टेस्ला अगले हफ्ते भारत में पहला चार्जिंग स्टेशन लॉन्च करेगी

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टेस्ला 4 अगस्त को भारत में अपने पहले इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन करने वाली है, जिसके लिए कंपनी ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स को चुना है। हाल ही में अपनी प्रमुख ईवी Model Y के लॉन्च के बाद यह अमेरिकन ऑटोमेकर की भारत रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नए टेस्ला चार्जिंग हब में कुल आठ चार्जिंग यूनिट होंगी - चार V4 सुपरचार्जर (डीसी फास्ट चार्जर) और चार डेस्टिनेशन चार्जर (एसी चार्जर)। अपने हाई-स्पीड परफॉरमेंस के लिए जाने जाने वाले ये सुपरचार्जर 24 रुपये प्रति किलोवाट घंटे की दर से 250 किलोवाट तक की अधिकतम चार्जिंग गति प्रदान करेंगे। इसके विपरीत डेस्टिनेशन चार्जर 14 रुपये प्रति किलोवाट घंटे की दर से 11 किलोवाट की धीमी, स्टेडी चार्जिंग प्रदान करते हैं, जो भोजन, खरीदारी या रात भर पार्किंग जैसे लंबे ठहराव के लिए आइडियल हैं।
टेस्ला का दावा है, कि वी4 सुपरचार्जर केवल 15 मिनट में मॉडल वाई की रेंज 267 किलोमीटर तक बढ़ा सकते हैं। कंपनी का कहना है, कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गेटवे ऑफ इंडिया के बीच पांच चक्करों के लिए पर्याप्त है।
मुंबई चार्जिंग स्टेशन का शुभारंभ भारत में 15 जुलाई को मॉडल Y के अनावरण के तुरंत बाद हुआ है। उसी दिन टेस्ला ने अपनी ऑफिसियल भारतीय वेबसाइट भी शुरू की, जिससे ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध हुई। वर्तमान में टेस्ला व्हीकल्स केवल तीन शहरों दिल्ली, गुरुग्राम और मुंबई में रजिस्ट्रेशन के लिए उपलब्ध हैं।
इस स्टेशन का उपयोग करने के लिए टेस्ला के मालिक बस अपने व्हीकल्स को प्लग इन करते हैं, और टेस्ला ऐप रियल-टाइम अवेलेबिलिटी, मॉनिटरिंग टूल्स, बिलिंग और चार्जिंग स्थिति अपडेट प्रदान करता है। ऐप-इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम टेस्ला के ग्लोबल यूजर अनुभव के अनुरूप है, जिसे अब भारतीय कस्टमर्स के लिए भी एक्सटेंडेड किया जा रहा है।
Tesla के एंट्री-लेवल मॉडल Y रियर-व्हील ड्राइव (RWD) वेरिएंट की कीमत 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, जबकि लॉन्ग रेंज RWD वर्शन की कीमत 67.89 लाख रुपये से शुरू होती है। दोनों मॉडलों की डिलीवरी 2025 की तीसरी तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है। हालाँकि भारत में भारी इम्पोर्ट ड्यूटी के कारण कीमतें अमेरिका या यूरोप की तुलना में काफी अधिक हैं, कुछ मामलों में लगभग दोगुनी।
स्टैंडर्ड मॉडल Y RWD में 60 kWh की बैटरी लगी है, जो WLTP-सर्टिफाइड 500 किमी तक की रेंज प्रदान करती है। लॉन्ग रेंज वेरिएंट में 75 kWh की बैटरी है, और यह एक बार चार्ज करने पर 622 किमी तक की रेंज प्रदान करता है। दोनों ही वर्शन में एक ही इलेक्ट्रिक मोटर लगी है, जो लगभग 295 हॉर्सपावर उत्पन्न करती है।
परफॉरमेंस एक प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। बेस RWD मॉडल 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार 5.9 सेकंड में पकड़ लेता है, जबकि लॉन्ग रेंज वर्शन कुछ मिलीसेकंड कम समय में 5.6 सेकंड में पकड़ लेता है। दोनों की इलेक्ट्रॉनिक रूप से सीमित अधिकतम स्पीड 201 किमी प्रति घंटा है।
भारत में EV इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का टेस्ला का कदम एक लॉन्ग-टर्म कमिटमेंट का संकेत देता है। मुंबई में अपने पहले सुपरचार्जिंग स्टेशन के खुलने और आगे और भी स्टेशन खुलने की उम्मीद के साथ कंपनी केवल कारें ही नहीं बेच रही है, यह एक ऐसा इकोसिस्टम बना रही है, जो भारत में प्रीमियम इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नए सिरे से परिभाषित कर सके।