलाव नहीं किया गया है। विज्ञापन और यूट्यूब प्रीमियम से होने वाली कमाई में हिस्सा लेने के लिए नए रचनाकारों को अब भी कम से कम 1,000 सब्सक्राइबर की जरूरत होगी।

इस तरह नए रचनाकारों के लिए मुख्य रूप से दो रास्ते होंगे।

  • 1,000 सब्सक्राइबर और पिछले 365 दिनों में 8,000 योग्य वॉच ऑवर्स।

  • 1,000 सब्सक्राइबर और पिछले 90 दिनों में 2 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़।

यहां यह समझना बहुत जरूरी है कि ये शर्तें नए आवेदकों के लिए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि यूट्यूब पर पहले से मोनेटाइज हो चुके हर चैनल को अचानक 8,000 वॉच ऑवर्स या 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ पूरे करने होंगे।

यूट्यूब ने स्पष्ट किया है कि पहले से यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम में शामिल रचनाकार केवल इन नई प्रवेश शर्तों को पूरा न कर पाने के कारण अपना कार्यक्रम का दर्जा नहीं खोएंगे।

इस अंतर को समझना जरूरी है, क्योंकि नई नीति को लेकर कई जगह यह धारणा बनी है कि सभी मोनेटाइज चैनलों को अब अपने वॉच ऑवर्स दोगुने करने होंगे। यूट्यूब की घोषणा का मतलब ऐसा नहीं है।

नए रचनाकारों के लिए यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है। Why the Change Matters for New Creators.

2027 में नया चैनल शुरू करने वाले रचनाकारों के लिए 4,000 से बढ़कर 8,000 वॉच ऑवर्स की शर्त एक बड़ा बदलाव है।

पहले किसी नए रचनाकार को मुख्य विज्ञापन आधारित कमाई की पात्रता हासिल करने के लिए 4,000 योग्य वॉच ऑवर्स पूरे करने होते थे। अब उसे इसका दोगुना यानी 8,000 घंटे का योग्य देखने का समय जुटाना होगा।

इसी तरह शॉर्ट्स पर ध्यान देने वाले रचनाकारों के लिए 10 मिलियन की जगह 20 मिलियन योग्य व्यूज़ हासिल करना जरूरी होगा। यह लक्ष्य केवल 90 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।

इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन रचनाकारों पर पड़ सकता है जिनका चैनल धीरे-धीरे बढ़ रहा है और जिन्हें लगातार वायरल व्यूज़ नहीं मिलते हैं।

उदाहरण के लिए, किसी चैनल के पास एक अच्छा और वफादार दर्शक वर्ग हो सकता है। उसके वीडियो नियमित रूप से अपलोड किए जा सकते हैं और दर्शक उन्हें पसंद भी कर सकते हैं। इसके बावजूद नए नियमों के तहत मुख्य विज्ञापन आधारित कमाई की पात्रता हासिल करने के लिए उसे पहले की तुलना में काफी अधिक देखने का समय या शॉर्ट्स व्यूज़ जुटाने होंगे।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे छोटे या उभरते चैनल कमाई नहीं कर सकते हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि यूट्यूब की मुख्य विज्ञापन और प्रीमियम कमाई अब कई नए रचनाकारों के लिए कमाई का पहला लक्ष्य नहीं रह सकती है।

रचनाकारों को चैनल की शुरुआत से ही कमाई के अलग-अलग विकल्पों पर विचार करना होगा।

यूट्यूब के बड़े स्तर ने बदला कमाई का गणित। YouTube's Massive Scale Is Behind the New Calculation.

यूट्यूब का कहना है कि जब मौजूदा यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम की मुख्य शर्तें लागू की गई थीं, तब से मंच का आकार और उपयोग काफी बढ़ चुका है।

कंपनी के अनुसार, यूट्यूब पर हर दिन 200 अरब से अधिक शॉर्ट्स व्यूज़ देखे जाते हैं। इसके अलावा, लोग हर दिन टेलीविजन स्क्रीन पर यूट्यूब की सामग्री को 1 अरब घंटे से अधिक समय तक देखते हैं।

यूट्यूब के अनुसार, उसके पार्टनर प्रोग्राम में इस समय 30 लाख से अधिक रचनाकार शामिल हैं।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि यूट्यूब अब केवल कुछ पेशेवर वीडियो बनाने वालों का मंच नहीं है। यह एक बहुत बड़ा वैश्विक रचनाकार मंच बन चुका है, जहां अलग-अलग क्षेत्रों के लोग अपने दर्शक बना रहे हैं।

आज यूट्यूब पर गेमिंग, शिक्षा, मनोरंजन, पॉडकास्ट, क्षेत्रीय भाषाओं, वित्त, खाना पकाने, तकनीक, फैशन, समाचार और लाइव प्रसारण जैसे कई प्रकार के कंटेंट उपलब्ध हैं।

इस बड़े बदलाव के बीच यूट्यूब ऐसे रचनाकारों पर अधिक ध्यान देना चाहता है जो लंबे समय तक दर्शकों की रुचि बनाए रखने में सक्षम हों।

नई व्यवस्था से यह संकेत मिलता है कि मंच पर केवल छोटा दर्शक वर्ग बनाने की बजाय लगातार और मजबूत दर्शक मांग साबित करना अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

8,000 वॉच ऑवर्स का वास्तव में क्या मतलब है। What Does 8,000 Watch Hours Actually Mean.

