सॉफ्टबैंक ने लेंसकार्ट से 2,873 करोड़ की हिस्सेदारी बेची, जानें पूरा मामला

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सॉफ्टबैंक ने लेंसकार्ट से 2,873 करोड़ की हिस्सेदारी बेची, जानें पूरा मामला
05 Jun 2026
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News Synopsis

जापान की प्रमुख टेक्नोलॉजी निवेश कंपनी SoftBank Group ने भारतीय आईवियर कंपनी Lenskart Solutions में अपनी 3.25% हिस्सेदारी एक बड़े ब्लॉक डील के माध्यम से ₹2,873 करोड़ में बेच दी है। यह लेन-देन ओपन मार्केट में किया गया, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी देखी गई।

हिस्सेदारी बिक्री का अवलोकन

एक महत्वपूर्ण सेकेंडरी मार्केट लेन-देन में सॉफ्टबैंक ग्रुप ने लेंसकार्ट में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच दिया। यह बिक्री इसकी सहयोगी इकाई SVF II Lightbulb (Cayman) Ltd के माध्यम से की गई, जिसने लगभग 5.65 करोड़ शेयरों की बिक्री की।

ये शेयर कंपनी में 3.25% इक्विटी हिस्सेदारी के बराबर थे। इस सौदे का औसत मूल्य ₹508.55 प्रति शेयर रहा, जिससे कुल लेन-देन मूल्य ₹2,873.30 करोड़ तक पहुंच गया।

इस बिक्री के बाद SoftBank Group की हिस्सेदारी घटकर 13.13% से 9.88% रह गई। यह दर्शाता है कि कंपनी ने पूरी तरह से बाहर निकलने के बजाय आंशिक रूप से अपनी निवेश स्थिति को कम किया है।

लेन-देन का विवरण

यह ब्लॉक डील नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ओपन मार्केट में निष्पादित की गई। इसमें कई संस्थागत निवेशकों ने भाग लिया, जिससे इस सौदे में उच्च स्तर की तरलता और पारदर्शिता देखने को मिली।

₹508.55 प्रति शेयर का मूल्य हाल के बाजार रुझानों और कंपनी के प्रदर्शन को दर्शाता है। इस प्रकार के बड़े सौदे अक्सर पोर्टफोलियो पुनर्संतुलन का हिस्सा होते हैं।

संस्थागत निवेशकों की भागीदारी

इस सौदे में कई बड़े म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और वैश्विक निवेश संस्थानों ने हिस्सेदारी खरीदी।

मुख्य खरीदारों में शामिल हैं:

  • WhiteOak Capital Mutual Fund
  • Mirae Asset Mutual Fund
  • Kotak Mutual Fund
  • Canara Robeco Mutual Fund
  • ICICI Prudential Mutual Fund
  • HDFC Life Insurance Company
  • ICICI Prudential Life Insurance
  • Société Générale
  • Metzler Asset Management
  • Goldman Sachs
  • Fidelity Investments
  • Copthall Mauritius Investment
  • International Monetary Fund (IMF)
  • Dendana Investments (Mauritius) Ltd

यह व्यापक भागीदारी दर्शाती है, कि भारत के कंज्यूमर-टेक और आईवियर सेक्टर में दीर्घकालिक निवेश को लेकर भरोसा मजबूत बना हुआ है।

बाजार प्रतिक्रिया और शेयर प्रदर्शन

ब्लॉक डील की घोषणा के बाद Lenskart Solutions के शेयरों में हल्का दबाव देखा गया।

शेयर लगभग 1.58% गिरकर ₹515.90 पर बंद हुए। विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट किसी फंडामेंटल कमजोरी के कारण नहीं बल्कि बड़ी मात्रा में शेयरों की सप्लाई के कारण हुई है।

कुल मिलाकर शेयर में बड़ी गिरावट नहीं देखी गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार पहले से ही इस प्रकार की हिस्सेदारी बिक्री को कीमत में शामिल कर चुका था।

लेंसकार्ट का वित्तीय प्रदर्शन

हालिया तिमाही परिणामों में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

लेंसकार्ट का शुद्ध लाभ (PAT) सालाना आधार पर 7.5% घटकर ₹203.6 करोड़ रह गया। यह गिरावट मुख्य रूप से घटकों और इन्वेंट्री पर बढ़ते खर्च के कारण आई।

पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी का PAT ₹220.1 करोड़ था।

हालांकि राजस्व में मजबूत वृद्धि देखी गई:

  • संचालन से राजस्व में 45.62% की वृद्धि
  • राजस्व बढ़कर लगभग ₹2,516 करोड़ हुआ (पिछले वर्ष ₹1,728 करोड़)

यह वृद्धि कंपनी के तेज विस्तार और ऑनलाइन-ऑफलाइन (omnichannel) मॉडल की मजबूती को दर्शाती है।

सॉफ्टबैंक की रणनीति

SoftBank Group द्वारा यह आंशिक निकासी उसकी वैश्विक निवेश रणनीति के अनुरूप है। सॉफ्टबैंक आमतौर पर उच्च विकास क्षमता वाली कंपनियों में निवेश करता है और समय के साथ आंशिक रूप से लाभ बुक करता है।

इस बिक्री के बाद भी कंपनी ने लेंसकार्ट में 9.88% हिस्सेदारी बनाए रखी है, जिससे वह भविष्य की ग्रोथ से जुड़े अवसरों में बनी रहती है।

उद्योग परिदृश्य

भारत का आईवियर रिटेल सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, बढ़ती स्क्रीन टाइमिंग और आंखों की देखभाल के प्रति जागरूकता के कारण इस सेक्टर में मांग लगातार बढ़ रही है।

लेंसकार्ट जैसे ब्रांड ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनलों के जरिए तेजी से विस्तार कर रहे हैं, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में।

निष्कर्ष:

₹2,873 करोड़ की यह ब्लॉक डील भारत के स्टार्टअप और कंज्यूमर-टेक सेक्टर में एक महत्वपूर्ण लेन-देन है। यह सॉफ्टबैंक द्वारा आंशिक मुनाफावसूली को दर्शाता है, जबकि संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी लेंसकार्ट के दीर्घकालिक विकास में विश्वास को दिखाती है।

हालांकि तिमाही लाभ में गिरावट रही, लेकिन राजस्व वृद्धि और बाजार में स्थिरता यह संकेत देती है कि कंपनी मजबूत विस्तार पथ पर बनी हुई है।