2027 में नए रचनाकारों के लिए 8,000 घंटे की शर्त पिछले 365 दिनों में हासिल किए गए योग्य वॉच ऑवर्स पर आधारित होगी।

इसका मतलब यह है कि चैनल के पूरे इतिहास में कभी भी जमा किए गए 8,000 घंटे हमेशा के लिए मान्य नहीं रहेंगे। यह गणना पिछले 365 दिनों की अवधि के आधार पर होगी।

इसलिए रचनाकारों के लिए लगातार दर्शक बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण हो जाएगा।

मान लीजिए किसी चैनल के पास 100,000 सब्सक्राइबर हैं, लेकिन पिछले 365 दिनों में उसके पास पर्याप्त योग्य वॉच ऑवर्स नहीं हैं। ऐसी स्थिति में केवल बड़ी संख्या में सब्सक्राइबर होने से वह नए नियमों के तहत मुख्य विज्ञापन आधारित कमाई के लिए पात्र नहीं होगा।

इसी तरह किसी चैनल के पास 5,000 योग्य वॉच ऑवर्स हो सकते हैं, लेकिन यदि उसके पास 1,000 सब्सक्राइबर नहीं हैं, तो वह आवश्यक शर्त पूरी नहीं करता है।

एक अन्य उदाहरण में किसी चैनल के पास 1,000 सब्सक्राइबर हो सकते हैं, लेकिन उसके पास केवल 6,000 योग्य वॉच ऑवर्स हैं। उसे मुख्य विज्ञापन आधारित कमाई के लिए पात्र बनने से पहले 8,000 घंटे पूरे करने होंगे।

इसलिए नए नियमों के तहत केवल सब्सक्राइबर बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। रचनाकारों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि दर्शक उनके लंबे वीडियो को पर्याप्त समय तक देखें।

शॉर्ट्स का देखने का समय 8,000 वॉच ऑवर्स में शामिल नहीं होता। Shorts Watch Time Does Not Count Toward the 8,000-Hour Requirement.

रचनाकारों के लिए एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि शॉर्ट्स फीड से मिलने वाला देखने का समय 8,000 वॉच ऑवर्स की लंबी वीडियो वाली शर्त में शामिल नहीं होता है।

इसका मतलब है कि यदि कोई रचनाकार मुख्य रूप से शॉर्ट्स बनाता है, तो वह शॉर्ट्स से मिले देखने के समय को जोड़कर 8,000 घंटे की शर्त पूरी नहीं कर सकता।

ऐसे रचनाकारों के लिए अलग रास्ता 90 दिनों में 2 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ हासिल करना है, साथ ही 1,000 सब्सक्राइबर की शर्त पूरी करना जरूरी होगी।

इसलिए नए रचनाकारों को शुरुआत से ही यह तय करना होगा कि वे लंबे वीडियो पर ध्यान देना चाहते हैं या शॉर्ट्स पर। दोनों प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन मोनेटाइजेशन की पात्रता के लिए उनके आंकड़ों की गणना अलग तरीके से होती है।

केवल संख्या नहीं, दर्शकों की रुचि भी महत्वपूर्ण होगी। Audience Interest Matters, Not Just Numbers.

नई व्यवस्था में केवल बड़ी संख्या हासिल करना ही पर्याप्त नहीं होगा। रचनाकारों के लिए दर्शकों की वास्तविक रुचि बनाए रखना भी जरूरी होगा।

लंबे वीडियो बनाने वालों के लिए वीडियो की शुरुआत, विषय की उपयोगिता, प्रस्तुति और दर्शकों को अंत तक जोड़े रखने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।

शॉर्ट्स बनाने वालों के लिए भी केवल कुछ वायरल वीडियो पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। 90 दिनों में 2 करोड़ योग्य व्यूज़ हासिल करने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी हो सकता है।

इसलिए नए यूट्यूबर के लिए 2027 की तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एक ऐसी सामग्री रणनीति बनाना होगा, जो केवल व्यूज़ बढ़ाने के बजाय लंबे समय तक दर्शकों का भरोसा और रुचि बनाए रखे।

2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ का वास्तव में क्या मतलब है। What Does 20 Million Shorts Views Mean.

नए नियमों में शॉर्ट्स बनाने वाले रचनाकारों के लिए कमाई का एक अलग रास्ता रखा गया है। यह रास्ता खास तौर पर उन रचनाकारों के लिए है जो मुख्य रूप से शॉर्ट्स वीडियो बनाते हैं।

ऐसे रचनाकारों को 8,000 घंटे का लंबा वीडियो देखने का समय पूरा करने के बजाय पिछले 90 दिनों में 2 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ हासिल करने होंगे। इसके साथ उनके चैनल पर कम से कम 1,000 सब्सक्राइबर भी होने चाहिए।

यह लक्ष्य काफी बड़ा है। यदि 90 दिनों में 2 करोड़ व्यूज़ को औसतन बांटा जाए, तो एक रचनाकार को हर दिन लगभग 2.22 लाख योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ हासिल करने होंगे।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि हर शॉर्ट्स वीडियो को 2.22 लाख व्यूज़ प्राप्त करने ही होंगे। किसी चैनल पर कुछ वीडियो बहुत अधिक लोकप्रिय हो सकते हैं, जबकि कुछ वीडियो को कम व्यूज़ मिल सकते हैं। इन सभी योग्य व्यूज़ को मिलाकर 90 दिनों के भीतर 2 करोड़ का आंकड़ा पूरा किया जा सकता है।

फिर भी यह गणना बताती है कि छोटे और नए रचनाकारों के लिए शॉर्ट्स के माध्यम से मुख्य यूट्यूब कमाई की पात्रता हासिल करना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इस नियम के कारण रचनाकारों को केवल कभी-कभार वायरल होने वाले वीडियो पर निर्भर रहने के बजाय ऐसी सामग्री तैयार करने पर ध्यान देना होगा, जिसे दर्शक लगातार देखना पसंद करें।

केवल वायरल वीडियो पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। Relying Only on Viral Videos May Not Be Enough.

किसी एक वीडियो के अचानक वायरल होने से बड़ी संख्या में व्यूज़ मिल सकते हैं, लेकिन 90 दिनों में लगातार करोड़ों योग्य व्यूज़ हासिल करने के लिए नियमित प्रदर्शन जरूरी होगा।

इसलिए शॉर्ट्स बनाने वाले रचनाकारों को अपने दर्शकों की पसंद समझनी होगी। उन्हें यह देखना होगा कि किस विषय, शैली और प्रस्तुति वाले वीडियो पर दर्शक अधिक समय बिताते हैं और किस प्रकार की सामग्री पर ज्यादा प्रतिक्रिया देते हैं।

लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली सामग्री तैयार करना नए नियमों के तहत केवल व्यूज़ बढ़ाने की रणनीति नहीं, बल्कि लंबे समय तक चैनल को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बन सकता है।

मौजूदा यूट्यूब रचनाकारों को YPP से नहीं हटाया जाएगा। Existing YouTube Creators Are Not Being Removed From YPP.

यूट्यूब के नए नियमों को समझते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बढ़ी हुई प्रवेश शर्तें नए आवेदकों पर लागू होंगी।

यदि कोई रचनाकार पहले से ही यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम यानी YPP का सदस्य है, तो केवल 8,000 वॉच ऑवर्स या 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ की नई प्रवेश शर्त पूरी न करने के कारण उसे कार्यक्रम से बाहर नहीं किया जाएगा।

यूट्यूब ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा YPP सदस्यों को केवल नई प्रवेश सीमा पूरी नहीं करने के कारण लंबे वीडियो से मिलने वाली विज्ञापन आधारित कमाई की सुविधा से बाहर नहीं किया जाएगा।

इसलिए पुराने और नए रचनाकारों के बीच इस अंतर को समझना बहुत जरूरी है। 2027 की नई सीमा मुख्य रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो उस समय पहली बार मुख्य YPP कमाई के लिए आवेदन करेंगे।

हालांकि, पहले से YPP में शामिल शॉर्ट्स रचनाकारों के लिए एक अलग नियम भी लागू होगा, जिसे समझना जरूरी है।

मौजूदा शॉर्ट्स रचनाकारों के लिए 1 करोड़ व्यूज़ की अलग शर्त। Existing Shorts Creators Face a Separate 10 Million-View Requirement.

1 फरवरी 2027 से, जो रचनाकार शॉर्ट्स से मिलने वाली कमाई Shorts Creator Pool के लिए पात्र बने रहना चाहते हैं, उन्हें पिछले 90 दिनों में कम से कम 1 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ बनाए रखने होंगे।

यह शर्त नई चैनल शुरू करने वाले रचनाकारों के लिए जरूरी 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ वाली शर्त से अलग है।

इसे आसान भाषा में इस तरह समझा जा सकता है।

रचनाकार की स्थिति 1 फरवरी 2027 से लागू शर्त
नया रचनाकार, मुख्य YPP विज्ञापन और प्रीमियम कमाई के लिए 1,000 सब्सक्राइबर + 8,000 वॉच ऑवर्स या 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़।
पहले से YPP में शामिल और शॉर्ट्स से कमाई करने वाला रचनाकार पिछले 90 दिनों में 1 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ बनाए रखना होगा।
मौजूदा YPP रचनाकार के शॉर्ट्स व्यूज़ 1 करोड़ से कम हो जाते हैं। रचनाकार YPP में बना रहेगा, लेकिन शॉर्ट्स से मिलने वाली कमाई रुक सकती है।
लंबे वीडियो से होने वाली YPP कमाई। 1 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ की शर्त पूरी न होने से प्रभावित नहीं होगी।

इसका मतलब है कि 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ की शर्त नए रचनाकारों के लिए मुख्य YPP कमाई में प्रवेश का रास्ता है, जबकि 1 करोड़ व्यूज़ की शर्त पहले से YPP में शामिल रचनाकारों की शॉर्ट्स कमाई से जुड़ी अलग आवश्यकता है।

यूट्यूब के अनुसार, यदि किसी मौजूदा रचनाकार के योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ 1 करोड़ से नीचे चले जाते हैं, तो इससे वह YPP से बाहर नहीं होगा। उसकी लंबे वीडियो से होने वाली विज्ञापन कमाई, दर्शकों से मिलने वाली आर्थिक सहायता और खरीदारी जैसी अन्य कमाई के रास्ते भी केवल इस वजह से बंद नहीं होंगे।

इसलिए शॉर्ट्स रचनाकारों को अपने पिछले 90 दिनों के योग्य व्यूज़ पर नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए।

500 सब्सक्राइबर वाला कमाई का रास्ता अभी भी मौजूद है। The 500-Subscriber Monetisation Route Is Still Available.

नई और छोटी यूट्यूब चैनलों के लिए एक अच्छी बात यह है कि यूट्यूब ने कम दर्शक संख्या वाले रचनाकारों के लिए उपलब्ध शुरुआती कमाई के विकल्पों को समाप्त नहीं किया है।

इसका मतलब है कि छोटे रचनाकारों को मुख्य विज्ञापन आधारित कमाई शुरू करने के लिए 1,000 सब्सक्राइबर और 8,000 वॉच ऑवर्स या 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ पूरे करने का इंतजार हर सुविधा के लिए नहीं करना पड़ेगा।

कुछ पात्र कमाई सुविधाओं के लिए रचनाकारों को 500 सब्सक्राइबर के स्तर पर भी आवेदन का अवसर मिल सकता है। इसके लिए उन्हें अन्य निर्धारित शर्तों में से संबंधित शर्त पूरी करनी होगी।

मुख्य रूप से शुरुआती पात्रता के लिए इनमें से एक रास्ता उपलब्ध है।

  • 500 सब्सक्राइबर।

  • पिछले 365 दिनों में 3,000 योग्य वॉच ऑवर्स।

  • या पिछले 90 दिनों में 30 लाख योग्य शॉर्ट्स व्यूज़।

इन शर्तों को पूरा करने वाले पात्र रचनाकारों को सदस्यता और दर्शकों से मिलने वाली आर्थिक सहायता जैसी कुछ सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। कुछ क्षेत्रों और पात्र चैनलों के लिए खरीदारी से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकती हैं।

इसलिए 2027 के नए नियमों को यह समझकर नहीं देखना चाहिए कि छोटे रचनाकारों के लिए यूट्यूब से कमाई के सभी रास्ते बंद हो जाएंगे।

असल बदलाव मुख्य रूप से यूट्यूब की विज्ञापन और प्रीमियम से मिलने वाली मुख्य कमाई के लिए पात्रता की सीमा में हो रहा है।

छोटे रचनाकारों के लिए इसका सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह है कि उन्हें केवल 1,000 सब्सक्राइबर और मुख्य मोनेटाइजेशन लक्ष्य पर ध्यान देने के बजाय शुरुआत से ही अपने दर्शकों का भरोसा बनाने और कमाई के अलग-अलग विकल्प विकसित करने पर काम करना चाहिए।

इस तरह यूट्यूब का नया ढांचा छोटे रचनाकारों के लिए चुनौती जरूर बढ़ाता है, लेकिन उनके लिए कमाई के अवसर पूरी तरह समाप्त नहीं करता है।

यूट्यूब रचनाकारों के लिए कमाई के कई रास्ते तैयार कर रहा है। YouTube Is Trying to Diversify Creator Income.

यूट्यूब की मौजूदा रणनीति से यह संकेत मिलता है कि कंपनी अब रचनाकारों को केवल विज्ञापन से होने वाली कमाई पर निर्भर नहीं रखना चाहती। मंच पर ऐसे कई विकल्प बढ़ाए जा रहे हैं, जिनके जरिए रचनाकार अपनी सामग्री और दर्शकों से अलग-अलग तरीकों से कमाई कर सकते हैं।

यूट्यूब पर रचनाकारों के लिए कमाई के प्रमुख माध्यमों में शामिल हैं।

  • यूट्यूब शॉपिंग।

  • ब्रांड के साथ साझेदारी।

  • चैनल सदस्यता।

  • सुपर चैट।

  • सुपर थैंक्स।

  • दर्शकों से आर्थिक सहायता।

  • यूट्यूब प्रीमियम से मिलने वाली कमाई।

  • शॉर्ट्स से जुड़े प्रोत्साहन।

यूट्यूब के अनुसार, 2027 के बदलावों के साथ खरीदारी से जुड़े प्रोत्साहन, ब्रांड के साथ काम करने के लिए निर्माण संबंधी सहायता और लोकप्रिय विषयों से जुड़ी कमाई के नए अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

इससे यह स्पष्ट होता है कि रचनाकारों की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आ रहा है। पहले किसी रचनाकार की कमाई का मुख्य आधार विज्ञापन होता था। अब कमाई के कई रास्ते एक साथ विकसित हो रहे हैं।

इसलिए किसी चैनल की सफलता को केवल विज्ञापन से मिलने वाली रकम के आधार पर देखना सही नहीं होगा। एक रचनाकार दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के बाद उसी दर्शक वर्ग से अलग-अलग माध्यमों के जरिए कमाई कर सकता है।

रचनाकारों के लिए एक ही कमाई के साधन पर निर्भर रहना जोखिम भरा है। Depending on a Single Income Source Can Be Risky for Creators.

यूट्यूब के नियम समय के साथ बदल सकते हैं। विज्ञापन दरों में भी उतार-चढ़ाव हो सकता है और किसी वीडियो को मिलने वाले व्यूज़ की संख्या भी हमेशा एक जैसी नहीं रहती है।

ऐसे में यदि किसी रचनाकार की पूरी कमाई केवल विज्ञापन पर निर्भर है, तो उसे प्लेटफॉर्म के बदलावों का सीधा असर झेलना पड़ सकता है।

इसके विपरीत, यदि कोई रचनाकार विज्ञापन के साथ-साथ सदस्यता, ब्रांड साझेदारी, खरीदारी, दर्शकों की आर्थिक सहायता और अपने उत्पादों जैसी कई कमाई के साधन विकसित करता है, तो उसकी आय अधिक स्थिर हो सकती है।

इसी कारण नए रचनाकारों के लिए शुरुआत से ही अपने चैनल को केवल वीडियो बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि लंबे समय के कारोबार के रूप में देखना उपयोगी हो सकता है।

यूट्यूब प्रीमियम लाइट से भी रचनाकारों के लिए कमाई का अवसर। YouTube Premium Lite Adds Another Revenue Opportunity.

यूट्यूब प्रीमियम लाइट भी रचनाकारों के लिए कमाई का एक अतिरिक्त माध्यम बन रहा है।

प्रीमियम लाइट यूट्यूब की अपेक्षाकृत कम कीमत वाली सदस्यता सेवा है। इसका उद्देश्य दर्शकों को यूट्यूब के ज्यादातर वीडियो कम विज्ञापन रुकावटों के साथ देखने की सुविधा देना है।

इस सेवा से होने वाली कमाई का एक हिस्सा रचनाकारों के लिए बनाए गए अलग पूल में जाता है। इसके बाद यह राशि दर्शकों द्वारा देखी गई सामग्री के आधार पर संबंधित रचनाकारों में बांटी जाती है।

यूट्यूब की नई व्यवस्था के अनुसार, यूट्यूब प्रीमियम की शुद्ध सदस्यता आय का 30 प्रतिशत रचनाकारों के लिए निर्धारित पूल में जाता है। वहीं प्रीमियम लाइट की शुद्ध सदस्यता आय का 60 प्रतिशत रचनाकारों के पूल में आवंटित किया जाता है।

इसके बाद इस पूल से मिलने वाली राशि सामग्री के प्रकार और दर्शकों द्वारा उसे देखने के आधार पर वितरित होती है। लंबे वीडियो के लिए रचनाकारों को सामान्य रूप से 55 प्रतिशत, जबकि शॉर्ट्स के लिए 45 प्रतिशत हिस्सा मिलता है।

यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि रचनाकार को दर्शक द्वारा चुकाई गई पूरी सदस्यता राशि का 55 प्रतिशत या 45 प्रतिशत सीधे मिल जाता है। पहले निर्धारित राशि रचनाकारों के पूल में जाती है और फिर तय नियमों के अनुसार उसका वितरण होता है।

भारत में प्रीमियम लाइट सेवा की शुरुआत 2025 में 89 रुपये प्रति माह की कीमत से हुई थी। बाद में यूट्यूब ने ज्यादातर वीडियो के लिए पृष्ठभूमि में चलाने और डाउनलोड करने जैसी सुविधाएं भी जोड़ीं।

जैसे-जैसे सदस्यता आधारित यूट्यूब देखने की आदत बढ़ेगी, प्रीमियम से मिलने वाली कमाई भी कई रचनाकारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

प्रीमियम से होने वाली कमाई विज्ञापन पर निर्भरता कम कर सकती है। Premium Revenue Can Reduce Dependence on Advertising.

विज्ञापन आधारित कमाई में किसी चैनल की आय उसके व्यूज़, दर्शकों के स्थान, सामग्री के विषय और विज्ञापन की मांग जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

प्रीमियम आधारित कमाई एक अलग स्रोत उपलब्ध कराती है। यदि कोई दर्शक सदस्यता लेकर किसी रचनाकार की सामग्री देखता है, तो उस देखने के आधार पर रचनाकार को संबंधित कमाई पूल से हिस्सा मिल सकता है।

इसलिए नए रचनाकारों के लिए यह समझना जरूरी है कि यूट्यूब से होने वाली कमाई केवल विज्ञापन तक सीमित नहीं है।

एआई सामग्री भी यूट्यूब की कमाई व्यवस्था को बदल रही है। AI Content Is Also Changing the Monetisation Environment.

यूट्यूब पर कमाई के नए नियमों की चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से सामग्री तैयार करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है।

आज एआई की मदद से वीडियो की पटकथा, आवाज, चित्र, एनीमेशन और यहां तक कि पूरा वीडियो भी पहले की तुलना में बहुत कम समय में तैयार किया जा सकता है।

यह सुविधा उन रचनाकारों के लिए उपयोगी हो सकती है जो एआई को अपनी रचनात्मक प्रक्रिया का एक साधन बनाकर इस्तेमाल करते हैं। इससे उन्हें शोध, लेखन, संपादन और सामग्री तैयार करने में समय बचाने में मदद मिल सकती है।

लेकिन इसके साथ एक दूसरी समस्या भी सामने आई है। कुछ लोग बहुत बड़ी संख्या में एक जैसी या कम मेहनत वाली सामग्री तैयार करने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ऐसी सामग्री दर्शकों के लिए उपयोगी नहीं हो सकती और इससे मंच पर दोहराव वाली सामग्री की संख्या बढ़ सकती है।

इसी वजह से यूट्यूब ने अपनी अप्रामाणिक और दोहराव वाली सामग्री से संबंधित कमाई नीतियों को अधिक स्पष्ट किया है।

यूट्यूब के अनुसार, केवल एआई का इस्तेमाल करने से कोई वीडियो अपने आप कमाई के लिए अयोग्य नहीं हो जाता है। यदि एआई का इस्तेमाल रचनात्मक प्रक्रिया के हिस्से के रूप में किया गया है और अंतिम सामग्री मौलिक, उपयोगी तथा यूट्यूब की नीतियों के अनुरूप है, तो वह कमाई के लिए पात्र हो सकती है।

इसके विपरीत, बड़े पैमाने पर तैयार की गई, दोहराव वाली या कम मौलिक सामग्री कमाई के लिए अयोग्य हो सकती है।

एआई कमाई का आसान शॉर्टकट नहीं है। AI Is Not an Easy Shortcut to Monetisation.

2027 में जब नए रचनाकारों को पहले की तुलना में अधिक वॉच ऑवर्स या शॉर्ट्स व्यूज़ हासिल करने होंगे, तब कुछ लोग बड़ी संख्या में एआई वीडियो बनाकर तेजी से लक्ष्य पूरा करने की कोशिश कर सकते हैं।

लेकिन केवल बड़ी संख्या में वीडियो तैयार करना लंबे समय की सफलता की गारंटी नहीं देता है।

यूट्यूब पर दर्शक किसी चैनल से जुड़े रहें, इसके लिए सामग्री में उपयोगिता, मौलिकता और सही जानकारी होना जरूरी है।

इसलिए एआई को एक सहायक साधन के रूप में इस्तेमाल करना अधिक प्रभावी रणनीति हो सकती है। रचनाकार को विषय का चुनाव, विचार, अनुभव, प्रस्तुति और अंतिम गुणवत्ता पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहिए।

ज्यादा व्यूज़ का मतलब हमेशा ज्यादा कमाई नहीं होता है। More Views Do Not Always Mean More Business.

यूट्यूब के नए बदलाव एक महत्वपूर्ण अंतर को सामने लाते हैं। दर्शकों की पहुंच और कारोबार से होने वाली कमाई हमेशा एक जैसी नहीं होती है।

किसी रचनाकार के वीडियो को लाखों व्यूज़ मिल सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद उसकी वास्तविक कमाई सीमित हो सकती है।

दूसरी ओर, किसी छोटे चैनल के पास कम दर्शक हो सकते हैं, लेकिन यदि वे दर्शक किसी विशेष विषय में गहरी रुचि रखते हैं, तो रचनाकार उनके माध्यम से अधिक कमाई कर सकता है।

उदाहरण के लिए, किसी तकनीकी रचनाकार के पास 50,000 ऐसे दर्शक हो सकते हैं जो मोबाइल, कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर खरीदने में वास्तविक रुचि रखते हों। ऐसा दर्शक वर्ग किसी तकनीकी कंपनी के लिए बहुत मूल्यवान हो सकता है।

इसके मुकाबले किसी सामान्य मनोरंजन चैनल के पास कई लाख दर्शक हो सकते हैं, लेकिन यदि उन दर्शकों की किसी विशेष उत्पाद या सेवा में रुचि नहीं है, तो किसी ब्रांड के लिए उस चैनल का व्यावसायिक मूल्य अपेक्षाकृत कम हो सकता है।

यही बात गेमिंग, शिक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, खाना पकाने, क्षेत्रीय भाषा की सामग्री और विशेषज्ञता आधारित चैनलों पर भी लागू होती है।

इसलिए रचनाकारों को केवल यह नहीं देखना चाहिए कि उनके वीडियो को कितने लोगों ने देखा। उन्हें यह भी समझना चाहिए कि कौन लोग देख रहे हैं, वे कितने समय तक जुड़े रहते हैं और क्या वे रचनाकार पर भरोसा करते हैं।

सही दर्शक वर्ग बड़ी संख्या से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है। The Right Audience Can Be More Valuable Than a Large Audience.

छोटे लेकिन सक्रिय दर्शक वर्ग के साथ मजबूत संबंध बनाने वाला रचनाकार कई तरीकों से कमाई कर सकता है।

वह किसी संबंधित ब्रांड के साथ साझेदारी कर सकता है। वह अपने उत्पाद या सेवा की जानकारी दे सकता है। वह खरीदारी से जुड़ी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकता है। वह सदस्यता या दर्शकों की आर्थिक सहायता के माध्यम से भी कमाई कर सकता है।

इस तरह एक रचनाकार के लिए सफलता का पैमाना केवल सब्सक्राइबर या व्यूज़ की संख्या नहीं रह जाता है।

यूट्यूब को दर्शक बनाने का मंच और कारोबार को अलग-अलग समझना होगा। Creators May Need to Separate Audience Building From Business Building.

2027 के नए मोनेटाइजेशन नियमों से रचनाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख यह है कि यूट्यूब को केवल कमाई का स्रोत मानना जोखिम भरा हो सकता है।

यूट्यूब दर्शकों तक पहुंच बनाने और नए लोगों को चैनल से जोड़ने के लिए बेहद प्रभावी मंच है। लेकिन लंबे समय की आर्थिक स्थिरता के लिए रचनाकारों को अन्य कमाई के साधन भी विकसित करने चाहिए।

एक मजबूत रचनाकार अपना दर्शक वर्ग यूट्यूब पर बना सकता है, लेकिन उसके साथ वेबसाइट, समुदाय, सदस्यता, उत्पाद, सेवाएं, ब्रांड साझेदारी और अन्य माध्यमों को भी विकसित कर सकता है।

इससे किसी एक मंच के नियम बदलने पर उसकी पूरी आय प्रभावित होने का खतरा कम हो सकता है।

आखिरकार, नए नियमों का सबसे बड़ा संदेश यही है कि रचनाकारों के लिए केवल अधिक व्यूज़ हासिल करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें अपने दर्शकों के भरोसे को एक स्थायी और विविध कमाई के मॉडल में बदलना भी सीखना होगा।

भारत की क्रिएटर इकोनॉमी के लिए यह बदलाव खास तौर पर महत्वपूर्ण है। India's Creator Economy Makes the Change Particularly Important.

भारत में क्रिएटर इकोनॉमी यानी कंटेंट रचनाकारों से जुड़ा क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। बड़ी संख्या में लोग यूट्यूब पर वीडियो बनाकर दर्शक जोड़ रहे हैं और इसे कमाई तथा करियर के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में अपना रहे हैं। ऐसे में यूट्यूब के मोनेटाइजेशन नियमों में होने वाला कोई भी बड़ा बदलाव भारतीय रचनाकारों पर खास प्रभाव डाल सकता है।

यूट्यूब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Neal Mohan ने 2025 में बताया था कि भारत में एक साल के दौरान 10 करोड़ से अधिक चैनलों ने यूट्यूब पर किसी न किसी तरह की सामग्री अपलोड की। इनमें 15,000 से अधिक चैनलों के पास 10 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर थे।

उन्होंने यह भी बताया था कि पिछले तीन वर्षों में यूट्यूब ने भारतीय रचनाकारों, कलाकारों और मीडिया कंपनियों को 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया था।

भारत में तैयार की गई सामग्री की पहुंच केवल देश के दर्शकों तक सीमित नहीं है। यूट्यूब के अनुसार, भारत में बनाए गए कंटेंट को पिछले वर्ष देश के बाहर के दर्शकों ने कुल मिलाकर 45 अरब घंटे देखा। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय रचनाकार अब वैश्विक दर्शकों तक भी पहुंच बना रहे हैं।

भारतीय क्रिएटर इकोनॉमी विज्ञापन से आगे बढ़ रही है। India's Creator Economy Is Expanding Beyond Advertising.

भारत में क्रिएटर इकोनॉमी का विस्तार केवल यूट्यूब या दूसरे प्लेटफॉर्म से मिलने वाली विज्ञापन कमाई तक सीमित नहीं है। रचनाकार अब ब्रांड साझेदारी, ऑनलाइन खरीदारी, सदस्यता, दर्शकों की आर्थिक सहायता, संबद्ध बिक्री और अपने उत्पादों जैसी कई गतिविधियों से कमाई कर रहे हैं।

2025 की BCG रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 20 से 25 लाख ऐसे कंटेंट रचनाकार थे, जो किसी न किसी रूप में कमाई कर रहे थे। इन रचनाकारों का प्रभाव उपभोक्ताओं के 350 से 400 अरब डॉलर से अधिक के खर्च पर पड़ रहा था।

रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया कि 2030 तक रचनाकारों से प्रभावित उपभोक्ता खर्च 1 लाख करोड़ डॉलर से अधिक हो सकता है। इसका मतलब है कि रचनाकार अब केवल मनोरंजन या जानकारी देने वाले लोग नहीं रह गए हैं। वे लोगों के खरीदारी के फैसलों, ब्रांड की पसंद और बाजार के रुझानों को भी प्रभावित कर रहे हैं।

यही कारण है कि यूट्यूब के मोनेटाइजेशन नियमों में बदलाव को केवल कुछ व्यक्तिगत यूट्यूबरों के लिए बनाया गया नियम मानना सही नहीं होगा। इसका प्रभाव भारत की तेजी से बढ़ती पूरी क्रिएटर इकोनॉमी पर पड़ सकता है।

भारतीय रचनाकारों के लिए गुणवत्ता और दर्शकों का भरोसा अधिक महत्वपूर्ण होगा। Quality and Audience Trust Will Become More Important for Indian Creators.

2027 के नए मोनेटाइजेशन नियमों के बाद नए रचनाकारों को यूट्यूब की मुख्य विज्ञापन कमाई व्यवस्था में शामिल होने के लिए पहले से अधिक वॉच ऑवर्स या शॉर्ट्स व्यूज़ हासिल करने होंगे।

ऐसे में केवल ज्यादा वीडियो अपलोड करना पर्याप्त नहीं होगा। रचनाकारों को यह समझना होगा कि उनके दर्शक किस तरह की सामग्री पसंद करते हैं और किस प्रकार की सामग्री उन्हें लंबे समय तक चैनल से जोड़े रखती है।

भारत जैसे बड़े और विविध बाजार में यह चुनौती और अवसर दोनों हो सकते हैं। हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, भोजपुरी, पंजाबी और दूसरी भारतीय भाषाओं में भी बड़ी संख्या में दर्शक ऑनलाइन सामग्री देख रहे हैं।

यदि रचनाकार अपने खास दर्शक वर्ग की जरूरतों को समझकर उपयोगी और मौलिक सामग्री तैयार करते हैं, तो वे केवल यूट्यूब की विज्ञापन कमाई पर निर्भर रहने के बजाय अन्य माध्यमों से भी मजबूत आय बना सकते हैं।

गेमिंग और विशेष विषयों पर काम करने वाले रचनाकारों पर दबाव बढ़ सकता है। Gaming and Niche Creators May Feel the Pressure.

2027 में प्रस्तावित नए मोनेटाइजेशन मानकों से गेमिंग और खास विषयों यानी निश कंटेंट पर काम करने वाले रचनाकारों के सामने कुछ नई चुनौतियां आ सकती हैं।

गेमिंग चैनलों पर अक्सर नियमित रूप से बड़ी संख्या में वीडियो और लाइव स्ट्रीम प्रकाशित की जाती हैं। ऐसे चैनलों के पास अपने दर्शकों का मजबूत समुदाय हो सकता है, लेकिन फिर भी नए मोनेटाइजेशन मानक तक पहुंचने के लिए उन्हें बड़ी मात्रा में योग्य वॉच ऑवर्स जुटाने पड़ सकते हैं।

उदाहरण के लिए, किसी गेमिंग रचनाकार के पास ऐसे दर्शक हो सकते हैं जो नियमित रूप से उसके वीडियो देखते हैं और लाइव स्ट्रीम में हिस्सा लेते हैं। फिर भी यदि चैनल के कुल देखने का समय पर्याप्त नहीं है, तो 8,000 योग्य वॉच ऑवर्स का लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

शॉर्ट्स बनाने वाले गेमिंग रचनाकारों के सामने अलग चुनौती होगी। Shorts-Focused Gaming Creators Face a Different Challenge.

जो गेमिंग रचनाकार मुख्य रूप से शॉर्ट्स पर निर्भर हैं, उनके लिए चुनौती अलग होगी। मुख्य मोनेटाइजेशन व्यवस्था के लिए नए रचनाकारों को 90 दिनों में 2 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ हासिल करने होंगे और साथ में 1,000 सब्सक्राइबर की शर्त भी पूरी करनी होगी।

यह लक्ष्य छोटे या नए चैनलों के लिए काफी बड़ा हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर शॉर्ट्स वीडियो को लाखों व्यूज़ मिलना जरूरी है। अलग-अलग वीडियो के व्यूज़ मिलकर कुल लक्ष्य पूरा कर सकते हैं।

फिर भी लगातार 90 दिनों तक बड़ी संख्या में योग्य व्यूज़ हासिल करने के लिए रचनाकारों को नियमित और अच्छी सामग्री तैयार करनी होगी। केवल कभी-कभार वायरल होने वाले वीडियो पर निर्भर रहना लंबे समय के लिए पर्याप्त रणनीति नहीं हो सकता है।

फरवरी 2027 से पहले रचनाकारों को क्या करना चाहिए। What Creators Should Do Before February 2027.

जो रचनाकार 1 फरवरी 2027 के बाद यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम यानी YPP के लिए आवेदन करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए नियम लागू होने से काफी पहले अपनी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

सिर्फ सब्सक्राइबर बढ़ाने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होगा। रचनाकारों को अपने वॉच ऑवर्स, शॉर्ट्स व्यूज़, दर्शकों की रुचि और सामग्री की गुणवत्ता पर भी लगातार नजर रखनी होगी।

रचनाकारों को इन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

  1. योग्य वॉच ऑवर्स पर नजर रखें। केवल सार्वजनिक रूप से दिखाई देने वाले व्यूज़ को देखकर अपनी प्रगति का अनुमान न लगाएं। यह देखना जरूरी है कि यूट्यूब के नियमों के अनुसार कितने वॉच ऑवर्स वास्तव में मान्य हैं।
  2. 90 दिनों के योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ को लगातार ट्रैक करें। शॉर्ट्स के लिए तय लक्ष्य एक निश्चित 90 दिनों की अवधि में पूरा करना होता है। इसलिए हर सप्ताह और हर महीने अपनी प्रगति की जांच करना उपयोगी होगा।
  3. 1,000 सब्सक्राइबर का लक्ष्य बनाएं। मुख्य मोनेटाइजेशन व्यवस्था के लिए 1,000 सब्सक्राइबर की शर्त अभी भी महत्वपूर्ण है।
  4. क्लिकबेट के बजाय दर्शकों को बनाए रखने वाली सामग्री बनाएं। केवल आकर्षक शीर्षक या थंबनेल से क्लिक हासिल करने के बजाय ऐसी सामग्री तैयार करें जिसे दर्शक वास्तव में देखना और आगे साझा करना चाहें।
  5. बहुत ज्यादा दोहराव वाली सामग्री से बचें। एक जैसे वीडियो को बार-बार बनाने या बड़े पैमाने पर कम मौलिक सामग्री प्रकाशित करने से बचना चाहिए।
  6. एआई का इस्तेमाल सहायक साधन के रूप में करें। एआई से लेखन, शोध, आवाज या संपादन में मदद ली जा सकती है, लेकिन अंतिम सामग्री में रचनात्मकता और मौलिक विचार होना जरूरी है।
  7. यूट्यूब शॉपिंग और दर्शकों से आर्थिक सहायता के विकल्पों को समझें। यदि चैनल इन सुविधाओं के लिए पात्र है, तो विज्ञापन के अलावा इन माध्यमों से भी कमाई की संभावना तलाशनी चाहिए।
  8. ब्रांड के साथ संबंध बनाना शुरू करें। अपने क्षेत्र से जुड़े ब्रांडों की पहचान करें और धीरे-धीरे उनके साथ पेशेवर संबंध विकसित करें।
  9. यूट्यूब के बाहर भी दर्शक वर्ग बनाने पर विचार करें। वेबसाइट, ईमेल सूची, सोशल मीडिया या अपना ऑनलाइन समुदाय बनाने से रचनाकार किसी एक मंच पर पूरी तरह निर्भर रहने से बच सकते हैं।
  10. चैनल को एक कारोबार की तरह देखें। केवल विज्ञापन से होने वाली आय पर निर्भर रहने के बजाय कमाई के कई साधन विकसित करने की योजना बनाएं।

जो रचनाकार पहले से ही YPP में शामिल हैं, उन्हें भी अपने लिए लागू नियमों को अलग से समझना चाहिए। खास तौर पर यदि उनकी कमाई में शॉर्ट्स की बड़ी भूमिका है, तो उन्हें 90 दिनों में 1 करोड़ योग्य शॉर्ट्स व्यूज़ की नई आवश्यकता पर नजर रखनी होगी।